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कोई सीट का फार्मूला नहीं, जीत का फार्मूला है हमारा।"* 2027 में समाजवादी सरकार बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य जो बीजेपी को हरा पायेगा, उसी पर अंतिम फैसला लेंगे - माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
कोई सीट का फार्मूला नहीं, जीत का फार्मूला है हमारा।"* 2027 में समाजवादी सरकार बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य जो बीजेपी को हरा पायेगा, उसी पर अंतिम फैसला लेंगे - माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
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- लगातार बढ़ रहा जलस्तर, तटीय गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा; मेजारोड, प्रयागराज। टोंस नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से मेजा क्षेत्र के तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। ग्राम पंचायत बरसैता में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। मेजारोड से कोहड़ार जाने वाले मुख्य मार्ग पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो गया है। नदी का पानी बढ़ने के साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी चिंता बढ़ गई है। बाढ़ के बढ़ते खतरे के बीच समाजवादी युवजन सभा के जिला अध्यक्ष नितेश तिवारी ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों का हाल जाना। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर जलभराव और मौजूदा स्थिति की जानकारी ली तथा लोगों से सतर्क रहने की अपील की। नितेश तिवारी ने कहा कि टोंस नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में तटीय इलाकों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पानी भरने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके बावजूद कुछ लोग बाढ़ के पानी में अटखेलियां करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “बाढ़ आपदा है, अवसर नहीं। पानी में अटखेलियां करना किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।” उन्होंने ग्रामीणों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की। खासकर बच्चों को बाढ़ के पानी के पास नहीं जाने देने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने को कहा। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने से खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीण अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और बाढ़ के पानी में उतरने या उसके बीच से गुजरने से बचें। प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। नितेश तिवारी ने कहा कि इस समय थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। सावधानी ही सुरक्षा है। सभी लोग स्वयं सुरक्षित रहें और अपने परिवार को भी सुरक्षित रखें। लगातार बढ़ रहा जलस्तर, तटीय गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा; मेजारोड, प्रयागराज। टोंस नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से मेजा क्षेत्र के तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। ग्राम पंचायत बरसैता में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। मेजारोड से कोहड़ार जाने वाले मुख्य मार्ग पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो गया है। नदी का पानी बढ़ने के साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी चिंता बढ़ गई है। बाढ़ के बढ़ते खतरे के बीच समाजवादी युवजन सभा के जिला अध्यक्ष नितेश तिवारी ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों का हाल जाना। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर जलभराव और मौजूदा स्थिति की जानकारी ली तथा लोगों से सतर्क रहने की अपील की। नितेश तिवारी ने कहा कि टोंस नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में तटीय इलाकों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पानी भरने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके बावजूद कुछ लोग बाढ़ के पानी में अटखेलियां करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “बाढ़ आपदा है, अवसर नहीं। पानी में अटखेलियां करना किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।” उन्होंने ग्रामीणों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की। खासकर बच्चों को बाढ़ के पानी के पास नहीं जाने देने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने को कहा। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने से खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीण अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और बाढ़ के पानी में उतरने या उसके बीच से गुजरने से बचें। प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। नितेश तिवारी ने कहा कि इस समय थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। सावधानी ही सुरक्षा है। सभी लोग स्वयं सुरक्षित रहें और अपने परिवार को भी सुरक्षित रखें।2
