उदयपुर के युवक से गलती से हुक्मी खेडा के रामकेश योगी के खाते में डले पैसे पुलिस ने करवाए वापसी हिंडौन उदयपुर के प्रदीप से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय गलती से हुक्मी खेड़ा निवासी रामकेश योगी के खाते में ₹50000 ट्रांसफर हो गए थे, उदयपुर के प्रदीप ने रामकेश योगी से वार्ता कर ₹50000 गलती से डलना बताया और रुपए वापस मांगे गए।जिस पर रामकेश योगी ने पैसे ट्रांजैक्शन करने से मना कर दिया कहा नगद पैसे लेने आ जाओ दे दूंगा। जिस पर उदयपुर के प्रदीप ने हिंडौन पुलिस उपाधीक्षक रहे गिरधर सिंह से वार्ता की, जिससे मामला पुलिस तक जा पहुंचा।मामले को लेकर हुक्मी खेड़ा निवासी रामकेश योगी को हिण्डौन पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय में तलब किया गया।जहां रामकेश योगी से डीएसपी कार्यालय की रीडर रामनिरी ने समझाइस की और पीड़ित व्यक्ति को ₹50000 ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तीन बार में करवाए गए। रामकेश योगी ने शुक्रवार सुबह 11:00 बजे बताया कि उसके खाते में अचानक ₹50000 आए थे उन्होंने सोचा कहीं फ्रॉड का मामला हो इसलिए उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया था बाद में पुलिस की समझाइश होने पर जीरो बैलेंस का खाता होने के चलते ₹50000 तीन बार में पीड़ित व्यक्ति प्रदीप को वापसी कर दिए गए हैं। पीड़ित व्यक्ति ने पूर्व डीएसपी रहे गिरधर सिंह का आभार जताया।
उदयपुर के युवक से गलती से हुक्मी खेडा के रामकेश योगी के खाते में डले पैसे पुलिस ने करवाए वापसी हिंडौन उदयपुर के प्रदीप से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय गलती से हुक्मी खेड़ा निवासी रामकेश योगी के खाते में ₹50000 ट्रांसफर हो गए थे, उदयपुर के प्रदीप ने रामकेश योगी से वार्ता कर ₹50000 गलती से डलना बताया और रुपए वापस मांगे गए।जिस पर रामकेश योगी ने पैसे ट्रांजैक्शन करने से मना कर दिया कहा नगद पैसे लेने आ जाओ दे दूंगा। जिस पर उदयपुर के प्रदीप ने हिंडौन पुलिस उपाधीक्षक रहे गिरधर सिंह से वार्ता की, जिससे मामला पुलिस तक जा पहुंचा।मामले को लेकर हुक्मी खेड़ा निवासी रामकेश योगी को हिण्डौन पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय में तलब किया गया।जहां रामकेश योगी से डीएसपी कार्यालय की रीडर रामनिरी ने समझाइस की और पीड़ित व्यक्ति को ₹50000 ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तीन बार में करवाए गए। रामकेश योगी ने शुक्रवार सुबह 11:00 बजे बताया कि उसके खाते में अचानक ₹50000 आए थे उन्होंने सोचा कहीं फ्रॉड का मामला हो इसलिए उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया था बाद में पुलिस की समझाइश होने पर जीरो बैलेंस का खाता होने के चलते ₹50000 तीन बार में पीड़ित व्यक्ति प्रदीप को वापसी कर दिए गए हैं। पीड़ित व्यक्ति ने पूर्व डीएसपी रहे गिरधर सिंह का आभार जताया।
- सुश्री ज्येष्ठा मेत्रेयी IPS, सवाई माधोपुर की आमजन से अपील । अपने बैंक अकाउंट एवं नई सिम के सुरक्षित उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एवं साइबर सुरक्षा के आवश्यक हेतू सुझाव । 📱 आपकी छोटी-सी सावधानी आपको बड़े साइबर फ्रॉड से बचा सकती है। ✅ अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP, PIN एवं पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। ✅ किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या संदिग्ध कॉल पर भरोसा करने से बचें। ✅ किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। सवाई माधोपुर पुलिस।1
- संसद भवन परिसर में आज 'चढ़ावा चोरी' के खिलाफ विपक्ष के सांसदों का अनोखा प्रदर्शन पप्पू यादव मंदिर के पुजारी बने, राहुल गांधी ने चढ़ावा चढ़ाया और पप्पू यादव चढ़ावा लेकर भाग निकले!1
