बाढ़ से हाहाकार:टोंस व लोनी नदी उफान पर, सतपुरा समेत आधा दर्जन गांव जलमग्न* *सड़कें टूटीं, दर्जनों घर धराशायी,प्रशासन बे-खबर,लोग बोले-नहीं आया कोई सुध लेने* राजदेव द्विवेदी जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद प्रयागराज* *प्रयागराज*। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा से सटे टोंस नदी के किनारे बसे ग्राम पंचायत सतपुरा में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। *तीन दिन से टापू बना गांव, 15 फीट पानी में डूबा संपर्क मार्ग* टोंस (टमस) और लूनी नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण चाकघाट-चंदपुर-पटिवार मार्ग नाले में 15 फीट से अधिक पानी भर गया है। इससे सतपुरा, पटिवार, लालापुरवा, पड़ीवर समेत आसपास के आधा दर्जन गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। पिछले तीन दिनों से आवागमन का मुख्य रास्ता जलमग्न है। लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं।संगम नगरी प्रयागराज में इस समय गंगा-यमुना के साथ-साथ टोंस नदी भी खतरे के निशान के करीब बह रही है। सिंचाई विभाग के अनुसार टोंस का जलस्तर 24 घंटे में डेढ़ मीटर से अधिक बढ़ा है, जिससे कछारी इलाकों में दहशत है। *दर्जनों घर जमींदोज, खुले आसमान के नीचे परिवार* भारी बारिश के कारण सतपुरा व आसपास के गांवों में दर्जनों कच्चे मकान भरभराकर गिर गए हैं। घरों में पानी घुसने से अनाज, कपड़े, बच्चों की किताबें-कापियां बह गई हैं। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे पॉलीथीन के सहारे रहने को विवश हैं। ग्रामीणों में खाने-पीने के सामान और दवाइयों की भारी किल्लत है। *पीडब्ल्यूडी सड़क धंसी, फिर भी जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोग* बाढ़ ने पीडब्ल्यूडी की गढ़ही-पटिवार रोड को पूरी तरह तोड़ दिया है। रोड का बड़ा हिस्सा धंस गया है और पानी के तेज बहाव के बावजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। *प्रशासन से नहीं मिली मदद - ग्राम प्रधान सतपुरा* ग्राम पंचायत सतपुरा के ग्राम प्रधान (प्रशासक) प्रदीप कुमार मिश्रा ने बताया, "हमारा गांव पूरी तरह जलमग्न है। तीन दिन हो गए, शासन-प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर झांकने तक नहीं आया है। न नाव मिली, न राहत सामग्री। हमने कई बार अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।"ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल बाढ़ राहत शिविर, नाव, भोजन पैकेट, त्रिपाल, पीने के पानी और टूटी सड़कों की मरम्मत की मांग की है।
बाढ़ से हाहाकार:टोंस व लोनी नदी उफान पर, सतपुरा समेत आधा दर्जन गांव जलमग्न* *सड़कें टूटीं, दर्जनों घर धराशायी,प्रशासन बे-खबर,लोग बोले-नहीं आया कोई सुध लेने* राजदेव द्विवेदी जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद प्रयागराज* *प्रयागराज*। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा से सटे टोंस नदी के किनारे बसे ग्राम पंचायत सतपुरा में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। *तीन दिन से टापू बना गांव, 15 फीट पानी में डूबा संपर्क मार्ग* टोंस (टमस) और लूनी नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण चाकघाट-चंदपुर-पटिवार मार्ग नाले में 15 फीट से अधिक पानी भर गया है। इससे सतपुरा, पटिवार, लालापुरवा, पड़ीवर समेत आसपास के आधा दर्जन गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। पिछले तीन दिनों से आवागमन का मुख्य रास्ता जलमग्न है। लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं।संगम नगरी प्रयागराज में इस समय गंगा-यमुना के साथ-साथ टोंस नदी भी खतरे के निशान के करीब बह रही है। सिंचाई विभाग के अनुसार टोंस का जलस्तर 24 घंटे में डेढ़ मीटर से अधिक बढ़ा है, जिससे कछारी इलाकों में दहशत है। *दर्जनों घर जमींदोज, खुले आसमान के नीचे परिवार* भारी बारिश के कारण सतपुरा व आसपास के गांवों में दर्जनों कच्चे मकान भरभराकर गिर गए हैं। घरों में पानी घुसने से अनाज, कपड़े, बच्चों की किताबें-कापियां बह गई हैं। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे पॉलीथीन के सहारे रहने को विवश हैं। ग्रामीणों में खाने-पीने के सामान और दवाइयों की भारी किल्लत है। *पीडब्ल्यूडी सड़क धंसी, फिर भी जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोग* बाढ़ ने पीडब्ल्यूडी की गढ़ही-पटिवार रोड को पूरी तरह तोड़ दिया है। रोड का बड़ा हिस्सा धंस गया है और पानी के तेज बहाव के बावजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। *प्रशासन से नहीं मिली मदद - ग्राम प्रधान सतपुरा* ग्राम पंचायत सतपुरा के ग्राम प्रधान (प्रशासक) प्रदीप कुमार मिश्रा ने बताया, "हमारा गांव पूरी तरह जलमग्न है। तीन दिन हो गए, शासन-प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर झांकने तक नहीं आया है। न नाव मिली, न राहत सामग्री। हमने कई बार अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।"ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल बाढ़ राहत शिविर, नाव, भोजन पैकेट, त्रिपाल, पीने के पानी और टूटी सड़कों की मरम्मत की मांग की है।
