logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

झारखंड और बिहार में दलित समुदाय अभी भी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ है, जिससे उन्हें गंभीर संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बिहार में दलितों की स्थिति विशेष रूप से दयनीय है। एक रिपोर्ट (NACDAOR) के अनुसार, राज्य में लगभग 84% दलित परिवार भूमिहीन हैं और उनकी औसत मासिक आय लगभग ₹6,480 है, जो राज्य के औसत से काफी कम है। साक्षरता दर भी चिंताजनक है, जहां लगभग 62% दलित आबादी अशिक्षित है और बेरोजगारी दर 63% के करीब बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, दलितों के खिलाफ उत्पीड़न के मामले लगातार सामने आ रहे हैं; वर्ष 2010 से 2022 के बीच राज्य में 85,000 से अधिक अत्याचार के मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि चुनाव दर चुनाव दलितों को लुभाया तो गया, लेकिन योजनाएँ और वादे केवल राजनीति तक ही सीमित रह गए, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में कोई वास्तविक सुधार नहीं हुआ। झारखंड में भी दलित आबादी आर्थिक रूप से पिछड़ी है। राज्य बनने के बाद भी, वे मुख्य रूप से भूमिहीन हैं और अनौपचारिक व मजदूरी कार्यों पर निर्भर हैं, जिससे वे मुख्यधारा के विकास से वंचित हैं। यहां भूमि विवाद और अत्याचार की घटनाएं एक प्रमुख समस्या हैं, जिसमें जमीन हथियाने और सीएनटी/CNT एक्ट का उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं। राजनीतिक रूप से भी दलित हाशिए पर हैं; कई दलित बस्तियां मतदान तो करती हैं लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं और सरकारी लाभ का पूरा हिस्सा नहीं मिल पाता है।

14 hrs ago
user_Ramashankar sharma
Ramashankar sharma
Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
14 hrs ago

झारखंड और बिहार में दलित समुदाय अभी भी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ है, जिससे उन्हें गंभीर संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बिहार में दलितों की स्थिति विशेष रूप से दयनीय है। एक रिपोर्ट (NACDAOR) के अनुसार, राज्य में लगभग 84% दलित परिवार भूमिहीन हैं और उनकी औसत मासिक आय लगभग ₹6,480 है, जो राज्य के औसत से काफी कम है। साक्षरता दर भी चिंताजनक है, जहां लगभग 62% दलित आबादी अशिक्षित है और बेरोजगारी दर 63% के करीब बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, दलितों के खिलाफ उत्पीड़न के मामले लगातार सामने आ रहे हैं; वर्ष 2010 से 2022 के बीच राज्य में 85,000 से अधिक अत्याचार के मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट में इस बात पर जोर

दिया गया है कि चुनाव दर चुनाव दलितों को लुभाया तो गया, लेकिन योजनाएँ और वादे केवल राजनीति तक ही सीमित रह गए, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में कोई वास्तविक सुधार नहीं हुआ। झारखंड में भी दलित आबादी आर्थिक रूप से पिछड़ी है। राज्य बनने के बाद भी, वे मुख्य रूप से भूमिहीन हैं और अनौपचारिक व मजदूरी कार्यों पर निर्भर हैं, जिससे वे मुख्यधारा के विकास से वंचित हैं। यहां भूमि विवाद और अत्याचार की घटनाएं एक प्रमुख समस्या हैं, जिसमें जमीन हथियाने और सीएनटी/CNT एक्ट का उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं। राजनीतिक रूप से भी दलित हाशिए पर हैं; कई दलित बस्तियां मतदान तो करती हैं लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं और सरकारी लाभ का पूरा हिस्सा नहीं मिल पाता है।

