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यह पोस्ट मजबूत भाईचारे और गहरी दोस्ती की भावना को उजागर करती है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 'भाईचारा सबसे ऊपर' है। पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने अपने एक करीबी साथी, जिसे वह 'मेरी जान' कहता है, के प्रति अपनी अटूट वफादारी और प्रेम को व्यक्त किया है। साथ ही, उन्होंने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि किसी ने भी उनके इस साथी की तरफ गलत नज़र उठाई या उसे कोई नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, तो उसका अंजाम ऐसा होगा जिसे संभालना किसी के बस की बात नहीं होगी।
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यह पोस्ट मजबूत भाईचारे और गहरी दोस्ती की भावना को उजागर करती है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 'भाईचारा सबसे ऊपर' है। पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने अपने एक करीबी साथी, जिसे वह 'मेरी जान' कहता है, के प्रति अपनी अटूट वफादारी और प्रेम को व्यक्त किया है। साथ ही, उन्होंने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि किसी ने भी उनके इस साथी की तरफ गलत नज़र उठाई या उसे कोई नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, तो उसका अंजाम ऐसा होगा जिसे संभालना किसी के बस की बात नहीं होगी।
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- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के नदीपुरवा गांव के पास सेंगुर नदी किनारे रविवार सुबह एक अज्ञात महिला का निर्वस्त्र शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर उमड़ पड़ी, जिसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और साक्ष्य एकत्र किए। जानकारी के अनुसार, नदीपुरवा गांव के समीप बह रही सेंगुर नदी के किनारे खड़े एक पीपल के पेड़ के नीचे सुबह करीब आठ बजे खेतों की ओर जा रहे ग्रामीणों ने यह शव पड़ा देखा। शव निर्वस्त्र अवस्था में था और उसके हाथ में पिस्ता रंग का एक ब्लाउज लटका हुआ था। इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों की सूचना पर थानाध्यक्ष मंगलपुर महेश दुबे, एएसआई कमलेश कुमार और एसआई राजेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने फोरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य संकलित किए। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। थानाध्यक्ष महेश दुबे ने बताया कि प्रथम दृष्टया शव लगभग आठ से दस दिन पुराना लग रहा है। उन्होंने आशंका जताई है कि शव नदी के बहाव के साथ बहकर इस स्थान पर पहुंचा होगा। फिलहाल, पुलिस मृतका की पहचान कराने के प्रयास कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों का स्पष्ट पता चल पाएगा। पुलिस अज्ञात महिला की शिनाख्त और मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में मनकापुर पेट्रोल पंप के पास रविवार सुबह एक तेज रफ्तार डंपर ने सड़क किनारे खड़े पिकअप वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में पिकअप चालक बलबीर (32) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी भूरा उर्फ बलबीर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना को अंजाम देने के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, मृतक बलबीर मंगलपुर थाना क्षेत्र के चक्के पुरवा गांव का निवासी था और करीब चार-पांच महीने पहले ही दिल्ली से लौटकर आया था, जहाँ वह सब्जी का कारोबार करता था। गांव लौटने के बाद उसने एक पिकअप वाहन खरीदा और आसपास के क्षेत्रों में सब्जी लाने-ले जाने का काम शुरू किया था। शनिवार को वह अपने साथी भूरा उर्फ बलबीर के साथ पहली बार बाहर से सब्जी लाकर मंगलपुर में बेचकर लौटे थे। रविवार सुबह लगभग चार बजे, बची हुई सब्जी झींझक बेचने के लिए वे पिकअप में जा रहे थे। रास्ते में मनकापुर पेट्रोल पंप से आगे उन्होंने वाहन को सड़क किनारे कच्ची जगह पर खड़ा करके खराब सब्जी छाँटनी शुरू की। दोनों वाहन के पीछे खड़े होकर सब्जी अलग कर रहे थे, तभी झींझक की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घायलों को अस्पताल पहुँचाया। झींझक अस्पताल में चिकित्सकों