- 85वें दिन भी जनहित सत्याग्रह जारी 17 दिसंबर को अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद भी नगर पालिका में भुगतान और टेंडर प्रक्रिया जारी रहने का आरोप ICICI बैंक से कथित 50 85वें दिन भी जनहित सत्याग्रह जारी 17 दिसंबर को अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद भी नगर पालिका में भुगतान और टेंडर प्रक्रिया जारी रहने का आरोप ICICI बैंक से कथित 50 करोड़ रुपये के भुगतान की उच्चस्तरीय जांच की मांग, जनता के पैसों का बैंक स्टेटमेंट सार्वजनिक करने की मांग कलेक्टर को पार्षदों ने सौंपा सामूहिक पत्र, 42.67 लाख रुपये के निरस्त टेंडर फार्म में कथित भुगतान और फर्जी हस्ताक्षर से ठहराव प्रस्ताव बनाए जाने पर उठाए सवाल सबलगढ़। नगर पालिका परिषद सबलगढ़ में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर शुरू किया गया जनहित सत्याग्रह 85वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान पार्षदों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिला कलेक्टर मुरैना को सामूहिक पत्र सौंपकर कथित बड़े वित्तीय घोटालों, भुगतान और टेंडर प्रक्रियाओं की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। पार्षदों ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ 17 दिसंबर 2025 को अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया की जा चुकी है। इसके बाद मामले में माननीय उच्च न्यायालय, ग्वालियर द्वारा भी शासन को निर्धारित समय-सीमा में आदेश का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। पार्षदों का आरोप है कि इसके बावजूद नगर पालिका में भुगतान और टेंडर संबंधी प्रक्रियाएं लगातार जारी हैं। “अविश्वास प्रस्ताव के बाद आंखें मूंदकर किए जा रहे बड़े भुगतान” पार्षदों का आरोप है कि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और न्यायालय के निर्देशों के बावजूद नगर पालिका में जिम्मेदार अधिकारी कथित अनियमितताओं पर आंखें मूंदे बैठे हैं। उनका कहना है कि इसी कारण नगर पालिका में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं और कथित घोटालों को अंजाम दिए जाने की आशंका है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के ICICI बैंक खाते से करीब 50 करोड़ रुपये के कथित भुगतान की उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि संबंधित बैंक खातों के स्टेटमेंट, भुगतान की पूरी सूची, बिल-वाउचर, स्वीकृति, ठहराव प्रस्ताव और भुगतान की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। साथ ही जनता के पैसों से संबंधित बैंक खाते का स्टेटमेंट सार्वजनिक किया जाए, ताकि जनता को भी नगर पालिका के वित्तीय लेन-देन की वास्तविक जानकारी मिल सके। 42.67 लाख रुपये के कथित भुगतान पर उठाए सवाल पार्षदों ने जिला कलेक्टर को दिए सामूहिक पत्र में आरोप लगाया कि जिला कलेक्टर की TL बैठक में निरस्त किए गए विद्युत सामग्री टेंडर से संबंधित करीब 42.67 लाख रुपये का कथित भुगतान बाद में किया गया। पार्षदों का सवाल है कि यदि संबंधित टेंडर निरस्त किया जा चुका था तो उसके आधार पर भुगतान किस नियम, किस प्रक्रिया और किस सक्षम स्वीकृति के तहत किया गया? पार्षदों ने इस मामले से जुड़े दस्तावेज भी जिला प्रशासन को सौंपे और मांग की कि निरस्त टेंडर से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की जाए। पार्षदों का कहना है कि इस मामले में जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। “हमारे फर्जी हस्ताक्षर कर बनाए जा रहे ठहराव प्रस्ताव” पार्षदों ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कथित फर्जी हस्ताक्षर कर ठहराव प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं और बिना विधिवत ठहराव प्रस्ताव के भुगतान एवं नए टेंडर लगाए जाने की शिकायत सामने आई है। पार्षदों ने मांग की कि नगर पालिका में पिछले समय में पारित सभी ठहराव प्रस्तावों की जांच कराई जाए तथा उनमें लगे हस्ताक्षरों का संबंधित पार्षदों से सत्यापन कराया जाए। यदि किसी दस्तावेज पर फर्जी हस्ताक्षर पाए जाते हैं तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। 