More news from झारखंड and nearby areas
  • झारखंड और बिहार में दलित समुदाय अभी भी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ है, जिससे उन्हें गंभीर संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बिहार में दलितों की स्थिति विशेष रूप से दयनीय है। एक रिपोर्ट (NACDAOR) के अनुसार, राज्य में लगभग 84% दलित परिवार भूमिहीन हैं और उनकी औसत मासिक आय लगभग ₹6,480 है, जो राज्य के औसत से काफी कम है। साक्षरता दर भी चिंताजनक है, जहां लगभग 62% दलित आबादी अशिक्षित है और बेरोजगारी दर 63% के करीब बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, दलितों के खिलाफ उत्पीड़न के मामले लगातार सामने आ रहे हैं; वर्ष 2010 से 2022 के बीच राज्य में 85,000 से अधिक अत्याचार के मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि चुनाव दर चुनाव दलितों को लुभाया तो गया, लेकिन योजनाएँ और वादे केवल राजनीति तक ही सीमित रह गए, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में कोई वास्तविक सुधार नहीं हुआ। झारखंड में भी दलित आबादी आर्थिक रूप से पिछड़ी है। राज्य बनने के बाद भी, वे मुख्य रूप से भूमिहीन हैं और अनौपचारिक व मजदूरी कार्यों पर निर्भर हैं, जिससे वे मुख्यधारा के विकास से वंचित हैं। यहां भूमि विवाद और अत्याचार की घटनाएं एक प्रमुख समस्या हैं, जिसमें जमीन हथियाने और सीएनटी/CNT एक्ट का उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं। राजनीतिक रूप से भी दलित हाशिए पर हैं; कई दलित बस्तियां मतदान तो करती हैं लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं और सरकारी लाभ का पूरा हिस्सा नहीं मिल पाता है।
    2
    झारखंड और बिहार में दलित समुदाय अभी भी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ है, जिससे उन्हें गंभीर संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

बिहार में दलितों की स्थिति विशेष रूप से दयनीय है। एक रिपोर्ट (NACDAOR) के अनुसार, राज्य में लगभग 84% दलित परिवार भूमिहीन हैं और उनकी औसत मासिक आय लगभग ₹6,480 है, जो राज्य के औसत से काफी कम है। साक्षरता दर भी चिंताजनक है, जहां लगभग 62% दलित आबादी अशिक्षित है और बेरोजगारी दर 63% के करीब बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, दलितों के खिलाफ उत्पीड़न के मामले लगातार सामने आ रहे हैं; वर्ष 2010 से 2022 के बीच राज्य में 85,000 से अधिक अत्याचार के मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि चुनाव दर चुनाव दलितों को लुभाया तो गया, लेकिन योजनाएँ और वादे केवल राजनीति तक ही सीमित रह गए, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में कोई वास्तविक सुधार नहीं हुआ।

झारखंड में भी दलित आबादी आर्थिक रूप से पिछड़ी है। राज्य बनने के बाद भी, वे मुख्य रूप से भूमिहीन हैं और अनौपचारिक व मजदूरी कार्यों पर निर्भर हैं, जिससे वे मुख्यधारा के विकास से वंचित हैं। यहां भूमि विवाद और अत्याचार की घटनाएं एक प्रमुख समस्या हैं, जिसमें जमीन हथियाने और सीएनटी/CNT एक्ट का उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं। राजनीतिक रूप से भी दलित हाशिए पर हैं; कई दलित बस्तियां मतदान तो करती हैं लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं और सरकारी लाभ का पूरा हिस्सा नहीं मिल पाता है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    14 hrs ago
  • गरहवा जिले के रंका प्रखंड में स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय के मैदान में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 65वें सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल टूर्नामेंट का दूसरा दिन गुरुवार को उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। दोपहर करीब 3:00 बजे, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) शुभम बेला टोपनो ने बालिका फुटबॉल टीम की खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर विधिवत मैच का शुभारंभ किया। इस टूर्नामेंट में रंका प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों की बालिका टीमों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे मैदान में खिलाड़ियों के उत्साह और दर्शकों की मौजूदगी से खेल का माहौल काफी रोमांचक बना रहा। इस अवसर पर बीडीओ शुभम बेला टोपनो ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। बीडीओ ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
    1
    गरहवा जिले के रंका प्रखंड में स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय के मैदान में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 65वें सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल टूर्नामेंट का दूसरा दिन गुरुवार को उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। दोपहर करीब 3:00 बजे, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) शुभम बेला टोपनो ने बालिका फुटबॉल टीम की खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर विधिवत मैच का शुभारंभ किया। इस टूर्नामेंट में रंका प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों की बालिका टीमों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे मैदान में खिलाड़ियों के उत्साह और दर्शकों की मौजूदगी से खेल का माहौल काफी रोमांचक बना रहा।

