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*प्रयागराज के धूमनगंज थाना अंतर्गत हरवारा के एक अपार्टमेंट मे हुयी अलोक गुप्ता नामक यूवक की हत्या के बाद तीनो हत्यारोपी लाश को बोरे मे भर कर ले जाते हुए सीसीटीवी मे हुए कैद।* वीडियो हुआ वायरल *प्रयागराज के धूमनगंज थाना अंतर्गत हरवारा के एक अपार्टमेंट मे हुयी अलोक गुप्ता नामक यूवक की हत्या के बाद तीनो हत्यारोपी लाश को बोरे मे भर कर ले जाते हुए सीसीटीवी मे हुए कैद।* वीडियो हुआ वायरल

7 hrs ago
user_राजेश कुमार
राजेश कुमार
रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
7 hrs ago

*प्रयागराज के धूमनगंज थाना अंतर्गत हरवारा के एक अपार्टमेंट मे हुयी अलोक गुप्ता नामक यूवक की हत्या के बाद तीनो हत्यारोपी लाश को बोरे मे भर कर ले जाते हुए सीसीटीवी मे हुए कैद।* वीडियो हुआ वायरल *प्रयागराज के धूमनगंज थाना अंतर्गत हरवारा के एक अपार्टमेंट मे हुयी अलोक गुप्ता नामक यूवक की हत्या के बाद तीनो हत्यारोपी लाश को बोरे मे भर कर ले जाते हुए सीसीटीवी मे हुए कैद।* वीडियो हुआ वायरल

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जिस स्थान पर बड़ी मात्रा में रसायन, लैब उपकरण और नशीला पदार्थ तैयार किया जा रहा था। वहां स्थानीय पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी? सूत्रों पर यदि हम यकीन करें तो यह भी चर्चा है कि जब मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कार्रवाई के लिए प्रयागराज पहुंची तो स्थानीय पुलिस से अपेक्षित सहयोग समय पर नहीं मिला। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह भी जांच का विषय होगा कि इतने बड़े ड्रग नेटवर्क की जानकारी स्थानीय पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची और बाहरी राज्य की पुलिस को आकर कार्रवाई क्यों करनी पड़ी? ------- *अब जांच स्थानीय पुलिस की भूमिका तक भी पहुंचे* प्रयागराज में नशीली फैक्ट्री का भंडाफोड़ और करोड़ों रुपये के ड्रग नेटवर्क के सामने आने के बाद अब जरूरत इस बात की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यह भी पता लगाया जाए कि फैक्ट्री कितने समय से संचालित थी। जमीन और शेड किसके माध्यम से लिया गया, आसपास के लोगों को इसकी जानकारी थी या नहीं और स्थानीय पुलिस के स्तर पर आखिर इतनी बड़ी गतिविधि कैसे छिपी रही। मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई ने नशे के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन इसके साथ ही प्रयागराज पुलिस की स्थानीय निगरानी और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का जवाब भी अब जरूरी हो गया है। फिलहाल यह जांच का विषय है। देखना है कि उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं। मांडा इलाके में करोड़ों की एमडी फैक्ट्री का भंडाफोड़, स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल मुंबई पुलिस ने प्रयागराज में खोली नशे के कारोबार की पोल! मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंची तो सामने आया पूरा नेटवर्क, क्या इलाकाई पुलिस को थी भनक?* प्रयागराज। मांडा थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग तैयार करने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा भंडाफोड़ किए जाने के बाद अब स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस इलाके में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। वहां की पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच के सिलसिले में प्रयागराज पहुंचकर मांडा क्षेत्र के कोसड़ा कला इलाके में कार्रवाई की और खेत में बने शेड से भारी मात्रा में एमडी ड्रग, केमिकल और ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण बरामद किए। कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों ने स्थानीय पुलिस की सक्रियता और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है। -------- मुंबई से टीम आई और खुल गया पूरा राज बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में एमडी ड्रग की बरामदगी के बाद शुरू हुई जांच की कड़ियां प्रयागराज तक पहुंचीं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और फिर प्रयागराज में दबिश देकर कथित ड्रग फैक्ट्री का खुलासा किया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि मांडा थाना पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र इतने बड़े नेटवर्क से पूरी तरह अनजान कैसे रहा? जिस स्थान पर बड़ी मात्रा में रसायन, लैब उपकरण और नशीला पदार्थ तैयार किया जा रहा था। वहां स्थानीय पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी? सूत्रों पर यदि हम यकीन करें तो यह भी चर्चा है कि जब मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कार्रवाई के लिए प्रयागराज पहुंची तो स्थानीय पुलिस से अपेक्षित सहयोग समय पर नहीं मिला। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह भी जांच का विषय होगा कि इतने बड़े ड्रग नेटवर्क की जानकारी स्थानीय पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची और बाहरी राज्य की पुलिस को आकर कार्रवाई क्यों करनी पड़ी? ------- *अब जांच स्थानीय पुलिस की भूमिका तक भी पहुंचे* प्रयागराज में नशीली फैक्ट्री का भंडाफोड़ और करोड़ों रुपये के ड्रग नेटवर्क के सामने आने के बाद अब जरूरत इस बात की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यह भी पता लगाया जाए कि फैक्ट्री कितने समय से संचालित थी। जमीन और शेड किसके माध्यम से लिया गया, आसपास के लोगों को इसकी जानकारी थी या नहीं और स्थानीय पुलिस के स्तर पर आखिर इतनी बड़ी गतिविधि कैसे छिपी रही। मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई ने नशे के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन इसके साथ ही प्रयागराज पुलिस की स्थानीय निगरानी और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का जवाब भी अब जरूरी हो गया है। फिलहाल यह जांच का विषय है। देखना है कि उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।
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    मांडा इलाके में करोड़ों की एमडी फैक्ट्री का भंडाफोड़, स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

मुंबई पुलिस ने प्रयागराज में खोली नशे के कारोबार की पोल!

मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंची तो सामने आया पूरा नेटवर्क, क्या इलाकाई पुलिस को थी भनक?*

प्रयागराज। मांडा थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग तैयार करने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा भंडाफोड़ किए जाने के बाद अब स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस इलाके में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। वहां की पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच के सिलसिले में प्रयागराज पहुंचकर मांडा क्षेत्र के कोसड़ा कला इलाके में कार्रवाई की और खेत में बने शेड से भारी मात्रा में एमडी ड्रग, केमिकल और ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण बरामद किए। कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों ने स्थानीय पुलिस की सक्रियता और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है। 
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मुंबई से टीम आई और खुल गया पूरा राज

बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में एमडी ड्रग की बरामदगी के बाद शुरू हुई जांच की कड़ियां प्रयागराज तक पहुंचीं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और फिर प्रयागराज में दबिश देकर कथित ड्रग फैक्ट्री का खुलासा किया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि मांडा थाना पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र इतने बड़े नेटवर्क से पूरी तरह अनजान कैसे रहा? जिस स्थान पर बड़ी मात्रा में रसायन, लैब उपकरण और नशीला पदार्थ तैयार किया जा रहा था। वहां स्थानीय पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी?
सूत्रों पर यदि हम यकीन करें तो यह भी चर्चा है कि जब मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कार्रवाई के लिए प्रयागराज पहुंची तो स्थानीय पुलिस से अपेक्षित सहयोग समय पर नहीं मिला। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह भी जांच का विषय होगा कि इतने बड़े ड्रग नेटवर्क की जानकारी स्थानीय पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची और बाहरी राज्य की पुलिस को आकर कार्रवाई क्यों करनी पड़ी?
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*अब जांच स्थानीय पुलिस की भूमिका तक भी पहुंचे*

प्रयागराज में नशीली फैक्ट्री का भंडाफोड़ और करोड़ों रुपये के ड्रग नेटवर्क के सामने आने के बाद अब जरूरत इस बात की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यह भी पता लगाया जाए कि फैक्ट्री कितने समय से संचालित थी। जमीन और शेड किसके माध्यम से लिया गया, आसपास के लोगों को इसकी जानकारी थी या नहीं और स्थानीय पुलिस के स्तर पर आखिर इतनी बड़ी गतिविधि कैसे छिपी रही। मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई ने नशे के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन इसके साथ ही प्रयागराज पुलिस की स्थानीय निगरानी और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का जवाब भी अब जरूरी हो गया है। फिलहाल यह जांच का विषय है। देखना है कि उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।
मांडा इलाके में करोड़ों की एमडी फैक्ट्री का भंडाफोड़, स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
मुंबई पुलिस ने प्रयागराज में खोली नशे के कारोबार की पोल!
मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंची तो सामने आया पूरा नेटवर्क, क्या इलाकाई पुलिस को थी भनक?*
प्रयागराज। मांडा थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग तैयार करने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा भंडाफोड़ किए जाने के बाद अब स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस इलाके में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। वहां की पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच के सिलसिले में प्रयागराज पहुंचकर मांडा क्षेत्र के कोसड़ा कला इलाके में कार्रवाई की और खेत में बने शेड से भारी मात्रा में एमडी ड्रग, केमिकल और ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण बरामद किए। कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों ने स्थानीय पुलिस की सक्रियता और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है। 
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मुंबई से टीम आई और खुल गया पूरा राज
बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में एमडी ड्रग की बरामदगी के बाद शुरू हुई जांच की कड़ियां प्रयागराज तक पहुंचीं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और फिर प्रयागराज में दबिश देकर कथित ड्रग फैक्ट्री का खुलासा किया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि मांडा थाना पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र इतने बड़े नेटवर्क से पूरी तरह अनजान कैसे रहा? जिस स्थान पर बड़ी मात्रा में रसायन, लैब उपकरण और नशीला पदार्थ तैयार किया जा रहा था। वहां स्थानीय पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी?
सूत्रों पर यदि हम यकीन करें तो यह भी चर्चा है कि जब मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कार्रवाई के लिए प्रयागराज पहुंची तो स्थानीय पुलिस से अपेक्षित सहयोग समय पर नहीं मिला। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह भी जांच का विषय होगा कि इतने बड़े ड्रग नेटवर्क की जानकारी स्थानीय पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची और बाहरी राज्य की पुलिस को आकर कार्रवाई क्यों करनी पड़ी?
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*अब जांच स्थानीय पुलिस की भूमिका तक भी पहुंचे*
प्रयागराज में नशीली फैक्ट्री का भंडाफोड़ और करोड़ों रुपये के ड्रग नेटवर्क के सामने आने के बाद अब जरूरत इस बात की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यह भी पता लगाया जाए कि फैक्ट्री कितने समय से संचालित थी। जमीन और शेड किसके माध्यम से लिया गया, आसपास के लोगों को इसकी जानकारी थी या नहीं और स्थानीय पुलिस के स्तर पर आखिर इतनी बड़ी गतिविधि कैसे छिपी रही। मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई ने नशे के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन इसके साथ ही प्रयागराज पुलिस की स्थानीय निगरानी और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का जवाब भी अब जरूरी हो गया है। फिलहाल यह जांच का विषय है। देखना है कि उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • थाने के गेट पर शव रखकर ग्रामीणों का हंगामा, पुलिस और प्रधान पर लगाए गंभीर आरोप अझुवाकौशाम्बी सैनी थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर गांव में युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। शुक्रवार को ग्रामीणों ने युवक का शव थाने के गेट के सामने रखकर जमकर हंगामा किया। परिजनों और ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान तथा उसके रिश्तेदारों पर युवक को कथित तौर पर जहर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।परिजनों का आरोप है कि युवक की तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। मामले की शिकायत लेकर जब मृतक की महिला परिजन थाने पहुंची तो आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसे थाने से भगा दिया। इससे ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ भी भारी नाराजगी फैल गई।ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने मामले में उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया,जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीण शव लेकर सैनी थाने पहुंच गए और थाने के मुख्य गेट पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।थाने के सामने हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। फिलहाल मामले में युवक की मौत की वास्तविक वजह क्या है,यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है शुरू ऐप इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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    थाने के गेट पर शव रखकर ग्रामीणों का हंगामा,

