61 फीट ऊँचे भव्य श्रीराम टावर की स्थापना, चनार गांव बना आस्था और एकता का केंद्र। आबूरोड। चनार गांव स्थित चामुंडा माता मंदिर परिसर में हिंदू जागरण मंच के तत्वावधान में 61 फीट ऊँचे भव्य श्रीराम टावर की स्थापना का ऐतिहासिक आयोजन श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि पूरे गांव को एकजुट कर सामाजिक समरसता और एकता का प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन का नेतृत्व जिला सह-संयोजक गोविंद मालवीय और खंड संयोजक प्रताप सिंह ने किया। उनके कुशल मार्गदर्शन और कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत से यह विशाल टावर स्थापना संभव हो सकी। जैसे ही 61 फीट ऊँचा श्रीराम टावर स्थापित हुआ, पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में खंड कार्यकारिणी सदस्य अशोक सोनी, प्रकाश प्रजापत, भंवर सिंह, भरत प्रजापत, मुकेश प्रजापत, खेताराम प्रजापत, विक्रम सिंह, कालूराम प्रजापत, जेसाराम कोली और वनाराम प्रजापत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ आयोजन को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाई। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। चारों ओर धार्मिक ध्वज, फूलों की आकर्षक सजावट और भक्ति संगीत की मधुर ध्वनि ने माहौल को और अधिक पवित्र बना दिया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को जन-उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। ग्रामीणों ने इसे अपने गांव के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि यह श्रीराम टावर केवल एक संरचना नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा। जिला सह-संयोजक गोविंद मालवीय ने अपने संबोधन में समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सनातन समाज की मजबूती के लिए एकता आवश्यक है और जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने “एक रहो और नेक रहो” का संदेश देते हुए समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में संगठन और जागरूकता को बढ़ावा देते हैं। भविष्य में भी इसी प्रकार के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज में एकता और सांस्कृतिक चेतना को और बल मिल सके। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए एक-दूसरे को बधाई दी और समाज के उत्थान एवं सांस्कृतिक संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। यह आयोजन चनार गांव के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में सदैव याद रखा जाएगा।
61 फीट ऊँचे भव्य श्रीराम टावर की स्थापना, चनार गांव बना आस्था और एकता का केंद्र। आबूरोड। चनार गांव स्थित चामुंडा माता मंदिर परिसर में हिंदू जागरण मंच के तत्वावधान में 61 फीट ऊँचे भव्य श्रीराम टावर की स्थापना का ऐतिहासिक आयोजन श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि पूरे गांव को एकजुट कर सामाजिक समरसता और एकता का प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन का नेतृत्व जिला सह-संयोजक गोविंद मालवीय और खंड संयोजक प्रताप सिंह ने किया। उनके कुशल मार्गदर्शन और कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत से यह विशाल टावर स्थापना संभव हो सकी।
जैसे ही 61 फीट ऊँचा श्रीराम टावर स्थापित हुआ, पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में खंड कार्यकारिणी सदस्य अशोक सोनी, प्रकाश प्रजापत, भंवर सिंह, भरत प्रजापत, मुकेश प्रजापत, खेताराम प्रजापत, विक्रम सिंह, कालूराम प्रजापत, जेसाराम कोली और वनाराम प्रजापत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ आयोजन को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाई। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। चारों ओर धार्मिक ध्वज, फूलों की आकर्षक सजावट और भक्ति संगीत की मधुर ध्वनि ने माहौल को और अधिक पवित्र बना दिया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की
सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को जन-उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। ग्रामीणों ने इसे अपने गांव के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि यह श्रीराम टावर केवल एक संरचना नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा। जिला सह-संयोजक गोविंद मालवीय ने अपने संबोधन में समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सनातन समाज की मजबूती के लिए एकता आवश्यक है और जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने “एक रहो और नेक
रहो” का संदेश देते हुए समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में संगठन और जागरूकता को बढ़ावा देते हैं। भविष्य में भी इसी प्रकार के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज में एकता और सांस्कृतिक चेतना को और बल मिल सके। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए एक-दूसरे को बधाई दी और समाज के उत्थान एवं सांस्कृतिक संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। यह आयोजन चनार गांव के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में सदैव याद रखा जाएगा।
