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प्रयागराज: करछना के करेहा गांव में गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण, प्रधान की लापरवाही पर उठे सवाल प्रयागराज। करछना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा करेहा में पानी की टंकी की पाइप फट जाने से ग्रामीणों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइप क्षतिग्रस्त होने के कारण घरों में गंदा और दूषित पानी पहुंच रहा है, जिसे पीने के लिए लोग मजबूर हैं।
Belal Mansoori
प्रयागराज: करछना के करेहा गांव में गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण, प्रधान की लापरवाही पर उठे सवाल प्रयागराज। करछना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा करेहा में पानी की टंकी की पाइप फट जाने से ग्रामीणों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइप क्षतिग्रस्त होने के कारण घरों में गंदा और दूषित पानी पहुंच रहा है, जिसे पीने के लिए लोग मजबूर हैं।
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- प्रयागराज: करछना के करेहा गांव में गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण, प्रधान की लापरवाही पर उठे सवाल प्रयागराज। करछना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा करेहा में पानी की टंकी की पाइप फट जाने से ग्रामीणों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइप क्षतिग्रस्त होने के कारण घरों में गंदा और दूषित पानी पहुंच रहा है, जिसे पीने के लिए लोग मजबूर हैं।1
- मैनपुरी से मूंछों पर ताव देकर अखिलेश को वीडियो भेजने की चुनौती देने वाले सीओ का वीडियो वायरल...... उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में तैनात सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कैमरे के सामने मूंछों पर ताव देते हुए विपक्षी नेताओं को चुनौती देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वे प्रदर्शनकारियों से बातचीत करते हुए कथित तौर पर कहते नजर आ रहे हैं, बना लो, वायरल कर देना, अखिलेश यादव को दे देना, इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। यह घटना मैनपुरी के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर की है। दरअसल, थाना एलाऊ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में समाज विरोधी तत्वों द्वारा एक ट्रक परिचालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के बाद मृतक के परिजनों और समाजवादी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई की मांग को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा शुरू कर दिया था। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थिति को संभालने के लिए सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे थे। परिजनों को समझाने-बुझाने के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस का मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया और कथित तौर पर कार्रवाई न होने की शिकायत सपा प्रमुख अखिलेश यादव से करने की बात कही। इसी बात पर पुलिस अधिकारी अपना आपा खो बैठे और उन्होंने अपनी वर्दी पर लगी नेमप्लेट की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वे आजमगढ़ के रहने वाले हैं और वे किसी से नहीं डरते, वे यह वीडियो सीधे अखिलेश यादव को भेज दें। वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 'X' पर इस वीडियो को साझा कर सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने लिखा "सिर पर 'सत्ता-सजातीय' हाथ है, इसीलिए इनकी मूंछों पर ताव है, ऐसे लोगों से क्या होना इंसाफ़ है, पर अब ये कुछ दिनों की बात है.. क्योंकि दस्तक दे रहा बदलाव है, हम निलंबन की माँग नहीं करेंगे, सीओ ने दी अपनी सफाई मामले के तूल पकड़ने के बाद सीओ अशोक कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके बयान को संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस पूरे मामले में त्वरित और पूरी तरह निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मौके पर मौजूद कुछ राजनीतिक तत्वों ने जानबूझकर उन्हें जाति विशेष का अधिकारी बताकर उकसाने की कोशिश की, जिसके जवाब में उन्होंने यह बात कही थी।फिलहाल इस वीडियो को लेकर इंटरनेट और राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छिड़ी हुई है और पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा भी मामले पर नजर रखी जा रही है।1
- 🚨 कौशाम्बी: थाने के गेट पर शव रखकर परिजनों का भारी हंगामा 🚨 कौशाम्बी जिले के सैनी थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर गांव में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने युवक का शव सैनी थाने के मुख्य गेट के सामने रखकर जोरदार हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने ग्राम प्रधान और उसके रिश्तेदारों पर युवक को कथित तौर पर जहर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले में पुलिस पर भी संवेदनहीनता के आरोप लगे हैं। मृतक की एक महिला परिजन का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर थाने गई, तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसे वहां से भगा दिया। वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि थाने के बाहर जमीन पर शव रखा हुआ है और रोते-बिलखते परिजन पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। 📍 Location: Trilokpur Village, Saini Police Station, Kaushambi 💥 Incident: Protest with dead body at police station gate over alleged murder by poisoning 🕊️ Deaths: 1 🏥 Injured: 0 🚔 Police/Action: Officials pacifying the crowd; post-mortem report awaited for further legal action ⚠️ Note: The casualty figures may change as authorities release further updates. Follow TB News World for verified updates. #kaushambi #saini #kaushambipolice #upnews #uttarpradesh #murderallegation #policeinaction #protest #villagenews #newsupdate #breakingnews #tbnewsworld #localnews #crimeupdate #uppolice1