 पुलिस और प्रधान पर लगाए गंभीर आरोप
अझुवाकौशाम्बी सैनी थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर गांव में युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। शुक्रवार को ग्रामीणों ने युवक का शव थाने के गेट के सामने रखकर जमकर हंगामा किया। परिजनों और ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान तथा उसके रिश्तेदारों पर युवक को कथित तौर पर जहर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।परिजनों का आरोप है कि युवक की तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। मामले की शिकायत लेकर जब मृतक की महिला परिजन थाने पहुंची तो आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसे थाने से भगा दिया। इससे ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ भी भारी नाराजगी फैल गई।ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने मामले में उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया,जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीण शव लेकर सैनी थाने पहुंच गए और थाने के मुख्य गेट पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।थाने के सामने हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। फिलहाल मामले में युवक की मौत की वास्तविक वजह क्या है,यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है शुरू ऐप इसकी पुष्टि नहीं करता है।
    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • प्रयागराज के मांडा मे MD ड्रग बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच ने छापा मारकर किया खुलासा,53 किलो MD ड्रग बरामद मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई मे 21 आरोपियों का नेटवर्क सामने आया; कुल 69.759 किलो MD और करीब 139 करोड़ का माल बरामद प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मादक पदार्थ MD (मेथामफेटामाइन) बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच ने भंडाफोड़ किया है। मीराभाईंदर-वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला,मेजा इलाके में छापेमारी कर करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद की। फैक्ट्री में MD तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले बड़ी मात्रा में रसायन और लैब उपकरण भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई नालासोपारा में MD के साथ पकड़े गए दो आरोपियों से शुरू हुई जांच के बाद सामने आए एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। अब तक इस मामले में 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार आरोपी MD तैयार करने, रसायन और लैब उपकरण उपलब्ध कराने, तस्करी, बिक्री, पैडलिंग और आर्थिक लेन-देन में अलग-अलग भूमिका निभा रहे थे। *नालासोपारा में 112 ग्राम MD के साथ हुई थी पहली गिरफ्तारी* मामले की शुरुआत 24 जून 2026 की रात करीब 8:40 बजे हुई। नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर, मनवेलपाड़ा रोड स्थित प्रिया वॉशिंग सेंटर के पास बाबा पार्किंग परिसर से पुलिस ने अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अय्यर (22) और रविकांत ओमप्रकाश राम (23) को करीब 112 ग्राम MD के साथ गिरफ्तार किया था। बरामद MD की अनुमानित कीमत करीब 3.36 लाख रुपये बताई गई थी। *इसके बाद तुलिंज पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।* *जांच बढ़ी तो सामने आया 21 आरोपियों का नेटवर्क* जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि MD के इस कारोबार से जुड़े लोगों का नेटवर्क महाराष्ट्र के नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल और जलगांव के अलावा गुजरात और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है। जांच के दौरान आरोपी नंबर 3 से 9 का संबंध आरोपी नंबर 13 जुम्मा तालाब ठाकर से सामने आया। पुलिस के मुताबिक, अबडासा, जिला कच्छ, गुजरात स्थित उसकी कृषि भूमि पर MD बनाने की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जुम्मा तालाब ठाकर को गिरफ्तार किया और फैक्ट्री का पता लगाया। *लैब का सामान और रसायन छिपाने की कोशिश* जांच में आरोपी नंबर 14 आयर्न सय्यद की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार उसने MD बनाने के लिए आवश्यक लैब उपकरण और रसायन रायगढ़ जिले के नेरुल इलाके में छिपाकर रखे थे। पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद उसने सामान को वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। वहीं आरोपी नंबर 12 जाहिद शेख उर्फ जावेद भाई ने मामले से संबंधित कुछ सामान को विरार-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) एक्सप्रेस हाईवे के पास कल्याण इलाके में फेंककर नष्ट करने की कोशिश की थी। जांच के दौरान पुलिस ने वह सामान भी बरामद कर लिया। *कुर्ला से 11.804 किलो MD और 18.70 लाख रुपये बरामद* जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी नंबर 15 हसीब सिद्दीकी उर्फ इजाज मर्चेंट को कुर्ला, मुंबई से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से करीब 11 किलो 804 ग्राम MD और 18.70 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नंबर 18 मोईनुद्दीन शब्बीर शेख उर्फ मोईन की मदद से जलगांव में MD की बिक्री की जाती थी। इसके बाद आरोपी नंबर 16 रहीम ताहेर पिंजारी और आरोपी नंबर 17 सय्यद मुशाहिद अली को जलगांव से गिरफ्तार किया गया। दोनों के कब्जे से करीब 4 किलो 911 ग्राम MD बरामद हुई। *तकनीकी जांच से प्रयागराज की फैक्ट्री तक पहुंची पुलिस* जांच और तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस को आरोपी नंबर 20 रजनीश मिश्रा और आरोपी नंबर 21 शिवधन मिश्रा के जरिए प्रयागराज में MD तैयार किए जाने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पूछताछ में बताया कि मंडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला, तहसील मेजा में खेत की जमीन किराए पर लेकर टिन/पत्रे का शेड बनाया गया था। इसी शेड के अंदर MD बनाने की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। जानकारी मिलने के बाद महाराष्ट्र पुलिस की अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने प्रयागराज पहुंचकर फैक्ट्री में छापेमारी की। *फैक्ट्री के अंदर मिला 52.932 किलो MD का जखीरा* छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद की। इसके साथ ही MD तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न रसायन और लैब उपकरण भी मिले। बरामद सामान में MMA (Mono methylamine), Acetone, Hydrochloric Acid, Chloroform, करीब 260 लीटर रसायन, 250 और 150 लीटर क्षमता के फ्लास्क, हीटिंग मेंटल, ड्रॉपिंग फनल और थर्मामीटर समेत अन्य उपकरण शामिल हैं। *अब तक 69.759 किलो MD बरामद* पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले में अब तक कुल 69 किलो 759 ग्राम MD बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा नकदी, करीब 260 लीटर रसायन और MD बनाने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 139 करोड़ रुपये बताई है। *महाराष्ट्र से यूपी तक फैला था नेटवर्क* पुलिस जांच के अनुसार इस मामले में MD बनाने वालों के साथ-साथ रसायन और लैब उपकरण उपलब्ध कराने वाले, मादक पदार्थ की तस्करी और बिक्री करने वाले, पैडलर तथा आर्थिक लेन-देन में शामिल लोग भी पकड़े गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े 21 आरोपियों को नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल, जलगांव, गुजरात और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के संगठित अपराध और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है। *वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई* यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शित्रे, अपर