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“हरियाणा के 37 कांग्रेस विधायक शिमला के लिए निकले, सोलन से गुजरा काफिला” “हरियाणा के 37 कांग्रेस विधायक शिमला के लिए निकले, सोलन से गुजरा काफिला”
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“हरियाणा के 37 कांग्रेस विधायक शिमला के लिए निकले, सोलन से गुजरा काफिला” “हरियाणा के 37 कांग्रेस विधायक शिमला के लिए निकले, सोलन से गुजरा काफिला”
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- राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले में सजेगा साहित्य का मंच, 19 मार्च को नीलोत्पल मृणाल से रूबरू होंगे पाठक @topfans Bilaspur Himachal Pradesh 174001 DC Bilaspur Bilaspur, Kullu,Mandi,Hamirpur Kangra & ALL Distt ''himachal'' • बिलासपुर देगा जवाब •1
- झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था और संस्कृति के आधार स्तंभ भी हैं। विकसित भारत का रास्ता गांवों और खेतों से होकर ही जाता है। जाहिर है कि भारत को मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए किसानों की समृद्धि और खुशहाली बेहद जरूरी है। इसी के मद्देनजर मोेदी सरकार ने वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के माध्यम से देश के 11 करोड़ से अधिक किसानों को हर साल 6-6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा असम के गुवाहाटी से पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किश्त जारी करने के अवसर पर कृषि विभाग द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं में आयोजित जिला स्तरीय किसान गोष्ठी कोे बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए जीतराम कटवाल ने कहा कि यह योजना किसानों की आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। वर्ष 2019 में शुरू की गई इस योजना के तहत सभी पात्र किसानों को सालाना 6-6 हजार रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने 22वीं किश्त के रूप में 18,650 करोड़ रुपये की राशि किसानों को जारी की है। अब तक 4.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि किसानों को जारी की जा चुकी है। जीतराम कटवाल ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं भी शुरू की हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से जहां किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई का सुरक्षा क्वच मिला है, वहीं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से ‘हर खेत को पानी’ के लक्ष्य के साथ सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना से किसानों को अपनी भूमि की उर्वरकता की सही जानकारी मिल रही है, जिससे वे बेहतर पैदावार हासिल कर रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत छोटे किसानों के लिए पेंशन की व्यवस्था की गई है। इसकेे अलावा आधुनिक तकनीकों, ड्रोन, जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर खेती को लाभकारी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हांेने किसानों का आह्वान किया कि वे खेतीबाड़ी की नई तकनीकों से उत्पादन बढ़ाएं। उनके बाजार से जुड़ने से देश तेजी के साथ विकास की नई बुलंदियां हासिल करेगा। इस मौके पर भाजपा शाहतलाई मंडल अध्यक्ष रामप्रकाश शर्मा, उपाध्यक्ष मनोज लक्खा, डाॅ. सीमा व सुदर्शन चंदेल समेत लगभग 120 किसान मौजूद थे।1
- एनएमएमएस परीक्षा में अक्षित कुमार ने 98 अंक प्राप्त कर राजकीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय चंडी की प्रतिष्ठा बढ़ाई1
- Post by Dinesh Kumar1
- मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू जी शुक्रवार को विधानसभा क्षेत्र के लुथान गांव में हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के चेयरमैन नरदेव सिंह कंवर जी के घर पर शोक व्यक्त करने पहुंचे। पिता शक्ति चंद कंवर जी की मृत्यु से शोकग्रस्त नरदेव कंवर जी व परिजन को सांत्वना दी और ढांढस बंधाया। इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने वहां मौजूद बच्चों के साथ संवाद भी किया। इस अवसर पर विधायक संजय रत्न जी व चेयरमैन कुलदीप पठानिया जी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष, हमीरपुर सुमन भारती जी भी मौजूद रहे।।1
- मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ने सेरा विश्राम गृह में लोगों की जन समस्याओं को सुनी और अधिकतर समस्याओं का मुख्यमंत्री ने मौके पर निपटारा किया । वही जो समस्याएं समय पर हल नहीं हो पाई उन् समस्याओं को जल्द हल करने के दिशा निर्देश दिए हैं। इस मौके पर सुजानपुर के विधायक कैप्टन रंजीत सिंह, जिला अध्यक्ष सुमन भारती, कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, डॉ पुष्पेंद्र वर्मा सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। वही इस मौके पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हिमाचल प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडर की कोई जमाखोरी नहीं हो रही है। उन्होंने लोगों से झूठी अफवाहों से बचने का आह्वान किया । मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल में गैस की कमी न होने के लिए आश्वस्त किया है। बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री) वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के पंचायत चुनावों को लेकर की बयानबाजी पर जमकर निशाना साधा है उन्होंने जयराम ठाकुर पर तंज करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा के पांच गुट बने हुए हैं। जिसमें जयराम ठाकुर अपने गुट की मजबूती के लिए आए दिन बयान बाजी करते हैं और अखबारों में सुर्खियां बनने का कार्य करते हैं । बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री) वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंजाब के वित्त मंत्री हरजीत सिंह चीमा के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है उन्होंने कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री को हिमाचल के बारे में सही जानकारी नहीं है उन्होंने कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री को हिमाचल के बारे में सही जानकारी हासिल करें । वहीं उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एनवायरमेंट और एंट्री टैक्स नीलामी के माध्यम से निर्धारित किया जाता है और उसे पर पंजाब सरकार द्वारा प्रश्नचिन्ह लगाना गलत बात है बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री) वही मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी पर्यटकों का हिमाचल में स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की आय के मुख्य स्रोत पर्यटन और हाइड्रो है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए हिमाचल सरकार हर संभव प्रयास करेगी।1
- शिमला में तिब्बती विमेंस एसोसिएशन ने 67वें तिब्बती महिला राष्ट्रीय विद्रोह दिवस पर चीन की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन 67वें तिब्बती नेशनल विमेंस अपराइजिंग डे ( Tibetan Women's Uprising Day) के मौके पर, तिब्बती विमेंस एसोसिएशन ने गुरुवार को शिमला में तिब्बती समुदाय ने चीन की दमनकारी नीतियों के विरोध में आक्रोश रैली निकाली। यह रैली शेर-ए-पंजाब चौक से उपायुक्त कार्यालय तक निकाली गई. रैली के बाद आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत तिब्बत और भारत के राष्ट्रगान के साथ की गई। इस दौरान तिब्बत की आजादी के लिए आत्मदाह करने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गई। तिब्बतियन वुमेन एसोसिएशन प्रतिनिधियों ने चीन सरकार की नीतियों की निंदा करते हुए तिब्बत की आजादी की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि तिब्बत की स्वतंत्रता न केवल तिब्बती लोगों के लिए बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र और विश्व समुदाय से तिब्बत आंदोलन को समर्थन देने की अपील की गई। गौरतलब है कि यह पहला प्रोटेस्ट 10 मार्च को हुआ था, जब वे नोरबुलिंगका के बाहर इकट्ठा हुईं और 12 तारीख को तिब्बती महिलाएं सड़कों पर उतरीं और कई तिब्बती महिलाओं ने तिब्बत के लिए अपनी जान दे दी। इसलिए यह एक बहुत ही अहम और ऐतिहासिक पल है।उसी घटना की स्मृति में हर वर्ष 12 मार्च को तिब्बती समुदाय विश्वभर में जनक्रांति दिवस मनाता है। यह उस दिन को याद करने का इवेंट है जब तिब्बत के तीनों प्रोविंस की तिब्बती महिलाएं, तिब्बत के इतिहास में पहली बार, एक साथ खड़ी हुईं और 1959 में तिब्बत पर कब्ज़ा कर रही क्रूर चीनी मिलिट्री फोर्स के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई।2
- बिलासपुर नलवाड़ी मेले में पहली बार गूंजेगी सतलुज महाआरती, गोविंद सागर झील किनारे भव्य आयोजन की तैयारियां शुरू #nalwarimahotsav2026 #bilaspur__cg #bilaspurnews #himachaliculture #bilaspur #bilaspurhimachalpradesh1