मांगों को लेकर संविदा एएनएम ने सीएमओ को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की दी चेतावनी सिद्धार्थनगर जिले में लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ की संविदा एएनएम ने शनिवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। एएनएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की। उनका कहना है कि पूर्व में कई बार विभाग और प्रशासन को ज्ञापन देकर समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संविदा एएनएम ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कई बार अधिकारियों से वार्ता और ज्ञापन के माध्यम से समस्या के समाधान का अनुरोध किया गया, लेकिन सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। इससे आक्रोशित होकर सभी संविदा एएनएम ने मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। ज्ञापन में कहा गया है कि कार्य बहिष्कार के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार का बड़ा व्यवधान उत्पन्न होता है तो इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे ने एएनएम की समस्याओं को सुना और उनकी मांगों को जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया। कार्य बहिष्कार में नीतू अहिरवार, प्रियंका जायसवाल, सोनी, सुनंदा, सिंधु, साधना, कुमकुम, रुचि पांडेय, रजनी यादव, सपना भारती, रेखा, राधिका देवी, सुनीता सिंह, अंकिता सिंह, पूजा गुप्ता, नीलम गुप्ता और निर्मला सहित अन्य संविदा एएनएम शामिल रहीं।
मांगों को लेकर संविदा एएनएम ने सीएमओ को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की दी चेतावनी सिद्धार्थनगर जिले में लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ की संविदा एएनएम ने शनिवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। एएनएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की। उनका कहना है कि पूर्व में कई बार विभाग और प्रशासन को ज्ञापन देकर समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संविदा एएनएम ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कई बार अधिकारियों से वार्ता और ज्ञापन के माध्यम से समस्या के समाधान का अनुरोध किया गया, लेकिन सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। इससे आक्रोशित होकर सभी संविदा एएनएम ने मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। ज्ञापन में कहा गया है कि कार्य बहिष्कार के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार का बड़ा व्यवधान उत्पन्न होता है तो इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे ने एएनएम की समस्याओं को सुना और उनकी मांगों को जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया। कार्य बहिष्कार में नीतू अहिरवार, प्रियंका जायसवाल, सोनी, सुनंदा, सिंधु, साधना, कुमकुम, रुचि पांडेय, रजनी यादव, सपना भारती, रेखा, राधिका देवी, सुनीता सिंह, अंकिता सिंह, पूजा गुप्ता, नीलम गुप्ता और निर्मला सहित अन्य संविदा एएनएम शामिल रहीं।
- मांगों को लेकर संविदा एएनएम ने सीएमओ को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की दी चेतावनी सिद्धार्थनगर जिले में लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ की संविदा एएनएम ने शनिवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। एएनएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की। उनका कहना है कि पूर्व में कई बार विभाग और प्रशासन को ज्ञापन देकर समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संविदा एएनएम ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कई बार अधिकारियों से वार्ता और ज्ञापन के माध्यम से समस्या के समाधान का अनुरोध किया गया, लेकिन सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। इससे आक्रोशित होकर सभी संविदा एएनएम ने मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। ज्ञापन में कहा गया है कि कार्य बहिष्कार के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार का बड़ा व्यवधान उत्पन्न होता है तो इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे ने एएनएम की समस्याओं को सुना और उनकी मांगों को जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया। कार्य बहिष्कार में नीतू अहिरवार, प्रियंका जायसवाल, सोनी, सुनंदा, सिंधु, साधना, कुमकुम, रुचि पांडेय, रजनी यादव, सपना भारती, रेखा, राधिका देवी, सुनीता सिंह, अंकिता सिंह, पूजा गुप्ता, नीलम गुप्ता और निर्मला सहित अन्य संविदा एएनएम शामिल रहीं।1
