नवापारा-राजिम शहर के विप्र भवन में शनिवार को एक सादे एवं गरिमामय समारोह के बीच शव फ्रीजर (शव संरक्षण फ्रीजर) का लोकार्पण किया गया। यह शव फ्रीजर परेवाडीह-राजिम के स्वर्गीय गेंदलाल मिश्रा परिवार की स्मृति में उनके नाती-पोतों अमित मिश्रा एवं राहुल शर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज को भेंट किया गया है। इस पहल का उद्देश्य किसी भी परिवार में मृत्यु होने पर दूर-दराज में रहने वाले परिजनों के आने तक पार्थिव शरीर को सुरक्षित रखने की आवश्यकता को पूरा करना है, जिससे यह जरूरतमंद परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। इस अवसर पर नवापारा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष प्रसन्न शर्मा ने बताया कि समाज को मिला यह शव फ्रीजर मानवीय सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि 19 अप्रैल को भगवान श्री परशुराम जयंती पर विप्रकुल नवापारा ब्राह्मण समाज ने राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा के करकमलों से मोक्ष रथ का लोकार्पण किया था। अब शव फ्रीजर की उपलब्धता से अंतिम संस्कार से जुड़ी आवश्यक सेवाओं का दायरा और अधिक मजबूत हो गया है, जिसे जनसेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को दर्शाने वाली पहल के रूप में शहर में व्यापक सराहना मिल रही है। समाज के अध्यक्ष श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि मोक्ष रथ और शव फ्रीजर दोनों सुविधाएं आमजन के लिए उपलब्ध रहेंगी। नवापारा-राजिम शहर सहित आसपास के किसी भी गांव, वर्ग, जाति, समुदाय अथवा परिवार को आवश्यकता पड़ने पर इनका उपयोग किया जा सकेगा, जिससे कठिन समय में लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष प्रसन्न शर्मा, पूर्व अध्यक्ष श्यामकिशोर शर्मा, समाजसेवी कैलाश शुक्ला, पालिका के पूर्व सभापति रमेश तिवारी, राहुल शर्मा, अमित मिश्रा, मनहरण शर्मा, कैलाश तिवारी, गुड्डू मिश्रा, दिनेश तिवारी, पीयूष शर्मा, महिला ब्राह्मण समाज की अध्यक्ष रेखा तिवारी, कोषाध्यक्ष सुभाषिनी शर्मा, तनु मिश्रा सहित समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे। इस अवसर पर स्वर्गीय गेंदलाल मिश्रा परिवार के राहुल शर्मा और अमित मिश्रा को उनके योगदान के लिए मेमोंटो भेंटकर सम्मानित किया गया। समाज के लोगों ने इस पहल को सेवा, संवेदना और सामाजिक समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुए इसकी व्यापक सराहना की है, जो सामाजिक संगठनों के मानव सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का संदेश देती है।
नवापारा-राजिम शहर के विप्र भवन में शनिवार को एक सादे एवं गरिमामय समारोह के बीच शव फ्रीजर (शव संरक्षण फ्रीजर) का लोकार्पण किया गया। यह शव फ्रीजर परेवाडीह-राजिम के स्वर्गीय गेंदलाल मिश्रा परिवार की स्मृति में उनके नाती-पोतों अमित मिश्रा एवं राहुल शर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज को भेंट किया गया है। इस पहल का उद्देश्य किसी भी परिवार में मृत्यु होने पर दूर-दराज में रहने वाले परिजनों के आने तक पार्थिव शरीर को सुरक्षित रखने की आवश्यकता को पूरा करना है, जिससे यह जरूरतमंद परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। इस अवसर पर नवापारा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष प्रसन्न शर्मा ने बताया कि समाज को मिला यह शव फ्रीजर मानवीय सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि 19 अप्रैल को भगवान श्री परशुराम जयंती पर विप्रकुल नवापारा ब्राह्मण समाज ने राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा के करकमलों से मोक्ष रथ का लोकार्पण किया था। अब शव फ्रीजर की उपलब्धता से अंतिम संस्कार से जुड़ी आवश्यक सेवाओं का दायरा और अधिक मजबूत हो गया है, जिसे जनसेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को दर्शाने वाली पहल
के रूप में शहर में व्यापक सराहना मिल रही है। समाज के अध्यक्ष श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि मोक्ष रथ और शव फ्रीजर दोनों सुविधाएं आमजन के लिए उपलब्ध रहेंगी। नवापारा-राजिम शहर सहित आसपास के किसी भी गांव, वर्ग, जाति, समुदाय अथवा परिवार को आवश्यकता पड़ने पर इनका उपयोग किया जा सकेगा, जिससे कठिन समय में लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष प्रसन्न शर्मा, पूर्व अध्यक्ष श्यामकिशोर शर्मा, समाजसेवी कैलाश शुक्ला, पालिका के पूर्व सभापति रमेश तिवारी, राहुल शर्मा, अमित मिश्रा, मनहरण शर्मा, कैलाश तिवारी, गुड्डू मिश्रा, दिनेश तिवारी, पीयूष शर्मा, महिला ब्राह्मण समाज की अध्यक्ष रेखा तिवारी, कोषाध्यक्ष सुभाषिनी शर्मा, तनु मिश्रा सहित समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे। इस अवसर पर स्वर्गीय गेंदलाल मिश्रा परिवार के राहुल शर्मा और अमित मिश्रा को उनके योगदान के लिए मेमोंटो भेंटकर सम्मानित किया गया। समाज के लोगों ने इस पहल को सेवा, संवेदना और सामाजिक समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुए इसकी व्यापक सराहना की है, जो सामाजिक संगठनों के मानव सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का संदेश देती है।
