अयोध्या में 31 मई 2026, रविवार को पुलिस विभाग में अपनी लंबी और सराहनीय सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी ने सेवानिवृत्त कर्मियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके योगदान की सराहना की। सेवानिवृत्त होने वालों में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस महेश बाजपेयी और उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस मीना कुमार शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी ने कहा कि इन अधिकारियों ने विभाग में रहते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस विभाग उनके द्वारा दी गई उत्कृष्ट सेवाओं को सदैव स्मरण रखेगा। चौधरी ने सेवानिवृत्त अधिकारियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय एवं समृद्ध जीवन तथा दीर्घायु होने की कामना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर उपस्थित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सेवानिवृत्त कर्मियों के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।
अयोध्या में 31 मई 2026, रविवार को पुलिस विभाग में अपनी लंबी और सराहनीय सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी ने सेवानिवृत्त कर्मियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके योगदान की सराहना की। सेवानिवृत्त होने वालों में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस महेश बाजपेयी और उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस मीना कुमार शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी ने कहा कि इन अधिकारियों ने विभाग में रहते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस विभाग उनके द्वारा दी गई उत्कृष्ट सेवाओं को सदैव स्मरण रखेगा। चौधरी ने सेवानिवृत्त अधिकारियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय एवं समृद्ध जीवन तथा दीर्घायु होने की कामना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर उपस्थित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सेवानिवृत्त कर्मियों के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।
- अयोध्या के इनायतनगर थाना क्षेत्र के हैरिंग्टनगंज चौकी अंतर्गत उरूवा वैश्य पूरे जमोजिया गांव में एक हृदयविदारक सड़क हादसे में 25 वर्षीय उमेश तिवारी की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि उनकी 65 वर्षीय वृद्ध मां मनभावता गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, उमेश तिवारी अपने पिता स्वर्गीय गोपीनाथ की स्मृति में और अपनी मां मनभावता तथा गांव के अन्य लोगों के साथ पूर्णिमा स्नान के साथ-साथ प्रभु श्रीरामलला एवं हनुमान जी के दर्शन के लिए अयोध्या गए थे। दर्शन-पूजन के बाद रविवार सुबह लगभग 7:00 बजे जब वे रायबरेली-प्रभात नगर मार्ग से लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी, जिससे मां-बेटा दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पीछे से आ रहे ग्रामीणों ने तत्काल दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उमेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उमेश की मां मनभावता के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं और उनका उपचार जारी है। सूचना मिलने पर पुलिस ने उमेश के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शाम 3:30 बजे जब उनका शव गांव पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया। तीन भाइयों में सबसे छोटे उमेश का विवाह दो वर्ष पूर्व ही हुआ था, और उनकी असमय मौत से पत्नी तथा परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में इस समय शोक और मातम का माहौल बना हुआ है।1
- Post by Md Arif1
- अयोध्या के रामनगर धौरहरा निवासी भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की दिनदहाड़े पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में लखनऊ की विभूतिखंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में शांतनु रावत उर्फ अंकित रावत, हरि तिवारी और विवेक सिंह नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तार आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मामले में एडीसीपी ईस्ट डॉ. अमोल मुरकूट ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी भी दी। हालांकि, इस हत्याकांड का एक चौथा आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिस पर इनाम भी घोषित किया गया है। इन गिरफ्तारियों के बावजूद, पूरे अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में अब एक गंभीर सवाल चर्चा का विषय बन गया है: क्या कानून का पैमाना सबके लिए एक समान है? अयोध्या के सपा नेता अनूप सिंह ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कई चर्चित मामलों में अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर, बुलडोजर और अन्य कठोर कार्रवाई देखने को मिली है। लेकिन भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की निर्मम हत्या के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और जेल भेजने तक ही क्यों सीमित रही? जनता के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि जब अन्य गंभीर अपराधों में आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलता है और पुलिस सख्त संदेश देने के लिए एनकाउंटर जैसी कार्रवाई करती है, तो आखिर इस मामले में ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि शिवम सिंह की सार्वजनिक रूप से पीट-पीटकर की गई हत्या कोई सामान्य घटना नहीं थी। ऐसे में, जनता का एक वर्ग उम्मीद कर रहा था कि सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति इसी मामले में भी उतनी ही कठोरता से दिखाई देगी, जितनी अन्य चर्चित मामलों में देखने को मिलती है। इसके अलावा, मामले का चौथा आरोपी अब तक फरार क्यों है, जबकि तीन आरोपी अपना जुर्म कबूल कर चुके हैं, यह भी एक बड़ा सवाल है जिस पर जनता पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। सामूहिक रूप से कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: क्या भाजपा कार्यकर्ता की हत्या का मामला कम गंभीर माना जा रहा है? क्या अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का पैमाना अलग-अलग है? जब अन्य मामलों में बुलडोजर और एनकाउंटर की चर्चा होती है, तो इस मामले में कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक ही क्यों सीमित रही? और फरार आरोपी को पकड़ने में देरी क्यों हो रही है? शिवम सिंह हत्याकांड में हुई गिरफ्तारियों के बावजूद इन सवालों ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी कब होती है और क्या इस मामले में आगे कोई और कठोर कार्रवाई देखने को मिलेगी।1
- अयोध्या जनपद के कचहरी परिसर में राजस्व विभाग में कार्यरत राजस्व कर्मी राम सहाय सिंह अपनी कई वर्षों की उत्कृष्ट सेवाओं के बाद शनिवार, 31 मई 2026 को सकुशल सेवानिवृत्त हो गए। उन्हें विभाग में उनकी कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और मिलनसार स्वभाव के लिए जाना जाता था। सेवानिवृत्ति के इस अवसर पर कार्यालय के सहकर्मियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। इसके बाद जब राम सहाय सिंह अपने गृह जनपद जाना बाजार (खजूरीपुर) पहुंचे, तो परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने आतिशबाजी और गाजे-बाजे के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरा माहौल उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया। राम सहाय सिंह के परिवार द्वारा उनकी सेवानिवृत्ति और सकुशल सेवाकाल पूरा होने की खुशी में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को घर पर भव्य श्री रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया, जबकि सोमवार को एक विशाल भंडारे का भव्य आयोजन सुनिश्चित किया गया है, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोग और शुभचिंतक शामिल होंगे।2
- अयोध्या में तेजी से चल रहे विकास कार्यों, जैसे राम मंदिर निर्माण, रामपथ और चौड़ी सड़कों के बीच, प्राचीन धरोहरों के अस्तित्व पर सवाल खड़े हो गए हैं। गुप्तार घाट स्थित पौराणिक निर्मली कुंड, जिसका संबंध भगवान श्रीराम और देवराज इंद्र से जुड़ी मान्यताओं से है, अब 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के कारण संकट में है। यह कुंड सदियों से आस्था का केंद्र रहा है, जहां श्रावण पूर्णिमा पर विशेष धार्मिक यात्रा निकलती है और श्रद्धालु स्नान कर पापों से मुक्ति पाने की कामना करते हैं।4
- आज लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक संकल्प पत्र जारी किया है। संगठन ने न्यायप्रिय, धर्मनिरपेक्ष और लोक कल्याणकारी शासक के रूप में मालवा की महारानी अहिल्याबाई होलकर को शत्-शत् नमन और अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। मोर्चा ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की वह स्वर्णिम हस्ताक्षर हैं, जिन्होंने यह सिद्ध किया कि शासन का वास्तविक अर्थ जनसेवा है। 