ईदगाह में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, देश में अमन-चैन के लिए मांगी गई दुआएं आरा। आपसी भाईचारे और उल्लास का त्योहार 'ईद-उल-फितर' आज आरा सहित पूरे भोजपुर जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर शहर के प्रमुख ईदगाह में हजारों की संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने एक साथ ईद की नमाज अदा की।नमाज के दौरान खुतबा पढ़ा गया, जिसके बाद सामूहिक रूप से हाथ उठाकर बारगाहे इलाही में देश और राज्य की तरक्की, खुशहाली और अमन-चैन के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज खत्म होते ही लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। छोटे बच्चों में ईद को लेकर खासा उत्साह देखा गया।सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। ईदगाह और मस्जिदों के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक खुद सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे थे।शहर के मुख्य चौराहों पर बैरिकेडिंग कर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा गया ताकि नमाजियों को किसी तरह की असुविधा न हो।शांतिपूर्ण माहौल में नमाज संपन्न होने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने भी संतोष व्यक्त किया और सभी को ईद की बधाई दी।
ईदगाह में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, देश में अमन-चैन के लिए मांगी गई दुआएं आरा। आपसी भाईचारे और उल्लास का त्योहार 'ईद-उल-फितर' आज आरा सहित पूरे भोजपुर जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर शहर के प्रमुख ईदगाह में हजारों की संख्या में
मुस्लिम धर्मावलंबियों ने एक साथ ईद की नमाज अदा की।नमाज के दौरान खुतबा पढ़ा गया, जिसके बाद सामूहिक रूप से हाथ उठाकर बारगाहे इलाही में देश और राज्य की तरक्की, खुशहाली और अमन-चैन के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज खत्म होते ही लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर
ईद की मुबारकबाद दी। छोटे बच्चों में ईद को लेकर खासा उत्साह देखा गया।सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। ईदगाह और मस्जिदों के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक खुद सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग
कर रहे थे।शहर के मुख्य चौराहों पर बैरिकेडिंग कर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा गया ताकि नमाजियों को किसी तरह की असुविधा न हो।शांतिपूर्ण माहौल में नमाज संपन्न होने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने भी संतोष व्यक्त किया और सभी को ईद की बधाई दी।
- मां आरण्य देवी (जिन्हें स्थानीय स्तर पर कई बार 'आयरन देवी' कहा जाता है) बिहार के आरा (भोजपुर) शहर की सबसे प्रमुख अधिष्ठात्री देवी हैं। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक (सिद्धपीठ) माना जाता है, जिसका संबंध रामायण काल और पांडवों (महाभारत) से है। यहाँ माँ के महालक्ष्मी और महासरस्वती रूप की पूजा होती है। मां आरण्य देवी के बारे में मुख्य बातें: स्थान: यह मंदिर बिहार के आरा शहर के शीश महल चौक के पास स्थित है। इतिहास और मान्यता: मान्यता है कि पांडवों ने वनवास के दौरान इस स्थान पर देवी की स्थापना की थी। रामायण काल में भी भगवान राम ने यहाँ पूजा की थी। नाम का अर्थ: 'आरण्य' का अर्थ है 'वन' (जंगल)। चूँकि यह क्षेत्र प्राचीन काल में वन (आरण्य) था, इसलिए इन्हें आरण्य देवी कहा जाता है। 'आरा' शहर का नाम भी इन्हीं देवी के नाम पर पड़ा है। प्रतिमा: मंदिर के गर्भगृह में दो प्रमुख प्रतिमाएँ हैं - एक काली (महा सरस्वती) और दूसरी श्वेत (महालक्ष्मी), जो ५ फीट ऊँचे सिंहासन पर विराजमान हैं। महत्व: यह सिद्धपीठ है और नवरात्र के दौरान यहाँ विशेष उत्सव और भारी भीड़ होती है1
- आरा में रसोई गैस की किल्लत1
- आरा। आपसी भाईचारे और उल्लास का त्योहार 'ईद-उल-फितर' आज आरा सहित पूरे भोजपुर जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर शहर के प्रमुख ईदगाह में हजारों की संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने एक साथ ईद की नमाज अदा की।नमाज के दौरान खुतबा पढ़ा गया, जिसके बाद सामूहिक रूप से हाथ उठाकर बारगाहे इलाही में देश और राज्य की तरक्की, खुशहाली और अमन-चैन के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज खत्म होते ही लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। छोटे बच्चों में ईद को लेकर खासा उत्साह देखा गया।सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। ईदगाह और मस्जिदों के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक खुद सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे थे।शहर के मुख्य चौराहों पर बैरिकेडिंग कर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा गया ताकि नमाजियों को किसी तरह की असुविधा न हो।शांतिपूर्ण माहौल में नमाज संपन्न होने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने भी संतोष व्यक्त किया और सभी को ईद की बधाई दी।4
- Post by Chintu Tiwari Kavi jee1
- पिपराही से खबर — स्वास्थ्य जागरूकता के साथ पर्वों की शुभकामनाएं पिपराही स्थित नारायण क्लिनिक के प्रैक्टिशनर डॉक्टर डॉ. राधा कृष्ण राय एवं डॉ. नेहा कुमारी ने क्षेत्रवासियों को रामनवमी, चैती छठ एवं रमजान के पावन अवसर पर ढेर सारी शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर डॉक्टरों ने बदलते मौसम को लेकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह भी दी। उन्होंने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण कई प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। मौसम बदलने पर होने वाली प्रमुख बीमारियां: सर्दी, खांसी एवं बुखार वायरल इंफेक्शन एलर्जी और त्वचा संबंधी रोग पेट से जुड़ी समस्याएं (डायरिया, अपच) गले में खराश और सांस की दिक्कत बचाव के लिए जरूरी सलाह: मौसम के अनुसार कपड़े पहनें ठंडा-गरम खाने से बचें साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें उबला या शुद्ध पानी ही पिएं बाहर के खान-पान से परहेज करें नियमित रूप से हाथ धोते रहें बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें डॉक्टरों ने कहा कि यदि किसी को लगातार बुखार, खांसी या अन्य परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। संपर्क: 8581984895 नारायण क्लिनिक पिपराही द्वारा दी गई यह पहल क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी संदेश दे रही है।1
- Post by Bihar News 241
- इद मुबारक हो, सभी देशवासियों, बिहार बशीयो को इद की बधाई,!1
- हत्या के मामले में एससडीपीओ रंजीत कुमार क्या कह रहे हैं सुनिए1