जागो सरमथुरा, अपने हक के लिए उठो! एकजुट जनता ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। जागो सरमथुरा, अपने हक के लिए उठो! सरमथुरा की जनता कब तक अपने अधिकारों से वंचित रहेगी? कब तक युवा बेरोज़गारी की मार झेलते रहेंगे? कब तक किसान अपनी मेहनत का उचित सम्मान पाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे? अब समय आ गया है कि हम सब एकजुट होकर अपने क्षेत्र के विकास और अपने अधिकारों की आवाज़ बुलंद करें। आज सरमथुरा क्षेत्र अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। किसानों को फसल का उचित मूल्य, समय पर सिंचाई, बिजली, खाद-बीज और अन्य आवश्यक सुविधाएँ पर्याप्त रूप से नहीं मिल पा रही हैं। आम नागरिक अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर लगातार परेशान हैं, लेकिन उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा। सरमथुरा को बेहतर सड़कें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ, उद्योग, रोजगार के नए अवसर, किसानों के लिए प्रभावी योजनाएँ और युवाओं के लिए कौशल विकास की आवश्यकता है। यदि क्षेत्र का समुचित विकास नहीं होगा, तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी प्रभावित होगा। यह किसी एक व्यक्ति या किसी एक वर्ग की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरे सरमथुरा के सम्मान, अधिकार और विकास की लड़ाई है। आइए, हम सभी मिलकर अपने क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करें और विकास, रोजगार तथा किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग करें। आओ संकल्प लें— युवाओं को रोजगार मिले। किसानों को सम्मान और उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। हर नागरिक के साथ समान और सम्मानजनक व्यवहार हो। सरमथुरा का समग्र विकास हो। जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो। जागो सरमथुरा, अपने हक के लिए उठो! एकजुट जनता ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है।
जागो सरमथुरा, अपने हक के लिए उठो! एकजुट जनता ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। जागो सरमथुरा, अपने हक के लिए उठो! सरमथुरा की जनता कब तक अपने अधिकारों से वंचित रहेगी? कब तक युवा बेरोज़गारी की मार झेलते रहेंगे? कब तक किसान अपनी मेहनत का उचित सम्मान पाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे? अब समय आ गया है कि हम सब एकजुट होकर अपने क्षेत्र के विकास और अपने अधिकारों की आवाज़ बुलंद करें। आज सरमथुरा क्षेत्र अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। किसानों को फसल का उचित मूल्य, समय पर सिंचाई, बिजली, खाद-बीज और अन्य आवश्यक सुविधाएँ पर्याप्त रूप से नहीं मिल पा रही हैं। आम नागरिक अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर लगातार परेशान हैं, लेकिन उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा। सरमथुरा को बेहतर सड़कें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,
सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ, उद्योग, रोजगार के नए अवसर, किसानों के लिए प्रभावी योजनाएँ और युवाओं के लिए कौशल विकास की आवश्यकता है। यदि क्षेत्र का समुचित विकास नहीं होगा, तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी प्रभावित होगा। यह किसी एक व्यक्ति या किसी एक वर्ग की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरे सरमथुरा के सम्मान, अधिकार और विकास की लड़ाई है। आइए, हम सभी मिलकर अपने क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करें और विकास, रोजगार तथा किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग करें। आओ संकल्प लें— युवाओं को रोजगार मिले। किसानों को सम्मान और उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। हर नागरिक के साथ समान और सम्मानजनक व्यवहार हो। सरमथुरा का समग्र विकास हो। जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो। जागो सरमथुरा, अपने हक के लिए उठो! एकजुट जनता ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है।
- सरमथुरा महाकालेश्वर मंदिर पर सर्व समाज की मीटिंग की गई आयोजित सरमथुरा महाकालेश्वर मंदिर पर सर्व समाज की मीटिंग की गई आयोजित1