- बाढ़ से हाहाकार:टोंस व लोनी नदी उफान पर, सतपुरा समेत आधा दर्जन गांव जलमग्न* *सड़कें टूटीं, दर्जनों घर धराशायी,प्रशासन बे-खबर,लोग बोले-नहीं आया कोई सुध लेने* राजदेव द्विवेदी जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद प्रयागराज* *प्रयागराज*। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा से सटे टोंस नदी के किनारे बसे ग्राम पंचायत सतपुरा में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। *तीन दिन से टापू बना गांव, 15 फीट पानी में डूबा संपर्क मार्ग* टोंस (टमस) और लूनी नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण चाकघाट-चंदपुर-पटिवार मार्ग नाले में 15 फीट से अधिक पानी भर गया है। इससे सतपुरा, पटिवार, लालापुरवा, पड़ीवर समेत आसपास के आधा दर्जन गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। पिछले तीन दिनों से आवागमन का मुख्य रास्ता जलमग्न है। लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं।संगम नगरी प्रयागराज में इस समय गंगा-यमुना के साथ-साथ टोंस नदी भी खतरे के निशान के करीब बह रही है। सिंचाई विभाग के अनुसार टोंस का जलस्तर 24 घंटे में डेढ़ मीटर से अधिक बढ़ा है, जिससे कछारी इलाकों में दहशत है। *दर्जनों घर जमींदोज, खुले आसमान के नीचे परिवार* भारी बारिश के कारण सतपुरा व आसपास के गांवों में दर्जनों कच्चे मकान भरभराकर गिर गए हैं। घरों में पानी घुसने से अनाज, कपड़े, बच्चों की किताबें-कापियां बह गई हैं। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे पॉलीथीन के सहारे रहने को विवश हैं। ग्रामीणों में खाने-पीने के सामान और दवाइयों की भारी किल्लत है। *पीडब्ल्यूडी सड़क धंसी, फिर भी जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोग* बाढ़ ने पीडब्ल्यूडी की गढ़ही-पटिवार रोड को पूरी तरह तोड़ दिया है। रोड का बड़ा हिस्सा धंस गया है और पानी के तेज बहाव के बावजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। *प्रशासन से नहीं मिली मदद - ग्राम प्रधान सतपुरा* ग्राम पंचायत सतपुरा के ग्राम प्रधान (प्रशासक) प्रदीप कुमार मिश्रा ने बताया, "हमारा गांव पूरी तरह जलमग्न है। तीन दिन हो गए, शासन-प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर झांकने तक नहीं आया है। न नाव मिली, न राहत सामग्री। हमने कई बार अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।"ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल बाढ़ राहत शिविर, नाव, भोजन पैकेट, त्रिपाल, पीने के पानी और टूटी सड़कों की मरम्मत की मांग की है।1
- विकास के दावे बारा के घूरी गांव का विकास देखिए पूरी बस्ती जलमग्न लोग परेशान मदद शून्य प्रयागराज बारा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये वीडियो किसी नेपाल बाढ़ का नहीं, बल्कि अपने प्रयागराज के बारा विधानसभा क्षेत्र के घूरी गांव का है। जहां विकास के सारे दावे पानी में बहते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पूरे गांव की गली नाले में तब्दील हो चुकी है। घुटने भर पानी भरा है। स्कूल के बच्चे दीवार पकड़-पकड़ कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। बड़े-बुजुर्ग, महिलाएं इसी गंदे पानी से होकर गुजर रही हैं। एक नाला भी ओवरफ्लो होकर बह रहा है।ग्रामीणों का फूटा गुस्सा ग्रामीणों ने बताया कि वीडियो ये कोई नेपाल का सीन नहीं है ये अपना प्रयागराज, बारा विधानसभा क्षेत्र के घूरी गांव का विकास है ग्रामीणों का आरोप है कि नाली-नाला नहीं बना ग्राम प्रधान और ब्लॉक ने आज तक गांव में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की।सड़क तालाब बनी थोड़ी सी बारिश में ही मुख्य सड़क पर 2 फीट पानी भर जाता है। विधायक जी मौन: बारा विधानसभा क्षेत्र में विकास के नाम पर सिर्फ कागजों पर काम हुआ है, जमीन पर हकीकत घूरी गांव जैसी है।बीमारी का खतरा:गंदे पानी से घिरे होने के कारण गांव में संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है।मांग घूरी गांव के लोगों ने DM प्रयागराज SDM बारा और BDO जसरा/से मांग की है कि तत्काल गांव का दौरा कर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए और विकास कार्यों की जांच कराई जाए।1
- Post by Raju Yadav1
- प्रयागराज: करछना के करेहा गांव में गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण, प्रधान की लापरवाही पर उठे सवाल प्रयागराज। करछना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा करेहा में पानी की टंकी की पाइप फट जाने से ग्रामीणों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइप क्षतिग्रस्त होने के कारण घरों में गंदा और दूषित पानी पहुंच रहा है, जिसे पीने के लिए लोग मजबूर हैं।1
- आदवा बांध के गेट नंबर छः में आई खराबी मरम्मत का कार्य शुरू नदी में छोड़ा गया 22हजार क्यूसेक पानी हलिया मीरजापुर स्थानीय विकास खंड स्थित अदवा बांध के गेट नंबर छह की बैरिंग खराब होने की वज़ह से गेट खोलने बंद करने में आ रही समस्या को देखते हुए गुरुवार को सिंचाई विभाग वाराणसी द्वारा आई मैकेनिकल इंजीनियरिंग टीम द्वारा गेट नंबर छह को खोलकर युद्धस्तर पर मरम्मत का कार्य किया कराया जा रहा है। मरम्मत के दौरान बांध से अदवा नदी का डैमेज गेट नंबर छः को खोलकर करीब 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। अदवा नदी का पानी अब अदवा पुल के समीप तक पहुंच गया है। गेट में तकनीकी खराबी की जानकारी मिलते ही सिंचाई विभाग ने मैकेनिकल टीम को मौके पर बुलाया गया टीम गेट की बियरिंग की मरम्मत में जुट गई ताकि उसे जल्द से जल्द सुचारू रूप