डूंगरपुर जिले में, जिला कलक्टर देशलदान ने ग्राम पंचायत दोवड़ा का दौरा किया और ग्राम स्तरीय जनसुनवाई में हिस्सा लिया। इस जनसुनवाई के दौरान, ग्रामीणों ने बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने, ग्राम पंचायत में एक पीएससी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) खोलने और हैंडपंपों की मरम्मत करवाने सहित कई शिकायतें प्रस्तुत कीं। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए, संबंधित अधिकारियों को इन सभी परिवेदनाओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासक कल्पना परमार, तहसीलदार ईश्वर लाल पड़वाल, ब्लॉक विकास अधिकारी दोवड़ा मनहर बिशनोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी प्रकाश अहारी, गिरीश कलाल और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे। जनसुनवाई के अतिरिक्त, जिला कलेक्टर देशलदान ने दोवड़ा में स्थित क्षेत्रीय वन खण्ड आंतरी और पुलिस थाना दोवड़ा का भी निरीक्षण किया।
डूंगरपुर जिले में, जिला कलक्टर देशलदान ने ग्राम पंचायत दोवड़ा का दौरा किया और ग्राम स्तरीय जनसुनवाई में हिस्सा लिया। इस जनसुनवाई के दौरान, ग्रामीणों ने बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने, ग्राम पंचायत में एक पीएससी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) खोलने और हैंडपंपों की मरम्मत करवाने सहित कई शिकायतें प्रस्तुत कीं। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए, संबंधित अधिकारियों को इन सभी परिवेदनाओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासक कल्पना परमार, तहसीलदार ईश्वर लाल पड़वाल, ब्लॉक विकास अधिकारी दोवड़ा मनहर बिशनोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी प्रकाश अहारी, गिरीश कलाल और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे। जनसुनवाई के अतिरिक्त, जिला कलेक्टर देशलदान ने दोवड़ा में स्थित क्षेत्रीय वन खण्ड आंतरी और पुलिस थाना दोवड़ा का भी निरीक्षण किया।
- राजस्थान के डूंगरपुर में राष्ट्रीय पशुपालक संघ, डीएनटी संघर्ष समिति और मूल ओबीसी महापंचायत के आह्वान पर 'जेल भरो आंदोलन' के तहत व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया। नवा महादेव मंदिर से कलेक्टर ऑफिस तक एक विशाल रैली निकाली गई, जहाँ 46 डिग्री सेल्सियस के भीषण तापमान के बावजूद लोगों में मुख्यमंत्री के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका, जिससे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया। डीएनटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष लालजी राईका ने बताया कि आंदोलन की मुख्य माँग डीएनटी समाज के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण के भीतर अलग से उपवर्गीकरण कर उन्हें 'ए' वर्ग में रखना है। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शनकारियों ने आवास पट्टे, जमीन की व्यवस्था और शिक्षा से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण माँगें भी रखीं। आंदोलन के बाद, एक प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर देशल दान को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें सरकार से इन सभी माँगों को तत्काल पूरा करने का आग्रह किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से तुरंत वार्ता की तिथि और समय घोषित करने की मांग भी की है।4
- डूंगरपुर जिले में, जिला कलक्टर देशलदान ने ग्राम पंचायत दोवड़ा का दौरा किया और ग्राम स्तरीय जनसुनवाई में हिस्सा लिया। इस जनसुनवाई के दौरान, ग्रामीणों ने बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने, ग्राम पंचायत में एक पीएससी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) खोलने और हैंडपंपों की मरम्मत करवाने सहित कई शिकायतें प्रस्तुत कीं। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए, संबंधित अधिकारियों को इन सभी परिवेदनाओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासक कल्पना परमार, तहसीलदार ईश्वर लाल पड़वाल, ब्लॉक विकास अधिकारी दोवड़ा मनहर बिशनोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी प्रकाश अहारी, गिरीश कलाल और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे। जनसुनवाई के अतिरिक्त, जिला कलेक्टर देशलदान ने दोवड़ा में स्थित क्षेत्रीय वन खण्ड आंतरी और पुलिस थाना दोवड़ा का भी निरीक्षण किया।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में डीएनटी (विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू) समुदाय ने 10 प्रतिशत अलग से आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में समुदाय के सदस्यों ने वागड़ गांधी वाटिका से कलेक्ट्रेट तक एक रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पर सांकेतिक गिरफ्तारियां भी दीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन प्रदेशभर में चलाए जा रहे 'जेल भरो आंदोलन' का ही हिस्सा है, जो अब वागड़ क्षेत्र तक पहुँच गया है। राष्ट्रीय पशुपालक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राईका के नेतृत्व में यह आंदोलन चलाया जा रहा है। लालजी राईका ने बताया कि इन मांगों को लेकर 5 दिसंबर 2025 को सरकार के समक्ष एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई थी। उस समय सरकार ने इन मांगों को उचित मानते हुए तीन महीने में निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। हालांकि, आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस बात को अब चार से पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, जिसके बाद राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति का गठन कर यह आंदोलन शुरू किया गया। समुदाय ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 1 जुलाई को जयपुर में एक बड़ा महापड़ाव किया जाएगा।