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गढ़वा जिले के भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानवीय संवेदना को तार-तार करने का एक मामला सामने आया है। अस्पताल पर गंभीर आरोप है कि उसने प्रसव पीड़ा से कराहती एक महिला को रेफर करने के बाद गढ़वा ले जाने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई, जबकि उसी अस्पताल में एक बुजुर्ग महिला की मौत होने पर उसके शव को ले जाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा तुरंत प्रदान की गई। जानकारी के अनुसार, भवनाथपुर पंचायत के बुका गांव की सुमन देवी (पति दुर्गेश पासवान) को बीती रात करीब 9 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाए। एएनएम गुलाब खलखो ने जांच के बाद 'अभी विलंब है' कहकर महिला को घर भेज दिया। रात लगभग 2-2:30 बजे फिर से पीड़ा बढ़ने पर परिजन दोबारा अस्पताल पहुंचे, जहाँ एएनएम गुलाब खलखो ने फिर आश्वासन दिया कि कोई दिक्कत नहीं है और सब ठीक हो जाएगा, बावजूद इसके कि परिजनों ने बाहर ले जाने की इच्छा जताई थी। चार-पांच घंटे बाद जब प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ गई और महिला दर्द से कराहने लगी, तब एएनएम ने हाथ खड़े कर दिए और बाहर ले जाने को कहा। करीब 10 बजे डॉक्टर रंजन दास ने महिला की जांच कर उसे रेफर कर दिया। रेफर किए जाने के बाद महिला को अस्पताल परिसर में खुले आसमान के नीचे एक चबूतरे पर घंटों दर्द से कराहते हुए छोड़ दिया गया। अस्पताल प्रबंधन ने उसे डेढ़ घंटे तक एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराया, जिससे परिजनों को निजी वाहन की तलाश करनी पड़ी। इतना ही नहीं, परिजनों से बाहर से दवाइयां भी मंगवाई गई थीं। इसी बीच, अस्पताल में माईधिया गांव की बुजुर्ग महिला सरोज देवी की मौत हो जाती है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर उस मृत महिला का शव ले जाने के लिए एम्बुलेंस तुरंत उपलब्ध करा दिया जाता है। दूसरी ओर, प्रसव पीड़ा से छटपटाती महिला को एम्बुलेंस नहीं दिया गया और उसे निजी गाड़ी खोजने को कहा गया। इस संबंध में डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने बाद में कहा कि उन्हें प्रसव पीड़ा से कराहती महिला के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी, और मृत महिला के परिजनों के पास संसाधन न होने के कारण एम्बुलेंस से शव भेजने का आदेश उन्होंने दिया था, जिसे उन्होंने 'थोड़ी सी चूक' बताया। अस्पताल प्रबंधन की इस घोर लापरवाही और अमानवीय संवेदना पर पीड़ित के भाई गनौरी पासवान, बहन गीता देवी और अन्य परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। अंततः, डेढ़ घंटे के बाद निजी वाहन से प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को गढ़वा ले जाया गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर मानवीय संवेदना को तार-तार करने का आरोप लगाया है।

7 hrs ago
user_MD Ostaj Raza
MD Ostaj Raza
भवनथपुर, गढ़वा, झारखंड•
7 hrs ago
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गढ़वा जिले के भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानवीय संवेदना को तार-तार करने का एक मामला सामने आया है। अस्पताल पर गंभीर आरोप है कि उसने प्रसव पीड़ा से कराहती एक महिला को रेफर करने के बाद गढ़वा ले जाने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई, जबकि उसी अस्पताल में एक बुजुर्ग महिला की मौत होने पर उसके शव को ले जाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा तुरंत प्रदान की गई। जानकारी के अनुसार, भवनाथपुर पंचायत के बुका गांव की सुमन देवी (पति दुर्गेश पासवान) को बीती रात करीब 9 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाए। एएनएम गुलाब खलखो ने जांच के बाद 'अभी विलंब है' कहकर महिला को घर भेज दिया। रात लगभग 2-2:30 बजे फिर से पीड़ा बढ़ने पर परिजन दोबारा अस्पताल पहुंचे, जहाँ एएनएम गुलाब खलखो ने फिर आश्वासन दिया कि कोई दिक्कत नहीं है और