पुलिस आयुक्त संदीप डोईफोडे, पुलिस उपायुक्त गोंडूराम बांगर और सहायक पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने की। कक्ष-4 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रमोद बडाख, सपोनि प्रवीण भोसले समेत अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साइबर सेल की टीम ने भी जांच में सहयोग किया। पुलिस के अनुसार मामले की गहन जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं तथा संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रयागराज के मांडा मे MD ड्रग बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच ने छापा मारकर किया खुलासा,53 किलो MD ड्रग बरामद मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई मे 21 आरोपियों का नेटवर्क सामने आया; कुल 69.759 किलो MD और करीब 139 करोड़ का माल बरामद प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मादक पदार्थ MD (मेथामफेटामाइन) बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच ने भंडाफोड़ किया है। मीराभाईंदर-वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला,मेजा इलाके में छापेमारी कर करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद की। फैक्ट्री में MD तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले बड़ी मात्रा में रसायन और लैब उपकरण भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई नालासोपारा में MD के साथ पकड़े गए दो आरोपियों से शुरू हुई जांच के बाद सामने आए एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। अब तक इस मामले में 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार आरोपी MD तैयार करने, रसायन और लैब उपकरण उपलब्ध कराने, तस्करी, बिक्री, पैडलिंग और आर्थिक लेन-देन में अलग-अलग भूमिका निभा रहे थे। *नालासोपारा में 112 ग्राम MD के साथ हुई थी पहली गिरफ्तारी* मामले की शुरुआत 24 जून 2026 की रात करीब 8:40 बजे हुई। नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर, मनवेलपाड़ा रोड स्थित प्रिया वॉशिंग सेंटर के पास बाबा पार्किंग परिसर से पुलिस ने अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अय्यर (22) और रविकांत ओमप्रकाश राम (23) को करीब 112 ग्राम MD के साथ गिरफ्तार किया था। बरामद MD की अनुमानित कीमत करीब 3.36 लाख रुपये बताई गई थी। *इसके बाद तुलिंज पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।* *जांच बढ़ी तो सामने आया 21 आरोपियों का नेटवर्क* जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि MD के इस कारोबार से जुड़े लोगों का नेटवर्क महाराष्ट्र के नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल और जलगांव के अलावा गुजरात और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है। जांच के दौरान आरोपी नंबर 3 से 9 का संबंध आरोपी नंबर 13 जुम्मा तालाब ठाकर से सामने आया। पुलिस के मुताबिक, अबडासा, जिला कच्छ, गुजरात स्थित उसकी कृषि भूमि पर MD बनाने की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जुम्मा तालाब ठाकर को गिरफ्तार किया और फैक्ट्री का पता लगाया। *लैब का सामान और रसायन छिपाने की कोशिश* जांच में आरोपी नंबर 14 आयर्न सय्यद की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार उसने MD बनाने के लिए आवश्यक लैब उपकरण और रसायन रायगढ़ जिले के नेरुल इलाके में छिपाकर रखे थे। पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद उसने सामान को वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। वहीं आरोपी नंबर 12 जाहिद शेख उर्फ जावेद भाई ने मामले से संबंधित कुछ सामान को विरार-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) एक्सप्रेस हाईवे के पास कल्याण इलाके में फेंककर नष्ट करने की कोशिश की थी। जांच के दौरान पुलिस ने वह सामान भी बरामद कर लिया। *कुर्ला से 11.804 किलो MD और 18.70 लाख रुपये बरामद* जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी नंबर 15 हसीब सिद्दीकी उर्फ इजाज मर्चेंट को कुर्ला, मुंबई से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से करीब 11 किलो 804 ग्राम MD और 18.70 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नंबर 18 मोईनुद्दीन शब्बीर शेख उर्फ मोईन की मदद से जलगांव में MD की बिक्री की जाती थी। इसके बाद आरोपी नंबर 16 रहीम ताहेर पिंजारी और आरोपी नंबर 17 सय्यद मुशाहिद अली को जलगांव से गिरफ्तार किया गया। दोनों के कब्जे से करीब 4 किलो 911 ग्राम MD बरामद हुई। *तकनीकी जांच से प्रयागराज की फैक्ट्री तक पहुंची पुलिस* जांच और तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस को आरोपी नंबर 20 रजनीश मिश्रा और आरोपी नंबर 21 शिवधन मिश्रा के जरिए प्रयागराज में MD तैयार किए जाने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पूछताछ में बताया कि मंडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला, तहसील मेजा में खेत की जमीन किराए पर लेकर टिन/पत्रे का शेड बनाया गया था। इसी शेड के अंदर MD बनाने की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। जानकारी मिलने के बाद महाराष्ट्र पुलिस की अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने प्रयागराज पहुंचकर फैक्ट्री में छापेमारी की। *फैक्ट्री के अंदर मिला 52.932 किलो MD का जखीरा* छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद की। इसके साथ ही MD तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न रसायन और लैब उपकरण भी मिले। बरामद सामान में MMA (Mono methylamine), Acetone, Hydrochloric Acid, Chloroform, करीब 260 लीटर रसायन, 250 और 150 लीटर क्षमता के फ्लास्क, हीटिंग मेंटल, ड्रॉपिंग फनल और थर्मामीटर समेत अन्य उपकरण शामिल हैं। *अब तक 69.759 किलो MD बरामद* पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले में अब तक कुल 69 किलो 759 ग्राम MD बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा नकदी, करीब 260 लीटर रसायन और MD बनाने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 139 करोड़ रुपये बताई है। *महाराष्ट्र से यूपी तक फैला था नेटवर्क* पुलिस जांच के अनुसार इस मामले में MD बनाने वालों के साथ-साथ रसायन और लैब उपकरण उपलब्ध कराने वाले, मादक पदार्थ की तस्करी और बिक्री करने वाले, पैडलर तथा आर्थिक लेन-देन में शामिल लोग भी पकड़े गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े 21 आरोपियों को नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल, जलगांव, गुजरात और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के संगठित अपराध और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है। *वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई* यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शित्रे, अपर पुलिस आयुक्त संदीप डोईफोडे, पुलिस उपायुक्त गोंडूराम बांगर और सहायक पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने की। कक्ष-4 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रमोद बडाख, सपोनि प्रवीण भोसले समेत अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साइबर सेल की टीम ने भी जांच में सहयोग किया। पुलिस के अनुसार मामले की गहन जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं तथा संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है।
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    प्रयागराज के मांडा मे MD ड्रग बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच ने छापा मारकर किया खुलासा,53 किलो MD ड्रग बरामद

मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई मे 21 आरोपियों का नेटवर्क सामने आया; कुल 69.759 किलो MD और करीब 139 करोड़ का माल बरामद

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मादक पदार्थ MD (मेथामफेटामाइन) बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच ने भंडाफोड़ किया है। मीराभाईंदर-वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला,मेजा इलाके में छापेमारी कर करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद की। फैक्ट्री में MD तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले बड़ी मात्रा में रसायन और लैब उपकरण भी मिले हैं।

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई नालासोपारा में MD के साथ पकड़े गए दो आरोपियों से शुरू हुई जांच के बाद सामने आए एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। अब तक इस मामले में 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार आरोपी MD तैयार करने, रसायन और लैब उपकरण उपलब्ध कराने, तस्करी, बिक्री, पैडलिंग और आर्थिक लेन-देन में अलग-अलग भूमिका निभा रहे थे।

*नालासोपारा में 112 ग्राम MD के साथ हुई थी पहली गिरफ्तारी* 

मामले की शुरुआत 24 जून 2026 की रात करीब 8:40 बजे हुई। नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर, मनवेलपाड़ा रोड स्थित प्रिया वॉशिंग सेंटर के पास बाबा पार्किंग परिसर से पुलिस ने अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अय्यर (22) और रविकांत ओमप्रकाश राम (23) को करीब 112 ग्राम MD के साथ गिरफ्तार किया था। बरामद MD की अनुमानित कीमत करीब 3.36 लाख रुपये बताई गई थी।

*इसके बाद तुलिंज पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।* 

*जांच बढ़ी तो सामने आया 21 आरोपियों का नेटवर्क* 

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि MD के इस कारोबार से जुड़े लोगों का नेटवर्क महाराष्ट्र के नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल और जलगांव के अलावा गुजरात और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है।

जांच के दौरान आरोपी नंबर 3 से 9 का संबंध आरोपी नंबर 13 जुम्मा तालाब ठाकर से सामने आया। पुलिस के मुताबिक, अबडासा, जिला कच्छ, गुजरात स्थित उसकी कृषि भूमि पर MD बनाने की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जुम्मा तालाब ठाकर को गिरफ्तार किया और फैक्ट्री का पता लगाया।

*लैब का सामान और रसायन छिपाने की कोशिश* 

जांच में आरोपी नंबर 14 आयर्न सय्यद की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार उसने MD बनाने के लिए आवश्यक लैब उपकरण और रसायन रायगढ़ जिले के नेरुल इलाके में छिपाकर रखे थे। पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद उसने सामान को वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे बरामद कर लिया।

वहीं आरोपी नंबर 12 जाहिद शेख उर्फ जावेद भाई ने मामले से संबंधित कुछ सामान को विरार-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) एक्सप्रेस हाईवे के पास कल्याण इलाके में फेंककर नष्ट करने की कोशिश की थी। जांच के दौरान पुलिस ने वह सामान भी बरामद कर लिया।

*कुर्ला से 11.804 किलो MD और 18.70 लाख रुपये बरामद* 

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी नंबर 15 हसीब सिद्दीकी उर्फ इजाज मर्चेंट को कुर्ला, मुंबई से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से करीब 11 किलो 804 ग्राम MD और 18.70 लाख रुपये नकद बरामद हुए।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नंबर 18 मोईनुद्दीन शब्बीर शेख उर्फ मोईन की मदद से जलगांव में MD की बिक्री की जाती थी।