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में पुलिस ने 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (आईपीएस) के निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत वरदा थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (डीएसटी) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक खेत में अवैध रूप से उगाई जा रही गांजे की फसल को जब्त करते हुए भारी मात्रा में गांजे के पौधे और सूखा गांजा बरामद किया, साथ ही एक बुजुर्ग आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। नशे के काले कारोबार पर पुलिस की 'तीसरी आंख' के कड़े पहरे के बीच, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी सागवाड़ा रूपसिंह के नेतृत्व में वरदा थानाधिकारी रिजवान खान और डीएसटी टीम को मोबाइल के जरिए एक पुख्ता सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, हिराता फला कोठारीया गांव में एक व्यक्ति अपने घर के पास ही खेत में अवैध गांजे की खेती कर रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने तुरंत गांव पहुंचकर खेत की घेराबंदी की और तलाशी ली, जहां खेत में गांजे के पौधे लहलहाते मिले। पुलिस ने मौके से सुखाने के लिए रखा हुआ 558 ग्राम सूखा गांजा और खेत में उगे हुए 50 नग गांजे के छोटे-बड़े हरे पौधे बरामद किए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर कुल वजन 4 किलो 210 ग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 75 हजार रुपये आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने खेत के मालिक और आरोपी थावरचन्द (पुत्र वेसात रोत), उम्र 65 वर्ष, निवासी हिराता फला कोठारीया को गिरफ्तार कर लिया है।3
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- डूंगरपुर जिले के वरदा ग्राम के ग्रामीणों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर अपने गांव को नवगठित ओबरी तहसील से हटाकर पुनः सागवाड़ा तहसील में यथावत रखने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, वरदा ग्राम पहले सागवाड़ा तहसील का हिस्सा था, लेकिन हालिया अधिसूचना के तहत इसे ओबरी तहसील में शामिल कर दिया गया है। ग्रामीणों ने इस बदलाव को अव्यावहारिक बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है और एसडीएम से भी संपर्क किया है। ग्रामीणों का कहना है कि डूंगरपुर-सागवाड़ा-बांसवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए पर स्थित नोखना, काहेला, टामटिया, ठाकरड़ा, नंदोड और गोवाड़ी जैसे अन्य गांव सागवाड़ा तहसील में ही रखे गए हैं। ऐसे में इन्हीं गांवों के बीच स्थित वरदा को ओबरी तहसील में शामिल करना तर्कसंगत नहीं है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया है कि वरदा गांव की दूरी सागवाड़ा से मात्र 16 किलोमीटर है, जबकि ओबरी से यह लगभग 23 किलोमीटर दूर है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने परिवहन सुविधाओं का भी हवाला दिया है। उनके अनुसार, सागवाड़ा के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और नियमित रोडवेज बसों सहित पर्याप्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, ओबरी के लिए कोई सीधी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ग्रामीणों ने जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आमजन को सुविधा देना है, लेकिन इस निर्णय से उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित को प्राथमिकता देते हुए वरदा ग्राम को पुनः सागवाड़ा तहसील में शामिल करने का आग्रह किया है। इन मांगों के अलावा, ग्रामीणों ने भविष्य में जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वरदा को तहसील का दर्जा दिए जाने की मांग भी उठाई है। उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी और क्षेत्र की जनता को राहत प्रदान करेगी, ताकि वरदा गांव के साथ हुए अन्याय का निवारण हो सके।1
- डूंगरपुर जिले की पंचायत समिति दोवड़ा की ग्राम पंचायत सत्तु में जिला कलक्टर की रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल में ग्रामीण अपनी विभिन्न परिवेदनाएं लेकर उपस्थित हुए, जिनमें मुख्य रूप से सीसी सड़क निर्माण, खराब मीटरों को सही करवाने, खेल मैदान से ट्रांसफर हटवाने, तथा जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने सहित अन्य शिकायतें शामिल थीं। इस दौरान, जिला कलक्टर श्री देशलदान ने उपस्थित अधिकारियों से तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त कर इन परिवेदनाओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। चौपाल में जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। साथ ही, प्रतिभावान छात्रों का अभिनंदन भी किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में ग्राम पंचायत प्रशासक काली देवी कटारा, कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, टीएडी उपायुक्त डॉ. सत्य प्रकाश कसवा, उपखंड अधिकारी डूंगरपुर सोनु कुमार गुर्जर, तहसीलदार दोवड़ा ईश्वर लाल पंडवाल, ब्लॉक विकास अधिकारी मनहर लाल बिश्नोई, अतिरिक्त ब्लॉक विकास अधिकारी प्रकाश आहरी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारीगण, जनप्रतिनिधिगण और कर्मचारीगण मौजूद रहे।1
- एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए ईरानी हमले के बाद कुवैत एयरपोर्ट पर एक विशेष मंजर देखने को मिला है। यह जानकारी उस घटना के संदर्भ में दी गई है, जिसमें ईरानी सेना ने कथित तौर पर अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया था।1