कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में मनकापुर पेट्रोल पंप के पास रविवार सुबह एक तेज रफ्तार डंपर ने सड़क किनारे खड़े पिकअप वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में पिकअप चालक बलबीर (32) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी भूरा उर्फ बलबीर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना को अंजाम देने के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, मृतक बलबीर मंगलपुर थाना क्षेत्र के चक्के पुरवा गांव का निवासी था और करीब चार-पांच महीने पहले ही दिल्ली से लौटकर आया था, जहाँ वह सब्जी का कारोबार करता था। गांव लौटने के बाद उसने एक पिकअप वाहन खरीदा और आसपास के क्षेत्रों में सब्जी लाने-ले जाने का काम शुरू किया था। शनिवार को वह अपने साथी भूरा उर्फ बलबीर के साथ पहली बार बाहर से सब्जी लाकर मंगलपुर में बेचकर लौटे थे। रविवार सुबह लगभग चार बजे, बची हुई सब्जी झींझक बेचने के लिए वे पिकअप में जा रहे थे। रास्ते में मनकापुर पेट्रोल पंप से आगे उन्होंने वाहन को सड़क किनारे कच्ची जगह पर खड़ा करके खराब सब्जी छाँटनी शुरू की। दोनों वाहन के पीछे खड़े होकर सब्जी अलग कर रहे थे, तभी झींझक की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घायलों को अस्पताल पहुँचाया। झींझक अस्पताल में चिकित्सकों ने पिकअप चालक बलबीर को मृत घोषित कर दिया, जबकि भूरा उर्फ बलबीर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बलबीर की मौत की खबर मिलते ही उसकी माँ शीला देवी, पत्नी रूबी सहित परिवार में कोहराम मच गया। पिता जगदीश और भाई सर्वेश, नरेश तथा बृजेश का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद सिकंदरा-झींझक मार्ग पर तेज रफ्तार डंपरों को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखने को मिली है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर डंपर चालक निर्धारित नियमों की अनदेखी कर तेज गति से दौड़ते हैं और दिन के समय भी कई डंपर शॉर्टकट मार्गों से गुजरते हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है।
कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में मनकापुर पेट्रोल पंप के पास रविवार सुबह एक तेज रफ्तार डंपर ने सड़क किनारे खड़े पिकअप वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में पिकअप चालक बलबीर (32) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी भूरा उर्फ बलबीर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना को अंजाम देने के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, मृतक बलबीर मंगलपुर थाना क्षेत्र के चक्के पुरवा गांव का निवासी था और करीब चार-पांच महीने पहले ही दिल्ली से लौटकर आया था, जहाँ वह सब्जी का कारोबार करता था। गांव लौटने के बाद उसने एक पिकअप वाहन खरीदा और आसपास के क्षेत्रों में सब्जी लाने-ले जाने का काम शुरू किया था। शनिवार को वह अपने साथी भूरा उर्फ बलबीर के साथ पहली बार बाहर से सब्जी लाकर मंगलपुर में बेचकर लौटे थे। रविवार सुबह लगभग चार बजे, बची हुई सब्जी झींझक बेचने के लिए वे पिकअप में जा रहे थे। रास्ते में मनकापुर पेट्रोल पंप से आगे उन्होंने वाहन को सड़क किनारे कच्ची जगह पर खड़ा करके खराब सब्जी छाँटनी शुरू की। दोनों वाहन के पीछे खड़े होकर सब्जी अलग कर रहे थे, तभी झींझक की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घायलों को अस्पताल पहुँचाया। झींझक अस्पताल में चिकित्सकों ने पिकअप चालक बलबीर को मृत घोषित कर दिया, जबकि भूरा उर्फ बलबीर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बलबीर की मौत की खबर मिलते ही उसकी माँ शीला देवी, पत्नी रूबी सहित परिवार में कोहराम मच गया। पिता जगदीश और भाई सर्वेश, नरेश तथा बृजेश का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद सिकंदरा-झींझक मार्ग पर तेज रफ्तार डंपरों को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखने को मिली है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर डंपर चालक निर्धारित नियमों की अनदेखी कर तेज गति से दौड़ते हैं और दिन के समय भी कई डंपर शॉर्टकट मार्गों से गुजरते हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है।
