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एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए ईरानी हमले के बाद कुवैत एयरपोर्ट पर एक विशेष मंजर देखने को मिला है। यह जानकारी उस घटना के संदर्भ में दी गई है, जिसमें ईरानी सेना ने कथित तौर पर अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया था।
Gunwant kalal
एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए ईरानी हमले के बाद कुवैत एयरपोर्ट पर एक विशेष मंजर देखने को मिला है। यह जानकारी उस घटना के संदर्भ में दी गई है, जिसमें ईरानी सेना ने कथित तौर पर अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया था।
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- डूंगरपुर जिले के वरदा ग्राम के ग्रामीणों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर अपने गांव को नवगठित ओबरी तहसील से हटाकर पुनः सागवाड़ा तहसील में यथावत रखने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, वरदा ग्राम पहले सागवाड़ा तहसील का हिस्सा था, लेकिन हालिया अधिसूचना के तहत इसे ओबरी तहसील में शामिल कर दिया गया है। ग्रामीणों ने इस बदलाव को अव्यावहारिक बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है और एसडीएम से भी संपर्क किया है। ग्रामीणों का कहना है कि डूंगरपुर-सागवाड़ा-बांसवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए पर स्थित नोखना, काहेला, टामटिया, ठाकरड़ा, नंदोड और गोवाड़ी जैसे अन्य गांव सागवाड़ा तहसील में ही रखे गए हैं। ऐसे में इन्हीं गांवों के बीच स्थित वरदा को ओबरी तहसील में शामिल करना तर्कसंगत नहीं है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया है कि वरदा गांव की दूरी सागवाड़ा से मात्र 16 किलोमीटर है, जबकि ओबरी से यह लगभग 23 किलोमीटर दूर है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने परिवहन सुविधाओं का भी हवाला दिया है। उनके अनुसार, सागवाड़ा के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और नियमित रोडवेज बसों सहित पर्याप्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, ओबरी के लिए कोई सीधी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ग्रामीणों ने जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आमजन को सुविधा देना है, लेकिन इस निर्णय से उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित को प्राथमिकता देते हुए वरदा ग्राम को पुनः सागवाड़ा तहसील में शामिल करने का आग्रह किया है। इन मांगों के अलावा, ग्रामीणों ने भविष्य में जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वरदा को तहसील का दर्जा दिए जाने की मांग भी उठाई है। उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी और क्षेत्र की जनता को राहत प्रदान करेगी, ताकि वरदा गांव के साथ हुए अन्याय का निवारण हो सके।1
- राजस्थान के डूंगरपुर में राष्ट्रीय पशुपालक संघ, डीएनटी संघर्ष समिति और मूल ओबीसी महापंचायत के आह्वान पर 'जेल भरो आंदोलन' के तहत व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया। नवा महादेव मंदिर से कलेक्टर ऑफिस तक एक विशाल रैली निकाली गई, जहाँ 46 डिग्री सेल्सियस के भीषण तापमान के बावजूद लोगों में मुख्यमंत्री के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका, जिससे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया। डीएनटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष लालजी राईका ने बताया कि आंदोलन की मुख्य माँग डीएनटी समाज के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण के भीतर अलग से उपवर्गीकरण कर उन्हें 'ए' वर्ग में रखना है। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शनकारियों ने आवास पट्टे, जमीन की व्यवस्था और शिक्षा से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण माँगें भी रखीं। आंदोलन के बाद, एक प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर देशल दान को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें सरकार से इन सभी माँगों को तत्काल पूरा करने का आग्रह किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से तुरंत वार्ता की तिथि और समय घोषित करने की मांग भी की है।4
- डूंगरपुर जिले में, जिला कलक्टर देशलदान ने ग्राम पंचायत दोवड़ा का दौरा किया और ग्राम स्तरीय जनसुनवाई में हिस्सा लिया। इस जनसुनवाई के दौरान, ग्रामीणों ने बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने, ग्राम पंचायत में एक पीएससी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) खोलने और हैंडपंपों की मरम्मत करवाने सहित कई शिकायतें प्रस्तुत कीं। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए, संबंधित अधिकारियों को इन सभी परिवेदनाओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासक कल्पना परमार, तहसीलदार ईश्वर लाल पड़वाल, ब्लॉक विकास अधिकारी दोवड़ा मनहर बिशनोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी प्रकाश अहारी, गिरीश कलाल और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे। जनसुनवाई के अतिरिक्त, जिला कलेक्टर देशलदान ने दोवड़ा में स्थित क्षेत्रीय वन खण्ड आंतरी और पुलिस थाना दोवड़ा का भी निरीक्षण किया।1
- बांसवाड़ा जिले के गढ़ी क्षेत्र में भारत आदिवासी पार्टी के पदाधिकारियों ने उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें निजी फाइनेंस कंपनियों पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों से कथित रूप से अत्यधिक ब्याज वसूलने का गंभीर आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में यह आरोप लगाया गया है कि कुछ निजी वित्तीय संस्थाएं गरीब किसानों, मजदूरों और महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराकर उनसे अत्यधिक ब्याज की वसूली कर रही हैं। पार्टी ने इस पूरे मामले की गहन जांच करने, आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की है।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में डीएनटी (विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू) समुदाय ने 10 प्रतिशत अलग से आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में समुदाय के सदस्यों ने वागड़ गांधी वाटिका से कलेक्ट्रेट तक एक रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पर सांकेतिक गिरफ्तारियां भी दीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन प्रदेशभर में चलाए जा रहे 'जेल भरो आंदोलन' का ही हिस्सा है, जो अब वागड़ क्षेत्र तक पहुँच गया है। राष्ट्रीय पशुपालक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राईका के नेतृत्व में यह आंदोलन चलाया जा रहा है। लालजी राईका ने बताया कि इन मांगों को लेकर 5 दिसंबर 2025 को सरकार के समक्ष एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई थी। उस समय सरकार ने इन मांगों को उचित मानते हुए तीन महीने में निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। हालांकि, आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस बात को अब चार से पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, जिसके बाद राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति का गठन कर यह आंदोलन शुरू किया गया। समुदाय ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 1 जुलाई को जयपुर में एक बड़ा महापड़ाव किया जाएगा।1
- Post by Bhagirath Megwh राजलदेसर गोगा21
- एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए ईरानी हमले के बाद कुवैत एयरपोर्ट पर एक विशेष मंजर देखने को मिला है। यह जानकारी उस घटना के संदर्भ में दी गई है, जिसमें ईरानी सेना ने कथित तौर पर अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया था।1