इस अवसर पर बीडीओ शुभम बेला टोपनो ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। बीडीओ ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • गढ़वा जिले के भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानवीय संवेदना को तार-तार करने का एक मामला सामने आया है। अस्पताल पर गंभीर आरोप है कि उसने प्रसव पीड़ा से कराहती एक महिला को रेफर करने के बाद गढ़वा ले जाने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई, जबकि उसी अस्पताल में एक बुजुर्ग महिला की मौत होने पर उसके शव को ले जाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा तुरंत प्रदान की गई। जानकारी के अनुसार, भवनाथपुर पंचायत के बुका गांव की सुमन देवी (पति दुर्गेश पासवान) को बीती रात करीब 9 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाए। एएनएम गुलाब खलखो ने जांच के बाद 'अभी विलंब है' कहकर महिला को घर भेज दिया। रात लगभग 2-2:30 बजे फिर से पीड़ा बढ़ने पर परिजन दोबारा अस्पताल पहुंचे, जहाँ एएनएम गुलाब खलखो ने फिर आश्वासन दिया कि कोई दिक्कत नहीं है और सब ठीक हो जाएगा, बावजूद इसके कि परिजनों ने बाहर ले जाने की इच्छा जताई थी। चार-पांच घंटे बाद जब प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ गई और महिला दर्द से कराहने लगी, तब एएनएम ने हाथ खड़े कर दिए और बाहर ले जाने को कहा। करीब 10 बजे डॉक्टर रंजन दास ने महिला की जांच कर उसे रेफर कर दिया। रेफर किए जाने के बाद महिला को अस्पताल परिसर में खुले आसमान के नीचे एक चबूतरे पर घंटों दर्द से कराहते हुए छोड़ दिया गया। अस्पताल प्रबंधन ने उसे डेढ़ घंटे तक एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराया, जिससे परिजनों को निजी वाहन की तलाश करनी पड़ी। इतना ही नहीं, परिजनों से बाहर से दवाइयां भी मंगवाई गई थीं। इसी बीच, अस्पताल में माईधिया गांव की बुजुर्ग महिला सरोज देवी की मौत हो जाती है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर उस मृत महिला का शव ले जाने के लिए एम्बुलेंस तुरंत उपलब्ध करा दिया जाता है। दूसरी ओर, प्रसव पीड़ा से छटपटाती महिला को एम्बुलेंस नहीं दिया गया और उसे निजी गाड़ी खोजने को कहा गया। इस संबंध में डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने बाद में कहा कि उन्हें प्रसव पीड़ा से कराहती महिला के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी, और मृत महिला के परिजनों के पास संसाधन न होने के कारण एम्बुलेंस से शव भेजने का आदेश उन्होंने दिया था, जिसे उन्होंने 'थोड़ी सी चूक' बताया। अस्पताल प्रबंधन की इस घोर लापरवाही और अमानवीय संवेदना पर पीड़ित के भाई गनौरी पासवान, बहन गीता देवी और अन्य परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। अंततः, डेढ़ घंटे के बाद निजी वाहन से प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को गढ़वा ले जाया गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर मानवीय संवेदना को तार-तार करने का आरोप लगाया है।
    3
    गढ़वा जिले के भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानवीय संवेदना को तार-तार करने का एक मामला सामने आया है। अस्पताल पर गंभीर आरोप है कि उसने प्रसव पीड़ा से कराहती एक महिला को रेफर करने के बाद गढ़वा ले जाने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई, जबकि उसी अस्पताल में एक बुजुर्ग महिला की मौत होने पर उसके शव को ले जाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा तुरंत प्रदान की गई।