- मांडा इलाके में करोड़ों की एमडी फैक्ट्री का भंडाफोड़, स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल मुंबई पुलिस ने प्रयागराज में खोली नशे के कारोबार की पोल! मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंची तो सामने आया पूरा नेटवर्क, क्या इलाकाई पुलिस को थी भनक?* प्रयागराज। मांडा थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग तैयार करने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा भंडाफोड़ किए जाने के बाद अब स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस इलाके में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। वहां की पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच के सिलसिले में प्रयागराज पहुंचकर मांडा क्षेत्र के कोसड़ा कला इलाके में कार्रवाई की और खेत में बने शेड से भारी मात्रा में एमडी ड्रग, केमिकल और ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण बरामद किए। कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों ने स्थानीय पुलिस की सक्रियता और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है। -------- मुंबई से टीम आई और खुल गया पूरा राज बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में एमडी ड्रग की बरामदगी के बाद शुरू हुई जांच की कड़ियां प्रयागराज तक पहुंचीं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और फिर प्रयागराज में दबिश देकर कथित ड्रग फैक्ट्री का खुलासा किया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि मांडा थाना पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र इतने बड़े नेटवर्क से पूरी तरह अनजान कैसे रहा? जिस स्थान पर बड़ी मात्रा में रसायन, लैब उपकरण और नशीला पदार्थ तैयार किया जा रहा था। वहां स्थानीय पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी? सूत्रों पर यदि हम यकीन करें तो यह भी चर्चा है कि जब मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कार्रवाई के लिए प्रयागराज पहुंची तो स्थानीय पुलिस से अपेक्षित सहयोग समय पर नहीं मिला। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह भी जांच का विषय होगा कि इतने बड़े ड्रग नेटवर्क की जानकारी स्थानीय पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची और बाहरी राज्य की पुलिस को आकर कार्रवाई क्यों करनी पड़ी? ------- *अब जांच स्थानीय पुलिस की भूमिका तक भी पहुंचे* प्रयागराज में नशीली फैक्ट्री का भंडाफोड़ और करोड़ों रुपये के ड्रग नेटवर्क के सामने आने के बाद अब जरूरत इस बात की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यह भी पता लगाया जाए कि फैक्ट्री कितने समय से संचालित थी। जमीन और शेड किसके माध्यम से लिया गया, आसपास के लोगों को इसकी जानकारी थी या नहीं और स्थानीय पुलिस के स्तर पर आखिर इतनी बड़ी गतिविधि कैसे छिपी रही। मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई ने नशे के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन इसके साथ ही प्रयागराज पुलिस की स्थानीय निगरानी और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का जवाब भी अब जरूरी हो गया है। फिलहाल यह जांच का विषय है। देखना है कि उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं। मांडा इलाके में करोड़ों की एमडी फैक्ट्री का भंडाफोड़, स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल मुंबई पुलिस ने प्रयागराज में खोली नशे के कारोबार की पोल! मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंची तो सामने आया पूरा नेटवर्क, क्या इलाकाई पुलिस को थी भनक?