उमरिया के भरौला में बीते दिन एक आर्टिका कार और ट्रक की भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें एक मासूम बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद उमरिया का यातायात विभाग कुछ दिनों के लिए जाग गया है और उसने शहर में विशेष यातायात जागरूकता एवं सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती बरतते हुए प्रमुख मार्गों और चौराहों पर व्यापक जांच अभियान चलाया, जिसके तहत सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारू कराया गया। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई। रात्रिकालीन सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से मालवाहक और अन्य वाहनों पर रिफ्लेक्टिव रेडियम टेप लगाए गए हैं। वाहन चालकों को रेडियम, इंडिकेटर और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा यातायात पुलिस ने चालकों को हेलमेट व सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, शराब पीकर गाड़ी न चलाने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल न करने और सड़क पर वाहन न खड़ा करने की समझाइश दी है। साथ ही नागरिकों से व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई है। दूसरी ओर, इस भीषण हादसे के बाद भी जिले का आरटीओ विभाग गहरी निद्रा में सोया हुआ है। हादसे के बाद आरटीओ विभाग को भी जागकर चेकिंग चालू करनी चाहिए थी और वाहनों के बीमा, फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस तथा लाइफ पूरी कर चुके वाहनों की जांच करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा होते हुए किसी ने नहीं देखा। जिले का आरटीओ विभाग पूरी तरह से भगवान भरोसे और अधिकारी की मनमर्जी के अनुसार ही संचालित हो रहा है, जहां आरटीओ से संबंधित सारे कार्य दलालों के सहारे चल रहे हैं।
उमरिया के भरौला में बीते दिन एक आर्टिका कार और ट्रक की भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें एक मासूम बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद उमरिया का यातायात विभाग कुछ दिनों के लिए जाग गया है और उसने शहर में विशेष यातायात जागरूकता एवं सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती बरतते हुए प्रमुख मार्गों और चौराहों पर व्यापक जांच अभियान चलाया, जिसके तहत सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारू कराया गया। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई। रात्रिकालीन सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से मालवाहक और अन्य वाहनों पर रिफ्लेक्टिव रेडियम टेप लगाए गए हैं। वाहन चालकों को रेडियम, इंडिकेटर और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा यातायात पुलिस ने चालकों को हेलमेट व सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, शराब पीकर गाड़ी न चलाने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल न करने और सड़क पर वाहन न खड़ा करने की समझाइश दी है। साथ ही नागरिकों से व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई है। दूसरी ओर, इस भीषण हादसे के बाद भी जिले का आरटीओ विभाग गहरी निद्रा में सोया हुआ है। हादसे के बाद आरटीओ विभाग को भी जागकर चेकिंग चालू करनी चाहिए थी और वाहनों के बीमा, फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस तथा लाइफ पूरी कर चुके वाहनों की जांच करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा होते हुए किसी ने नहीं देखा। जिले का आरटीओ विभाग पूरी तरह से भगवान भरोसे और अधिकारी की मनमर्जी के अनुसार ही संचालित हो रहा है, जहां आरटीओ से संबंधित सारे कार्य दलालों के सहारे चल रहे हैं।
- उमरिया जिले के ग्राम जरहा के निवासी प्रिंस शर्मा ने 'ब्रह्मांड एकता जिंदाबाद' का संकल्प लिया है। उनका दृढ़ता से मानना है कि समाज सेवा ही वास्तव में राष्ट्र सेवा है।1
