अयोध्या के मिल्कीपुर विकासखंड हैरिंग्टनगंज क्षेत्र स्थित अहरन सुवंश के शिव मंदिर महादेवन गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह पावन प्रसंग श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ, जिसमें कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा व्यास अंकित महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अन्याय बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना और अपने भक्तों के कल्याण के लिए अवतार धारण करते हैं। उन्होंने जय-विजय प्रसंग सहित भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का विस्तार से वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म और भक्ति का गहरा संदेश दिया। जैसे ही कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की” तथा “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैयालाल की” के जयघोषों से गूंज उठा। इस दौरान श्रद्धालु भजनों की मधुर धुन पर झूमते और नृत्य करते नजर आए। आयोजन स्थल को नंदोत्सव की थीम पर आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिसने कार्यक्रम की भव्यता को और भी बढ़ा दिया। इस शुभ कार्यक्रम के मुख्य यजमान श्रीमती प्रभावती एवं श्री दुर्गा प्रसाद शुक्ला रहे। कार्यक्रम में रामचरित शुक्ला, जगदीश शुक्ला, शिवकांत शुक्ला, अनिरुद्ध शुक्ला, अर्थव शुक्ला, अच्युतम शुक्ला, अगस्त्य शुक्ला, विनय कुमार, सरदार शुक्ला, रणजीत शुक्ला, दीपू सिंह और भीम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का समापन आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
अयोध्या के मिल्कीपुर विकासखंड हैरिंग्टनगंज क्षेत्र स्थित अहरन सुवंश के शिव मंदिर महादेवन गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह पावन प्रसंग श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ, जिसमें कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा व्यास अंकित महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अन्याय बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना और अपने भक्तों के कल्याण के लिए अवतार धारण करते हैं। उन्होंने जय-विजय प्रसंग सहित भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का विस्तार से वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म और भक्ति का गहरा संदेश दिया। जैसे ही कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की” तथा “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैयालाल की” के जयघोषों से गूंज उठा। इस दौरान श्रद्धालु भजनों की मधुर धुन पर झूमते और नृत्य करते नजर आए। आयोजन स्थल को नंदोत्सव की थीम पर आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिसने कार्यक्रम की भव्यता को और भी बढ़ा दिया। इस शुभ कार्यक्रम के मुख्य यजमान श्रीमती प्रभावती एवं श्री दुर्गा प्रसाद शुक्ला रहे। कार्यक्रम में रामचरित शुक्ला, जगदीश शुक्ला, शिवकांत शुक्ला, अनिरुद्ध शुक्ला, अर्थव शुक्ला, अच्युतम शुक्ला, अगस्त्य शुक्ला, विनय कुमार, सरदार शुक्ला, रणजीत शुक्ला, दीपू सिंह और भीम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का समापन आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
- अयोध्या के मिल्कीपुर विकासखंड हैरिंग्टनगंज क्षेत्र स्थित अहरन सुवंश के शिव मंदिर महादेवन गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह पावन प्रसंग श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ, जिसमें कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा व्यास अंकित महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अन्याय बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना और अपने भक्तों के कल्याण के लिए अवतार धारण करते हैं। उन्होंने जय-विजय प्रसंग सहित भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का विस्तार से वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म और भक्ति का गहरा संदेश दिया। जैसे ही कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की” तथा “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैयालाल की” के जयघोषों से गूंज उठा। इस दौरान श्रद्धालु भजनों की मधुर धुन पर झूमते और नृत्य करते नजर आए। आयोजन स्थल को नंदोत्सव की थीम पर आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिसने कार्यक्रम की भव्यता को और भी बढ़ा दिया। इस शुभ कार्यक्रम के मुख्य यजमान श्रीमती प्रभावती एवं श्री दुर्गा प्रसाद शुक्ला रहे। कार्यक्रम में रामचरित शुक्ला, जगदीश शुक्ला, शिवकांत शुक्ला, अनिरुद्ध शुक्ला, अर्थव शुक्ला, अच्युतम शुक्ला, अगस्त्य शुक्ला, विनय कुमार, सरदार शुक्ला, रणजीत शुक्ला, दीपू सिंह और भीम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का समापन आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।1
