बस्ती मण्डल को एग्री-इंडस्ट्री हब बनाने की जरूरत : श्रीनरायन सिंह (कौशिक) न्यूज18 के मंच से कृषि आधुनिकीकरण, औद्योगिक निवेश और युवाओं के स्टार्टअप पर दिया जोर बस्ती। न्यूज़ 18 उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के विशेष संवाद कार्यक्रम में पूर्वांचल के प्रमुख उद्यमी एवं कृषि वैज्ञानिक श्रीनरायन सिंह (कौशिक) ने बस्ती मण्डल में उद्योग और कृषि की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित करते हुए इसे एग्री-बेस्ड इंडस्ट्री का प्रमुख केंद्र बनाने की वकालत की। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बस्ती मण्डल उपजाऊ भूमि, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और परिश्रमी किसानों के कारण कृषि क्षेत्र में पहले से ही मजबूत आधार रखता है। आवश्यकता इस बात की है कि यहां कृषि आधारित उद्योगों—विशेषकर खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, डेयरी, जैविक खेती और एग्री-स्टार्टअप्स—को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों का समावेश समय की मांग है। उन्नत बीज, ड्रिप सिंचाई, जैविक उर्वरकों के उपयोग और फसलों के वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। यदि स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित हों और किसानों को सीधे बाजार से जोड़ा जाए, तो बिचौलियों की भूमिका घटेगी और लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा। अपने उद्यमी अनुभव साझा करते हुए श्री सिंह ने कहा कि बस्ती मण्डल में लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण है। सरकार यदि औद्योगिक क्लस्टर विकसित करे, भूमि उपलब्ध कराए और युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दे, तो हजारों लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पलायन रोकने का सबसे प्रभावी उपाय स्थानीय रोजगार सृजन है। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि और उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं। कृषि उत्पादों पर आधारित उद्योगों की स्थापना से किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा, वहीं उद्योगों को स्थानीय स्तर पर कच्चा माल उपलब्ध होगा। इससे परिवहन लागत में कमी आएगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि इनका प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार हो, तो बस्ती मण्डल आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर हो सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नौकरी की अपेक्षा उद्यमिता को प्राथमिकता दें और कृषि आधारित स्टार्टअप शुरू कर क्षेत्र के विकास में भागीदार बनें। कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं ने उनके विचारों की सराहना की और विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर संवाद को सार्थक बनाया। मंच से उन्होंने संदेश दिया कि यदि नीति, नीयत और प्रयास एक साथ हों, तो पूर्वांचल विकास की नई इबारत लिख सकता है। अंत में श्रीनरायन सिंह (कौशिक) ने विश्वास व्यक्त किया कि किसानों, उद्यमियों, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों से बस्ती मण्डल को संतुलित औद्योगिक और कृषि विकास का मॉडल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सही दिशा और ठोस पहल से यह क्षेत्र रोजगार, उत्पादन और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
बस्ती मण्डल को एग्री-इंडस्ट्री हब बनाने की जरूरत : श्रीनरायन सिंह (कौशिक) न्यूज18 के मंच से कृषि आधुनिकीकरण, औद्योगिक निवेश और युवाओं के स्टार्टअप पर दिया जोर बस्ती। न्यूज़ 18 उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के विशेष संवाद कार्यक्रम में पूर्वांचल के प्रमुख उद्यमी एवं कृषि वैज्ञानिक श्रीनरायन सिंह (कौशिक) ने बस्ती मण्डल में उद्योग और कृषि की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित करते हुए इसे एग्री-बेस्ड इंडस्ट्री का प्रमुख केंद्र बनाने की वकालत की। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बस्ती मण्डल उपजाऊ भूमि, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और परिश्रमी किसानों के कारण कृषि क्षेत्र में पहले से ही मजबूत आधार रखता है। आवश्यकता इस बात की है कि यहां कृषि आधारित उद्योगों—विशेषकर खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, डेयरी, जैविक खेती और एग्री-स्टार्टअप्स—को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों का समावेश समय की मांग है। उन्नत बीज, ड्रिप सिंचाई, जैविक उर्वरकों के उपयोग और फसलों के वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। यदि स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित हों और किसानों को सीधे बाजार से जोड़ा जाए, तो बिचौलियों की भूमिका घटेगी और लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा। अपने उद्यमी अनुभव साझा करते हुए श्री सिंह ने कहा कि बस्ती मण्डल में लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण है। सरकार यदि औद्योगिक क्लस्टर विकसित करे, भूमि उपलब्ध कराए और युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दे, तो हजारों लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पलायन रोकने का सबसे प्रभावी उपाय स्थानीय रोजगार सृजन है। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि और उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं। कृषि उत्पादों पर आधारित उद्योगों की स्थापना से किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा, वहीं उद्योगों को स्थानीय स्तर पर कच्चा माल उपलब्ध होगा। इससे परिवहन लागत में कमी आएगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि इनका प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार हो, तो बस्ती मण्डल आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर हो सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नौकरी की अपेक्षा उद्यमिता को प्राथमिकता दें और कृषि आधारित स्टार्टअप शुरू कर क्षेत्र के विकास में भागीदार बनें। कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं ने उनके विचारों की सराहना की और विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर संवाद को सार्थक बनाया। मंच से उन्होंने संदेश दिया कि यदि नीति, नीयत और प्रयास एक साथ हों, तो पूर्वांचल विकास की नई इबारत लिख सकता है। अंत में श्रीनरायन सिंह (कौशिक) ने विश्वास व्यक्त किया कि किसानों, उद्यमियों, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों से बस्ती मण्डल को संतुलित औद्योगिक और कृषि विकास का मॉडल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सही दिशा और ठोस पहल से यह क्षेत्र रोजगार, उत्पादन और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