- उमरिया के मानपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान विधायक मीना सिंह का एक बेहद सरल और आत्मीय अंदाज देखने को मिला। क्षेत्र भ्रमण पर निकलीं विधायक मीना सिंह की नजर जब सड़क किनारे बोरी में रखकर पुटू (जंगली मशरूम) बेच रही एक बुजुर्ग महिला पर पड़ी, तो उन्होंने बिना देर किए अपना काफिला रुकवा दिया। वे गाड़ी से उतरकर सीधे बुजुर्ग महिला के पास पहुंचीं और उनके व साथ में मौजूद बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने महिला से पुटू खरीदा और स्थानीय वन उपज व ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद से पूरे जिले में इसकी खूब चर्चा हो रही है। पुटू खरीदने के बाद विधायक मीना सिंह ने अपने पारंपरिक भोजन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम हमेशा से जंगलों की प्राकृतिक उपज का समय रहा है। पहले के समय में जब गांवों में ताजी सब्जियां आसानी से नहीं मिलती थीं, तब लोग जंगलों से मिलने वाले पुटू, पीहरी और चकौड़ा की भाजी जैसे पौष्टिक वन उत्पादों से अपने भोजन का स्वाद बढ़ाते थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक जीवनशैली के बीच भी इन पारंपरिक खाद्य पदार्थों का महत्व कम नहीं हुआ है और इन्हें संरक्षित किया जाना बेहद जरूरी है। विधायक ने आसपास मौजूद लोगों और आम जनता से भी अपील की कि वे सड़क किनारे वन उपज बेचने वाले ग्रामीणों से ही खरीदारी करें। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर लोगों को प्राकृतिक और पौष्टिक भोजन मिलेगा, तो दूसरी ओर जंगलों पर निर्भर रहने वाले गरीब परिवारों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। उनका मानना है कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना ही आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम है। बिना किसी औपचारिकता के सड़क किनारे बैठकर बुजुर्ग महिला से सहज बातचीत करने का विधायक का यह अंदाज वहां मौजूद लोगों को बेहद पसंद आया। विधायक के इस अपनत्व को देखकर बुजुर्ग महिला भी भावुक हो गईं। लोगों द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किया गया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और विधायक मीना सिंह के इस सादगी भरे जनसरोकारी अंदाज की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।1
- शहडोल के जयसिंहनगर क्षेत्र में स्थित ग्राम बराटोला के नजदीकी जंगल में एक बाघ को घूमते हुए देखा गया है। बाघ की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है और लोगों को फिलहाल जंगल की ओर न जाने के लिए कहा गया है। बराटोला के अलावा ग्राम अंतौली, ठेगरहा, अटरिया और बैरिया से लगे जंगलों के पास रहने वाले ग्रामीणों से विशेष निवेदन किया गया है कि वे पूटू पिहिरी निकालने के लिए जंगल के भीतर न जाएं। इसके साथ ही बच्चों को भी जंगल की तरफ भेजने से पूरी तरह बचने तथा हर समय सावधान, सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।1
- चंदिया में हिंदू बहनों के साथ हुए लव जिहाद के विरोध में विश्व हिंदू परिषद् और बजरंग दल उमरिया जिला द्वारा कलेक्टर परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक ज्ञापन भी सौंपा है। इस प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिहादी मानसिकता के अपराधी मोहम्मद हारुन खान एवं इश्तियाक मौलाना के घरों को जमींदोज करने की मांग की। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और अपराधियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की जोरदार मांग उठाई गई। इस विरोध प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद् उमरिया जिला अध्यक्ष सुरेश द्विवेदी जी, चंदिया प्रखंड अध्यक्ष खुल्लू शर्मा जी, चंदिया प्रखंड संयोजक गौरव वर्मा जी, मातृशक्ति प्रांत सहसंयोजिका श्रीमती निधि श्रीवास्तव दीदी, श्रीमती सपना दहिया दीदी, जिला मंत्री श्रीमती सुषमा गुप्ता दीदी और मातृशक्ति जिला संयोजिका कामना साहू दीदी उपस्थित रहीं। इसके अलावा पवन तिवारी जी, प्रदीप सेन जी, चंदिया प्रखंड उपाध्यक्ष चिराग लोकचंदानी, चंदिया प्रखंड सहसंयोजक गुड्डू कुशवाहा जी, शिवांश अग्रवाल जी, संदीप बाधवा जी, पवन त्रिपाठी जी, उपेंद्र सिंह जी, सोनू विश्वकर्मा जी, शिवम् तिवारी जी, गोविंद द्विवेदी जी, डॉ अखिलेश तिवारी जी, श्री राकेश शर्मा जी, श्री विभूति गौतम जी, निक्की रजक जी, जया श्रीवास्तव जी सहित सैकड़ों अन्य कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए।1
- हरदुआ रेलवे स्टेशन बस स्टैंड मुख्य चौराहा दमोह सागर रोड2