इसके बाद आरोपी नंबर 16 रहीम ताहेर पिंजारी और आरोपी नंबर 17 सय्यद मुशाहिद अली को जलगांव से गिरफ्तार किया गया। दोनों के कब्जे से करीब 4 किलो 911 ग्राम MD बरामद हुई।

*तकनीकी जांच से प्रयागराज की फैक्ट्री तक पहुंची पुलिस* 

जांच और तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस को आरोपी नंबर 20 रजनीश मिश्रा और आरोपी नंबर 21 शिवधन मिश्रा के जरिए प्रयागराज में MD तैयार किए जाने की जानकारी मिली।

पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पूछताछ में बताया कि मंडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला, तहसील मेजा में खेत की जमीन किराए पर लेकर टिन/पत्रे का शेड बनाया गया था। इसी शेड के अंदर MD बनाने की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी।

जानकारी मिलने के बाद महाराष्ट्र पुलिस की अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने प्रयागराज पहुंचकर फैक्ट्री में छापेमारी की।

*फैक्ट्री के अंदर मिला 52.932 किलो MD का जखीरा* 

छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद की। इसके साथ ही MD तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न रसायन और लैब उपकरण भी मिले।

बरामद सामान में MMA (Mono methylamine), Acetone, Hydrochloric Acid, Chloroform, करीब 260 लीटर रसायन, 250 और 150 लीटर क्षमता के फ्लास्क, हीटिंग मेंटल, ड्रॉपिंग फनल और थर्मामीटर समेत अन्य उपकरण शामिल हैं।

*अब तक 69.759 किलो MD बरामद* 

पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले में अब तक कुल 69 किलो 759 ग्राम MD बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा नकदी, करीब 260 लीटर रसायन और MD बनाने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण भी बरामद हुए हैं।

पुलिस ने बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 139 करोड़ रुपये बताई है।

*महाराष्ट्र से यूपी तक फैला था नेटवर्क* 

पुलिस जांच के अनुसार इस मामले में MD बनाने वालों के साथ-साथ रसायन और लैब उपकरण उपलब्ध कराने वाले, मादक पदार्थ की तस्करी और बिक्री करने वाले, पैडलर तथा आर्थिक लेन-देन में शामिल लोग भी पकड़े गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े 21 आरोपियों को नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल, जलगांव, गुजरात और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के संगठित अपराध और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है।

*वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई* 

यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शित्रे, अपर पुलिस आयुक्त संदीप डोईफोडे, पुलिस उपायुक्त गोंडूराम बांगर और सहायक पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने की।

कक्ष-4 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रमोद बडाख, सपोनि प्रवीण भोसले समेत अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साइबर सेल की टीम ने भी जांच में सहयोग किया।