- सूर्या सीनियर सेकेंड्री स्कूल में नए सत्र हेतु रजिस्ट्रेशन जारी प्रवेश परीक्षा के आधार पर होगा नामांकन, 11वीं के छात्रों को मिलेगा नि:शुल्क टैबलेट संतकबीरनगर। जिले के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सूर्या सीनियर सेकेंड्री स्कूल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेशन कार्य लगातार जारी है। विद्यालय प्रशासन के अनुसार 1 फरवरी से शुरू हुई पंजीकरण प्रक्रिया में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि नए सत्र में प्रवेश केवल प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन कराने वाले विद्यार्थियों के लिए निर्धारित तिथि पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल होने वाले छात्र-छात्राओं का ही विभिन्न कक्षाओं में नामांकन किया जाएगा। विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से छात्रों को आधुनिक एवं प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रदान की जा रही है। प्रधानाचार्य रविनेश श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि नया शैक्षणिक सत्र समयबद्ध और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए विद्यालय परिवार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नामांकन से लेकर परीक्षा तक प्रत्येक प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्ठा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाता है। विपरीत परिस्थितियों में भी विद्यालय द्वारा शैक्षणिक गतिविधियों को निरंतर जारी रखा गया है। विद्यालय प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 11वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को प्रबंधन की ओर से नि:शुल्क टैबलेट वितरित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ा जा सके। विद्यालय की ओर से अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने पाल्यों का रजिस्ट्रेशन समय रहते अवश्य कराएं, ताकि छात्र-छात्राएं प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित होकर नए सत्र में अपना प्रवेश सुनिश्चित कर ले।1
- *थाना धनघटा अन्तर्गत घोरांग में एक लड़की द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने की सूचना प्राप्त होने व पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी धनघटा द्वारा दी गयी बाईट ।*1
- स्लग। बीडीओ से अभद्रता के आरोप में भाजपा नेता पर बवाल एंकर । संतकबीरनगर से बड़ी खबर संतकबीरनगर जिले के धनघटा क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक भाजपा नेता पर पौली ब्लाक की महिला बीडीओ श्वेता वर्मा और दलित सचिव के साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा है। घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि महिला बीडीओ अपने कार्यालय में एसआईआर कार्य निपटा रही थीं, तभी एक भाजपा नेता राशन कार्ड से जुड़ा प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचा। आरोप है कि रिपोर्ट लगाने को लेकर विवाद बढ़ गया और नेता ने कार्यालय में हंगामा शुरू कर दिया। वीओ। महिला बीडीओ और सचिव का आरोप है कि नेता ने न सिर्फ अपशब्द कहे बल्कि धमकी भी दी। यहां तक कि बिना हस्ताक्षर किए किसी को ब्लॉक से बाहर नहीं जाने देने की बात कही। मामले की सूचना मिलते ही विकास विभाग के अधिकारी और कर्मचारी थाना परिसर में जुट गए और मुकदमा दर्ज कराने की मांग करने लगे। दूसरी ओर, भाजपा नेता ने खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी है। सीओ खलीलाबाद का कहना है कि जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- कर्मचारियों से विभाग अनेक प्रकार के काम लेता है किंतु जब वेतन देने की बारी आती है तो जिम्मेदारों का कोई पता नहीं मिलता है #jointnationalhealthmission #bhartiyamajdursangha1
- Gorakhpur News: कोतवाली पुलिस का फ्लैग मार्च | Holi 2026 से पहले अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई1
- शादी के 48 घंटे बाद मौत! गोरखपुर में दहेज के लिए नवविवाहिता की हत्या का आरोप2
- Aakashvani, 25/2/2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को रूस के राष्ट्रपति ,रूस का सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करते हुए! ब्लादिर पुतिन!1
