वाराणसी में पहली बार दिव्यांगों का व्हीलचेयर हॉकी मैच आयोजित, वाराणसी में पहली बार दिव्यांगों का व्हीलचेयर हॉकी मैच आयोजित, यूपी ने उत्तराखंड से किया मुकाबला वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रविवार को खेल इतिहास का एक नया अध्याय जुड़ गया। पहली बार दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए व्हीलचेयर हॉकी मैच का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की टीमों ने हिस्सा लिया। यह ऐतिहासिक मुकाबला हॉकी वाराणसी के तत्वावधान में विकास इंटर कॉलेज, परमानंदपुर, शिवपुर (वाराणसी) के खेल मैदान पर खेला गया। मैच को देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, समाजसेवी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस आयोजन का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को मंच प्रदान करना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना और समाज में खेलों के प्रति समावेशी सोच को मजबूत करना रहा। खिलाड़ियों ने पूरे जोश, अनुशासन और खेल भावना के साथ मुकाबला खेला, जिसे दर्शकों ने जमकर सराहा। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में ऐसे और भी आयोजन कर दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। यह मैच वाराणसी में दिव्यांग खेलों के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
वाराणसी में पहली बार दिव्यांगों का व्हीलचेयर हॉकी मैच आयोजित, वाराणसी में पहली बार दिव्यांगों का व्हीलचेयर हॉकी मैच आयोजित, यूपी ने उत्तराखंड से किया मुकाबला वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रविवार को खेल इतिहास का एक नया अध्याय जुड़ गया। पहली बार दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए व्हीलचेयर हॉकी मैच का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की टीमों ने हिस्सा लिया। यह ऐतिहासिक मुकाबला हॉकी वाराणसी के तत्वावधान में विकास इंटर कॉलेज, परमानंदपुर, शिवपुर (वाराणसी) के खेल मैदान पर खेला गया। मैच को देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, समाजसेवी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस आयोजन का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को मंच प्रदान करना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना और समाज में खेलों के प्रति समावेशी सोच को मजबूत करना रहा। खिलाड़ियों ने पूरे जोश, अनुशासन और खेल भावना के साथ मुकाबला खेला, जिसे दर्शकों ने जमकर सराहा। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में ऐसे और भी आयोजन कर दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। यह मैच वाराणसी में दिव्यांग खेलों के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
- वाराणसी में पहली बार दिव्यांगों का व्हीलचेयर हॉकी मैच आयोजित, यूपी ने उत्तराखंड से किया मुकाबला वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रविवार को खेल इतिहास का एक नया अध्याय जुड़ गया। पहली बार दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए व्हीलचेयर हॉकी मैच का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की टीमों ने हिस्सा लिया। यह ऐतिहासिक मुकाबला हॉकी वाराणसी के तत्वावधान में विकास इंटर कॉलेज, परमानंदपुर, शिवपुर (वाराणसी) के खेल मैदान पर खेला गया। मैच को देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, समाजसेवी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस आयोजन का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को मंच प्रदान करना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना और समाज में खेलों के प्रति समावेशी सोच को मजबूत करना रहा। खिलाड़ियों ने पूरे जोश, अनुशासन और खेल भावना के साथ मुकाबला खेला, जिसे दर्शकों ने जमकर सराहा। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में ऐसे और भी आयोजन कर दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। यह मैच वाराणसी में दिव्यांग खेलों के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1
- मुस्लिम ब्वॉयफ्रेंड ने ब्राह्मण गर्लफ्रेंड को बिना बताए मांस खिला दिया.. इनका मकसद साफ है हिन्दुओं का धर्म भ्रष्ट करना.. लेकिन इन बेवकूफ लड़कियों का क्या किया जाए.. जो इनके चक्करों में आ जाती है1