पुलिस के अनुसार मामले की गहन जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं तथा संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रयागराज के मांडा मे MD ड्रग बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच ने छापा मारकर किया खुलासा,53 किलो MD ड्रग बरामद
मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई मे 21 आरोपियों का नेटवर्क सामने आया; कुल 69.759 किलो MD और करीब 139 करोड़ का माल बरामद
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मादक पदार्थ MD (मेथामफेटामाइन) बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच ने भंडाफोड़ किया है। मीराभाईंदर-वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला,मेजा इलाके में छापेमारी कर करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद की। फैक्ट्री में MD तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले बड़ी मात्रा में रसायन और लैब उपकरण भी मिले हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई नालासोपारा में MD के साथ पकड़े गए दो आरोपियों से शुरू हुई जांच के बाद सामने आए एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। अब तक इस मामले में 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार आरोपी MD तैयार करने, रसायन और लैब उपकरण उपलब्ध कराने, तस्करी, बिक्री, पैडलिंग और आर्थिक लेन-देन में अलग-अलग भूमिका निभा रहे थे।
*नालासोपारा में 112 ग्राम MD के साथ हुई थी पहली गिरफ्तारी* 
मामले की शुरुआत 24 जून 2026 की रात करीब 8:40 बजे हुई। नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर, मनवेलपाड़ा रोड स्थित प्रिया वॉशिंग सेंटर के पास बाबा पार्किंग परिसर से पुलिस ने अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अय्यर (22) और रविकांत ओमप्रकाश राम (23) को करीब 112 ग्राम MD के साथ गिरफ्तार किया था। बरामद MD की अनुमानित कीमत करीब 3.36 लाख रुपये बताई गई थी।
*इसके बाद तुलिंज पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।* 
*जांच बढ़ी तो सामने आया 21 आरोपियों का नेटवर्क* 
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि MD के इस कारोबार से जुड़े लोगों का नेटवर्क महाराष्ट्र के नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल और जलगांव के अलावा गुजरात और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है।
जांच के दौरान आरोपी नंबर 3 से 9 का संबंध आरोपी नंबर 13 जुम्मा तालाब ठाकर से सामने आया। पुलिस के मुताबिक, अबडासा, जिला कच्छ, गुजरात स्थित उसकी कृषि भूमि पर MD बनाने की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जुम्मा तालाब ठाकर को गिरफ्तार किया और फैक्ट्री का पता लगाया।
*लैब का सामान और रसायन छिपाने की कोशिश* 
जांच में आरोपी नंबर 14 आयर्न सय्यद की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार उसने MD बनाने के लिए आवश्यक लैब उपकरण और रसायन रायगढ़ जिले के नेरुल इलाके में छिपाकर रखे थे। पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद उसने सामान को वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे बरामद कर लिया।
वहीं आरोपी नंबर 12 जाहिद शेख उर्फ जावेद भाई ने मामले से संबंधित कुछ सामान को विरार-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) एक्सप्रेस हाईवे के पास कल्याण इलाके में फेंककर नष्ट करने की कोशिश की थी। जांच के दौरान पुलिस ने वह सामान भी बरामद कर लिया।
*कुर्ला से 11.804 किलो MD और 18.70 लाख रुपये बरामद* 
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी नंबर 15 हसीब सिद्दीकी उर्फ इजाज मर्चेंट को कुर्ला, मुंबई से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से करीब 11 किलो 804 ग्राम MD और 18.70 लाख रुपये नकद बरामद हुए।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नंबर 18 मोईनुद्दीन शब्बीर शेख उर्फ मोईन की मदद से जलगांव में MD की बिक्री की जाती थी।
इसके बाद आरोपी नंबर 16 रहीम ताहेर पिंजारी और आरोपी नंबर 17 सय्यद मुशाहिद अली को जलगांव से गिरफ्तार किया गया। दोनों के कब्जे से करीब 4 किलो 911 ग्राम MD बरामद हुई।
*तकनीकी जांच से प्रयागराज की फैक्ट्री तक पहुंची पुलिस* 
जांच और तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस को आरोपी नंबर 20 रजनीश मिश्रा और आरोपी नंबर 21 शिवधन मिश्रा के जरिए प्रयागराज में MD तैयार किए जाने की जानकारी मिली।
पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पूछताछ में बताया कि मंडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला, तहसील मेजा में खेत की जमीन किराए पर लेकर टिन/पत्रे का शेड बनाया गया था। इसी शेड के अंदर MD बनाने की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी।
जानकारी मिलने के बाद महाराष्ट्र पुलिस की अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने प्रयागराज पहुंचकर फैक्ट्री में छापेमारी की।
*फैक्ट्री के अंदर मिला 52.932 किलो MD का जखीरा* 
छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद की। इसके साथ ही MD तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न रसायन और लैब उपकरण भी मिले।
बरामद सामान में MMA (Mono methylamine), Acetone, Hydrochloric Acid, Chloroform, करीब 260 लीटर रसायन, 250 और 150 लीटर क्षमता के फ्लास्क, हीटिंग मेंटल, ड्रॉपिंग फनल और थर्मामीटर समेत अन्य उपकरण शामिल हैं।
*अब तक 69.759 किलो MD बरामद* 
पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले में अब तक कुल 69 किलो 759 ग्राम MD बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा नकदी, करीब 260 लीटर रसायन और MD बनाने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण भी बरामद हुए हैं।
पुलिस ने बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 139 करोड़ रुपये बताई है।
*महाराष्ट्र से यूपी तक फैला था नेटवर्क* 
पुलिस जांच के अनुसार इस मामले में MD बनाने वालों के साथ-साथ रसायन और लैब उपकरण उपलब्ध कराने वाले, मादक पदार्थ की तस्करी और बिक्री करने वाले, पैडलर तथा आर्थिक लेन-देन में शामिल लोग भी पकड़े गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े 21 आरोपियों को नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल, जलगांव, गुजरात और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के संगठित अपराध और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
*वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई* 
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शित्रे, अपर पुलिस आयुक्त संदीप डोईफोडे, पुलिस उपायुक्त गोंडूराम बांगर और सहायक पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष-4 की टीम ने की।
कक्ष-4 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रमोद बडाख, सपोनि प्रवीण भोसले समेत अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साइबर सेल की टीम ने भी जांच में सहयोग किया।
पुलिस के अनुसार मामले की गहन जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं तथा संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है।
    user_Rahul Mishra Ak News
    Rahul Mishra Ak News
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • कोई सीट का फार्मूला नहीं, जीत का फार्मूला है हमारा।"* 2027 में समाजवादी सरकार बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य जो बीजेपी को हरा पायेगा, उसी पर अंतिम फैसला लेंगे - माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
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    कोई सीट का फार्मूला नहीं, जीत का फार्मूला है हमारा।"*

