मेरठ में ललिता कांड के दौरान आंदोलनकारियों पर लाठी-डंडे बरसाए जाने और पुलिस की गाड़ी में बैठकर कप्तान द्वारा आंदोलनकारियों को पीटने की घटना पर बहुजन मुक्ति पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने इसे अफसोसजनक करार देते हुए कहा कि जो लोग संवैधानिक पदों पर बैठकर जनता की सुरक्षा, सामाजिक न्याय और उनके हक की बात नहीं कर सकते, उन्हें इस्तीफा देकर कुर्सी खाली कर देनी चाहिए। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जनता के टैक्स से वेतन पाने वाले किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को ऐसी हरकतें करने का कोई अधिकार नहीं है। आंदोलन के समर्थन में पार्टी ने হুঁकार भरते हुए कहा कि वे मनुस्मृति के आधार पर देश चलाने की कोशिश करने वालों को चुनौती देते हैं और उन्हें देश छोड़ने की बात कही। इसके साथ ही, मौजूदा शासन और प्रशासन में बैठे लोगों पर भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोप लगाते हुए जनता को सावधान रहने की अपील की गई है। पार्टी ने नारा दिया है कि 'वोट हमारा राज तुम्हारा नहीं चलेगा' और जनता से आह्वान किया है कि अब वक्त आ गया है कि ऐसी सरकारों को बदल दिया जाए जो रोजी-रोटी देने में अक्षम हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि मूल निवासियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले किसी भी अधिकारी को जनता के पैसे से तनख्वाह पाने का हक नहीं है।
मेरठ में ललिता कांड के दौरान आंदोलनकारियों पर लाठी-डंडे बरसाए जाने और पुलिस की गाड़ी में बैठकर कप्तान द्वारा आंदोलनकारियों को पीटने की घटना पर बहुजन मुक्ति पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने इसे अफसोसजनक करार देते हुए कहा कि जो लोग संवैधानिक पदों पर बैठकर जनता की सुरक्षा, सामाजिक
न्याय और उनके हक की बात नहीं कर सकते, उन्हें इस्तीफा देकर कुर्सी खाली कर देनी चाहिए। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जनता के टैक्स से वेतन पाने वाले किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को ऐसी हरकतें करने का कोई अधिकार नहीं है। आंदोलन के समर्थन में पार्टी ने হুঁकार भरते हुए कहा कि वे मनुस्मृति के
आधार पर देश चलाने की कोशिश करने वालों को चुनौती देते हैं और उन्हें देश छोड़ने की बात कही। इसके साथ ही, मौजूदा शासन और प्रशासन में बैठे लोगों पर भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोप लगाते हुए जनता को सावधान रहने की अपील की गई है। पार्टी ने नारा दिया है कि 'वोट हमारा राज
तुम्हारा नहीं चलेगा' और जनता से आह्वान किया है कि अब वक्त आ गया है कि ऐसी सरकारों को बदल दिया जाए जो रोजी-रोटी देने में अक्षम हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि मूल निवासियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले किसी भी अधिकारी को जनता के पैसे से तनख्वाह पाने का हक नहीं है।
- मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय ने हालिया घटनाक्रम और सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों के मद्देनजर स्पष्ट किया है कि पुलिस की तमाम कार्रवाई पूरी तरह से साक्ष्यों पर आधारित है और यह केवल अपराधियों के विरुद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी घटना को जाति, दल या समुदाय के चश्मे से देखकर समाज का माहौल खराब करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसएसपी ने चेतावनी दी है कि जो लोग भ्रामक बयानबाजी कर रहे हैं या पुलिस की छवि को धूमिल कर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस के पास ऐसे लोगों के भी पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं जो बाहर से आकर क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को लेकर एसएसपी अविनाश पांडेय ने एक अनूठी अपील की है। उन्होंने कहा कि उनके समर्थकों को एक पेड़ लगाना चाहिए, जबकि उनके विरोध में या गुस्से में रहने वाले लोगों को दो पेड़ लगाने चाहिए। उन्होंने पर्यावरण बचाने की इस मुहिम को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने का आह्वान किया।1