* प्रयागराज। मांडा थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग तैयार करने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा भंडाफोड़ किए जाने के बाद अब स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस इलाके में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। वहां की पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच के सिलसिले में प्रयागराज पहुंचकर मांडा क्षेत्र के कोसड़ा कला इलाके में कार्रवाई की और खेत में बने शेड से भारी मात्रा में एमडी ड्रग, केमिकल और ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण बरामद किए। कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों ने स्थानीय पुलिस की सक्रियता और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है। -------- मुंबई से टीम आई और खुल गया पूरा राज बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में एमडी ड्रग की बरामदगी के बाद शुरू हुई जांच की कड़ियां प्रयागराज तक पहुंचीं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और फिर प्रयागराज में दबिश देकर कथित ड्रग फैक्ट्री का खुलासा किया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि मांडा थाना पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र इतने बड़े नेटवर्क से पूरी तरह अनजान कैसे रहा? जिस स्थान पर बड़ी मात्रा में रसायन, लैब उपकरण और नशीला पदार्थ तैयार किया जा रहा था। वहां स्थानीय पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी? सूत्रों पर यदि हम यकीन करें तो यह भी चर्चा है कि जब मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कार्रवाई के लिए प्रयागराज पहुंची तो स्थानीय पुलिस से अपेक्षित सहयोग समय पर नहीं मिला। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह भी जांच का विषय होगा कि इतने बड़े ड्रग नेटवर्क की जानकारी स्थानीय पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची और बाहरी राज्य की पुलिस को आकर कार्रवाई क्यों करनी पड़ी? ------- *अब जांच स्थानीय पुलिस की भूमिका तक भी पहुंचे* प्रयागराज में नशीली फैक्ट्री का भंडाफोड़ और करोड़ों रुपये के ड्रग नेटवर्क के सामने आने के बाद अब जरूरत इस बात की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यह भी पता लगाया जाए कि फैक्ट्री कितने समय से संचालित थी। जमीन और शेड किसके माध्यम से लिया गया, आसपास के लोगों को इसकी जानकारी थी या नहीं और स्थानीय पुलिस के स्तर पर आखिर इतनी बड़ी गतिविधि कैसे छिपी रही। मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई ने नशे के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन इसके साथ ही प्रयागराज पुलिस की स्थानीय निगरानी और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का जवाब भी अब जरूरी हो गया है। फिलहाल यह जांच का विषय है। देखना है कि उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।1
- थाने के गेट पर शव रखकर ग्रामीणों का हंगामा, पुलिस और प्रधान पर लगाए गंभीर आरोप अझुवाकौशाम्बी सैनी थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर गांव में युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। शुक्रवार को ग्रामीणों ने युवक का शव थाने के गेट के सामने रखकर जमकर हंगामा किया। परिजनों और ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान तथा उसके रिश्तेदारों पर युवक को कथित तौर पर जहर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।परिजनों का आरोप है कि युवक की तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। मामले की शिकायत लेकर जब मृतक की महिला परिजन थाने पहुंची तो आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसे थाने से भगा दिया। इससे ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ भी भारी नाराजगी फैल गई।ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने मामले में उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया,जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीण शव लेकर सैनी थाने पहुंच गए और थाने के मुख्य गेट पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।थाने के सामने हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। फिलहाल मामले में युवक की मौत की वास्तविक वजह क्या है,यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है शुरू ऐप इसकी पुष्टि नहीं करता है।1
- प्रयागराज के मांडा मे MD ड्रग बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच ने छापा मारकर किया खुलासा,53 किलो MD ड्रग बरामद मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई मे 21 आरोपियों का नेटवर्क सामने आया; कुल 69.759 किलो MD और करीब 139 करोड़ का माल बरामद प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मादक पदार्थ MD (मेथामफेटामाइन) बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच ने भंडाफोड़ किया है। मीराभाईंदर-वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला,मेजा इलाके में छापेमारी कर करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद की। फैक्ट्री