से खोलने और बंद करने की स्थिति में लाया जा सके। अदवा बांध की स्थिति को देखते हुए थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव ने बांध पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी है। साथ ही अदवा नदी के सीमावर्ती गांवों में लोगों को सतर्क करते हुए नदी के आसपास नहीं जाने और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। मुख्य अभियंता रामा शंकर राजपूत, एडीओ अनिल कुमार गुप्ता,अवर अभियंता सिद्धार्थ यादव ने बताया कि गेट नंबर छह की बियरिंग खराब होने के कारण मैकेनिकल टीम को बुलाकर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। मरम्मत के दौरान गेट खोलकर अदवा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। टीम लगातार कार्य में जुटी है, जिससे गेट को जल्द ही सामान्य स्थिति में लाया जा सके।3
- बाढ़ का पानी निषाद बस्ती में घुसा, 20 घर प्रभावित,टोंस नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों से संपर्क टूटा, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए ग्रामीण मेजा, प्रयागराज। टोंस नदी का जलस्तर बढ़ने से मेजा तहसील क्षेत्र के कोना गांव की निषाद बस्ती में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे बस्ती के करीब 20 घर प्रभावित हुए हैं। तटीय इलाकों में पानी भरने के कारण कई स्थानों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ का पानी घरों में घुसने के बाद ग्रामीण जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। स्थानीय स्तर पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया गया। टोंस नदी का जलस्तर बढ़ने से बस्ती में बाढ़ का खतरा बढ़ गया था। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। एसडीएम मेजा अजीत प्रताप सिंह और नायब तहसीलदार क्षेत्र में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों द्वारा प्रभावित इलाकों की जानकारी लेने के साथ ही ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि अब टोंस नदी का जलस्तर घटने लगा है। इससे ग्रामीणों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है। नदी का पानी घटने से बाढ़ की स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है। फिलहाल प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में निगरानी जारी रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- Post by Raju Yadav1
- मैनपुरी से मूंछों पर ताव देकर अखिलेश को वीडियो भेजने की चुनौती देने वाले सीओ का वीडियो वायरल...... उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में तैनात सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कैमरे के सामने मूंछों पर ताव देते हुए विपक्षी नेताओं को चुनौती देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वे प्रदर्शनकारियों से बातचीत करते हुए कथित तौर पर कहते नजर आ रहे हैं, बना लो, वायरल कर देना, अखिलेश यादव को दे देना, इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। यह घटना मैनपुरी के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर की है। दरअसल, थाना एलाऊ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में समाज विरोधी तत्वों द्वारा एक ट्रक परिचालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के बाद मृतक के परिजनों और समाजवादी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई की मांग को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा शुरू कर दिया था। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थिति को संभालने के लिए सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे थे। परिजनों को समझाने-बुझाने के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस का मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया और कथित तौर पर कार्रवाई न होने की शिकायत सपा प्रमुख अखिलेश यादव से करने की बात कही। इसी बात पर पुलिस अधिकारी अपना आपा खो बैठे और उन्होंने अपनी वर्दी पर लगी नेमप्लेट की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वे आजमगढ़ के रहने वाले हैं और वे किसी से नहीं डरते, वे यह वीडियो सीधे अखिलेश यादव को भेज दें। वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 'X' पर इस वीडियो को साझा कर सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने लिखा "सिर पर 'सत्ता-सजातीय' हाथ है, इसीलिए इनकी मूंछों पर ताव है, ऐसे लोगों से क्या होना इंसाफ़ है, पर अब ये कुछ दिनों की बात है.. क्योंकि दस्तक दे रहा बदलाव है, हम निलंबन की माँग नहीं करेंगे, सीओ ने दी अपनी सफाई मामले के तूल पकड़ने के बाद सीओ अशोक कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके बयान को संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस पूरे मामले में त्वरित और पूरी तरह निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मौके पर मौजूद कुछ राजनीतिक तत्वों ने जानबूझकर उन्हें जाति विशेष का अधिकारी बताकर उकसाने की कोशिश की, जिसके जवाब में उन्होंने यह बात कही थी।फिलहाल इस वीडियो को लेकर इंटरनेट और राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छिड़ी हुई है और पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा भी मामले पर नजर रखी जा रही है।1