- अयोध्या के रामनगर धौरहरा निवासी भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की दिनदहाड़े पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में लखनऊ की विभूतिखंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में शांतनु रावत उर्फ अंकित रावत, हरि तिवारी और विवेक सिंह नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तार आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मामले में एडीसीपी ईस्ट डॉ. अमोल मुरकूट ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी भी दी। हालांकि, इस हत्याकांड का एक चौथा आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिस पर इनाम भी घोषित किया गया है। इन गिरफ्तारियों के बावजूद, पूरे अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में अब एक गंभीर सवाल चर्चा का विषय बन गया है: क्या कानून का पैमाना सबके लिए एक समान है? अयोध्या के सपा नेता अनूप सिंह ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कई चर्चित मामलों में अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर, बुलडोजर और अन्य कठोर कार्रवाई देखने को मिली है। लेकिन भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की निर्मम हत्या के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और जेल भेजने तक ही क्यों सीमित रही? जनता के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि जब अन्य गंभीर अपराधों में आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलता है और पुलिस सख्त संदेश देने के लिए एनकाउंटर जैसी कार्रवाई करती है, तो आखिर इस मामले में ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि शिवम सिंह की सार्वजनिक रूप से पीट-पीटकर की गई हत्या कोई सामान्य घटना नहीं थी। ऐसे में, जनता का एक वर्ग उम्मीद कर रहा था कि सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति इसी मामले में भी उतनी ही कठोरता से दिखाई देगी, जितनी अन्य चर्चित मामलों में देखने को मिलती है। इसके अलावा, मामले का चौथा आरोपी अब तक फरार क्यों है, जबकि तीन आरोपी अपना जुर्म कबूल कर चुके हैं, यह भी एक बड़ा सवाल है जिस पर जनता पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। सामूहिक रूप से कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: क्या भाजपा कार्यकर्ता की हत्या का मामला कम गंभीर माना जा रहा है? क्या अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का पैमाना अलग-अलग है? जब अन्य मामलों में बुलडोजर और एनकाउंटर की चर्चा होती है, तो इस मामले में कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक ही क्यों सीमित रही? और फरार आरोपी को पकड़ने में देरी क्यों हो रही है? शिवम सिंह हत्याकांड में हुई गिरफ्तारियों के बावजूद इन सवालों ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी कब होती है और क्या इस मामले में आगे कोई और कठोर कार्रवाई देखने को मिलेगी।1
- निरंकरपुर हैबतपुर स्थित राणा पाली चौकी के तहत एक किसान की भूमि पर पुलिस और राजस्व प्रशासन की मिलीभगत से कब्जा करा दिया गया है। इस घटनाक्रम के दौरान, पीड़ित किसान लगातार रोता रहा और न्याय की गुहार लगाता रहा, परंतु उसकी एक भी नहीं सुनी गई।3
- लखनऊ के चारबाग रेलवे प्लेटफॉर्म पर 'स्वच्छ भारत अभियान' का स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे रहा है, जिसके चलते यह प्लेटफॉर्म बेहद सुंदर और आकर्षक नज़र आ रहा है। लाल चंद सोनी ने 'आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ' के लिए यह रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें प्लेटफॉर्म की स्वच्छता और सुंदरता की सराहना की गई है।1
- अयोध्या को मुख्यमंत्री योगी की ओर से एक और नई और बड़ी सौगात मिली है, जहाँ अब एक भव्य "लवकुश पार्क" का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क 17.72 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा, जिसमें "वेस्ट टू आर्ट" की थीम पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों को 3D और लाइट-साउंड तकनीक के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। इस "लवकुश पार्क" को अयोध्या के मऊशिवाला क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। इस पहल से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और संस्कृति को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।1
- जनपद अयोध्या के बीकापुर तहसील में किसान मस्त राम वर्मा का चार दिनों से चल रहा अनशन प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर ही तुड़वा दिया। शुक्रवार की रात करीब 11 बजे नायब तहसीलदार राम खेलावन ने तारुन और बीकापुर के कोतवाल के साथ मिलकर शहीद स्मारक पर किसान से वार्ता की। इस वार्ता के बाद किसान मस्त राम वर्मा को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया गया, जिसके बाद किसान अपने गांव लौट गया। किसान का आरोप था कि SDM और नायब उन्हें पुराने घर के स्थान पर नया घर बनाने नहीं दे रहे थे, क्योंकि इस संबंध में कोई मुकदमा चल रहा है। प्रशासन के हरकत में आने से पहले बकरीद के दिन LIU ने भी अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी, जिसके बाद SDM बीकापुर ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया था। इसी पृष्ठभूमि में किसान और प्रशासन के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई, जिसके परिणामस्वरूप यह मामला निपट गया।1