जानकारी के अनुसार, भवनाथपुर पंचायत के बुका गांव की सुमन देवी (पति दुर्गेश पासवान) को बीती रात करीब 9 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाए। एएनएम गुलाब खलखो ने जांच के बाद 'अभी विलंब है' कहकर महिला को घर भेज दिया। रात लगभग 2-2:30 बजे फिर से पीड़ा बढ़ने पर परिजन दोबारा अस्पताल पहुंचे, जहाँ एएनएम गुलाब खलखो ने फिर आश्वासन दिया कि कोई दिक्कत नहीं है और सब ठीक हो जाएगा, बावजूद इसके कि परिजनों ने बाहर ले जाने की इच्छा जताई थी। चार-पांच घंटे बाद जब प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ गई और महिला दर्द से कराहने लगी, तब एएनएम ने हाथ खड़े कर दिए और बाहर ले जाने को कहा। करीब 10 बजे डॉक्टर रंजन दास ने महिला की जांच कर उसे रेफर कर दिया। रेफर किए जाने के बाद महिला को अस्पताल परिसर में खुले आसमान के नीचे एक चबूतरे पर घंटों दर्द से कराहते हुए छोड़ दिया गया। अस्पताल प्रबंधन ने उसे डेढ़ घंटे तक एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराया, जिससे परिजनों को निजी वाहन की तलाश करनी पड़ी। इतना ही नहीं, परिजनों से बाहर से दवाइयां भी मंगवाई गई थीं।

इसी बीच, अस्पताल में माईधिया गांव की बुजुर्ग महिला सरोज देवी की मौत हो जाती है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर उस मृत महिला का शव ले जाने के लिए एम्बुलेंस तुरंत उपलब्ध करा दिया जाता है। दूसरी ओर, प्रसव पीड़ा से छटपटाती महिला को एम्बुलेंस नहीं दिया गया और उसे निजी गाड़ी खोजने को कहा गया। इस संबंध में डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने बाद में कहा कि उन्हें प्रसव पीड़ा से कराहती महिला के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी, और मृत महिला के परिजनों के पास संसाधन न होने के कारण एम्बुलेंस से शव भेजने का आदेश उन्होंने दिया था, जिसे उन्होंने 'थोड़ी सी चूक' बताया।

अस्पताल प्रबंधन की इस घोर लापरवाही और अमानवीय संवेदना पर पीड़ित के भाई गनौरी पासवान, बहन गीता देवी और अन्य परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। अंततः, डेढ़ घंटे के बाद निजी वाहन से प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को गढ़वा ले जाया गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर मानवीय संवेदना को तार-तार करने का आरोप लगाया है।
    user_MD Ostaj Raza
    MD Ostaj Raza
    भवनथपुर, गढ़वा, झारखंड•
    7 hrs ago
  • पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र में रामपुर हत्याकांड से जुड़े एक मामले में फरार चल रहे चार मुख्य अभियुक्तों के घर पर माननीय न्यायालय, मेदिनीनगर से प्राप्त इश्तिहार चिपकाए गए हैं। यह कार्रवाई चैनपुर थाना कांड संख्या 124/2026 से संबंधित है, जो दिनांक 23.05.2026 को दर्ज किया गया था। प्राथमिकी अभियुक्तों में राहुल कुमार सिंह उर्फ बादल सिंह (पिता स्व0 मृत्युंजय सिंह), जयराम सिंह (पिता स्व0 चंद्रिका सिंह), चंदन सिंह (पिता स्व0 लालो सिंह) और बगन सिंह (पिता स्व0 लालमुनी सिंह) शामिल हैं। ये सभी रामपुर, पोस्ट-कटुअल, थाना-चैनपुर, जिला-पलामू के निवासी हैं। चैनपुर थाना के पदाधिकारी, पु0अ0नि0 क्षितिज कुमार सोनी ने दिनांक 06.07.2026 को इन चारों अभियुक्तों के घरों पर बारी-बारी से इश्तिहार चिपकाकर विधिवत तामिला की। यह मामला धारा 190, 191(2), 191(3), 115(2), 117(2), 118(1), 118(2), 333, 103(1), 109, 303(2), 75, 351(2), 352 BNS एवं 27(1) आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यदि उपरोक्त चारों प्राथमिकी अभियुक्त दिनांक 05.08.2026 तक माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो माननीय न्यायालय के अगले आदेशानुसार उनके खिलाफ कुर्की-जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और इस मामले के संदर्भ में यह स्पष्ट है कि इन फरार अभियुक्तों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, विशेषकर रामपुर हत्याकांड में उनकी कथित संलिप्तता को देखते हुए।
    1
    पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र में रामपुर हत्याकांड से जुड़े एक मामले में फरार चल रहे चार मुख्य अभियुक्तों के घर पर माननीय न्यायालय, मेदिनीनगर से प्राप्त इश्तिहार चिपकाए गए हैं। यह कार्रवाई चैनपुर थाना कांड संख्या 124/2026 से संबंधित है, जो दिनांक 23.05.2026 को दर्ज किया गया था।

