सिंगाही में बन रहा नाला सवालों के घेरे में, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल सिंगाही में बन रहा नाला सवालों के घेरे में, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल नगर पंचायत क्षेत्र में सिंगाही-खैरीगढ़ मार्ग के किनारे कस्बे का पानी निकालने के उद्देश्य से बनाए जा रहे नाले का निर्माण कार्य इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। निर्माण की वर्तमान स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों के बीच इसकी गुणवत्ता को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ हो रही हैं। कस्बे के नागरिकों का कहना है कि नाला निर्माण में मानकों का पूरी तरह पालन होता नहीं दिख रहा। लोगों के अनुसार नाले में लगाई जा रही सरिया अपेक्षाकृत पतली और कमजोर प्रतीत हो रही है, जबकि सीमेंट तथा अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं लग रही। निर्माण स्थल को देखकर कई स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि इसी प्रकार कार्य होता रहा तो नाला अधिक समय तक टिक नहीं पाएगा। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि नाले का निर्माण कस्बे की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कराया जा रहा है, लेकिन यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया तो इसका उद्देश्य ही अधूरा रह जाएगा। लोगों का कहना है कि कमजोर निर्माण के कारण भविष्य में नाला क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे दोबारा मरम्मत या निर्माण की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इधर कस्बे में इस निर्माण कार्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग इसके निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है और निर्माण में पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जा सकती है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं
सिंगाही में बन रहा नाला सवालों के घेरे में, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल सिंगाही में बन रहा नाला सवालों के घेरे में, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल नगर पंचायत क्षेत्र में सिंगाही-खैरीगढ़ मार्ग के किनारे कस्बे का पानी निकालने के उद्देश्य से बनाए जा रहे नाले का निर्माण कार्य इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। निर्माण की वर्तमान स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों के बीच इसकी गुणवत्ता को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ हो रही हैं। कस्बे के नागरिकों का कहना है कि नाला निर्माण में मानकों का पूरी तरह पालन होता नहीं दिख रहा। लोगों के अनुसार नाले में लगाई जा रही सरिया अपेक्षाकृत पतली और कमजोर प्रतीत हो रही है, जबकि सीमेंट तथा अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं लग रही। निर्माण स्थल को देखकर कई स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि इसी प्रकार कार्य होता रहा तो नाला अधिक समय तक टिक नहीं पाएगा। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि नाले का निर्माण कस्बे की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कराया जा रहा है, लेकिन यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया तो इसका उद्देश्य ही अधूरा रह जाएगा। लोगों का कहना है कि कमजोर निर्माण के कारण भविष्य में नाला क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे दोबारा मरम्मत या निर्माण की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इधर कस्बे में इस निर्माण कार्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग इसके निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है और निर्माण में पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जा सकती है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं
- सिंगाही में बन रहा नाला सवालों के घेरे में, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल नगर पंचायत क्षेत्र में सिंगाही-खैरीगढ़ मार्ग के किनारे कस्बे का पानी निकालने के उद्देश्य से बनाए जा रहे नाले का निर्माण कार्य इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। निर्माण की वर्तमान स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों के बीच इसकी गुणवत्ता को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ हो रही हैं। कस्बे के नागरिकों का कहना है कि नाला निर्माण में मानकों का पूरी तरह पालन होता नहीं दिख रहा। लोगों के अनुसार नाले में लगाई जा रही सरिया अपेक्षाकृत पतली और कमजोर प्रतीत हो रही है, जबकि सीमेंट तथा अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं लग रही। निर्माण स्थल को देखकर कई स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि इसी प्रकार कार्य होता रहा तो नाला अधिक समय तक टिक नहीं पाएगा। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि नाले का निर्माण कस्बे की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कराया जा रहा है, लेकिन यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया तो इसका उद्देश्य ही अधूरा रह जाएगा। लोगों का कहना है कि कमजोर निर्माण के कारण भविष्य में नाला क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे दोबारा मरम्मत या निर्माण की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इधर कस्बे में इस निर्माण कार्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग इसके निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है और निर्माण में पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जा सकती है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं1