- बाढ़ प्रभावित लोनीपार व सिंहपुर में विधायक ने बांटी राहत किट प्रयागराज। बारा विधानसभा क्षेत्र के विकासखंड शंकरगढ़ अंतर्गत बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायत लोनीपार और सिंहपुर में शुक्रवार को विधायक डॉ. वाचस्पति ने पहुंचकर पीड़ित परिवारों का हालचाल जाना और उन्हें राहत किट वितरित की। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। विधायक ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री, पेयजल, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रत्येक पात्र परिवार तक समय से पहुंचाई जाएं। साथ ही चेतावनी दी कि राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राहत वितरण के दौरान उपजिलाधिकारी बारा शिखा शंखवार, तहसीलदार अनिल पाठक, नायब तहसीलदार विजय कुमार, भाजपा मंडल अध्यक्ष अखिलेश पटेल व आशीष पाल, जिला मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार चतुर्वेदी, विधायक प्रतिनिधि विजय कुमार निषाद ‘श्यामू’ व मुकेश द्विवेदी, मीडिया प्रभारी नीरज केसरवानी, अपना दल (एस) नेता गुड्डू पटेल, ई. प्रकाश सिंह, लेखपाल, कानूनगो तथा अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। राहत किट मिलने पर बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने विधायक और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- बाढ़ प्रभावित लोनीपार और सिंहपुर में विधायक ने बांटी राहत किट लोगो में जताया आभार प्रयागराज विधानसभा बारा क्षेत्र के विकास खंड शंकरगढ़ अंतर्गत बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायत लोनीपार एवं सिंहपुर में शुक्रवार को बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने पहुंचकर बाढ़ पीड़ित परिवारों का हाल जाना और उन्हें राहत किट वितरित की। विधायक ने प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली तथा हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।इस दौरान विधायक डॉ. वाचस्पति ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। प्रभावित लोगों को आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।राहत वितरण के दौरान उपजिलाधिकारी बारा शिखा शंखवार, तहसीलदार बारा अनिल पाठक, नायब तहसीलदार विजय कुमार, भाजपा मंडल अध्यक्ष अखिलेश पटेल एवं आशीष पाल, जिला मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार चतुर्वेदी, विधायक प्रतिनिधि विजय कुमार निषाद ‘श्यामू’ एवं मुकेश द्विवेदी, मीडिया प्रभारी नीरज केसरवानी, अपना दल एस नेता गुड्डू पटेल, ई. प्रकाश सिंह सहित लेखपाल, कानूनगो एवं अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। विधायक ने अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्रभावित परिवारों तक सरकारी सहायता समय से पहुंचाने को कहा। राहत किट मिलने पर ग्रामीणों ने विधायक एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया।1
- विज्ञापन के झांसे में आने से पहले ये सावधानी बरतें, दावों पर मत जाइएगा देश की ऐसी कोई नामचीन कंपनी नहीं बची, जिसके नाम से देहरादून के जंगल में संचालित इस फैक्ट्री में नकली दवाई ना बनाई जा रही हो । कृपया online दवा ना खरीदें, अपने आसपास के अच्छे chemist shop/ मेडिकल स्टोर्स से ही दवा लें।1
- थाना धूमनगंज पुलिस टीम द्वारा 03 अभियुक्तों की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में प्रयागराज डी सी पी के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई।1
- मांडा इलाके में करोड़ों की एमडी फैक्ट्री का भंडाफोड़, स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल मुंबई पुलिस ने प्रयागराज में खोली नशे के कारोबार की पोल! मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंची तो सामने आया पूरा नेटवर्क, क्या इलाकाई पुलिस को थी भनक?* प्रयागराज। मांडा थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग तैयार करने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा भंडाफोड़ किए जाने के बाद अब स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस इलाके में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। वहां की पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच के सिलसिले में प्रयागराज पहुंचकर मांडा क्षेत्र के कोसड़ा कला इलाके में कार्रवाई की और खेत में बने शेड से भारी मात्रा में एमडी ड्रग, केमिकल और ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण बरामद किए। कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों ने स्थानीय पुलिस की सक्रियता और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है। -------- मुंबई से टीम आई और खुल गया