- आबूरोड के निकटवर्ती गिरवर स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में शुक्रवार को सत्र 2026-27 के तहत एकदिवसीय ‘प्रधानाचार्य वाकपीठ’ का शुभारंभ उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सतीश पुरोहित के संरक्षण में संपन्न हुआ, जिसमें क्षेत्र के शिक्षाविदों और प्रधानाचार्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत गिरवर की प्रशासक श्रीमती शर्मीली देवी रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में उप सरपंच सोमाराम दादरिया उपस्थित रहे। वाकपीठ की अध्यक्षता विमल मित्तल ने की तथा सचिव की भूमिका हीरालाल पुरोहित ने निभाई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सत्रारंभ केवल नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, संकल्प और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को संवारने का अवसर है। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और नवाचार को अपनाने पर जोर दिया। आयोजनकर्ता प्रधानाचार्य जसवंत सिंह ने अतिथियों का स्वागत सत्कार करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और अंत में धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन उपप्रधानाचार्य राजेश कर्दम द्वारा किया गया। वाकपीठ के पहले सत्र में प्रवेशोत्सव, संबलन अभियान और प्रभावी प्रार्थना सभा जैसे विषयों पर चर्चा की गई। वहीं द्वितीय सत्र में शालादर्पण, मॉड्यूल्स, आईएफएमएस 3.0 और पुस्तकालय के शैक्षिक उन्नयन में प्रभावी उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम के अंत में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्यों का सम्मान कर उनके योगदान को सराहा गया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों ने ऐसे आयोजनों को शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी निरंतर आयोजन की आवश्यकता जताई।2
- व्यापारियों और स्थानीय लोगों में रोष, बारिश में बढ़ सकती है परेशानी रानीवाड़ा कस्बे में पुलिस थाने के पीछे स्थित क्षेत्र में नाली व्यवस्था की बदहाली अब स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। यहां पक्की नाली का निर्माण नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है, जिससे पूरे इलाके में जलभराव जैसी स्थिति बनी हुई है। सड़क पर लगातार बह रहे गंदे पानी से राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से स्थायी समाधान करने के बजाय केवल रेत डालकर अस्थायी रूप से नाली जैसी व्यवस्था बनाई गई है, जो किसी भी समय टूट सकती है। दुकानों के आगे पानी जमा होने से ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है और व्यापार पर असर पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने बताया कि गंदे पानी के कारण दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों की संख्या भी बढ़ने लगी है। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पक्की नाली का निर्माण नहीं कराया गया तो बारिश के मौसम में स्थिति और भयावह हो सकती है। कच्ची नाली बारिश के पानी में बह सकती है, जिससे पूरा इलाका कीचड़ और जलभराव की चपेट में आ जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पक्की नाली निर्माण करवाने और सड़क पर फैल रहे गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे1
- पोसालिया में ग्राम रथ अभियान, लोकगीतों के जरिए दी योजनाओं की जानकारी, ग्रामीणों ने रखीं मांगें सिरोही जिले के शिवगंज उपखंड के पोसालिया क्षेत्र में शुक्रवार शाम को ग्राम रथ अभियान का आयोजन किया गया इस अभियान के तहत ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई लोकगीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया, जिससे ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला कार्यक्रम के दौरान उपखंड अधिकारी नीरज मिश्रा, तहसीलदार आसुराम नायक, पोसालिया प्रशासक अंशी देवी मीणा सहित आला अधिकारी मौजूद रहे इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और सुझाव पेटिका में डालकर प्रशासन तक पहुंचाए मुख्य मांगों में पोसालिया अस्पताल में महिला डॉक्टर की नियुक्ति, गर्ल्स कॉलेज की स्थापना, अस्पताल को क्रमोन्नत (अपग्रेड) करने तथा आयुर्वेदिक अस्पताल में स्टाफ बढ़ाने की मांग प्रमुख रही ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्याओं पर जल्द कार्रवाई करेगा और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा4
- 4 साल से पानी आज तक भी नहीं आया है नल लगाकर गए हैं चार साल से परंतु पानी की एक बूंद तक पर आज तक इस नल से नहीं देखी हमने सरकार से मेरा एक ही निवेदन है कि जल्द से जल्द हमको जल प्रदान करें हमारे गांव में एक ही समस्या है और वह पानी की नल सबके घर है परंतु पानी नहीं सरकार से मेरा निवेदन है कि जल्द से जल्द हमको पानी मिलना चाहिए जब तक पानी नहीं मिलेगा तब तक कोशिश जारी रखेंगे हम लोग 4 साल हो गई नाल दल के रखे हैं सभी के घर पर परंतु पानी की गन कैसी के घर आज तक नहीं पहुंचाई गई हमारी सरकार क्या कर रही है पता नहीं मेरा नाम राजू राम सोशल मीडिया में एप्लीकेशन के साथ में एक खबर पहुंचाना चाहता हूं सरकार को सरकार से एक ही निवेदन है कि मेरी बात सुने मैं आवाज उठाना चाहता हूं इस मामले की वजह से हमको 4 साल से तक पानी नहीं मिला नल दल के रखे हैं परंतु पानी नहीं आता है किसान अब खेत छोड़कर जाने ही वाले हैं अगर पानी नहीं मिले तो परंतु यह सोच कर बैठे हैं कि वह जाए तो जाए कहां और जगह कोई बच्ची नहीं है अब गरीब किसान कहां जाएगा अब पानी जो पहुंचते ही नहीं सरकार क्या करें उसे बड़े-बड़े अधिकारी पानी के नल डलवा दिए और पैसे खा गए परंतु आज तक पानी की एक जून तक फिर नहीं पहुंची किस तक मैं अधिकारी को इतना ही पूछना चाहता हूं कि मेरे यह बात सुने और पानी की व्यवस्था की जाए धन्यवाद1