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित 'माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव' से पहले मीडिया बंधुओं से संवाद कर युवाओं के लिए सरकार की प्राथमिकताएं साझा की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रोजगारपरक गतिविधियों और उद्योगों को लगातार बढ़ावा दे रही है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए वर्ष 2025 को 'रोजगार एवं उद्योग वर्ष' के रूप में मनाकर मध्यप्रदेश ने देशभर में एक सकारात्मक संदेश दिया है। डॉ. यादव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार गरीब, युवा, महिला और किसान सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। भारत को दुनिया का सबसे युवा देश बताते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 2 करोड़ से अधिक युवा मौजूद हैं, जो राज्य के विकास की सबसे बड़ी ताकत हैं। सरकार प्रत्येक युवा को आत्मनिर्भर बनाकर रोजगार से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। युवाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उनके सपनों को साकार किया जा रहा है और इसी के तहत शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, नवाचार व उद्यमिता के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि 'माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव' भविष्य में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। युवाओं को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य युवाओं का सर्वांगीण विकास करना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। यह मंच युवाओं के लिए नई संभावनाओं और नए अवसरों का एक सशक्त माध्यम बनेगा।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बैगा बहुल ग्राम पंचायत देवरा से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोलने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहाँ प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को परिजनों और ग्रामीणों ने कपड़े के सहारे कांधों पर उठाकर काफी दूरी तय कर नेशनल हाईवे तक पहुंचाया। बारिश के कारण गांव तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया था, जिससे 108 एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं पहुंच सकी और हाईवे पर ही खड़ी इंतजार कर रही थी। इसके बाद महिला को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रसूता के पति सुनील रौतेल ने बताया कि प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी थी, लेकिन खराब सड़क और कीचड़ के कारण वाहन गांव तक नहीं आ सका, जिसके चलते मजबूरी में उन्हें ग्रामीणों की मदद से पत्नी को कांधों पर उठाना पड़ा। आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी सिंह ने भी माना कि बारिश के मौसम में गांव तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है और खराब सड़क के कारण कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। उमरिया जिले की सीमा पर स्थित देवरा गाँव एक बैगा बहुल गाँव है, जिसे सेना में शहीद हुए स्वागत भूप सिंह के नाम से भी जाना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है और बारिश के दिनों में गांव का संपर्क लगभग टूट जाता है, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण स्वीकृत किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और कथित लापरवाही के कारण लोगों को अब भी कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। यह घटना सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को साफ उजागर करती है और इस वायरल वीडियो के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।4
- आगरा रेलवे स्टेशन पर मानवता को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला यात्री की मदद करने वाले ड्यूटी पर तैनात डिप्टी स्टेशन मास्टर (डिप्टी एसएस) नरेंद्र चाहर को आरपीएफ जवानों ने सरेआम प्लेटफॉर्म पर घसीटा। दरअसल, ट्रेन रुकने पर एक महिला यात्री सामान खरीदने नीचे उतरी थी, लेकिन इसी बीच ट्रेन चल पड़ी। महिला को छूटता देख डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत वॉकी-टॉकी से संदेश भेजकर ट्रेन को रुकवा दिया। ट्रेन रुकने के बाद वहां मौजूद आरपीएफ जवानों ने महिला पर चैन पुलिंग का आरोप लगाकर उसे हिरासत में लेने का प्रयास किया। जब डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर ने इस गलत कार्रवाई का विरोध किया, तो आरपीएफ कर्मी भड़क गए और अपनी मर्यादा भूलकर उन्हें स्टेशन पर घसीटते हुए ले गए। इस अभद्र व्यवहार का वीडियो सामने आने और मामला तूल पकड़ने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बदसलूकी के आरोपी चारों आरपीएफ पुलिसकर्मियों मेघराज, बालकिशन मीणा, बदन सिंह और जितेंद्र को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।1