में MD तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले बड़ी मात्रा में रसायन और लैब उपकरण भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई नालासोपारा में MD के साथ पकड़े गए दो आरोपियों से शुरू हुई जांच के बाद सामने आए एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। अब तक इस मामले में 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार आरोपी MD तैयार करने, रसायन और लैब उपकरण उपलब्ध कराने, तस्करी, बिक्री, पैडलिंग और आर्थिक लेन-देन में अलग-अलग भूमिका निभा रहे थे। *नालासोपारा में 112 ग्राम MD के साथ हुई थी पहली गिरफ्तारी* मामले की शुरुआत 24 जून 2026 की रात करीब 8:40 बजे हुई। नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर, मनवेलपाड़ा रोड स्थित प्रिया वॉशिंग सेंटर के पास बाबा पार्किंग परिसर से पुलिस ने अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अय्यर (22) और रविकांत ओमप्रकाश राम (23) को करीब 112 ग्राम MD के साथ गिरफ्तार किया था। बरामद MD की अनुमानित कीमत करीब 3.36 लाख रुपये बताई गई थी। *इसके बाद तुलिंज पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।* *जांच बढ़ी तो सामने आया 21 आरोपियों का नेटवर्क* जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि MD के इस कारोबार से जुड़े लोगों का नेटवर्क महाराष्ट्र के नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल और जलगांव के अलावा गुजरात और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है। जांच के दौरान आरोपी नंबर 3 से 9 का संबंध आरोपी नंबर 13 जुम्मा तालाब ठाकर से सामने आया। पुलिस के मुताबिक, अबडासा, जिला कच्छ, गुजरात स्थित उसकी कृषि भूमि पर MD बनाने की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जुम्मा तालाब ठाकर को गिरफ्तार किया और फैक्ट्री का पता लगाया। *लैब का सामान और रसायन छिपाने की कोशिश* जांच में आरोपी नंबर 14 आयर्न सय्यद की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार उसने MD बनाने के लिए आवश्यक लैब उपकरण और रसायन रायगढ़ जिले के नेरुल इलाके में छिपाकर रखे थे। पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद उसने सामान को वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। वहीं आरोपी नंबर 12 जाहिद शेख उर्फ जावेद भाई ने मामले से संबंधित कुछ सामान को विरार-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) एक्सप्रेस हाईवे के पास कल्याण इलाके में फेंककर नष्ट करने की कोशिश की थी। जांच के दौरान पुलिस ने वह सामान भी बरामद कर लिया। *कुर्ला से 11.804 किलो MD और 18.70 लाख रुपये बरामद* जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी नंबर 15 हसीब सिद्दीकी उर्फ इजाज मर्चेंट को कुर्ला, मुंबई से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से करीब 11 किलो 804 ग्राम MD और 18.70 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नंबर 18 मोईनुद्दीन शब्बीर शेख उर्फ मोईन की मदद से जलगांव में MD की बिक्री की जाती थी। इसके बाद आरोपी नंबर 16 रहीम ताहेर पिंजारी और आरोपी नंबर 17 सय्यद मुशाहिद अली को जलगांव से गिरफ्तार किया गया। दोनों के कब्जे से करीब 4 किलो 911 ग्राम MD बरामद हुई। *तकनीकी जांच से प्रयागराज की फैक्ट्री तक पहुंची पुलिस* जांच और तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस को आरोपी नंबर 20 रजनीश मिश्रा और आरोपी नंबर 21 शिवधन मिश्रा के जरिए प्रयागराज में MD तैयार किए जाने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पूछताछ में बताया कि मंडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला, तहसील मेजा में खेत की जमीन किराए पर लेकर टिन/पत्रे का शेड बनाया गया था। इसी शेड के अंदर MD बनाने की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। जानकारी मिलने के बाद महाराष्ट्र पुलिस की अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने प्रयागराज पहुंचकर फैक्ट्री में छापेमारी की। *फैक्ट्री के अंदर मिला 52.932 किलो MD का जखीरा* छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद की। इसके साथ ही MD तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न रसायन और लैब उपकरण भी मिले। बरामद सामान में MMA (Mono methylamine), Acetone, Hydrochloric Acid, Chloroform, करीब 260 लीटर रसायन, 250 और 150 लीटर क्षमता के फ्लास्क, हीटिंग मेंटल, ड्रॉपिंग फनल और थर्मामीटर समेत अन्य उपकरण शामिल हैं। *अब तक 69.759 किलो MD बरामद* पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले में अब तक कुल 69 किलो 759 ग्राम