- बाली के बोया रोड पर शुक्रवार को एक सड़क हादसा हुआ। इसमें कार और बाइक की टक्कर हो गई, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। हादसे में बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों की पहचान गणेश (42), पनाराम (57) और सुरेश राजपुरोहित (38) के रूप में की गई है। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और उस पर सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया। बाइक चालक को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि कार चालक को बाली जिला चिकित्सालय ले जाया गया। 108 एम्बुलेंस के पायलट के अनुसार, कार चालक को मामूली चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर सेवाड़ी चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया।1
- Post by भरत जीनगर1
- स्वच्छ भारत अभियान के दावों के बीच गैंजी,जिला-डूंगरपुर,राज. से लापरवाही की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। स्थानीय मोरन नदी के किनारे प्रशासन द्वारा लाखों की लागत से बनाया गया डंपिंग यार्ड आज सफेद हाथी साबित हो रहा है। हालत यह है कि यार्ड के अंदर झाड़ियाँ उगी हुई हैं और वह खाली पड़ा है, जबकि पूरा कचरा यार्ड के बाहर खुले में और नदी के बहाव क्षेत्र में फेंका जा रहा है। पर्यावरण और पशुओं पर मंडराता खतरा: खुले में फेंके गए इस कचरे के ढेर में बड़ी संख्या में बेसहारा गोवंश प्लास्टिक और अन्य जहरीला कचरा खाने को मजबूर हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। साथ ही, नदी किनारे गंदगी होने से जल प्रदूषण बढ़ रहा है और स्थानीय निवासियों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर बना हुआ है। प्रशासनिक अनदेखी: ग्रामीणों का आरोप है कि कचरा संग्रहण और निस्तारण की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। डंपिंग यार्ड होने के बावजूद कचरा बाहर क्यों फेंका जा रहा है, यह बड़ा सवाल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस स्थान की तुरंत सफाई कराई जाए और डंपिंग यार्ड को सुचारू रूप से चालू किया जाए व वैज्ञानिक तकनीकी से कचरें का निस्तारण किया जायें।8
- आबूरोड। चनार गांव स्थित चामुंडा माता मंदिर परिसर में हिंदू जागरण मंच के तत्वावधान में 61 फीट ऊँचे भव्य श्रीराम टावर की स्थापना का ऐतिहासिक आयोजन श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि पूरे गांव को एकजुट कर सामाजिक समरसता और एकता का प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन का नेतृत्व जिला सह-संयोजक गोविंद मालवीय और खंड संयोजक प्रताप सिंह ने किया। उनके कुशल मार्गदर्शन और कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत से यह विशाल टावर स्थापना संभव हो सकी। जैसे ही 61 फीट ऊँचा श्रीराम टावर स्थापित हुआ, पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में खंड कार्यकारिणी सदस्य अशोक सोनी, प्रकाश प्रजापत, भंवर सिंह, भरत प्रजापत, मुकेश प्रजापत, खेताराम प्रजापत, विक्रम सिंह, कालूराम प्रजापत, जेसाराम कोली और वनाराम प्रजापत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ आयोजन को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाई। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। चारों ओर धार्मिक ध्वज, फूलों की आकर्षक सजावट और भक्ति संगीत की मधुर ध्वनि ने माहौल को और अधिक पवित्र बना दिया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को जन-उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। ग्रामीणों ने इसे अपने गांव के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि यह श्रीराम टावर केवल एक संरचना नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा। जिला सह-संयोजक गोविंद मालवीय ने अपने संबोधन में समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सनातन समाज की मजबूती के लिए एकता आवश्यक है और जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने “एक रहो और नेक रहो” का संदेश देते हुए समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में संगठन और जागरूकता को बढ़ावा देते हैं। भविष्य में भी इसी प्रकार के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज में एकता और सांस्कृतिक चेतना को और बल मिल सके। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए एक-दूसरे को बधाई दी और समाज के उत्थान एवं सांस्कृतिक संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। यह आयोजन चनार गांव के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में सदैव याद रखा जाएगा।4