- श्रुत पंचमी के पावन अवसर पर नेवरा में आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान जैन समाज द्वारा एक भव्य और विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिससे पूरा नेवरा भक्तिभाव से गूंज उठा। यह शोभायात्रा अहिंसा और सद्भाव का महत्वपूर्ण संदेश लेकर आगे बढ़ी।1
- बोड़ला के आदिमजाति सेवा सहकारी समिति (वार्ड नंबर 10) कार्यालय के ठीक सामने व्याप्त अव्यवस्था ने किसानों के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। खेती के चरम मौसम में, किसानों को भारी-भरकम खाद की बोरियां अपने कंधों पर लादकर ऐसी स्थिति से गुजरना पड़ रहा है, जिसे 'मौत का कुआँ' कहा जा रहा है। देश का विकास किसानों के कंधों पर टिका होने के बावजूद, उन्हें खाद-यूरिया के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने के साथ-साथ जानलेवा जोखिम भी उठाना पड़ रहा है, क्योंकि प्रशासनिक अमला और ठेकेदार मिलकर उनकी पीठ पर दोहरी मार मार रहे हैं। यह विकट स्थिति सहकारी कार्यालय के सामने चल रहे नाली निर्माण कार्य के कारण उत्पन्न हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह निर्माण कार्य किसानों की सुविधा को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए सीधे तौर पर ठेकेदार की मनमानी और सहूलियत के हिसाब से किया जा रहा है, मानो एक रसूखदार ठेकेदार के आगे पूरा प्रशासनिक तंत्र नतमस्तक हो चुका हो। प्रशासन ने यह भी नहीं सोचा कि खेती के मौसम में सहकारी कार्यालय पर सबसे अधिक भीड़ होती है और इस हिस्से का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पहले पूरा किया जाना चाहिए था। मौजूदा हालात में, किसानों को गोदाम से यूरिया और खाद की 50 किलो वजनी बोरियां अपने सिर और कंधों पर लादकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ रहा है, और बीच में खुदी हुई अधूरी नाली किसी भी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रही है। इस गहरी नाली को भारी वजन के साथ पार करना किसी खतरे से कम नहीं है, और पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने पर किसी भी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। अन्नदाताओं की इस जानलेवा जद्दोजहद के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए थे, जब तक कि एक पत्रकार ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) प्रणव प्रधान से इस बेहद गंभीर समस्या को लेकर सवाल नहीं किए और धरातल की हकीकत से उन्हें अवगत नहीं कराया। पत्रकार के सवालों के घेरे में आने के बाद, CMO ने मामले की गंभीरता को समझा और तत्काल ठेकेदार को फटकार लगाते हुए किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के कड़े निर्देश जारी किए। CMO प्रणव प्रधान ने आश्वस्त किया, "मामले की जानकारी मिलते ही ठेकेदार को तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। किसानों को खाद और यूरिया ले जाने में कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।" हालांकि, नेताओं के भाषणों में किसानों को 'अन्नदाता' कहकर सम्मानित किया जाता है, लेकिन बोड़ला के वार्ड नंबर 10 की जमीनी हकीकत इन खोखले दावों की पोल खोलती है, जहाँ ठेकेदार के मुनाफे के आगे किसान की पीड़ा को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। मंचों पर 'अन्नदाता' का सम्मान किया जाता है, लेकिन ज़मीन पर प्रशासन घुटनों के बल है। अब देखना यह होगा कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देशों के बाद ठेकेदार कितनी जल्दी धरातल पर वैकल्पिक रास्ता तैयार करता है, या फिर कागजी निर्देशों की आड़ में किसान इसी तरह जान जोखिम में डालने को मजबूर रहेंगे।1