- मेरठ के चर्चित ललिता हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन करने वाले रवि गौतम और अन्य आंदोलनकारियों को गुरुवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया। इन प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद की गई थी। इस गिरफ्तारी को लेकर समर्थकों में भारी आक्रोश है। समर्थकों का आरोप है कि आंदोलनकारी शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जैसे वे अपराधी या आतंकवादी हों। समर्थकों ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में न्याय की मांग करना कोई अपराध नहीं है, इसलिए आंदोलनकारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मामले में पुलिस प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है, जिसे निष्पक्षता के साथ प्रकाशित किया गया है ताकि लोगों तक दोनों पक्षों की बात पहुंच सके।1
- मेरठ के सरधना क्षेत्र के अंतर्गत दिल्ली गांव का एक लड़का चर्चा में है, जिसके बारे में यह बात सामने आई है कि उसने भगवान जी नहीं कहा। इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर यह जानकारी साझा की गई है।1
- मेरठ जिले की सरधना तहसील के सभी ग्रामीण और शहरी बिजली उपभोक्ताओं को अपना बकाया बिल जल्द से जल्द जमा करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिल भुगतान समय पर न करने की स्थिति में बिजली कनेक्शन काटे जा सकते हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे समय से भुगतान सुनिश्चित करें ताकि बिजली सेवा बाधित होने से बचा जा सके।1
- बागपत के पुरामहादेव शिव मंदिर में कांवड़ मेला आयोजन के लिए प्रबंधन कार्य तेजी से चल रहे हैं। इस कार्य के लिए मंदिर समिति, बलेनी और अमीनगर सराय के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया है। इसके साथ ही, मंदिर परिसर में 'एक पेड़, मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण का कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। इस दौरान शुरू ऐप के माध्यम से स्थानीय और राष्ट्रीय खबरों के प्रसार के प्रयासों को सराहा गया है। धर्म-प्रचार में तकनीक के उपयोग को समय की मांग बताते हुए इसे युवाओं तक सनातन संदेश पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम माना गया है। मोदीनगर, गाजियाबाद और मेरठ सहित आसपास के क्षेत्रों की जनता तक सत्य जानकारी पहुंचाना राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।1
- गुरुग्राम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कॉमेडी के नाम पर महिलाओं का अपमान किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस वीडियो में हिमांशु जांगड़ा और प्रणित मोरे शामिल हैं, जिनके इस तथाकथित मनोरंजन के तरीके पर अब तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस वायरल घटना के बाद संबंधित लोगों की कंपनी से टर्मिनेशन से लेकर उनके सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट होने तक की खबरें सामने आई हैं। विवाद के केंद्र में एक बिरयानी वाला मामला भी है, जिसमें ₹370 की बिरयानी और ₹5,000 के इनाम का जिक्र है। लोग अब इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस घिनौने खेल के पीछे की असल सच्चाई क्या है। क्या कॉमेडी की कोई सीमा होनी चाहिए, इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है और लोग इस पूरे मामले पर अपनी राय रख रहे हैं।1
- प्रयागराज के नगर पंचायत लालगोपालगंज श्रृंगवेरपुरधाम में चल रहे भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। एक वीडियो के माध्यम से इस कथित भ्रष्टाचार को उजागर किया गया है, जिसमें नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस वीडियो को जारी करने वालों ने देश की सम्मानित जनता से इसे पूरा देखने की अपील की है। साथ ही, आम नागरिकों से जिम्मेदारी निभाते हुए इस पूरे मामले के सच को पहचानने का आग्रह किया गया है, ताकि नगर पंचायत लालगोपालगंज श्रृंगवेरपुरधाम में व्याप्त भ्रष्टाचार की परतें खुल सकें।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को रोहाना टोल पर पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी तीखी नोंक-झोंक भी हुई। हालांकि, अधिकारियों और सुरक्षा बलों से हुई इस बहस के बाद चंद्रशेखर आजाद वहां से आगे बढ़ गए हैं।1