- गणतंत्र दिवस की तैयारियों का जायजा लेने पुलिस लाइन पहुंचे एसपी अभिमन्यु मांगलिक सुरक्षा, अनुशासन व व्यवस्थाओं को लेकर दिए आवश्यक निर्देश ज्ञानपुर (भदोही)। रविवार, 18 जनवरी 2026 आगामी गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोह एवं परेड की तैयारियों के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक श्री अभिमन्यु मांगलिक ने रविवार को पुलिस लाइन ज्ञानपुर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने समारोह से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जिम्मेदार टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में पुलिस अधीक्षक ने मुख्य परेड ग्राउंड में परेड की संभावित व्यवस्था, मार्च पास्ट, सलामी मंच तथा दर्शक दीर्घा की तैयारियों का अवलोकन किया। इसके साथ ही गणतंत्र दिवस समारोह के लिए बनाए जा रहे मंच (स्टेज) की साज-सज्जा, ध्वजारोहण की व्यवस्था एवं ध्वनि प्रणाली की गुणवत्ता की भी जांच की गई। पुलिस लाइन स्थित गेस्ट हाउस का भी निरीक्षण किया गया, जहां समारोह में शामिल होने वाले अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के ठहरने, साफ-सफाई, सुरक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। निरीक्षण के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण की जाएं। उन्होंने सुरक्षा, अनुशासन, स्वच्छता एवं अतिथि सत्कार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। साथ ही परेड एवं मुख्य समारोह के दौरान किसी भी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए अंतिम रिहर्सल व मॉक ड्रिल सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। पुलिस बल की फिटनेस, वर्दी, उपकरण एवं वाहनों की तैयारियों पर विशेष ध्यान देने को भी कहा गया। पुलिस अधीक्षक श्री अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर जनपद की पुलिस व्यवस्था पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त, अनुशासित एवं जन-केंद्रित होनी चाहिए। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ ड्यूटी निभाने की अपील की, ताकि समारोह सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं भव्य रूप से संपन्न हो सके।1
- पटौदी में बड़ा हादसा टला 🔥 कपड़े के शोरूम में लगी आग, फायर ब्रिगेड ने संभाली स्थिति 🚒1
- ब्रेकिंग न्यूज़ सौरभ न्यू समाचार आज मौनी अमावस्या के अवसर पर माघ मेला में जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अभी मुक्तेश्वर आनंद जी के साथ पुलिस दुर्व्यवहार धक्का मुकि शिष्यों को धकेल देना एवं उन्हें धकेलते हुए ले जाना जा सनातन धर्म में चिंता का विषय पूरा देश एवं काशी के जनता दुखी और मर्माहट है1
- Post by Maurya224@gmail.com1
- Varanasi के Manikarnika Ghat पर demolition, लोगों ने क्या-क्या कहा?1
- आधे घंटे में पति-पत्नी का देहांत, अटूट प्रेम की मार्मिक विदाई वाराणसी/पिंडरा। विकास खंड पिंडरा के लल्लापुर गांव से शनिवार सुबह एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। गांव निवासी विशुन उर्फ सिपाही (80) और उनकी पत्नी दूइजा देवी (77) का मात्र आधे घंटे के अंतराल में देहांत हो गया। जीवनभर साथ निभाने वाले इस दंपति ने मानो एक-दूसरे के बिना जीने से ही इनकार कर दिया। सुबह करीब 5 बजे दूइजा देवी का निधन हो गया। यह दुखद समाचार जब बड़े पुत्र ने विशुन उर्फ सिपाही को दिया, तो वह सदमा वे सहन नहीं कर सके। पत्नी के जाने की पीड़ा ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया और कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। करीब आधे घंटे बाद उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली। गांव के लोग बताते हैं कि विशुन और दूइजा देवी का जीवन प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान की मिसाल था। घर का काम हो या खेतों की मेहनत—दोनों हमेशा साथ रहते थे। गांव वालों के अनुसार उनके बीच कभी तू-तू, मैं-मैं या झगड़े की बात किसी ने नहीं सुनी। उनका शांत और सादा जीवन पूरे गांव के लिए प्रेरणा था। इस दंपति के चार पुत्र—अनंत प्रकाश उर्फ तूफानी, रतन कुमार उर्फ बासु, चंद्रभान उर्फ चंदू, चंद्र भूषण उर्फ बल्ली—और एक पुत्री उर्मिला देवी हैं। भरा-पूरा परिवार होने के बावजूद पति-पत्नी का एक साथ यूं दुनिया छोड़ जाना हर किसी की आंखें नम कर गया। घटना की खबर फैलते ही लल्लापुर ही नहीं, आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग उनके दरवाजे पर पहुंच गए। हर जुबान पर बस यही चर्चा थी—इतना गहरा प्रेम शायद ही कहीं देखने को मिले। परिवार के अनुसार, विशुन उर्फ सिपाही के दो पुत्र सूरत में रहते हैं। उनके पहुंचने के बाद दोनों की शव यात्रा घर से निकलकर वाराणसी के मणिकर्णिका घाट जाएगी, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस मौके पर शोक व्यक्त करने वालों में रामजी सिंह, दशरथ पटेल, देवप्रकाश देवा, पूर्व प्रधान रामनारायण, जगनारायण, वंशराज पटेल, नसरुद्दीन, शमशेर, वर्तमान प्रधान राजेंद्र प्रसाद पटेल, पूर्व प्रधान लाल बहादुर विश्वकर्मा, प्यारेलाल वर्मा सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। लल्लापुर गांव आज दो व्यक्तियों के नहीं, बल्कि एक मिसाल के विदा होने का गवाह बना—एक ऐसा प्रेम, जो जीवन के साथ-साथ मृत्यु में भी साथ रहा।3