- गरियाबंद पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में, गरियाबंद पुलिस और ग्राम सीनापाली के ग्रामीणों ने अवैध शराब के खिलाफ एक जनमोर्चा का गठन किया है। थाना देवभोग द्वारा ग्राम सीनापाली में सामाजिक सुधार और नशामुक्ति की दिशा में पहल करते हुए, अवैध शराब की बिक्री और बढ़ते नशे पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सर्वसम्मति से अवैध शराब के कारोबार को रोकने हेतु एक विशेष महिला समूह, जिसे 'महिला कमांडो' नाम दिया गया है, का गठन किया गया। बैठक के समापन के बाद, गठित महिला समूह, जनप्रतिनिधियों और जागरूक ग्रामीणों ने पूरे गांव में एक जागरूकता रैली निकाली। इस दौरान हाथों में तख्तियां लेकर गांव का भ्रमण किया गया और लोगों से नशे से दूर रहने की अपील की गई। रैली में "नशा एक बीमारी है, इसे मिटाना हमारी जिम्मेदारी है" और "अवैध शराब बंद करो" जैसे नारे लगाए गए। इस पहल के तहत, अवैध शराब बेचने वालों की जानकारी तत्काल पुलिस को दी जाएगी, ताकि दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जनप्रतिनिधियों ने इस अवसर पर कहा कि नशा समाज को खोखला कर रहा है, जिससे कई परिवार तबाह हो रहे हैं और गांव का माहौल बिगड़ रहा है। इसे रोकने के लिए कानून के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता की भी नितांत आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिला समूह का यह गठन गांव को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इस बैठक और रैली में ग्राम पंचायत के सरपंच, पंचगण, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य, युवा वर्ग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।1
- राजधानी रायपुर के कोर्ट परिसर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर फर्जी वकीलों के एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। यह गिरोह कोर्ट आने वाले आम लोगों को निशाना बनाता था, खुद को वकील बताकर उनसे केस लड़ने, जमानत कराने या कानूनी मदद दिलाने के नाम पर पैसे ऐंठने की कोशिश करता था। वकील संघ ने सक्रियता दिखाते हुए ऐसे ही एक आरोपी को पकड़ लिया, जो कोर्ट परिसर में पक्षकारों को झांसे में लेकर ठगी कर रहा था। इस घटना के बाद वकील संघ ने आम जनता से अपील की है कि वे कोर्ट में किसी भी व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें। संघ ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी वकील से काम कराने से पहले उसकी पहचान, नाम, बार काउंसिल रजिस्ट्रेशन और वकील संघ से पुष्टि अवश्य करें। वकील संघ ने इस बात पर जोर दिया है कि ऐसे फर्जी लोग न केवल आम लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि न्याय व्यवस्था की छवि को भी खराब करते हैं। इस मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों और पुलिस को दे दी गई है, और आगे की जांच के बाद ही गिरोह में शामिल अन्य लोगों का खुलासा हो सकेगा। यह मामला कोर्ट जाने वाले आम लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। यदि कोई व्यक्ति खुद को वकील बताकर जल्द काम कराने या गारंटी देने का दावा करता है, तो लोगों को सावधान रहना चाहिए और तुरंत वकील संघ या पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए।1
- छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चांटीपाली में कथित प्रशासनिक प्रताड़ना से व्यथित एक किसान ने ज़हर का सेवन कर लिया। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे किसान कमल ओगरे ने यह कदम उठाया, जिसके बाद उन्हें तत्काल कसडोल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं। पीड़ित किसान कमल ओगरे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कसडोल की नायब तहसीलदार ने गुरुवार को तीन ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की थी। किसान के अनुसार, इनमें से दो ट्रैक्टर कथित पैसों के लेनदेन के बाद छोड़ दिए गए, जबकि एक ट्रैक्टर मालिक द्वारा पैसे नहीं देने पर उसका वाहन जब्त कर लिया गया। ओगरे ने दावा किया कि उनके ट्रैक्टर को छोड़ने के लिए भी रुपयों की मांग की गई थी, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे यह रकम नहीं दे पाए, जिसके चलते उनका ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रेत से भरा एक ट्रैक्टर भद्रा में ही छोड़ दिया गया, जबकि ईंट से भरे एक अन्य ट्रैक्टर को थाना ले जाकर देर शाम कथित रूप से पैसों के लेनदेन के बाद छोड़ दिया गया। कमल ओगरे के पास पकड़े गए ईंट से भरे ट्रैक्टर की तस्वीरें भी मौजूद होने का दावा है, और उन्होंने क्षेत्र में ट्रैक्टर संचालकों से लगातार अवैध वसूली का आरोप लगाया, जिसमें रिश्वत देने वालों को छोड़ दिया जाता है और पैसे न देने वालों पर कार्रवाई की जाती है। किसान ने निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए कई महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की उम्मीद जताई। इस घटना की सूचना मिलने पर कसडोल विधायक संदीप साहू देर रात अस्पताल पहुंचे और पीड़ित किसान से मिलकर उनका हालचाल जाना। विधायक साहू ने मीडिया से बातचीत में बताया कि क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ट्रैक्टर संचालकों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे किसान और वाहन संचालक बेहद परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का