- उफान पर राप्ती व बूढ़ी राप्ती, DM और SP ने कमान संभाल बाढ़ प्रभावित इलाकों का लिया जायजा उफान पर राप्ती व बूढ़ी राप्ती, DM और SP ने कमान संभाल बाढ़ प्रभावित इलाकों का लिया जायजा बांसी,सिद्धार्थनगर। शनिवार को जनपद में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ की स्थिति और नदियों के जलस्तर का जायजा लेने के लिए शनिवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने खुद धरातल पर उतरकर मोर्चा संभाला।दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने राप्ती नदी (बांसी) और बूढ़ी राप्ती नदी (ककरही) के तटीय इलाकों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने नदी तटों की स्थिति, पानी के बहाव और कटान की संभावनाओं का बारीक मुआयना किया। जिलाधिकारी निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे सभी बंधों और संवेदनशील तटबंधों की निरंतर और सतर्कता से निगरानी बनाए रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और हर स्थिति पर बारीक नजर रखी जा रही है।लगातार हो रही बारिश और नदियों में उफान को देखते हुए जिलाधिकारी ने आम जनता से सतर्क रहने का आह्वान किया है। उन्होंने अपील करते हुए कहा, "नागरिक आवश्यक कार्य होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या जलभराव/बाढ़ से जुड़ी समस्या होने पर तुरंत जिला प्रशासन को सूचित करें, सहायता के लिए पूरी टीम तत्पर है।इस निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने सुरक्षा व्यवस्था और राहत-बचाव तैयारियों का जायजा लिया तथा मातहतों को निर्देशित किया कि वे तटीय क्षेत्रों के ग्रामीणों से लगातार संपर्क में रहें।इस अवसर पर IPS क्षेत्राधिकार सदर विश्वजीत सौरयान,तहसीलदार बांसी शेखर शुक्ला,प्रभारी निरिक्षक बांसी महेन्द्र प्रताप चतुर्वेदी,संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- श्री गणेशय नम : 👍🏽👍🏽👍🏽👍🏽👍🏽👍🏽👍🏽👍🏽👍🏽🌹🌹🌹🌹1
- बीते तीन दिनों से आंधी तूफान संग हो रही बारिश ने आम जनजीवन को किया प्रभावित जगह जगह पेड़ गिरने से विद्युत व्यवस्था मेंहदावल क्षेत्र में हुई बाधित नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों में अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर लोग विद्युत न होने से नही हो रहा है मोबाइल चार्ज, आम जनजीवन अस्त व्यस्त सड़को से लेकर बाजारों में पसरा सन्नाटा ऑनलाइन फूड डिलीवरी करने वाले स्वीगी, जोमैटो आदि ने खड़े किए हाथ लगातार बारिश ने लोगों के दिनचर्या को किया प्रभावित बारिश से पुराने मकानों के गिरने का बढ़ा खतरा संतकबीरनगर जनपद के मेंहदावल नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश व हवाओं ने बिगाड़ा मौसम का मिजाज4
- बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा, मुहचोरवा घाट पर चिंता:लगातार बारिश से आसपास के गांवों में जलभराव की आशंका, प्रशासन से निगरानी की मांग Updated 09:06 PM IST  बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा, मुहचोरवा घाट पर चिंता:लगातार बारिश से आसपास के गांवों में जलभराव की आशंका, प्रशासन से निगरानी जिले में तीन दिन से हो रही लगातार बारिश के कारण बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इसका असर मुहचोरवा घाट पर दिख रहा है, जिससे आसपास के गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। लोग लगातार नदी के पानी के स्तर पर नजर रख रहे हैं। नदी में पानी का बहाव काफी तेज हो गया है। मुहचोरवा घाट पर पानी पहले से काफी ज्यादा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बारिश जारी रही तो पानी का स्तर और बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही कई जगह पानी भर गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी के पानी के स्तर की निगरानी और बाढ़ की तैयारियां पूरी रखने की मांग की है। लोग मुहचोरवा घाट पर बढ़ते पानी को देखने पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने नदी के किनारे जाने में सावधानी बरतने को कहा है। प्रशासन भी नदी और निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रख रहा है।1
