नवादा के मोगलाखार निवासी दो युवक एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घंटों तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए और समय पर उपचार न मिलने के कारण एक नौजवान की जान नहीं बचाई जा सकी, जिससे घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जहाँ एक अनमोल जिंदगी का अंत हो गया और पीछे बिलखता परिवार तथा सूना आंगन रह गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि बिहार में सत्ताधारी दल JDU के स्वास्थ्य मंत्री और नवादा विधानसभा (237) के विधायक होने के बावजूद सदर अस्पताल का यह हाल क्यों है, जो बेहद अफसोसजनक है। यह घटना कई अनुत्तरित सवाल छोड़ गई है, जिनमें प्रमुख है कि क्या समय पर इलाज मिलने से उस युवक की जान बच सकती थी।
नवादा के मोगलाखार निवासी दो युवक एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घंटों तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए और समय पर उपचार न मिलने के कारण एक नौजवान की जान नहीं बचाई जा सकी, जिससे घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जहाँ एक अनमोल जिंदगी का अंत हो गया और पीछे बिलखता परिवार तथा सूना आंगन रह गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि बिहार में सत्ताधारी दल JDU के स्वास्थ्य मंत्री और नवादा विधानसभा (237) के विधायक होने के बावजूद सदर अस्पताल का यह हाल क्यों है, जो बेहद अफसोसजनक है। यह घटना कई अनुत्तरित सवाल छोड़ गई है, जिनमें प्रमुख है कि क्या समय पर इलाज मिलने से उस युवक की जान बच सकती थी।
- नवादा के मोगलाखार निवासी दो युवक एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घंटों तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए और समय पर उपचार न मिलने के कारण एक नौजवान की जान नहीं बचाई जा सकी, जिससे घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जहाँ एक अनमोल जिंदगी का अंत हो गया और पीछे बिलखता परिवार तथा सूना आंगन रह गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि बिहार में सत्ताधारी दल JDU के स्वास्थ्य मंत्री और नवादा विधानसभा (237) के विधायक होने के बावजूद सदर अस्पताल का यह हाल क्यों है, जो बेहद अफसोसजनक है। यह घटना कई अनुत्तरित सवाल छोड़ गई है, जिनमें प्रमुख है कि क्या समय पर इलाज मिलने से उस युवक की जान बच सकती थी।1
- नवादा शहर में मुहर्रम पर्व के अवसर पर रविवार को मुस्लिम रोड स्थित कसाई मोहल्ला से ताजिया निर्माण के लिए मिट्टी लाने हेतु एक जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और उन्होंने पारंपरिक तरीके से मुहर्रम की रस्मों का पालन किया। जुलूस कसाई मोहल्ला से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए निर्धारित स्थल तक पहुँचा, जहाँ से ताजिया बनाने के लिए मिट्टी लाई गई। इस दौरान युवाओं और बुजुर्गों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। जुलूस के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल तैनात रहे। प्रशासन ने लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुहर्रम का पर्व मनाने की अपील की। शहर के विभिन्न इलाकों में मुहर्रम को लेकर धार्मिक गतिविधियाँ जारी हैं और ताजिया निर्माण का कार्य भी तेजी से चल रहा है।1
- पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने नालंदा में एक पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान, उन्होंने पीड़ित परिवार के पैर पर अपना सिर रखा और कहा कि 'ये लोग भगवान हैं'।2
- हिसुआ में खुलेआम गुंडागर्दी और दबंगई का माहौल बनता जा रहा है, जहाँ एक वायरल वीडियो के अनुसार, हिसुआ थाना क्षेत्र में एक महिला के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की गई और पूरे परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। इस गंभीर मामले में भी प्रशासन मौन बना हुआ है। पीड़ितों को न्याय न मिलने और अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई न होने से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का मनोबल और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा उन्हें सुरक्षा एवं न्याय प्रदान करने की गुहार लगाई है।1
- भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष अमर ज्योति पासवान ने राजगीर के झुमकिया मंदिर में हुई दो पासवान युवकों की मौत के मामले में एक सप्ताह के भीतर न्याय की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले सात से आठ दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता और मामले में आरोपितों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, तो झुमकिया मंदिर में प्रतीकात्मक ताला लगाने का आंदोलन शुरू किया जाएगा। अमर ज्योति पासवान ने मृतक युवकों, सरवन और पिंटू, के लिए न्याय सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इस संबंध में, उन्होंने नालंदा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से त्वरित और निष्पक्ष जांच की अपील की है। भीम आर्मी अध्यक्ष ने एसपी से आग्रह किया है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और कानून के अनुसार उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह बयान भीम आर्मी संगठन की ओर से न्याय की मांग को लेकर जारी किया गया है, जो इस गंभीर मामले पर अपनी दृढ़ता और कार्रवाई की चेतावनी को दर्शाता है।1
- विश्व योग दिवस के अवसर पर एक हेल्थ केयर सेंटर का उद्घाटन किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्वस्थ जीवन का संदेश प्रसारित करना है।1
- दिल्ली के स्वतंत्र विचारक और समाजसेवी विजय प्रधान ने, जिन्हें 'दिल्ली का शेर' भी कहा जा रहा है, बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्टर संजय वर्मा के माध्यम से 'आज की सच्ची खबर' में बताया गया कि विजय प्रधान पिछले लगभग दो महीनों से बिहार में रहकर राज्य के विकास और गरीबों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। इसी कड़ी में, उन्होंने पावापुरी से लेकर पीएमसीएच पटना तक विभिन्न अस्पतालों का जायजा लिया, मरीजों और उनके परिजनों की समस्याओं को सुना, और स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को उजागर कर सुधार की मुहिम शुरू करने का दावा किया है। विजय प्रधान ने आरोप लगाया कि आजादी के 79 वर्षों बाद भी बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँच सकी है, जिसके कारण गरीब लोग इलाज के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्याप्त आधुनिक अस्पतालों और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। इसके साथ ही, अस्पतालों की सीमित संख्या, डॉक्टरों का असहयोगात्मक व्यवहार, तथा आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं की कमी भी एक बड़ी समस्या है। प्रधान ने बताया कि अधिकांश मरीजों को दवाइयां और जांच सेवाएं अस्पताल के बाहर से लेनी पड़ती हैं। उन्होंने राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने की बात कही। विजय प्रधान के अनुसार, यदि बिहार के 40 सांसद और 243 विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति गंभीरता से कार्य करते, तो स्थिति कहीं बेहतर हो सकती थी। उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य विभाग के आधुनिकीकरण, प्रत्येक जिले में बेहतर अस्पतालों की स्थापना और गरीबों को सुलभ तथा गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रधान ने भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की इस मुहिम को राज्य सरकार और केंद्र सरकार तक मजबूती से पहुँचाया जाएगा।1
- अहमदाबाद के गीता मंदिर इलाके में स्थित एक गैस एजेंसी में गैस रिसाव के बाद भीषण आग लग गई, जिसके परिणामस्वरूप कई एलपीजी सिलेंडरों में विस्फोट हुआ। इस घटना में एजेंसी मालिक सहित कुल तीन लोग घायल हुए हैं। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के निवासियों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ लगाई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया गया। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से बड़ी संख्या में सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक संभावित बड़े और अधिक विनाशकारी हादसे को टाल दिया गया। प्रारंभिक जाँच में इस दुर्घटना का कारण गैस रिफिलिंग के दौरान हुए गैस रिसाव को माना जा रहा है। प्रशासन ने इस मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है और गैस एजेंसी में सुरक्षा मानकों की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों से कड़े और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।1