सब ठीक हो जाएगा, बावजूद इसके कि परिजनों ने बाहर ले जाने की इच्छा जताई थी। चार-पांच घंटे बाद जब प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ गई और महिला दर्द से कराहने लगी, तब एएनएम ने हाथ खड़े कर दिए और बाहर ले जाने को कहा। करीब 10 बजे डॉक्टर रंजन दास ने महिला की जांच कर उसे रेफर कर दिया। रेफर किए जाने के बाद महिला को अस्पताल परिसर में खुले आसमान के नीचे एक चबूतरे पर घंटों दर्द से कराहते हुए छोड़ दिया गया। अस्पताल प्रबंधन ने उसे डेढ़ घंटे तक एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराया, जिससे परिजनों को निजी वाहन की तलाश करनी पड़ी। इतना ही नहीं, परिजनों से बाहर से दवाइयां भी मंगवाई गई थीं। इसी बीच, अस्पताल में माईधिया गांव की बुजुर्ग महिला सरोज देवी की मौत हो जाती है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर उस मृत महिला का

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शव ले जाने के लिए एम्बुलेंस तुरंत उपलब्ध करा दिया जाता है। दूसरी ओर, प्रसव पीड़ा से छटपटाती महिला को एम्बुलेंस नहीं दिया गया और उसे निजी गाड़ी खोजने को कहा गया। इस संबंध में डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने बाद में कहा कि उन्हें प्रसव पीड़ा से कराहती महिला के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी, और मृत महिला के परिजनों के पास संसाधन न होने के कारण एम्बुलेंस से शव भेजने का आदेश उन्होंने दिया था, जिसे उन्होंने 'थोड़ी सी चूक' बताया। अस्पताल प्रबंधन की इस घोर लापरवाही और अमानवीय संवेदना पर पीड़ित के भाई गनौरी पासवान, बहन गीता देवी और अन्य परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। अंततः, डेढ़ घंटे के बाद निजी वाहन से प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को गढ़वा ले जाया गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर मानवीय संवेदना को तार-तार करने का आरोप लगाया है।

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  • झारखंड और बिहार में दलित समुदाय अभी भी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ है, जिससे उन्हें गंभीर संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बिहार में दलितों की स्थिति विशेष रूप से दयनीय है। एक रिपोर्ट (NACDAOR) के अनुसार, राज्य में लगभग 84% दलित परिवार भूमिहीन हैं और उनकी औसत मासिक आय लगभग ₹6,480 है, जो राज्य के औसत से काफी कम है। साक्षरता दर भी चिंताजनक है, जहां लगभग 62% दलित आबादी अशिक्षित है और बेरोजगारी दर 63% के करीब बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, दलितों के खिलाफ उत्पीड़न के मामले लगातार सामने आ रहे हैं; वर्ष 2010 से 2022 के बीच राज्य में 85,000 से अधिक अत्याचार के मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि चुनाव दर चुनाव दलितों को लुभाया तो गया, लेकिन योजनाएँ और वादे केवल राजनीति तक ही सीमित रह गए, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में कोई वास्तविक सुधार नहीं हुआ। झारखंड में भी दलित आबादी आर्थिक रूप से पिछड़ी है। राज्य बनने के बाद भी, वे मुख्य रूप से भूमिहीन हैं और अनौपचारिक व मजदूरी कार्यों पर निर्भर हैं, जिससे वे मुख्यधारा के विकास से वंचित हैं। यहां भूमि विवाद और अत्याचार की घटनाएं एक प्रमुख समस्या हैं, जिसमें जमीन हथियाने और सीएनटी/CNT एक्ट का उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं। राजनीतिक रूप से भी दलित हाशिए पर हैं; कई दलित बस्तियां मतदान तो करती हैं लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं और सरकारी लाभ का पूरा हिस्सा नहीं मिल पाता है।
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    झारखंड और बिहार में दलित समुदाय अभी भी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ है, जिससे उन्हें गंभीर संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

बिहार में दलितों की स्थिति विशेष रूप से दयनीय है। एक रिपोर्ट (NACDAOR) के अनुसार, राज्य में लगभग 84% दलित परिवार भूमिहीन हैं और उनकी औसत मासिक आय लगभग ₹6,480 है, जो राज्य के औसत से काफी कम है। साक्षरता दर भी चिंताजनक है, जहां लगभग 62% दलित आबादी अशिक्षित है और बेरोजगारी दर 63% के करीब बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, दलितों के खिलाफ उत्पीड़न के मामले लगातार सामने आ रहे हैं; वर्ष 2010 से 2022 के बीच राज्य में 85,000 से अधिक अत्याचार के मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि चुनाव दर चुनाव दलितों को लुभाया तो गया, लेकिन योजनाएँ और वादे केवल राजनीति तक ही सीमित रह गए, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में कोई वास्तविक सुधार नहीं हुआ।