MD बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा नकदी, करीब 260 लीटर रसायन और MD बनाने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 139 करोड़ रुपये बताई है। *महाराष्ट्र से यूपी तक फैला था नेटवर्क* पुलिस जांच के अनुसार इस मामले में MD बनाने वालों के साथ-साथ रसायन और लैब उपकरण उपलब्ध कराने वाले, मादक पदार्थ की तस्करी और बिक्री करने वाले, पैडलर तथा आर्थिक लेन-देन में शामिल लोग भी पकड़े गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े 21 आरोपियों को नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल, जलगांव, गुजरात और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के संगठित अपराध और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है। *वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई* यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शित्रे, अपर पुलिस आयुक्त संदीप डोईफोडे, पुलिस उपायुक्त गोंडूराम बांगर और सहायक पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने की। कक्ष-4 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रमोद बडाख, सपोनि प्रवीण भोसले समेत अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साइबर सेल की टीम ने भी जांच में सहयोग किया। पुलिस के अनुसार मामले की गहन जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं तथा संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रयागराज के मांडा मे MD ड्रग बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच ने छापा मारकर किया खुलासा,53 किलो MD ड्रग बरामद मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई मे 21 आरोपियों का नेटवर्क सामने आया; कुल 69.759 किलो MD और करीब 139 करोड़ का माल बरामद प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मादक पदार्थ MD (मेथामफेटामाइन) बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच ने भंडाफोड़ किया है। मीराभाईंदर-वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला,मेजा इलाके में छापेमारी कर करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद की। फैक्ट्री में MD तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले बड़ी मात्रा में रसायन और लैब उपकरण भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई नालासोपारा में MD के साथ पकड़े गए दो आरोपियों से शुरू हुई जांच के बाद सामने आए एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। अब तक इस मामले में 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार आरोपी MD तैयार करने, रसायन और लैब उपकरण उपलब्ध कराने, तस्करी, बिक्री, पैडलिंग और आर्थिक लेन-देन में अलग-अलग भूमिका निभा रहे थे। *नालासोपारा में 112 ग्राम MD के साथ हुई थी पहली गिरफ्तारी* मामले की शुरुआत 24 जून 2026 की रात करीब 8:40 बजे हुई। नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर, मनवेलपाड़ा रोड स्थित प्रिया वॉशिंग सेंटर के पास बाबा पार्किंग परिसर से पुलिस ने अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अय्यर (22) और रविकांत ओमप्रकाश राम (23) को करीब 112 ग्राम MD के साथ गिरफ्तार किया था। बरामद MD की अनुमानित कीमत करीब 3.36 लाख रुपये बताई गई थी। *इसके बाद तुलिंज पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।* *जांच बढ़ी तो सामने आया 21 आरोपियों का नेटवर्क* जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि MD के इस कारोबार से जुड़े लोगों का नेटवर्क महाराष्ट्र के नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल और जलगांव के अलावा गुजरात और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है। जांच के दौरान आरोपी नंबर 3 से 9 का संबंध आरोपी नंबर 13 जुम्मा तालाब ठाकर से सामने आया। पुलिस के मुताबिक, अबडासा, जिला कच्छ, गुजरात स्थित उसकी कृषि भूमि पर MD बनाने की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जुम्मा तालाब ठाकर को गिरफ्तार किया और फैक्ट्री का पता लगाया। *लैब का सामान और रसायन छिपाने की कोशिश* जांच में आरोपी नंबर 14 आयर्न सय्यद की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार उसने MD बनाने के लिए आवश्यक लैब उपकरण और रसायन रायगढ़ जिले के नेरुल इलाके में छिपाकर रखे थे। पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद उसने सामान को वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। वहीं आरोपी नंबर 12 जाहिद शेख उर्फ जावेद भाई ने मामले से संबंधित कुछ सामान को विरार-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) एक्सप्रेस