50 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका में पिछले समय से करीब 50 करोड़ रुपये के कथित घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में केवल एक-दो मामलों की जांच पर्याप्त नहीं है, बल्कि नगर पालिका के सभी बैंक खातों, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन भुगतानों, टेंडर, ठहराव प्रस्ताव, निर्माण कार्यों और बिल-वाउचर की व्यापक जांच कराई जानी चाहिए। पार्षदों ने कहा कि जनता के पैसों से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता आवश्यक है। उन्होंने जिला कलेक्टर मुरैना से मांग की कि पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच एजेंसी से जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक संदिग्ध भुगतानों एवं प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जाए। पार्षदों ने स्पष्ट कहा कि जनहित सत्याग्रह नगर पालिका में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता के धन की सुरक्षा के लिए है। उनका कहना है कि उनके पास कथित अनियमितताओं से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं और वे सभी दस्तावेज जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत करने को तैयार हैं। पार्षदों ने कहा—“17 दिसंबर को अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया किए जाने और माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद यदि नगर पालिका में बड़े भुगतान और टेंडर प्रक्रिया जारी है, तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। जनता के पैसों का हिसाब जनता के सामने आना चाहिए।” पार्षदों ने मांग की कि ICICI बैंक से हुए कथित भुगतान, निरस्त टेंडर, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन भुगतान, टेंडर प्रक्रिया और कथित फर्जी ठहराव प्रस्तावों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पार्षदों ने कहा कि जब तक नगर पालिका में कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं होती और जनता के पैसों का पूरा हिसाब सामने नहीं आता, तब तक उनका जनहित सत्याग्रह जारी रहेगा।1
- ईसरदा–बंध बरेठा नहर परियोजना पर फिर भड़का किसानों का आक्रोश, जनसुनवाई शिविर में काले झंडों के साथ जोरदार विरोध बामनवास , सवाई माधोपुर बामनवास क्षेत्र के बिछोछ गांव में आयोजित भूमि अवाप्ति जनसुनवाई शिविर के दौरान ईसरदा–बंध बरेठा नहर परियोजना को लेकर किसानों का गुस्सा एक बार फिर खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं काले झंडों के साथ शिविर में पहुंचीं तथा SDM मोहन चौधरी के समक्ष जमकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने नहर अलाइनमेंट की पुनः तकनीकी समीक्षा, वैकल्पिक मार्ग, MDR सड़क एवं रेलवे क्रॉसिंग का पुनर्मूल्यांकन तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रशासन की ओर से समझाइश के बावजूद किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।4
- मंडावरा रोड पर उमड़ा हुजूम विष्णु प्रजापति के अनिश्चितकालीन धरने को मिला जन-समर्थन हिंडौन सिटी मंडावरा रोड नगर परिषद के भ्रष्टाचार, अधिकारियों की मनमर्जी और मंडावरा रोड की बदहाली के खिलाफ भाजपा नेता एवं समाजसेवी विष्णु प्रजापति द्वारा शुरू किए गए अनिश्चितकालीन धरने में अब सर्व-समाज और शहर के प्रमुख नागरिकों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। जैसे-जैसे दिन ढल रहा है, मंडावरा रोड धरना स्थल पर हिंडौन की सम्मानित जनता और कॉलोनीवासियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। समर्थन में आगे आए सर्व-समाज के प्रमुख चेहरे और जनप्रतिनिधि: आज धरना स्थल पर पहुंचकर विष्णु प्रजापति को अपना अटूट समर्थन देने वालों में शहर के प्रमुख गणमान्य नागरिक और पार्षद शामिल हुए: प्रमुख प्रबुद्धजन व समाजसेवी: उपेंद्र शर्मा, अरुण चौधरी, राम हरि गुर्जर, शीतल जैन, अजय जैन, भाई मोहन, बंटी चौधरी, यादराम चतुर्वेदी, विष्णु गुप्ता, राकेश गुप्ता, सरफुद्दीन, अनीश खान, मनीष गोयल, जीतू गुर्जर, कैलाश चौधरी जनप्रतिनिधि: पार्षद नीरज चौधरी, पार्षद विनोद अग्रवाल एवं समस्त आसपास की कॉलोनियों के निवासी भारी संख्या में पहुंचे। भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट हिंडौन धरना स्थल पर उपस्थित सभी प्रबुद्धजनों और सर्व-समाज