- निघासन खीरी ब्रेकिंग न्यूज़ बनवीरपुर गांव के अंदर हेमचंद वर्मा के घर में घुसा तेंदुआ तेंदुए ने किया हमला बब्बू नाम के व्यक्ति पर बब्बू को घायल करके भागा तेंदुआ वन विभाग की टीम पहुंची लेकिन तेंदुए को पकड़ने में असफल रहे भाग निकला तेंदुआ वन विभाग के पास ना तो पिंजरा ना तो जाल कैसे पकड़े तेंदुए वन विभाग के लापरवाही से हुआ हादसा खेतों में डूबके कर बैठा है तेंदुआ तेंदुआ दिनदहाड़े कर रहा है हमला लेकिन प्रशासन कुछ नहीं कर पा रहा है ग्रामीणो के जान के साथ किया जा रहा खिलवाड़1
- लखीमपुर खीरी। देवी पूरवा गांव के पास गेहूं के खेत में बाग का बच्चा पकड़ा गया1
- ब्रेकिंग लखनऊ लखनऊ इमामबड़ा घूमने आई हिंदू युवतियों से जबरन हिजाब पहनने की बात आई सामने युवतियों ने सोशल मिडिया पर पोस्ट की वीडियो वीडियो हुआ viral1
- जिले में अलग अलग स्थान पर 3 जगह हुए बाघ /तेंदुए के हमले में 1 की हुई मौत मनोज कुमार पुत्र गजोधर प्रसाद उमर करीब 28 वर्ष निवासी ग्राम नंदलालपुर थाना हैदराबाद अपने खेत पर करीब 3:00 बजे दिन में काम करने के लिए गया था जहां पर बाघ ने हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया पड़ोसी खेत मालिक हरिश्चंद्र गौतम पुत्र कंधई लाल निवासी ग्राम रामपुर के द्वारा शोर मचाया गया मौके पर गंभीर अवस्था में घायल मनोज कुमार को 112 prv द्वारा सीएचसी गोला भिजवाया गया है वन विभाग को सूचना दी गई गंभीर घायल का सीएचसी गोला में दौराने इलाज मृत्यु हो गई है1
- लखीमपुर खीरी: मकान गिराने पहुंची प्रशासनिक टीम, परिवार पानी की टंकी पर चढ़ा, आश्वासन के बाद धरना समाप्त लखीमपुर खीरी के थाना ईसानगर क्षेत्र के हसनपुर कटौली गांव में सोमवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब अदालत के आदेश पर प्रशासन की टीम बृजेश सिंह का मकान गिराने पहुंची। कार्रवाई की सूचना मिलते ही बृजेश सिंह अपने परिवार के साथ गांव में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। करीब दो घंटे तक प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों द्वारा समझाने-बुझाने के बाद परिवार को सुरक्षित नीचे उतारा गया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में पीड़ित परिवार के समर्थन में धरना भी शुरू हो गया। सूचना मिलने पर एसडीएम धौरहरा मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से वार्ता की। उन्होंने परिवार को आवासीय पट्टा और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिलाने का लिखित आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद पीड़ित परिवार और किसान यूनियन ने धरना समाप्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि अदालत के आदेश के अनुसार आज ही मकान का ध्वस्तीकरण किया जाएगा और आगे की कार्रवाई नियमानुसार होगी।1
- में तेंदुए का आतंक — युवक पर हमला, ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालधौरहराकर पकड़ा तेंदुआ लखीमपुर खीरी / धौरहरा। जनपद के धौरहरा वन रेंज क्षेत्र में तेंदुओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह देवीपुरवा गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब खेत पर गए एक युवक का अचानक खूंखार तेंदुए से आमना-सामना हो गया। मिली जानकारी के अनुसार गांव निवासी अंकुल भार्गव (लगभग 30 वर्ष) सुबह करीब 10 बजे गेहूं के खेत की ओर गए थे, तभी खेत के भीतर से अचानक गुर्राने की तेज आवाज सुनाई दी। युवक जैसे ही आवाज की दिशा में बढ़ा, सामने से तेंदुआ निकल आया और देखते ही देखते उस पर हमला कर दिया। तेंदुए के हमले से घबराए युवक ने जोर-जोर से शोर मचाया, जिसके बाद आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने अद्भुत साहस दिखाते हुए जान जोखिम में डालकर तेंदुए को काबू में कर लिया और रस्सियों से बांध दिया। हमले में अंकुल का एक हाथ बुरी तरह घायल हो गया, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। इलाके में तेंदुओं की दहशत, ग्रामीणों में भारी आक्रोश ग्रामीणों का कहना है कि धौरहरा वन रेंज क्षेत्र में तेंदुओं की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है, जिससे गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोगों का दावा है कि इलाके में अभी दो और तेंदुए घूम रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बताया जा रहा है कि पिछले एक महीने में धौरहरा वन रेंज में पकड़ा गया यह तीसरा तेंदुआ है, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। बड़ा सवाल — आखिर कब जागेगा वन विभाग? ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी हर घटना के बाद केवल खानापूर्ति कर चले जाते हैं, लेकिन गांवों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। ग्रामीणों का कहना है कि “क्या वन विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? आखिर कब तक गांव के लोग तेंदुओं के डर में जीते रहेंगे?” ग्रामीणों में आक्रोश लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही वन विभाग ने इलाके में गश्त और सुरक्षा की व्यवस्था नहीं बढ़ाई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगली जानवर दिखाई देने पर खुद जोखिम न उठाएं और तुरंत सूचना दें, लेकिन सवाल यह है कि जब तेंदुआ गांव तक पहुंच जाए तो ग्रामीण अपनी जान कैसे बचाएं? हक की आवाज न्यूज़ चैनल प्रधान संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा दिनेश आचार्य 89489833881
- लखीमपुर खीरी एक बार फिर तेंदुए ने मचाया तांडव बनवीरपुर में घुसा घर के अंदर तेंदुआ निघासन खीरी ब्रेकिंग न्यूज़ बनवीरपुर गांव के अंदर हेमचंद वर्मा के घर में घुसा तेंदुआ तेंदुए ने किया हमला बब्बू नाम के व्यक्ति पर बब्बू को घायल करके भागा तेंदुआ वन विभाग की टीम पहुंची लेकिन तेंदुए को पकड़ने में असफल रहे भाग निकला तेंदुआ वन विभाग के पास ना तो पिंजरा ना तो जाल कैसे पकड़े तेंदुए वन विभाग के लापरवाही से हुआ हादसा खेतों में डूबके कर बैठा है तेंदुआ तेंदुआ दिनदहाड़े कर रहा है हमला लेकिन प्रशासन कुछ नहीं कर पा रहा है ग्रामीणो के जान के साथ किया जा रहा खिलवाड़1