हाईवे के पास कल्याण इलाके में फेंककर नष्ट करने की कोशिश की थी। जांच के दौरान पुलिस ने वह सामान भी बरामद कर लिया। *कुर्ला से 11.804 किलो MD और 18.70 लाख रुपये बरामद* जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी नंबर 15 हसीब सिद्दीकी उर्फ इजाज मर्चेंट को कुर्ला, मुंबई से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से करीब 11 किलो 804 ग्राम MD और 18.70 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नंबर 18 मोईनुद्दीन शब्बीर शेख उर्फ मोईन की मदद से जलगांव में MD की बिक्री की जाती थी। इसके बाद आरोपी नंबर 16 रहीम ताहेर पिंजारी और आरोपी नंबर 17 सय्यद मुशाहिद अली को जलगांव से गिरफ्तार किया गया। दोनों के कब्जे से करीब 4 किलो 911 ग्राम MD बरामद हुई। *तकनीकी जांच से प्रयागराज की फैक्ट्री तक पहुंची पुलिस* जांच और तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस को आरोपी नंबर 20 रजनीश मिश्रा और आरोपी नंबर 21 शिवधन मिश्रा के जरिए प्रयागराज में MD तैयार किए जाने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पूछताछ में बताया कि मंडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला, तहसील मेजा में खेत की जमीन किराए पर लेकर टिन/पत्रे का शेड बनाया गया था। इसी शेड के अंदर MD बनाने की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। जानकारी मिलने के बाद महाराष्ट्र पुलिस की अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने प्रयागराज पहुंचकर फैक्ट्री में छापेमारी की। *फैक्ट्री के अंदर मिला 52.932 किलो MD का जखीरा* छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद की। इसके साथ ही MD तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न रसायन और लैब उपकरण भी मिले। बरामद सामान में MMA (Mono methylamine), Acetone, Hydrochloric Acid, Chloroform, करीब 260 लीटर रसायन, 250 और 150 लीटर क्षमता के फ्लास्क, हीटिंग मेंटल, ड्रॉपिंग फनल और थर्मामीटर समेत अन्य उपकरण शामिल हैं। *अब तक 69.759 किलो MD बरामद* पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले में अब तक कुल 69 किलो 759 ग्राम MD बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा नकदी, करीब 260 लीटर रसायन और MD बनाने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 139 करोड़ रुपये बताई है। *महाराष्ट्र से यूपी तक फैला था नेटवर्क* पुलिस जांच के अनुसार इस मामले में MD बनाने वालों के साथ-साथ रसायन और लैब उपकरण उपलब्ध कराने वाले, मादक पदार्थ की तस्करी और बिक्री करने वाले, पैडलर तथा आर्थिक लेन-देन में शामिल लोग भी पकड़े गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े 21 आरोपियों को नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल, जलगांव, गुजरात और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के संगठित अपराध और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है। *वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई* यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शित्रे, अपर पुलिस आयुक्त संदीप डोईफोडे, पुलिस उपायुक्त गोंडूराम बांगर और सहायक पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने की। कक्ष-4 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रमोद बडाख, सपोनि प्रवीण भोसले समेत अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साइबर सेल की टीम ने भी जांच में सहयोग किया। पुलिस के अनुसार मामले की गहन जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं तथा संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है।1
- कोई सीट का फार्मूला नहीं, जीत का फार्मूला है हमारा।"* 2027 में समाजवादी सरकार बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य जो बीजेपी को हरा पायेगा, उसी पर अंतिम फैसला लेंगे - माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी1