- Mahadev aaj dusra din hai har har mahadev shambhu Kashi Vishwanath bhole ✨🖇️🎯1
- 85वें दिन भी जनहित सत्याग्रह जारी 17 दिसंबर को अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद भी नगर पालिका में भुगतान और टेंडर प्रक्रिया जारी रहने का आरोप ICICI बैंक से कथित 50 85वें दिन भी जनहित सत्याग्रह जारी 17 दिसंबर को अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद भी नगर पालिका में भुगतान और टेंडर प्रक्रिया जारी रहने का आरोप ICICI बैंक से कथित 50 करोड़ रुपये के भुगतान की उच्चस्तरीय जांच की मांग, जनता के पैसों का बैंक स्टेटमेंट सार्वजनिक करने की मांग कलेक्टर को पार्षदों ने सौंपा सामूहिक पत्र, 42.67 लाख रुपये के निरस्त टेंडर फार्म में कथित भुगतान और फर्जी हस्ताक्षर से ठहराव प्रस्ताव बनाए जाने पर उठाए सवाल सबलगढ़। नगर पालिका परिषद सबलगढ़ में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर शुरू किया गया जनहित सत्याग्रह 85वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान पार्षदों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिला कलेक्टर मुरैना को सामूहिक पत्र सौंपकर कथित बड़े वित्तीय घोटालों, भुगतान और टेंडर प्रक्रियाओं की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। पार्षदों ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ 17 दिसंबर 2025 को अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया की जा चुकी है। इसके बाद मामले में माननीय उच्च न्यायालय, ग्वालियर द्वारा भी शासन को निर्धारित समय-सीमा में आदेश का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। पार्षदों का आरोप है कि इसके बावजूद नगर पालिका में भुगतान और टेंडर संबंधी प्रक्रियाएं लगातार जारी हैं। “अविश्वास प्रस्ताव के बाद आंखें मूंदकर किए जा रहे बड़े भुगतान” पार्षदों का आरोप है कि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और न्यायालय के निर्देशों के बावजूद नगर पालिका में जिम्मेदार अधिकारी कथित अनियमितताओं पर आंखें मूंदे बैठे हैं। उनका कहना है कि इसी कारण नगर पालिका में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं और कथित घोटालों को अंजाम दिए जाने की आशंका है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के ICICI बैंक खाते से करीब 50 करोड़ रुपये के कथित भुगतान की उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि संबंधित बैंक खातों के स्टेटमेंट, भुगतान की पूरी सूची, बिल-वाउचर, स्वीकृति, ठहराव प्रस्ताव और भुगतान की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। साथ ही जनता के पैसों से संबंधित बैंक खाते का स्टेटमेंट सार्वजनिक किया जाए, ताकि जनता को भी नगर पालिका के वित्तीय लेन-देन की वास्तविक जानकारी मिल सके। 42.67 लाख रुपये के कथित भुगतान पर उठाए सवाल पार्षदों ने जिला कलेक्टर को दिए सामूहिक पत्र में आरोप लगाया कि जिला कलेक्टर की TL बैठक में निरस्त किए गए विद्युत सामग्री टेंडर से संबंधित करीब 42.67 लाख रुपये का कथित भुगतान बाद में किया गया। पार्षदों का सवाल है कि यदि संबंधित टेंडर निरस्त किया जा चुका था तो उसके आधार पर भुगतान किस नियम, किस प्रक्रिया और किस सक्षम स्वीकृति के तहत किया गया? पार्षदों ने इस मामले से जुड़े दस्तावेज भी जिला प्रशासन को सौंपे और मांग की कि निरस्त टेंडर से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की जाए। पार्षदों का कहना है कि इस मामले में जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। “हमारे फर्जी हस्ताक्षर कर बनाए जा रहे ठहराव प्रस्ताव” पार्षदों ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कथित फर्जी हस्ताक्षर कर ठहराव प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं और बिना विधिवत ठहराव प्रस्ताव के भुगतान एवं नए टेंडर लगाए जाने की शिकायत सामने आई है। पार्षदों ने मांग की कि नगर पालिका में पिछले समय में पारित सभी ठहराव प्रस्तावों की जांच कराई जाए तथा उनमें लगे हस्ताक्षरों का संबंधित पार्षदों से सत्यापन कराया जाए। यदि किसी दस्तावेज पर फर्जी हस्ताक्षर पाए जाते हैं तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। 