पूरा राज बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में एमडी ड्रग की बरामदगी के बाद शुरू हुई जांच की कड़ियां प्रयागराज तक पहुंचीं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और फिर प्रयागराज में दबिश देकर कथित ड्रग फैक्ट्री का खुलासा किया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि मांडा थाना पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र इतने बड़े नेटवर्क से पूरी तरह अनजान कैसे रहा? जिस स्थान पर बड़ी मात्रा में रसायन, लैब उपकरण और नशीला पदार्थ तैयार किया जा रहा था। वहां स्थानीय पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी? सूत्रों पर यदि हम यकीन करें तो यह भी चर्चा है कि जब मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कार्रवाई के लिए प्रयागराज पहुंची तो स्थानीय पुलिस से अपेक्षित सहयोग समय पर नहीं मिला। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह भी जांच का विषय होगा कि इतने बड़े ड्रग नेटवर्क की जानकारी स्थानीय पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची और बाहरी राज्य की पुलिस को आकर कार्रवाई क्यों करनी पड़ी? ------- *अब जांच स्थानीय पुलिस की भूमिका तक भी पहुंचे* प्रयागराज में नशीली फैक्ट्री का भंडाफोड़ और करोड़ों रुपये के ड्रग नेटवर्क के सामने आने के बाद अब जरूरत इस बात की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यह भी पता लगाया जाए कि फैक्ट्री कितने समय से संचालित थी। जमीन और शेड किसके माध्यम से लिया गया, आसपास के लोगों को इसकी जानकारी थी या नहीं और स्थानीय पुलिस के स्तर पर आखिर इतनी बड़ी गतिविधि कैसे छिपी रही। मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई ने नशे के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन इसके साथ ही प्रयागराज पुलिस की स्थानीय निगरानी और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का जवाब भी अब जरूरी हो गया है। फिलहाल यह जांच का विषय है। देखना है कि उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं। मांडा इलाके में करोड़ों की एमडी फैक्ट्री का भंडाफोड़, स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल मुंबई पुलिस ने प्रयागराज में खोली नशे के कारोबार की पोल! मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंची तो सामने आया पूरा नेटवर्क, क्या इलाकाई पुलिस को थी भनक?* प्रयागराज। मांडा थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग तैयार करने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा भंडाफोड़ किए जाने के बाद अब स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस इलाके में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। वहां की पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच के सिलसिले में प्रयागराज पहुंचकर मांडा क्षेत्र के कोसड़ा कला इलाके में कार्रवाई की और खेत में बने शेड से भारी मात्रा में एमडी ड्रग, केमिकल और ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण बरामद किए। कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों ने स्थानीय पुलिस की सक्रियता और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है। -------- मुंबई से टीम आई और खुल गया पूरा राज बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में एमडी ड्रग की बरामदगी के बाद शुरू हुई जांच की कड़ियां प्रयागराज तक पहुंचीं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और फिर प्रयागराज में दबिश देकर कथित ड्रग फैक्ट्री का खुलासा किया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि मांडा थाना पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र इतने बड़े नेटवर्क से पूरी तरह अनजान कैसे रहा? जिस स्थान पर बड़ी मात्रा में रसायन, लैब उपकरण और नशीला पदार्थ तैयार किया जा रहा था। वहां स्थानीय पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी? सूत्रों पर यदि हम यकीन करें तो यह भी चर्चा है कि जब मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कार्रवाई के लिए प्रयागराज पहुंची तो स्थानीय पुलिस से अपेक्षित सहयोग समय पर नहीं मिला। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह भी जांच का विषय होगा कि इतने बड़े ड्रग नेटवर्क की जानकारी स्थानीय पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची और बाहरी राज्य की पुलिस को आकर कार्रवाई क्यों करनी पड़ी? ------- *अब जांच स्थानीय पुलिस की भूमिका तक भी पहुंचे* प्रयागराज में नशीली फैक्ट्री का भंडाफोड़ और करोड़ों रुपये के ड्रग नेटवर्क के सामने आने के बाद अब जरूरत इस बात की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यह भी पता लगाया जाए कि फैक्ट्री कितने समय से संचालित थी। जमीन और शेड किसके माध्यम से लिया गया, आसपास के लोगों को इसकी जानकारी थी या नहीं और स्थानीय पुलिस के स्तर पर आखिर इतनी बड़ी गतिविधि कैसे छिपी रही। मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई ने नशे के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन इसके साथ ही प्रयागराज पुलिस की स्थानीय निगरानी और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का जवाब भी अब जरूरी हो गया है। फिलहाल यह जांच का विषय है। देखना है कि उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।1