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में मनकापुर पेट्रोल पंप के पास रविवार सुबह एक तेज रफ्तार डंपर ने सड़क किनारे खड़े पिकअप वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में पिकअप चालक बलबीर (32) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी भूरा उर्फ बलबीर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना को अंजाम देने के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, मृतक बलबीर मंगलपुर थाना क्षेत्र के चक्के पुरवा गांव का निवासी था और करीब चार-पांच महीने पहले ही दिल्ली से लौटकर आया था, जहाँ वह सब्जी का कारोबार करता था। गांव लौटने के बाद उसने एक पिकअप वाहन खरीदा और आसपास के क्षेत्रों में सब्जी लाने-ले जाने का काम शुरू किया था। शनिवार को वह अपने साथी भूरा उर्फ बलबीर के साथ पहली बार बाहर से सब्जी लाकर मंगलपुर में बेचकर लौटे थे। रविवार सुबह लगभग चार बजे, बची हुई सब्जी झींझक बेचने के लिए वे पिकअप में जा रहे थे। रास्ते में मनकापुर पेट्रोल पंप से आगे उन्होंने वाहन को सड़क किनारे कच्ची जगह पर खड़ा करके खराब सब्जी छाँटनी शुरू की। दोनों वाहन के पीछे खड़े होकर सब्जी अलग कर रहे थे, तभी झींझक की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घायलों को अस्पताल पहुँचाया। झींझक अस्पताल में चिकित्सकों ने पिकअप चालक बलबीर को मृत घोषित कर दिया, जबकि भूरा उर्फ बलबीर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बलबीर की मौत की खबर मिलते ही उसकी माँ शीला देवी, पत्नी रूबी सहित परिवार में कोहराम मच गया। पिता जगदीश और भाई सर्वेश, नरेश तथा बृजेश का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद सिकंदरा-झींझक मार्ग पर तेज रफ्तार डंपरों को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखने को मिली है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर डंपर चालक निर्धारित नियमों की अनदेखी कर तेज गति से दौड़ते हैं और दिन के समय भी कई डंपर शॉर्टकट मार्गों से गुजरते हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है।1
- यह पोस्ट मजबूत भाईचारे और गहरी दोस्ती की भावना को उजागर करती है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 'भाईचारा सबसे ऊपर' है। पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने अपने एक करीबी साथी, जिसे वह 'मेरी जान' कहता है, के प्रति अपनी अटूट वफादारी और प्रेम को व्यक्त किया है। साथ ही, उन्होंने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि किसी ने भी उनके इस साथी की तरफ गलत नज़र उठाई या उसे कोई नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, तो उसका अंजाम ऐसा होगा जिसे संभालना किसी के बस की बात नहीं होगी।1
- कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के जरौली गांव में शनिवार को उस समय हलचल मच गई, जब ग्रामीणों ने संदिग्ध परिस्थितियों में कार से घूम रहे एक युवक और एक युवती को पकड़ा। ग्रामीणों ने उनकी गतिविधियों को संदिग्ध पाकर उनसे पूछताछ की और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक-युवती को उनकी कार सहित हिरासत में लेकर थाने ले गई। इस घटना की खबर फैलते ही गांव में लोगों की भीड़ जमा हो गई और मामले को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं होती रहीं। थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र सिंह ने शनिवार करीब 8 बजे बताया कि ग्रामीणों द्वारा शक के आधार पर पकड़े गए युवक-युवती को पुलिस के सुपुर्द किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में युवक को कन्नौज जनपद तथा युवती को औरैया जनपद का निवासी बताया गया है और वे आपस में रिश्तेदार हैं। दोनों ने पुलिस को बताया कि वे गांवों में स्कीम बेचने का कार्य करते हैं। निरीक्षक सिंह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है और अब तक किसी चोरी या अन्य आपराधिक घटना में उनकी संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच कर रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक घर के ठीक सामने की सड़क पूरी तरह