- शंकरगढ़ टिकरौही कला बसहरा उपरहार की रंजना कुशवाहा का घर गिरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को बेबस मदद की लगा रही गुहार प्रयागराज विकास खंड शंकरगढ़ के अंतर्गत ग्राम सभा टिकरौही कला, मजरा बसहरा उपहार लगातार हो रही बारिश एक गरीब परिवार के लिए आफत बन गई। बारिश के कारण एक गरीब का आशियाना पूरी तरह से जमींदोज हो गया और परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया।पीड़िता का नाम रंजना कुशवाहा पत्नी जीवनलाल कुशवाहा, निवासी टिकरौही कला बसहरा उपहार, शंकरगढ़ है रंजना ने बताया कि वह बेहद गरीब परिवार से है और उसका कच्चा मकान ही उसकी आखिरी पूंजी थी कई दिनों से लगातार बारिश के कारण आज सुबह अचानक उसका पूरा घर भरभराकर गिर गया।गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के लोग घर के बाहर थे, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन घर में रखा सारा अनाज, कपड़े, बर्तन और गृहस्थी का सारा सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गया।प्रशासन से लगाई गुहार पीड़ित परिवार ने तहसीलदार बारा, BDO शंकरगढ़ और ग्राम प्रधान से मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत तत्काल आवास दिया जाए।आपदा राहत कोष से आर्थिक मदद दी जाए ताकि परिवार फिर से अपना आशियाना बना सके।बारिश में गरीब का घर गिरने से गांव में सहानुभूति का माहौल है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से गरीब परिवार की मदद की मांग की है।1
- आर्यन लाइव बेकरी' ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ खेल रही है? SMC और FSSAI में गंभीर शिकायत 'आर्यन लाइव बेकरी' ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ खेल रही है? SMC और FSSAI में गंभीर शिकायत सूरत क्या आप डिंडोली क्षेत्र से गरमा-गरम बेकरी प्रोडक्ट्स खरीदकर खाते हैं? तो यह खबर आपके परिवार के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है! डिंडोली साई पॉइंट ब्रिज के बिल्कुल बगल में चल रही 'आर्यन लाइव बेकरी' को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस बेकरी के पास जरूरी कानूनी मान्यताएं नहीं हैं और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है, ऐसे गंभीर आरोपों के साथ सूरत महानगर पालिका (SMC) के लिंबायत जोन और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Chief Food Safety Officer) को एक तीखा पत्र भेजा गया है। क्या है इस बेकरी का 'काला सच'? लाइसेंस के बिना अवैध रूप से संचालन! फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट (FSSAI) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन होने की आशंका है। दुकान पर न तो FSSAI का रजिस्ट्रेशन नंबर है, और न ही ग्राहकों को दिखाई देने वाला 'फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड'। SMC का एक्टिव हेल्थ या ट्रेड लाइसेंस है या नहीं, इस पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। जहरीले केमिकल वाले रंग और बासी तेल का खेल! बेकरी प्रोडक्ट्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला मैदा, बटर और केमिकल युक्त कृत्रिम रंग (Artificial Colors) निर्धारित सीमा से अधिक होने की प्रबल आशंका है। सबसे गंभीर बात यह है कि काला पड़ चुका दूषित तेल (Blackened Cooking Oil) और बासी खाना गटर लाइन या सार्वजनिक रास्ते पर फेंककर आसपास के क्षेत्र में महामारी फैलने का जोखिम पैदा किया जा रहा है। कारीगरों के मेडिकल फिटनेस पर सवाल: खाद्य सामग्री तैयार करने वाले कारीगरों के पास कोई संक्रामक रोग न होने का 'Medical Fitness Certificate' है या नहीं, इस संबंध में भी जांच की मांग की गई है। ब्रिज के पास बड़ा खतरा - क्या फायर NOC है? साई पॉइंट ब्रिज जैसे संवेदनशील और ट्रैफिक वाले क्षेत्र में स्थित इस यूनिट के पास उचित Fire NOC या कमर्शियल गैस सिलेंडरों के नियमानुसार इस्तेमाल की अनुमति है या नहीं, यह जांचना अत्यंत आवश्यक हो गया है। 'पैकेजिंग गायब' – ग्राहक अधिकारों का खुला उल्लंघन बेकरी में बेची जाने वाली पैक्ड या नॉन-पैक्ड आइटमों पर न तो मैन्युफैक्चरिंग डेट (Mfg Date) होती है, और न ही 'Best Before' डेट। ग्राहक शाकाहारी है या मांसाहारी, यह पहचानने के लिए वेज/नॉन-वेज के हरे या लाल चिह्न भी गायब रहते हैं, ऐसा शिकायत में बताया गया है। जांच समिति और तत्काल सील करने की मांग: शिकायतकर्ता ने SMC और फूड डिपार्टमेंट के सामने स्पष्ट मांगें रखी हैं: तत्काल 'सरप्राइज रेड' (Surprise Raid) डालकर मौके का मुआयना किया जाए। यदि अनधिकृत रूप से चलाई जा रही है, तो बेकरी को तुरंत सील (Sealed/Closed) किया जाए। बेकरी के रॉ-मटेरियल और तैयार खाने के सैंपल प्रयोगशाला में भेजकर रिपोर्ट मंगाई जाए।4
- प्रयागराज व्यूरो रिपोर्ट प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में बाइक सवार हादसा हो गया1
- *प्रयागराज के धूमनगंज थाना अंतर्गत हरवारा के एक अपार्टमेंट मे हुयी अलोक गुप्ता नामक यूवक की हत्या के बाद तीनो हत्यारोपी लाश को बोरे मे भर कर ले जाते हुए सीसीटीवी मे हुए कैद।* वीडियो हुआ वायरल *प्रयागराज के धूमनगंज थाना अंतर्गत हरवारा के एक अपार्टमेंट मे हुयी अलोक गुप्ता नामक यूवक की हत्या के बाद तीनो हत्यारोपी लाश को बोरे मे भर कर ले जाते हुए सीसीटीवी मे हुए कैद।* वीडियो हुआ वायरल1