50 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका में पिछले समय से करीब 50 करोड़ रुपये के कथित घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में केवल एक-दो मामलों की जांच पर्याप्त नहीं है, बल्कि नगर पालिका के सभी बैंक खातों, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन भुगतानों, टेंडर, ठहराव प्रस्ताव, निर्माण कार्यों और बिल-वाउचर की व्यापक जांच कराई जानी चाहिए। पार्षदों ने कहा कि जनता के पैसों से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता आवश्यक है। उन्होंने जिला कलेक्टर मुरैना से मांग की कि पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच एजेंसी से जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक संदिग्ध भुगतानों एवं प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जाए। पार्षदों ने स्पष्ट कहा कि जनहित सत्याग्रह नगर पालिका में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता के धन की सुरक्षा के लिए है। उनका कहना है कि उनके पास कथित अनियमितताओं से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं और वे सभी दस्तावेज जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत करने को तैयार हैं। पार्षदों ने कहा—“17 दिसंबर को अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया किए जाने और माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद यदि नगर पालिका में बड़े भुगतान और टेंडर प्रक्रिया जारी है, तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। जनता के पैसों का हिसाब जनता के सामने आना चाहिए।” पार्षदों ने मांग की कि ICICI बैंक से हुए कथित भुगतान, निरस्त टेंडर, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन भुगतान, टेंडर प्रक्रिया और कथित फर्जी ठहराव प्रस्तावों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पार्षदों ने कहा कि जब तक नगर पालिका में कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं होती और जनता के पैसों का पूरा हिसाब सामने नहीं आता, तब तक उनका जनहित सत्याग्रह जारी रहेगा।1
- ब्रैकिग जौरा*शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति, कारखाने को चलवाने को 15 अगस्त से शुरू करेगी जनांदोलन*। *=============* जौरा - शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति की मीटिंग जौरा में सम्पन्न हुई। मीटिंग में जनता को लामवंद कर एकजुट जुझारू आन्दोलन 15 अगस्त को ध्वजारोहण कै बाद शुरू करेगी। इस आंदोलन में धरना प्रदर्शन भूख हड़ताल आमरण अनशन सत्याग्रह जैल भरो किया जाएगा। यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। संघर्ष समिति की मीटिंग में सर्व श्री पंकज उपाध्याय विधायक, महेश दत्त मिश्रा पूर्व विधायक, अशोक तिवारी पूर्व नपाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष किसान सभा, गयाराम सिंह धाकड़ पुर्व संचालक शक्कर कारखाना माकपा नेता, जगदीश शुक्ला पूर्व अध्यक्ष ब्राह्मण सभा, एल एन त्यागी, रामकुमार शर्मा,सोनू त्यागी आदि शामिल रहे। संघर्ष समिति ने इस बार निर्णायक आन्दोलन चलाने का निर्णय लिया है। इसमें मुख्य रूप से सरकार की वायदा खिलाफी को मुद्दा बनाया जाएगा।1
- उदयपुर के युवक से गलती से हुक्मी खेडा के रामकेश योगी के खाते में डले पैसे पुलिस ने करवाए वापसी हिंडौन उदयपुर के प्रदीप से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय गलती से हुक्मी खेड़ा निवासी रामकेश योगी के खाते में ₹50000 ट्रांसफर हो गए थे, उदयपुर के प्रदीप ने रामकेश योगी से वार्ता कर ₹50000 गलती से डलना बताया और रुपए वापस मांगे गए।जिस पर रामकेश योगी ने पैसे ट्रांजैक्शन करने से मना कर दिया कहा नगद पैसे लेने आ जाओ दे दूंगा। जिस पर उदयपुर के प्रदीप ने हिंडौन पुलिस उपाधीक्षक रहे गिरधर सिंह से वार्ता की, जिससे मामला पुलिस तक जा पहुंचा।मामले को लेकर हुक्मी खेड़ा निवासी रामकेश योगी को हिण्डौन पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय में तलब किया गया।जहां रामकेश योगी से डीएसपी कार्यालय की रीडर रामनिरी ने समझाइस की और पीड़ित व्यक्ति को ₹50000 ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तीन बार में करवाए गए। रामकेश योगी ने शुक्रवार सुबह 11:00 बजे बताया कि उसके खाते में अचानक ₹50000 आए थे उन्होंने सोचा कहीं फ्रॉड का मामला हो इसलिए उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया था बाद में पुलिस की समझाइश होने पर जीरो बैलेंस का खाता होने के चलते ₹50000 तीन बार में पीड़ित व्यक्ति प्रदीप को वापसी कर दिए गए हैं। पीड़ित व्यक्ति ने पूर्व डीएसपी रहे गिरधर सिंह का आभार जताया।1