2027 में समाजवादी सरकार बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य 

जो बीजेपी को हरा पायेगा, उसी पर अंतिम फैसला लेंगे

- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • शंकरगढ़ टिकरौही कला बसहरा उपरहार की रंजना कुशवाहा का घर गिरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को बेबस मदद की लगा रही गुहार प्रयागराज विकास खंड शंकरगढ़ के अंतर्गत ग्राम सभा टिकरौही कला, मजरा बसहरा उपहार लगातार हो रही बारिश एक गरीब परिवार के लिए आफत बन गई। बारिश के कारण एक गरीब का आशियाना पूरी तरह से जमींदोज हो गया और परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया।पीड़िता का नाम रंजना कुशवाहा पत्नी जीवनलाल कुशवाहा, निवासी टिकरौही कला बसहरा उपहार, शंकरगढ़ है रंजना ने बताया कि वह बेहद गरीब परिवार से है और उसका कच्चा मकान ही उसकी आखिरी पूंजी थी कई दिनों से लगातार बारिश के कारण आज सुबह अचानक उसका पूरा घर भरभराकर गिर गया।गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के लोग घर के बाहर थे, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन घर में रखा सारा अनाज, कपड़े, बर्तन और गृहस्थी का सारा सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गया।प्रशासन से लगाई गुहार पीड़ित परिवार ने तहसीलदार बारा, BDO शंकरगढ़ और ग्राम प्रधान से मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत तत्काल आवास दिया जाए।आपदा राहत कोष से आर्थिक मदद दी जाए ताकि परिवार फिर से अपना आशियाना बना सके।बारिश में गरीब का घर गिरने से गांव में सहानुभूति का माहौल है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से गरीब परिवार की मदद की मांग की है।
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    शंकरगढ़ टिकरौही कला बसहरा उपरहार की रंजना कुशवाहा का घर गिरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को बेबस मदद की लगा रही गुहार
प्रयागराज विकास खंड शंकरगढ़ के अंतर्गत ग्राम सभा टिकरौही कला, मजरा बसहरा उपहार लगातार हो रही बारिश एक गरीब परिवार के लिए आफत बन गई। बारिश के कारण एक गरीब का आशियाना पूरी तरह से जमींदोज हो गया और परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया।पीड़िता का नाम रंजना कुशवाहा पत्नी जीवनलाल कुशवाहा, निवासी टिकरौही कला बसहरा उपहार, शंकरगढ़ है रंजना ने बताया कि वह बेहद गरीब परिवार से है और उसका कच्चा मकान ही उसकी आखिरी पूंजी थी कई दिनों से लगातार बारिश के कारण आज सुबह अचानक उसका पूरा घर भरभराकर गिर गया।गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के लोग घर के बाहर थे, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन घर में रखा सारा अनाज, कपड़े, बर्तन और गृहस्थी का सारा सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गया।प्रशासन से लगाई गुहार
पीड़ित परिवार ने तहसीलदार बारा, BDO शंकरगढ़ और ग्राम प्रधान से मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत तत्काल आवास दिया जाए।आपदा राहत कोष से आर्थिक मदद दी जाए ताकि परिवार फिर से अपना आशियाना बना सके।बारिश में गरीब का घर गिरने से गांव में सहानुभूति का माहौल है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से गरीब परिवार की मदद की मांग की है।
    user_राकेश पटेल सी न्यूज़
    राकेश पटेल सी न्यूज़
    Voice of people बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मिर्ज़ापुर के प्रसिद्ध माँ विंध्यवासिनी धाम में शुक्रवार को ADG जोन वाराणसी नवीन अरोड़ा सपरिवार पहुंचे। उन्होंने मां विंध्यवासिनी का विधिवत दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की। दर्शन पूजन तीर्थ पुरोहित धीरज मिश्रा ने कराया, मंदिर परिसर में पहुंचने पर श्रद्धालुओं के बीच भी विशेष उत्साह देखने को मिला। बताया गया कि ADG जोन वाराणसी का धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। दर्शन-पूजन के उपरांत आचार्य अनुपम एवं विनय महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान का हवन-पूजन संपन्न कराया। इस दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां विंध्यवासिनी से आशीर्वाद प्राप्त किया गया। हवन के दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। वैदिक मंत्रों और हवन की आहुतियों से पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया। अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद आचार्यों ने ADG एवं उनके परिवार को मां विंध्यवासिनी का प्रसाद एवं आशीर्वाद प्रदान किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिसकर्मी भी मुस्तैद रहे। मां विंध्यवासिनी के दर्शन के बाद ADG जोन वाराणसी ने धाम की धार्मिक महत्ता और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की।
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    मिर्ज़ापुर के प्रसिद्ध माँ विंध्यवासिनी धाम में शुक्रवार को ADG जोन वाराणसी नवीन अरोड़ा सपरिवार पहुंचे। उन्होंने मां विंध्यवासिनी का विधिवत दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की। दर्शन पूजन तीर्थ  पुरोहित धीरज मिश्रा ने कराया,
मंदिर परिसर में पहुंचने पर श्रद्धालुओं के बीच भी विशेष उत्साह देखने को मिला।
बताया गया कि ADG जोन वाराणसी का धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। दर्शन-पूजन के उपरांत आचार्य अनुपम एवं विनय महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान का हवन-पूजन संपन्न कराया। इस दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां विंध्यवासिनी से आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
हवन के दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। वैदिक मंत्रों और हवन की आहुतियों से पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया। अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद आचार्यों ने ADG एवं उनके परिवार को मां विंध्यवासिनी का प्रसाद एवं आशीर्वाद प्रदान किया।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिसकर्मी भी मुस्तैद रहे। मां विंध्यवासिनी के दर्शन के बाद ADG जोन वाराणसी ने धाम की धार्मिक महत्ता और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की।
    user_Manjay Varma
    Manjay Varma
    लालगंज, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • प्रयागराज व्यूरो रिपोर्ट प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में बाइक सवार हादसा हो गया
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    प्रयागराज व्यूरो रिपोर्ट प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में बाइक सवार हादसा हो गया
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Meja, Prayagraj•
    6 hrs ago
  • *प्रयागराज के धूमनगंज थाना अंतर्गत हरवारा के एक अपार्टमेंट मे हुयी अलोक गुप्ता नामक यूवक की हत्या के बाद तीनो हत्यारोपी लाश को बोरे मे भर कर ले जाते हुए सीसीटीवी मे हुए कैद।* वीडियो हुआ वायरल *प्रयागराज के धूमनगंज थाना अंतर्गत हरवारा के एक अपार्टमेंट मे हुयी अलोक गुप्ता नामक यूवक की हत्या के बाद तीनो हत्यारोपी लाश को बोरे मे भर कर ले जाते हुए सीसीटीवी मे हुए कैद।* वीडियो हुआ वायरल
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    *प्रयागराज के धूमनगंज थाना अंतर्गत हरवारा के एक अपार्टमेंट मे हुयी अलोक गुप्ता नामक यूवक की हत्या के बाद तीनो हत्यारोपी लाश को बोरे मे भर कर ले जाते हुए सीसीटीवी मे हुए कैद।*
वीडियो हुआ वायरल
*प्रयागराज के धूमनगंज थाना अंतर्गत हरवारा के एक अपार्टमेंट मे हुयी अलोक गुप्ता नामक यूवक की हत्या के बाद तीनो हत्यारोपी लाश को बोरे मे भर कर ले जाते हुए सीसीटीवी मे हुए कैद।*
वीडियो हुआ वायरल
    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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