कार्य भी अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा है। विधायक ने इस पूरे मामले की जाँच कर दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई कराने तथा इस विषय को कलेक्टर और संबंधित मंत्री के समक्ष उठाकर जाँच एवं कार्रवाई की माँग करने का आश्वासन दिया। दूसरी ओर, कसडोल की नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने दूरभाष पर सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा केवल नियमों के तहत ईंट से भरे ट्रैक्टर पर कार्रवाई की गई थी और उन्होंने किसी भी व्यक्ति से कोई राशि नहीं मांगी है, उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल की बीएमओ वंदना भेले ने किसान के जहर सेवन की पुष्टि करते हुए बताया कि समय पर उपचार मिलने के कारण उनकी स्थिति सामान्य है। अब इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है, और सभी की निगाहें प्रशासनिक जाँच के परिणामों पर टिकी हैं।3
- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी दो हजार छब्बीस परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। यह परीक्षा 21 जून, रविवार को केसीजी जिले में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलना शुरू हो जाएगा, लेकिन दोपहर 1:30 बजे के बाद प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे। यह जानकारी 20 जून शनिवार को सुबह 8 बजे मिली। एनटीए ने अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र, स्व-घोषणा पत्र, फोटोयुक्त पहचान पत्र और पारदर्शी पानी की बोतल साथ लाने का निर्देश दिया है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षा केंद्र में ले जाना प्रतिबंधित है। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें।1
- रायपुर स्थित राज टॉकीज ने अपनी सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसके तहत अब दर्शक 'बुक माय शो' के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं। इसके लिए सिनेमा हॉल द्वारा एक सीधा ऑनलाइन बुकिंग लिंक भी प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज टॉकीज ने दर्शकों को अपने व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने का भी आमंत्रण दिया है, जिससे वे सभी आवश्यक अपडेट प्राप्त कर सकें; इस ग्रुप का लिंक भी उपलब्ध कराया गया है और अन्य लोगों को भी जोड़ने के लिए इसे साझा करने का अनुरोध किया गया है। किसी भी जानकारी के लिए दर्शक 0771-2229223 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने गरियाबंद में 'ऑपरेशन तलाश' के तहत गुमशुदा मामलों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस दौरान जिले के सभी विवेचकों को गुमशुदा व्यक्तियों की तेजी से खोजबीन के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, पुलिसिंग को आधुनिक और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से ई-साक्ष्य पोर्टल, समाधान ऐप, मेडलैपर और ई-प्रॉसिक्यूशन प्रणाली के संबंध में पीपीटी (PPT) के माध्यम से विस्तृत तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। 'ऑपरेशन तलाश' की समीक्षा करते हुए, पुलिस अधीक्षक ने जिले में दर्ज सभी गुमइंसान (मिसिंग पर्सन) मामलों की फाइलें खोलकर उनकी वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लंबे समय से लंबित गुमशुदगी के मामलों में विवेचकों को विशेष टीम बनाकर जल्द से जल्द गुमशुदा लोगों की दस्तयाबी (बरामदगी) करने के सख्त निर्देश दिए। एसपी ने इस बात पर जोर दिया कि गुमशुदा लोगों की तलाश में संवेदनशीलता और तेजी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रशिक्षण सत्र में, विवेचकों को ई-साक्ष्य पोर्टल का उपयोग करके डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से एकत्र करने, उनका रिकॉर्ड रखने और न्यायालय में प्रस्तुत करने की नई तकनीकी प्रक्रिया सिखाई गई। जनता की शिकायतों के त्वरित निवारण और पारदर्शी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए समाधान ऐप के प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया गया। मेडलैपर के माध्यम से मेडिकल-लीगल मामलों (MLC) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की ऑनलाइन एंट्री व ट्रैकिंग को सुगम बनाने की विस्तृत ट्रेनिंग दी गई। इसके अतिरिक्त, पुलिस और अभियोजन (Prosecution) विभाग के बीच बेहतर तालमेल के लिए ई-प्रॉसिक्यूशन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए केस डायरी और चालान पेश करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।2
- राजनांदगांव के मनगटा रिसॉर्ट में हुई मुस्कान की मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस घटना में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।1