के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि मंडावरा रोड की बदहाली और नगर परिषद का भ्रष्टाचार अब सहने योग्य नहीं है। विष्णु प्रजापति द्वारा उठाई गई यह आवाज पूरे हिंडौन शहर के हक़ की आवाज है। "यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे हिंडौन के स्वाभिमान की है। जब तक भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती और सड़क व जल निकासी का स्थायी समाधान नहीं होता, यह आंदोलन और उग्र होगा! जनता का संकल्प: मंडावरा रोड पर सर्व-समाज की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया है कि हिंडौन की जनता अब भ्रष्ट अफ़सरशाही के आगे झुकने वाली नहीं है। धीरे-धीरे यह धरना एक ऐतिहासिक जन-आंदोलन का रूप ले रहा है। हिंडौन सिटी मंडावरा रोड नगर परिषद के भ्रष्टाचार, अधिकारियों की मनमर्जी और मंडावरा रोड की बदहाली के खिलाफ भाजपा नेता एवं समाजसेवी विष्णु प्रजापति द्वारा शुरू किए गए अनिश्चितकालीन धरने में अब सर्व-समाज और शहर के प्रमुख नागरिकों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। जैसे-जैसे दिन ढल रहा है, मंडावरा रोड धरना स्थल पर हिंडौन की सम्मानित जनता और कॉलोनीवासियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।3
- करौली में कांग्रेस की रणनीतिक बैठक संपन्न, पंचायत व निकाय चुनाव की तैयारियों पर मंथन करौली। जिला कांग्रेस कार्यालय में गुरुवार को जिला अध्यक्ष घनश्याम महर की अध्यक्षता में कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी पंचायत एवं निकाय चुनावों को लेकर संगठन की रणनीति, चुनावी तैयारियों तथा कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (अल्पसंख्यक विभाग) के प्रदेश सचिव एवं भरतपुर जिला प्रभारी मोहम्मद निजामुद्दीन को भी सम्मानपूर्वक अपने विचार रखने का अवसर मिला। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने तथा आगामी चुनावों में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संगठन की मजबूती और चुनावी तैयारियों को गति देने का संकल्प लिया।1
- जागो सरमथुरा, अपने हक के लिए उठो! एकजुट जनता ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। जागो सरमथुरा, अपने हक के लिए उठो! सरमथुरा की जनता कब तक अपने अधिकारों से वंचित रहेगी? कब तक युवा बेरोज़गारी की मार झेलते रहेंगे? कब तक किसान अपनी मेहनत का उचित सम्मान पाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे? अब समय आ गया है कि हम सब एकजुट होकर अपने क्षेत्र के विकास और अपने अधिकारों की आवाज़ बुलंद करें। आज सरमथुरा क्षेत्र अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। किसानों को फसल का उचित मूल्य, समय पर सिंचाई, बिजली, खाद-बीज और अन्य आवश्यक सुविधाएँ पर्याप्त रूप से नहीं मिल पा रही हैं। आम नागरिक अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर लगातार परेशान हैं, लेकिन उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा। सरमथुरा को बेहतर सड़कें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ, उद्योग, रोजगार के नए अवसर, किसानों के लिए प्रभावी योजनाएँ और युवाओं के लिए कौशल विकास की आवश्यकता है। यदि क्षेत्र का समुचित विकास नहीं होगा, तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी प्रभावित होगा। यह किसी एक व्यक्ति या किसी एक वर्ग की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरे सरमथुरा के सम्मान, अधिकार और विकास की लड़ाई है। आइए, हम सभी मिलकर अपने क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करें और विकास, रोजगार तथा किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग करें। आओ संकल्प लें— युवाओं को रोजगार मिले। किसानों को सम्मान और उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। हर नागरिक के साथ समान और सम्मानजनक व्यवहार हो। सरमथुरा का समग्र विकास हो। जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो। जागो सरमथुरा, अपने हक के लिए उठो! एकजुट जनता ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है।2