- बस्ती मण्डल को एग्री-इंडस्ट्री हब बनाने की जरूरत : श्रीनरायन सिंह (कौशिक) न्यूज18 के मंच से कृषि आधुनिकीकरण, औद्योगिक निवेश और युवाओं के स्टार्टअप पर दिया जोर बस्ती। न्यूज़ 18 उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के विशेष संवाद कार्यक्रम में पूर्वांचल के प्रमुख उद्यमी एवं कृषि वैज्ञानिक श्रीनरायन सिंह (कौशिक) ने बस्ती मण्डल में उद्योग और कृषि की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित करते हुए इसे एग्री-बेस्ड इंडस्ट्री का प्रमुख केंद्र बनाने की वकालत की। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बस्ती मण्डल उपजाऊ भूमि, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और परिश्रमी किसानों के कारण कृषि क्षेत्र में पहले से ही मजबूत आधार रखता है। आवश्यकता इस बात की है कि यहां कृषि आधारित उद्योगों—विशेषकर खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, डेयरी, जैविक खेती और एग्री-स्टार्टअप्स—को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों का समावेश समय की मांग है। उन्नत बीज, ड्रिप सिंचाई, जैविक उर्वरकों के उपयोग और फसलों के वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। यदि स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित हों और किसानों को सीधे बाजार से जोड़ा जाए, तो बिचौलियों की भूमिका घटेगी और लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा। अपने उद्यमी अनुभव साझा करते हुए श्री सिंह ने कहा कि बस्ती मण्डल में लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण है। सरकार यदि औद्योगिक क्लस्टर विकसित करे, भूमि उपलब्ध कराए और युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दे, तो हजारों लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पलायन रोकने का सबसे प्रभावी उपाय स्थानीय रोजगार सृजन है। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि और उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं। कृषि उत्पादों पर आधारित उद्योगों की स्थापना से किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा, वहीं उद्योगों को स्थानीय स्तर पर कच्चा माल उपलब्ध होगा। इससे परिवहन लागत में कमी आएगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि इनका प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार हो, तो बस्ती मण्डल आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर हो सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नौकरी की अपेक्षा उद्यमिता को प्राथमिकता दें और कृषि आधारित स्टार्टअप शुरू कर क्षेत्र के विकास में भागीदार बनें। कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं ने उनके विचारों की सराहना की और विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर संवाद को सार्थक बनाया। मंच से उन्होंने संदेश दिया कि यदि नीति, नीयत और प्रयास एक साथ हों, तो पूर्वांचल विकास की नई इबारत लिख सकता है। अंत में श्रीनरायन सिंह (कौशिक) ने विश्वास व्यक्त किया कि किसानों, उद्यमियों, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों से बस्ती मण्डल को संतुलित औद्योगिक और कृषि विकास का मॉडल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सही दिशा और ठोस पहल से यह क्षेत्र रोजगार, उत्पादन और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।1
- *समाज को स्वस्थ, सुरक्षित एवं संस्कारित बनाने की दिशा में थाना महुली पुलिस द्वारा “नशामुक्ति अभियान” के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किया गया*। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों की लत को समाप्त करना, युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना तथा सामाजिक सद्भाव एवं पारिवारिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करना है। आज के परिवेश में नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। यह आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक विघटन का कारण बनता है। नशे की प्रवृत्ति से अपराध बढ़ते हैं, पारिवारिक कलह उत्पन्न होती है तथा युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए थाना महुली पुलिस द्वारा आमजन, छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया— मादक पदार्थों के दुष्परिणाम एवं कानूनी दंडात्मक प्रावधान। युवाओं को खेल, शिक्षा एवं सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना। परिवार की भूमिका एवं अभिभावकों की सतर्कता का महत्व। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील। नशा छोड़ने हेतु परामर्श एवं पुनर्वास केंद्रों की जानकारी। थाना प्रभारी महुली द्वारा कहा गया कि “नशा मुक्त समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव है। जब युवा नशे से दूर रहेंगे, तभी राष्ट्र प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा।” अभियान के अंतर्गत नागरिकों से यह संकल्प भी दिलाया गया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। आज थाना क्षेत्र के एक विद्यालय में पुलिस टीम द्वारा बच्चों को साइबर जागरूकता एवं व्यक्तिगत सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरों से अवगत कराते हुए सुरक्षित व्यवहार की सीख देना रहा। कार्यक्रम के मुख्य बिंदु: 🔹 मोबाइल की लत से बचाव अत्यधिक मोबाइल उपयोग से स्वास्थ्य एवं पढ़ाई पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव बताए गए। सोशल मीडिया का सीमित एवं सकारात्मक उपयोग करने की सलाह दी गई। अनजान लिंक, गेमिंग फ्रॉड एवं ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने को कहा गया। 🔹 साइबर सुरक्षा संबंधी सुझाव किसी भी अजनबी से अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की हिदायत। संदिग्ध कॉल/मैसेज आने पर तुरंत अभिभावक या पुलिस को सूचित करने के निर्देश। साइबर अपराध की शिकायत हेतु हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी गई। 🔹 Good Touch – Bad Touch की जानकारी बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में सरल भाषा में समझाया गया। किसी भी असहज स्थिति में तुरंत “ना” कहने और भरोसेमंद व्यक्ति को बताने की सीख दी गई। चुप न रहने और साहस के साथ शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका समाधान किया गया। विद्यालय प्रशासन ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। थाना महुली पुलिस – बच्चों की सुरक्षा हेतु सदैव प्रतिबद्ध। थाना महुली पुलिस का यह अभियान केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार का एक सशक्त प्रयास है। आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें— “नशा मुक्त भारत, खुशहाल भारत” —4