झारखंड में भी दलित आबादी आर्थिक रूप से पिछड़ी है। राज्य बनने के बाद भी, वे मुख्य रूप से भूमिहीन हैं और अनौपचारिक व मजदूरी कार्यों पर निर्भर हैं, जिससे वे मुख्यधारा के विकास से वंचित हैं। यहां भूमि विवाद और अत्याचार की घटनाएं एक प्रमुख समस्या हैं, जिसमें जमीन हथियाने और सीएनटी/CNT एक्ट का उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं। राजनीतिक रूप से भी दलित हाशिए पर हैं; कई दलित बस्तियां मतदान तो करती हैं लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं और सरकारी लाभ का पूरा हिस्सा नहीं मिल पाता है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    14 hrs ago
  • गरहवा जिले के रंका प्रखंड में स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय के मैदान में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 65वें सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल टूर्नामेंट का दूसरा दिन गुरुवार को उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। दोपहर करीब 3:00 बजे, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) शुभम बेला टोपनो ने बालिका फुटबॉल टीम की खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर विधिवत मैच का शुभारंभ किया। इस टूर्नामेंट में रंका प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों की बालिका टीमों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे मैदान में खिलाड़ियों के उत्साह और दर्शकों की मौजूदगी से खेल का माहौल काफी रोमांचक बना रहा। इस अवसर पर बीडीओ शुभम बेला टोपनो ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। बीडीओ ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
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    गरहवा जिले के रंका प्रखंड में स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय के मैदान में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 65वें सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल टूर्नामेंट का दूसरा दिन गुरुवार को उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। दोपहर करीब 3:00 बजे, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) शुभम बेला टोपनो ने बालिका फुटबॉल टीम की खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर विधिवत मैच का शुभारंभ किया। इस टूर्नामेंट में रंका प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों की बालिका टीमों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे मैदान में खिलाड़ियों के उत्साह और दर्शकों की मौजूदगी से खेल का माहौल काफी रोमांचक बना रहा।

इस अवसर पर बीडीओ शुभम बेला टोपनो ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। बीडीओ ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • सोनभद्र जिले के पिपरी थाना क्षेत्र में हुई एक सड़क दुर्घटना में तीन बाइक सवारों की मृत्यु हो गई। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी पिपरी, सोनभद्र श्री हर्ष पाण्डेय ने एक बाइट के माध्यम से जानकारी दी।
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    सोनभद्र जिले के पिपरी थाना क्षेत्र में हुई एक सड़क दुर्घटना में तीन बाइक सवारों की मृत्यु हो गई। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी पिपरी, सोनभद्र श्री हर्ष पाण्डेय ने एक बाइट के माध्यम से जानकारी दी।
    user_Bharat kumar bharat
    Bharat kumar bharat
    पत्रकार Robertsganj, Sonbhadra•
    8 hrs ago
  • Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
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    Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र में रामपुर हत्याकांड से जुड़े एक मामले में फरार चल रहे चार मुख्य अभियुक्तों के घर पर माननीय न्यायालय, मेदिनीनगर से प्राप्त इश्तिहार चिपकाए गए हैं। यह कार्रवाई चैनपुर थाना कांड संख्या 124/2026 से संबंधित है, जो दिनांक 23.05.2026 को दर्ज किया गया था। प्राथमिकी अभियुक्तों में राहुल कुमार सिंह उर्फ बादल सिंह (पिता स्व0 मृत्युंजय सिंह), जयराम सिंह (पिता स्व0 चंद्रिका सिंह), चंदन सिंह (पिता स्व0 लालो सिंह) और बगन सिंह (पिता स्व0 लालमुनी सिंह) शामिल हैं। ये सभी रामपुर, पोस्ट-कटुअल, थाना-चैनपुर, जिला-पलामू के निवासी हैं। चैनपुर थाना के पदाधिकारी, पु0अ0नि0 क्षितिज कुमार सोनी ने दिनांक 06.07.2026 को इन चारों अभियुक्तों के घरों पर बारी-बारी से इश्तिहार चिपकाकर विधिवत तामिला की। यह मामला धारा 190, 191(2), 191(3), 115(2), 117(2), 118(1), 118(2), 333, 103(1), 109, 303(2), 75, 351(2), 352 BNS एवं 27(1) आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यदि उपरोक्त चारों प्राथमिकी अभियुक्त दिनांक 05.08.2026 तक माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो माननीय न्यायालय के अगले आदेशानुसार उनके खिलाफ कुर्की-जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और इस मामले के संदर्भ में यह स्पष्ट है कि इन फरार अभियुक्तों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, विशेषकर रामपुर हत्याकांड में उनकी कथित संलिप्तता को देखते हुए।
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    पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र में रामपुर हत्याकांड से जुड़े एक मामले में फरार चल रहे चार मुख्य अभियुक्तों के घर पर माननीय न्यायालय, मेदिनीनगर से प्राप्त इश्तिहार चिपकाए गए हैं। यह कार्रवाई चैनपुर थाना कांड संख्या 124/2026 से संबंधित है, जो दिनांक 23.05.2026 को दर्ज किया गया था।