- *चंदौली की सड़कों पर उतरा 308 पहियों वाला महाकाय ट्रक, देखने के लिए लोगों की उमड़ी भीड़।* हाईवे पर करीब 180 टन वजनी विशाल वेसल को लेकर दौड़ रहा महाकाय ट्रांसपोर्टर, बेल्जियम से समुद्री रास्ते के जरिए ओडिशा पहुंचा था विशाल वेसल, ओडिशा से झारखंड और बिहार होते हुए यूपी की सीमा में पहुंचा। मोहनिया टोल प्लाजा से गुजरकर यूपी- बिहार बॉर्डर की ओर बढ़ा ट्रक, सुरक्षित आवागमन को लेकर NHAI अलर्ट। बलरामपुर की प्रस्तावित औद्योगिक इकाई के लिए भेजा जा रहा वेसल, जहां बायो-प्लास्टिक का उत्पादन किया जाएगा। *चंदौली की सड़कों पर उतरा 308 पहियों वाला महाकाय ट्रक, देखने के लिए लोगों की उमड़ी भीड़।* हाईवे पर करीब 180 टन वजनी विशाल वेसल को लेकर दौड़ रहा महाकाय ट्रांसपोर्टर, बेल्जियम से समुद्री रास्ते के जरिए ओडिशा पहुंचा था विशाल वेसल, ओडिशा से झारखंड और बिहार होते हुए यूपी की सीमा में पहुंचा। मोहनिया टोल प्लाजा से गुजरकर यूपी- बिहार बॉर्डर की ओर बढ़ा ट्रक, सुरक्षित आवागमन को लेकर NHAI अलर्ट। बलरामपुर की प्रस्तावित औद्योगिक इकाई के लिए भेजा जा रहा वेसल, जहां बायो-प्लास्टिक का उत्पादन किया जाएगा।1
- UP. महाराजगंज में अदालत परिसर के भीतर महिलाओं को पुलिस और वकीलों के सामने बर्बरता से पीटा गया। समाज को विघटित करने वाली ऐसी घटनाएं हर रोज़ सामने आ रही है। UP. महाराजगंज में अदालत परिसर के भीतर महिलाओं को पुलिस और वकीलों के सामने बर्बरता से पीटा गया। समाज को विघटित करने वाली ऐसी घटनाएं हर रोज़ सामने आ रही है।1
- मरम्मत के बाद फिर गड्ढों में तब्दील हुआ पंडित शेषदत्त त्रिपाठी मार्ग, बारिश में जलभराव से बढ़ी राहगीरों की मुश्किलें सिद्धार्थनगर जिले के बांसी नगर पालिका क्षेत्र के पंतनगर मोहल्ले में पंचशिक्षा हनुमान मंदिर के सामने स्थित पंडित शेषदत्त त्रिपाठी मार्ग मरम्मत के कुछ समय बाद ही जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गया है। बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों के चोटिल होने का खतरा भी बना हुआ है। यह मार्ग नगर के महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ता है। इसी रास्ते से बांसी गैस एजेंसी, डाकघर, निजी विद्यालय, कोतवाली और 50 शैय्यायुक्त संयुक्त चिकित्सालय जाने वाले लोगों का आवागमन होता है। अस्पताल जाने वाली एंबुलेंस और मरीजों को भी इसी बदहाल मार्ग से गुजरना पड़ता है। वहीं स्कूली बच्चों और गैस उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की बदहाली की शिकायत नगर पालिका अध्यक्ष चमन आरा राईनी और अधिशासी अधिकारी जयप्रकाश सिंह यादव से की गई थी। इसके बाद गड्ढों में रोड़ा और रॉबिस डालकर खानापूर्ति कर दी गई। लोगों का कहना है कि इससे समस्या कम होने के बजाय दोपहिया वाहन और पैदल चलने वालों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ वर्ष पहले ही इस मार्ग की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन कुछ समय बाद ही सड़क फिर से खराब हो गई। लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और मरम्मत कार्य की निगरानी पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सड़क का निर्माण और मरम्मत मानकों के अनुरूप हुई होती तो इतनी जल्दी सड़क की स्थिति खराब नहीं होती। नगरवासियों के मुताबिक इसी मार्ग पर पूर्व सांसद चंद्रशेखर त्रिपाठी का आवास भी है। इसके बावजूद लंबे समय से सड़क की बदहाली की ओर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन सहित कई अधिकारियों से शिकायत कर सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर महज खानापूर्ति किए जाने से सरकारी धन खर्च होने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। नगरवासियों ने प्रशासन से सड़क की गुणवत्ता की जांच कराकर मानक के अनुरूप स्थायी मरम्मत कराने तथा जलभराव की समस्या का समाधान कराने की मांग की है।1