31 मई 1725 को जन्मी अहिल्याबाई होलकर ने 1767 से 1795 तक अपने 28 वर्ष के शासनकाल में मालवा को रामराज्य का आदर्श स्वरूप प्रदान किया। उनका जीवन नारी शक्ति, सुशासन, सामाजिक समरसता और जनसेवा का ज्वलंत उदाहरण रहा है। उन्होंने न केवल युद्ध और राजनीति में कुशलता दिखाई, बल्कि पूरे भारतवर्ष में मंदिरों का जीर्णोद्धार कराकर सांस्कृतिक एकता को मजबूत किया। काशी विश्वनाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर, बद्रीनाथ, द्वारका, गया, अयोध्या, मथुरा और हरिद्वार जैसे तीर्थस्थलों का पुनर्निर्माण उनकी धर्मनिरपेक्ष दृष्टि का प्रमाण है। उन्होंने कभी धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं किया, बल्कि घाट, बावड़ी, कुएं, धर्मशाला, सड़कें और अन्नक्षेत्र बनवाकर लोक कल्याण को शासन का मूलमंत्र बनाया। अहिल्याबाई होलकर का न्याय इतना प्रसिद्ध था कि प्रजा उन्हें "देवी" कहकर पुकारती थी, और उन्होंने न्याय के लिए अपने इकलौते पुत्र को भी दंड देने में संकोच नहीं किया। "प्रजा की खुशी ही राजा का धर्म है" – यह उनका शासन दर्शन था। उनके सुशासन के तीन स्तंभ पारदर्शी प्रशासन, जनहित सर्वोपरि और नैतिक जवाबदेही थे; उन्होंने कभी खजाने को अपनी निजी संपत्ति नहीं समझा, हर निर्णय से पहले प्रजा की राय ली, महिलाओं को सेना में स्थान दिया और किसानों के लगान माफ किए, जिसे असली लोकतंत्र बताया गया है। राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा का स्पष्ट मत है कि आज जब राजनीति सत्ता, स्वार्थ और भ्रष्टाचार का पर्याय बनती जा रही है, तब लोकमाता का चरित्र हमें आईना दिखाता है। उनकी जयंती पर संगठन ने पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ ही यह संकल्प लिया है कि अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों को राजनीति में वापस लाने के लिए सतत संघर्ष करेगा। मोर्चा ने राइट टू रिकॉल, जवाबदेह प्रतिनिधि और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था जैसे मूल्यों को पुनः स्थापित करने का आह्वान किया है, जो लोकमाता के शासन में जीवंत थे। राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा युवा पीढ़ी से लोकमाता के जीवन से प्रेरणा लेने, नारी शक्ति का सम्मान करने, कमजोर वर्गों का उत्थान करने और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने की अपील करता है, जिसे उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया गया है। संगठन ने देश की समस्त जनता, विशेषकर महिलाओं और युवाओं से आग्रह किया है कि अहिल्याबाई होलकर के पदचिह्नों पर चलकर एक नैतिक, पारदर्शी और जनकल्याणकारी भारत के निर्माण में सहयोग करें। राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा ने "लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी अमर रहें। उनके विचार अमर रहें।।" के उद्घोष के साथ अपनी बात समाप्त की।1
- मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम आदमपुर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर 21 वर्षीय अदीबा की उसके भाई द्वारा गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी संजय कुमार वर्मा, एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक और अन्य पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। पुलिस के अनुसार, यह वारदात इसलिए अंजाम दी गई क्योंकि युवती किसी युवक से बातचीत करती थी, जिससे उसका भाई नाराज था। इसी नाराजगी के चलते भाई ने इस घटना को अंजाम दिया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसएसपी ने बताया है कि आरोपी भाई घटना के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं, और अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- अयोध्या के मिल्कीपुर विकासखंड हैरिंग्टनगंज क्षेत्र स्थित अहरन सुवंश के शिव मंदिर महादेवन गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह पावन प्रसंग श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ, जिसमें कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा व्यास अंकित महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अन्याय बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना और अपने भक्तों के कल्याण के लिए अवतार धारण करते हैं। उन्होंने जय-विजय प्रसंग सहित भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का विस्तार से वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म और भक्ति का गहरा संदेश दिया। जैसे ही कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की” तथा “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैयालाल की” के जयघोषों से गूंज उठा। इस दौरान श्रद्धालु भजनों की मधुर धुन पर झूमते और नृत्य करते नजर आए। आयोजन स्थल को नंदोत्सव की थीम पर आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिसने कार्यक्रम की भव्यता को और भी बढ़ा दिया। इस शुभ कार्यक्रम के मुख्य यजमान श्रीमती प्रभावती एवं श्री दुर्गा प्रसाद शुक्ला रहे। कार्यक्रम में रामचरित शुक्ला, जगदीश शुक्ला, शिवकांत शुक्ला, अनिरुद्ध शुक्ला, अर्थव शुक्ला, अच्युतम शुक्ला, अगस्त्य शुक्ला, विनय कुमार, सरदार शुक्ला, रणजीत शुक्ला, दीपू सिंह और भीम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का समापन आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।1