प्राथमिकी अभियुक्तों में राहुल कुमार सिंह उर्फ बादल सिंह (पिता स्व0 मृत्युंजय सिंह), जयराम सिंह (पिता स्व0 चंद्रिका सिंह), चंदन सिंह (पिता स्व0 लालो सिंह) और बगन सिंह (पिता स्व0 लालमुनी सिंह) शामिल हैं। ये सभी रामपुर, पोस्ट-कटुअल, थाना-चैनपुर, जिला-पलामू के निवासी हैं। चैनपुर थाना के पदाधिकारी, पु0अ0नि0 क्षितिज कुमार सोनी ने दिनांक 06.07.2026 को इन चारों अभियुक्तों के घरों पर बारी-बारी से इश्तिहार चिपकाकर विधिवत तामिला की। यह मामला धारा 190, 191(2), 191(3), 115(2), 117(2), 118(1), 118(2), 333, 103(1), 109, 303(2), 75, 351(2), 352 BNS एवं 27(1) आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि यदि उपरोक्त चारों प्राथमिकी अभियुक्त दिनांक 05.08.2026 तक माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो माननीय न्यायालय के अगले आदेशानुसार उनके खिलाफ कुर्की-जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और इस मामले के संदर्भ में यह स्पष्ट है कि इन फरार अभियुक्तों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, विशेषकर रामपुर हत्याकांड में उनकी कथित संलिप्तता को देखते हुए।
    user_पब्लिक न्यूज़ झारखंड पलामू
    पब्लिक न्यूज़ झारखंड पलामू
    Advertising Photographer मेदिनीनगर (डाल्टनगंज), पलामू, झारखंड•
    13 hrs ago
  • कैमूर के एक युवक के बयान के बाद उसके वीडियो के वायरल होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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    कैमूर के एक युवक के बयान के बाद उसके वीडियो के वायरल होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
    user_गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
    गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
    Chainpur, Kaimur (Bhabua)•
    8 hrs ago
  • अपने हक और लड़ाई के लिए हमारे युवा साथी छात्रों ने दिल्ली में धरना शुरू कर दिया है। यह धरना छात्र धर्मेंद्र प्रधान की स्थिति के समर्थन में आयोजित किया गया है और इसके लिए सभी से सहयोग की अपील की जा रही है। जितने भी छात्र युवा हैं, उनसे आग्रह किया गया है कि वे दिल्ली पहुंचें और अपनी बात रखें।
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    अपने हक और लड़ाई के लिए हमारे युवा साथी छात्रों ने दिल्ली में धरना शुरू कर दिया है। यह धरना छात्र धर्मेंद्र प्रधान की स्थिति के समर्थन में आयोजित किया गया है और इसके लिए सभी से सहयोग की अपील की जा रही है। जितने भी छात्र युवा हैं, उनसे आग्रह किया गया है कि वे दिल्ली पहुंचें और अपनी बात रखें।
    user_AMIT KUMAR
    AMIT KUMAR
    Abbey सासाराम, रोहतास, बिहार•
    11 hrs ago
  • सूरजपुर जिले के चन्दोरा थाना क्षेत्र में एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना चन्दोरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई।
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    सूरजपुर जिले के चन्दोरा थाना क्षेत्र में एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना चन्दोरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई।
    user_जनता की ख़बर
    जनता की ख़बर
    Social Media Manager वाड्रफनगर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
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