- अयोध्या के नगर निगम अंतर्गत आचार्य नरेंद्र वार्ड में चल रहा नाली निर्माण कार्य प्रशासनिक लापरवाही और गंभीर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिख रहा है। शासन की स्पष्ट मंशा और जिलाधिकारी व नगर आयुक्त के सख्त आदेशों के बावजूद, निर्माण की जमीनी हकीकत बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रही है। नियमावली के तहत 4:1 के मसाले और 'अव्वल दर्जे' की ईंटों का उपयोग होना चाहिए, लेकिन मौके पर इन मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय पार्षद अनूप श्रीवास्तव ने भी इन अनियमितताओं की पुष्टि की है। उन्होंने अधिकारियों को मनमानी की जानकारी दी थी, पर इसके बावजूद स्थिति नहीं बदली। जब निर्माण की देखरेख के लिए जिम्मेदार जेई अमित जायसवाल से मानकों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने '4:1 के मसाले और अव्वल ईंट' का रटा-रटाया जवाब दिया। हालांकि, जब उनसे मौके पर मानकों का पालन न होने और वीडियो-फोटो साक्ष्य देखने का आग्रह किया गया, तो वे सवालों का सामना नहीं कर पाए और बात पूरी होने से पहले ही फोन काट दिया। बाद में उन्होंने जवाबदेही से बचने के लिए दोबारा कॉल उठाना भी मुनासिब नहीं समझा। जेई की यह चुप्पी केवल जवाबदेही से कतराना ही नहीं, बल्कि जानबूझकर अपनी गलतियों को छुपाने और जनता व मीडिया से दूरी बनाने का प्रमाण है। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं: क्या नाली का निर्माण पुरानी संरचना को खोदकर किया जा रहा है या पुरानी नाली के ऊपर ही नई जुड़ाई हो रही है? यदि नाली के ऊपर नाली बन रही है, तो क्या यह तकनीकी रूप से सफल और टिकाऊ होगी? वार्ड में कुल कितनी नाली नई बननी हैं और कुल कार्य की लंबाई क्या है? क्या स्वीकृत बजट और कार्य की वास्तविक गुणवत्ता में कोई तालमेल है? मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, क्या जेई साहब को इन आदेशों की अनदेखी करने की खुली छूट मिली है? क्या ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए अधिकारियों द्वारा जानबूझकर गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है? आखिर नगर निगम का बजट आम जनता की सुविधा के लिए है या ठेकेदारों की जेब भरने के लिए? आचार्य नरेंद्र वार्ड की जनता देख रही है कि आधे से ज्यादा निर्माण पूरा हो चुका है। अब सवाल यह है कि बचे हुए हिस्से में क्या प्रशासन कोई सुधार करेगा या कागजी खानापूर्ति के जरिए भ्रष्टाचार की इस फाइल को भी दबा दिया जाएगा। नगर आयुक्त और डीएम साहब के सख्त आदेशों के बावजूद जेई साहब की यह 'गर्मी' और सवालों से भागने की आदत कहीं न कहीं विकास के दावों की धज्जियां उड़ा रही है। अब देखना यह है कि इस भ्रष्टाचार पर लीपा-पोती होती है या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाती है।1
- मिल्कीपुर, अयोध्या के हैरिंग्टनगंज विकासखंड क्षेत्र में स्थित अहरन सुवंश के शिव मंदिर महादेवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तृतीय दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। शुक्रवार को कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा पंडाल भक्ति गीतों, हरिनाम संकीर्तन और जयघोष से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कथावाचक पंडित अंकित महाराज ने इस अवसर पर श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी वर्णन किया। उन्होंने ध्रुव चरित्र, जड़भरत और भक्त प्रह्लाद की कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि अटूट श्रद्धा, दृढ़ संकल्प और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। महाराज श्री ने ध्रुव की तपस्या और भक्त प्रह्लाद की अडिग भक्ति का उदाहरण देते हुए यह भी कहा कि सच्चे भक्त की रक्षा स्वयं भगवान करते हैं। उनकी ओजस्वी वाणी सुनकर कई श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और भजन-कीर्तन में शामिल होकर भक्ति भाव में झूमते नजर आए। कथावाचक ने आगामी दिवस पर ठाकुर जी के जन्मोत्सव को भव्य रूप से मनाए जाने की जानकारी दी और अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आह्वान किया। इस धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान श्रीमती प्रभावती और श्री दुर्गा प्रसाद शुक्ला रहे। आयोजन समिति में रामचरित शुक्ला, जगदीश शुक्ला, शिवकांत शुक्ला, अनिरुद्ध शुक्ला, अर्थव शुक्ला, अच्युतम शुक्ला, अगस्त्य शुक्ला, विनय कुमार, सरदार शुक्ला, रणजीत शुक्ला, दीपू सिंह और भीम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसने अहरन सुवंश को भक्ति रस में डुबो दिया।1