प्राथमिकी अभियुक्तों में राहुल कुमार सिंह उर्फ बादल सिंह (पिता स्व0 मृत्युंजय सिंह), जयराम सिंह (पिता स्व0 चंद्रिका सिंह), चंदन सिंह (पिता स्व0 लालो सिंह) और बगन सिंह (पिता स्व0 लालमुनी सिंह) शामिल हैं। ये सभी रामपुर, पोस्ट-कटुअल, थाना-चैनपुर, जिला-पलामू के निवासी हैं। चैनपुर थाना के पदाधिकारी, पु0अ0नि0 क्षितिज कुमार सोनी ने दिनांक 06.07.2026 को इन चारों अभियुक्तों के घरों पर बारी-बारी से इश्तिहार चिपकाकर विधिवत तामिला की। यह मामला धारा 190, 191(2), 191(3), 115(2), 117(2), 118(1), 118(2), 333, 103(1), 109, 303(2), 75, 351(2), 352 BNS एवं 27(1) आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि यदि उपरोक्त चारों प्राथमिकी अभियुक्त दिनांक 05.08.2026 तक माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो माननीय न्यायालय के अगले आदेशानुसार उनके खिलाफ कुर्की-जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और इस मामले के संदर्भ में यह स्पष्ट है कि इन फरार अभियुक्तों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, विशेषकर रामपुर हत्याकांड में उनकी कथित संलिप्तता को देखते हुए।
    user_पब्लिक न्यूज़ झारखंड पलामू
    पब्लिक न्यूज़ झारखंड पलामू
    Advertising Photographer मेदिनीनगर (डाल्टनगंज), पलामू, झारखंड•
    13 hrs ago
  • श्रीनगर नगर निवासी ओमप्रकाश चंद्रवंशी की हत्या कर दी गई है, जिनका शव पलामू जिले के मोहम्मद गंज जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ मिला। कांडी थाना को इसकी सूचना दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद ओमप्रकाश का शव पेड़ से लटका हुआ पाया गया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना को लेकर जब ओमप्रकाश के माता-पिता और उनके बड़े जीजा से पूछताछ की गई, तो परिवार वालों ने सीधे तौर पर एक लड़की और उसके परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस से कार्रवाई की मांग करते हुए, लड़के के परिजन और गांव वाले कांडी थाना का घेराव करने पहुंचे, उनका कहना था कि पुलिस द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है और अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
    1
    श्रीनगर नगर निवासी ओमप्रकाश चंद्रवंशी की हत्या कर दी गई है, जिनका शव पलामू जिले के मोहम्मद गंज जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ मिला। कांडी थाना को इसकी सूचना दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद ओमप्रकाश का शव पेड़ से लटका हुआ पाया गया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

