Shuru
Apke Nagar Ki App…
एमसीबी में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के छात्रावासों और आश्रमों में पूर्णकालिक अधीक्षकों की कमी को देखते हुए कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने 27 शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी। इस नए आदेश के तहत संबंधित कर्मचारी अपने मूल पद पर कार्य करते हुए अपने निकट के छात्रावासों और आश्रमों की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह कोई स्थानांतरण नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, अनुशासन, भोजन, अध्ययन और अन्य सभी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए की गई एक व्यवस्था है। इस निर्णय के तहत मनेन्द्रगढ़, खड़गवां और भरतपुर विकासखंड के विभिन्न छात्रावासों एवं आश्रमों में अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं।
Ashok Shrivastava Khabar Fast
एमसीबी में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के छात्रावासों और आश्रमों में पूर्णकालिक अधीक्षकों की कमी को देखते हुए कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने 27 शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी। इस नए आदेश के तहत संबंधित कर्मचारी अपने मूल पद पर कार्य करते हुए अपने निकट के छात्रावासों और आश्रमों की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह कोई स्थानांतरण नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, अनुशासन, भोजन, अध्ययन और अन्य सभी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए की गई एक व्यवस्था है। इस निर्णय के तहत मनेन्द्रगढ़, खड़गवां और भरतपुर विकासखंड के विभिन्न छात्रावासों एवं आश्रमों में अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं।
More news from Manendragarh Chirimiri Bharatpur and nearby areas
- एमसीबी में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के छात्रावासों और आश्रमों में पूर्णकालिक अधीक्षकों की कमी को देखते हुए कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने 27 शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी। इस नए आदेश के तहत संबंधित कर्मचारी अपने मूल पद पर कार्य करते हुए अपने निकट के छात्रावासों और आश्रमों की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह कोई स्थानांतरण नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, अनुशासन, भोजन, अध्ययन और अन्य सभी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए की गई एक व्यवस्था है। इस निर्णय के तहत मनेन्द्रगढ़, खड़गवां और भरतपुर विकासखंड के विभिन्न छात्रावासों एवं आश्रमों में अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं।1
- चिरमिरी पुलिस ने अवैध महुआ शराब के खिलाफ एक बड़ा एक्शन लिया है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने महज 10 दिनों के भीतर ही 8 शराब तस्करों को अपने शिकंजे में ले लिया है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र में लगातार बनी हुई विभिन्न समस्याओं को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा असंतोष और निराशा देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अपनी परेशानियाँ कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने रख चुके हैं। इसके बावजूद, शिकायतें दर्ज कराने और अधिकारियों से मिलने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं और अब तक समस्याओं का कोई अपेक्षित समाधान नहीं निकल सका है। लगातार मिल रहे कोरे आश्वासनों से तंग आकर अब नागरिकों ने साफ कर दिया है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका मानना है कि अपने अधिकारों के लिए अब लोगों को स्वयं जागरूक होकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी होगी। लोगों का कहना है कि यदि पूरा समाज एकजुट होकर अपनी बात रखेगा, तभी व्यवस्था पर सकारात्मक दबाव बनेगा और ठोस कदम उठाए जा सकेंगे। फिलहाल इस पूरे विषय पर संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में "समस्याएँ सुनने वाले बहुत, समाधान करने वाले कम" की भावना के साथ नाराजगी और अधिक बढ़ रही है।1
- हमारे देश के जंगलों (फॉरेस्ट) की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है, जहां लगातार वनों को काटा जा रहा है। देश के जंगलों के इस हाल पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है कि इन्हें बिना रुके रोजाना काटा जा रहा है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक घोटाले को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा रही है। इस पेपर लीक घोटाले के संबंध में प्रदर्शन के दौरान क्या बातें कही गई हैं, उसे वीडियो में देखा जा सकता है।1
- सरगुजा के परसा में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है, जहाँ आसमान में थोड़ी-थोड़ी धूप निकलने के साथ ही बादल भी छाए हुए हैं। यहाँ का नजारा कोहरे जैसा दिखाई दे रहा है। वर्तमान मौसम की इस परिस्थिति को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि आज परसा में पानी नहीं गिरेगा।1
- छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ वनांचल स्थित ग्राम कुदरापा में बुनियादी सुविधाओं की कमी सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आजादी के दशकों बाद भी इस गाँव में प्राथमिक स्कूल नहीं बन सका है, जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए मजबूरन 20 से 25 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। इसके साथ ही गाँव में उपस्वास्थ्य केंद्र भी नहीं है, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। इन बुनियादी माँगों को लेकर अब गाँव के लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।1
- कोरिया जिले के टेंगनी में संचालित स्वास्थ्य केंद्र की जर्जर हालत को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। इस स्वास्थ्य केंद्र की अत्यंत खराब और जर्जर स्थिति के चलते इसकी कार्यप्रणाली और दशा पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।1