ने पिकअप चालक बलबीर को मृत घोषित कर दिया, जबकि भूरा उर्फ बलबीर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बलबीर की मौत की खबर मिलते ही उसकी माँ शीला देवी, पत्नी रूबी सहित परिवार में कोहराम मच गया। पिता जगदीश और भाई सर्वेश, नरेश तथा बृजेश का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद सिकंदरा-झींझक मार्ग पर तेज रफ्तार डंपरों को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखने को मिली है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर डंपर चालक निर्धारित नियमों की अनदेखी कर तेज गति से दौड़ते हैं और दिन के समय भी कई डंपर शॉर्टकट मार्गों से गुजरते हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है।1
- यह पोस्ट मजबूत भाईचारे और गहरी दोस्ती की भावना को उजागर करती है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 'भाईचारा सबसे ऊपर' है। पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने अपने एक करीबी साथी, जिसे वह 'मेरी जान' कहता है, के प्रति अपनी अटूट वफादारी और प्रेम को व्यक्त किया है। साथ ही, उन्होंने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि किसी ने भी उनके इस साथी की तरफ गलत नज़र उठाई या उसे कोई नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, तो उसका अंजाम ऐसा होगा जिसे संभालना किसी के बस की बात नहीं होगी।1
- औरैया में भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए समाजसेवी संगठन 'एक विचित्र पहल सेवा समिति' ने एक अनूठी और सराहनीय पहल की है। रविवार को समिति के सदस्यों ने शहर के कई सार्वजनिक स्थानों, जिनमें स्वामी विवेकानंद पार्क, वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई पार्क, भूतेश्वर मंदिर, शिव शक्ति पीठ खानपुर, कालेश्वर मंदिर, यमुना तट, बड़ी माता मंदिर और गुरुद्वारा शामिल हैं, पर मिट्टी के प्याले पानी भरकर रखवाए। इसके साथ ही, आम जनता को भी अपने घरों की छतों पर पानी रखने के लिए निःशुल्क मिट्टी के प्याले वितरित किए गए। समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने इस पहल का महत्व बताते हुए कहा कि बढ़ते तापमान में पशु-पक्षी पानी के लिए तड़प रहे हैं और कई पानी न मिलने के कारण दम तोड़ देते हैं; ऐसे में उनकी मदद करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। अध्यक्ष राजीव पोरवाल ने पर्यावरण संरक्षण में पशु-पक्षियों के अमूल्य योगदान पर ज़ोर दिया। इस पुण्य कार्य में डॉ. एस.एस. परिहार, श्री गोपाल सेवा संस्थान के प्रांतीय अध्यक्ष रमन पोरवाल, डॉ. एस.पी. सिंह चौहान, मनीष पुरवार (हीरु), समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू), बीबीए छात्रा ईशा मिश्रा, संजय अग्रवाल, सचिन कुमार पोरवाल, मनोज कुमार मिश्रा, देवमुनि पोरवाल, विपुल पोरवाल, सतीश चंद्र सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।1
- औरैया जिले के सहायल थाना क्षेत्र के पुरवा सींग गांव में घर के बाहर पड़ी जमीन पर जानवर बांधने को लेकर दो पक्षों के बीच तीखा विवाद हो गया। यह मामला इस कदर बढ़ गया कि दोनों तरफ से लाठी-डंडे चलने लगे।1
- पश्चिम बंगाल में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले की खबर सामने आई है। कोलकाता में हुई इस घटना के दौरान, भारी भीड़ के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें उनके कपड़े फट जाने की भी सूचना है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुरक्षा कर्मियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने अभिषेक बनर्जी को भीड़ के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े लोगों पर उन पर हमला करने का आरोप लगाया है। उनके इस आरोप के बाद से राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विभिन्न दलों की ओर से तीखी राजनीतिक बयानबाजी सामने आ रही है। फिलहाल, प्रशासन और संबंधित एजेंसियां घटना के संबंध में जानकारी जुटा रही हैं और मामले की जांच तथा आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। इस कथित हमले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर राजनीतिक हिंसा और नेताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।1