इस घटना को लेकर जब ओमप्रकाश के माता-पिता और उनके बड़े जीजा से पूछताछ की गई, तो परिवार वालों ने सीधे तौर पर एक लड़की और उसके परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस से कार्रवाई की मांग करते हुए, लड़के के परिजन और गांव वाले कांडी थाना का घेराव करने पहुंचे, उनका कहना था कि पुलिस द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है और अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
    user_Excellent news 66
    Excellent news 66
    Kandi, Garhwa•
    13 hrs ago
  • देशभर के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है।
    1
    देशभर के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है।
    user_SatSahib Ashish Ramdas ji
    SatSahib Ashish Ramdas ji
    खरौंधी, गढ़वा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • सोनभद्र जिले के रेणुकूट नगर पंचायत के वार्ड संख्या-1 में शुभकामना फाउंडेशन द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक विशेष जनजागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत सरकार के राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हुए, इस अभियान में वार्ड की सभासद श्रीमती चंदा देवी और समाजसेवी चंदन ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। फाउंडेशन के स्वयंसेवक मौसम यादव, संदीप कुमार, देव सिंह और तनिष्क कुमार ने घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षणों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने लोगों को स्पष्ट किया कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, रात में बुखार, पसीना आना, वजन कम होना या बलगम में खून आने जैसे लक्षण होने पर बिना किसी संकोच के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर निःशुल्क जांच करानी चाहिए। उन्होंने टीबी के प्रति सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने और रोगियों के साथ भेदभाव न करने की अपील भी की। शुभकामना फाउंडेशन के सुभाष राय ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि जनभागीदारी के बिना टीबी मुक्त भारत का संकल्प पूरा करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन लगातार संभावित मरीजों की पहचान करने और उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का कार्य कर रहा है। अंत में, उन्होंने समाज के सभी जागरूक नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं से अपने क्षेत्रों में इस दिशा में सहयोग करने का आग्रह किया ताकि टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को समय पर साकार किया जा सके।
    1
    सोनभद्र जिले के रेणुकूट नगर पंचायत के वार्ड संख्या-1 में शुभकामना फाउंडेशन द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक विशेष जनजागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत सरकार के राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हुए, इस अभियान में वार्ड की सभासद श्रीमती चंदा देवी और समाजसेवी चंदन ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

फाउंडेशन के स्वयंसेवक मौसम यादव, संदीप कुमार, देव सिंह और तनिष्क कुमार ने घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षणों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने लोगों को स्पष्ट किया कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, रात में बुखार, पसीना आना, वजन कम होना या बलगम में खून आने जैसे लक्षण होने पर बिना किसी संकोच के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर निःशुल्क जांच करानी चाहिए। उन्होंने टीबी के प्रति सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने और रोगियों के साथ भेदभाव न करने की अपील भी की।

शुभकामना फाउंडेशन के सुभाष राय ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि जनभागीदारी के बिना टीबी मुक्त भारत का संकल्प पूरा करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन लगातार संभावित मरीजों की पहचान करने और उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का कार्य कर रहा है। अंत में, उन्होंने समाज के सभी जागरूक नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं से अपने क्षेत्रों में इस दिशा में सहयोग करने का आग्रह किया ताकि टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को समय पर साकार किया जा सके।
    user_संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    Dudhi, Sonbhadra•
    2 hrs ago
  • सोनभद्र जनपद में एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना तब हुई जब एक बाइक पर सवार होकर जा रहे इन तीनों युवकों की हाइवा से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि तीनों की जान तत्काल चली गई और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी (CO) ने भी इस घटना की पुष्टि की है, जिसमें बताया गया कि सड़क दुर्घटना में बाइक सवार तीन युवकों की मृत्यु हुई है। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दुखद घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें, निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाएँ और सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक सावधानियां बरतें।
    1
    सोनभद्र जनपद में एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना तब हुई जब एक बाइक पर सवार होकर जा रहे इन तीनों युवकों की हाइवा से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि तीनों की जान तत्काल चली गई और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी (CO) ने भी इस घटना की पुष्टि की है, जिसमें बताया गया कि सड़क दुर्घटना में बाइक सवार तीन युवकों की मृत्यु हुई है। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दुखद घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें, निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाएँ और सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक सावधानियां बरतें।
    user_Jitendr Prshad
    Jitendr Prshad
    Court reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.