से खराब और जर्जर हालत में है। यह जानकारी स्थानीय स्तर पर सामने आई है, जिसमें सड़क की बदहाली को उजागर किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद स्थित 50-बेड के सरकारी अस्पताल में गरीब गर्भवती महिलाओं से इलाज के नाम पर पैसे की मांग किए जाने का मामला सामने आया है। यह स्थिति उन महिलाओं के लिए विशेष रूप से शर्मनाक है जो एक भरोसे के साथ अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचती हैं। इस प्रकार की घटनाएँ सरकार की भ्रष्ट नीतियों को उजागर करती हैं। इस मामले में, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष ने इसकी निष्पक्ष जांच और ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों में गरीब परिवारों से इलाज के लिए पैसे मांगना एक अस्वीकार्य और शर्मनाक रवैया है।1
- औरैया में समाजसेवी संगठन 'एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि.' ने गत वर्षों की भांति इस बार भी ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए एक अनूठा आयोजन किया। समिति ने स्वामी विवेकानंद पार्क, वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई पार्क, भूतेश्वर मंदिर, जमालशाह, शिव शक्ति पीठ खानपुर, कालेश्वर मंदिर, पीएसी सुरक्षा कैंप, बीहड़ में स्थित मंगला काली मंदिर, यमुना तट, बड़ी माता मंदिर, गुरुद्वारा जैसे विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर तपती गर्मी में आसमान में विचरण कर रहे पक्षियों के लिए पानी से भरे मिट्टी के प्याले रखवाए। इसके साथ ही, तमाम लोगों को अपने घरों की छतों पर पानी भरकर रखने हेतु मिट्टी के प्यालों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। इस आयोजन के दौरान, समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने बताया कि पर्यावरण के संरक्षण में पशु-पक्षियों का विशेष योगदान है। वहीं, समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने इस बात पर जोर दिया कि निरंतर बढ़ते तापमान में बेजुबान पशु-पक्षी पानी की तलाश में तड़प रहे हैं, और कई तो पानी के अभाव में दम तोड़ देते हैं। उन्होंने पशु-पक्षियों के संरक्षण को हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी बताते हुए दयावान लोगों से अपील की है कि वे अपने-अपने घरों की छतों पर मिट्टी या प्लास्टिक के बर्तनों, बाल्टी या भगोने आदि में पानी भरकर रखें, ताकि आसमान में उड़ रहे परिंदों, चिड़ियों, गिलहरियों और बंदरों जैसे जीवों को पीने के पानी से राहत मिल सके। इस कार्यक्रम में श्री गोपाल सेवा संस्थान का भी सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ. एस.एस. परिहार, श्री गोपाल सेवा संस्थान के प्रांतीय अध्यक्ष समाजसेवी रमन पोरवाल, डॉ. एस.पी. सिंह चौहान, पर्यावरण प्रहरी मनीष पुरवार (हीरु), समिति के अध्यक्ष समाजसेवी राजीव पोरवाल (रानू), जीएलए यूनिवर्सिटी, मथुरा में अध्यनरत बीबीए की छात्रा ईशा मिश्रा, संजय अग्रवाल, सचिन कुमार पोरवाल, मनोज कुमार मिश्रा, देवमुनि पोरवाल, विपुल पोरवाल और सतीश चंद्र सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।1
- पश्चिम बंगाल में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले की खबर सामने आई है। कोलकाता में हुई इस घटना के दौरान, भारी भीड़ के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें उनके कपड़े फट जाने की भी सूचना है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुरक्षा कर्मियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने अभिषेक बनर्जी को भीड़ के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े लोगों पर उन पर हमला करने का आरोप लगाया है। उनके इस आरोप के बाद से राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विभिन्न दलों की ओर से तीखी राजनीतिक बयानबाजी सामने आ रही है। फिलहाल, प्रशासन और संबंधित एजेंसियां घटना के संबंध में जानकारी जुटा रही हैं और मामले की जांच तथा आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। इस कथित हमले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर राजनीतिक हिंसा और नेताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।1