- फैलीं का पूरा के मीणा पंच पटेलों ने किसान रैली का किया स्वागत मुकदमों के समर्थन में सिंघान मीना से हजारों की संख्या में पहुंचे किसान गामड़ा मीणा राज्य सरकार द्वारा किसानों के खिलाफ हो रहे मुकदमों को लेकर जनव्यापी आंदोलन में ये गांव हुए शामिल सिंघान बझेड़ा दैदरौली,पुजारी की ढाणी कारबाड,लिलौटी,नाहरघाटी,लबरी का पूरा सहिह कई गांवों के लोग शुक्रवार चार किलोमीटर लंबी रैली के साथ गांवडा मीणा पहुंचे पांचना बांध आंदोलन से जुड़े मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर गांवडा मीणा गांव में चल रहे जन आंदोलन का शुक्रवार को व्यापक समर्थन देखने को मिला है इसी गांव से दो आरोपियों को मध्य प्रदेश पुलिस तोप चोरी के आरोप में गिरफ्तार करके ले गई थी कुछ दिन पहले तोप की तलाश अभी जारी है दोनों मामलों को लेकर करौली जिला प्रशासन सतर्क हुआ है मुकदमों के समर्थन में सिंघान मीना से हजारों की संख्या में पहुंचे किसान गामड़ा मीणा राज्य सरकार द्वारा किसानों के खिलाफ हो रहे मुकदमों को लेकर जनव्यापी आंदोलन में ये गांव हुए शामिल सिंघान बझेड़ा दैदरौली,पुजारी की ढाणी कारबाड,लिलौटी,नाहरघाटी,लबरी का पूरा सहिह कई गांवों के लोग शुक्रवार चार किलोमीटर लंबी रैली के साथ गांवडा मीणा पहुंचे पांचना बांध आंदोलन से जुड़े मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर गांवडा मीणा गांव में चल रहे जन आंदोलन का शुक्रवार को व्यापक समर्थन देखने को मिला है इसी गांव से दो आरोपियों को मध्य प्रदेश पुलिस तोप चोरी के आरोप में गिरफ्तार करके ले गई थी कुछ दिन पहले तोप की तलाश अभी जारी है दोनों मामलों को लेकर करौली जिला प्रशासन सतर्क हुआ है1
- जागो सरमथुरा, अपने हक के लिए उठो! एकजुट जनता ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। जागो सरमथुरा, अपने हक के लिए उठो! सरमथुरा की जनता कब तक अपने अधिकारों से वंचित रहेगी? कब तक युवा बेरोज़गारी की मार झेलते रहेंगे? कब तक किसान अपनी मेहनत का उचित सम्मान पाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे? अब समय आ गया है कि हम सब एकजुट होकर अपने क्षेत्र के विकास और अपने अधिकारों की आवाज़ बुलंद करें। आज सरमथुरा क्षेत्र अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। किसानों को फसल का उचित मूल्य, समय पर सिंचाई, बिजली, खाद-बीज और अन्य आवश्यक सुविधाएँ पर्याप्त रूप से नहीं मिल पा रही हैं। आम नागरिक अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर लगातार परेशान हैं, लेकिन उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा। सरमथुरा को बेहतर सड़कें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ, उद्योग, रोजगार के नए अवसर, किसानों के लिए प्रभावी योजनाएँ और युवाओं के लिए कौशल विकास की आवश्यकता है। यदि क्षेत्र का समुचित विकास नहीं होगा, तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी प्रभावित होगा। यह किसी एक व्यक्ति या किसी एक वर्ग की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरे सरमथुरा के सम्मान, अधिकार और विकास की लड़ाई है। आइए, हम सभी मिलकर अपने क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करें और विकास, रोजगार तथा किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग करें। आओ संकल्प लें— युवाओं को रोजगार मिले। किसानों को सम्मान और उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। हर नागरिक के साथ समान और सम्मानजनक व्यवहार हो। सरमथुरा का समग्र विकास हो। जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो। जागो सरमथुरा, अपने हक के लिए उठो! एकजुट जनता ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है।2