किताबों की मांग को लेकर अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन 7 सितंबर से परीक्षाएं, अब तक नहीं मिलीं 10वीं-12वीं इंग्लिश मीडियम की पाठ्यपुस्तकें; 5 सितंबर तक किताबें नहीं मिलीं तो तालाबंदी की चेतावनी श्योपुर। गवर्नमेंट एक्सीलेंस स्कूल श्योपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं इंग्लिश मीडियम के छात्रों को अब तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं होने के विरोध में गुरुवार को छात्रों ने अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में शांतिपूर्ण आंदोलन किया। छात्रों ने स्कूल परिसर में धरना देकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द किताबें उपलब्ध कराने की मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि 7 सितंबर से परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं, लेकिन परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी पाठ्यपुस्तकें अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनका परीक्षा परिणाम भी प्रभावित होने की आशंका है। दो माह पहले भी उठाया था मुद्दा अभिषेक मीणा बमोरी ने बताया कि करीब दो माह पूर्व भी उनके द्वारा छात्रों की किताबों की समस्या को लेकर स्कूल पहुंचकर जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष मामला उठाया गया था। उस समय जिम्मेदारों ने 15 दिन के भीतर किताबें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिलीं। इसके बाद छात्रों ने एक बार फिर अपनी समस्या को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता अपनाया। अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने धरना देकर अपनी मांग रखी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुनी छात्रों की समस्या आंदोलन की जानकारी मिलने पर SDO कार्यालय से अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से चर्चा कर उनकी समस्या सुनी। अधिकारियों ने जल्द ही पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अधिकारियों के आश्वासन पर अपना धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान नदीम पठान, हिमांशु माहौर, शिव मीणा सहित एक्सीलेंस स्कूल के सैकड़ों छात्र मौजूद रहे। 'छात्रों की मांग को राजनीति का नाम देकर गुमराह किया जा रहा' अभिषेक मीणा बमोरी ने कहा कि छात्रों की जायज मांग को राजनीति का नाम देकर गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को राजनीति नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई और आगामी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति करना उद्देश्य होता तो दो माह पहले किताबों का मुद्दा उठाकर 15 दिन का समय लेने के बाद दोबारा छात्रों के बीच नहीं आते। आज भी आंदोलन पूरी तरह छात्र हित में और शांतिपूर्ण तरीके से किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों की समस्या सुनी और समाधान का आश्वासन दिया है। 5 सितंबर तक किताबें नहीं मिलीं तो तालाबंदी का ऐलान अभिषेक मीणा बमोरी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 5 सितंबर तक यदि कक्षा 10वीं और 12वीं इंग्लिश मीडियम के छात्रों को किताबें उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो 5 सितंबर को गवर्नमेंट एक्सीलेंस स्कूल श्योपुर के गेट पर तालाबंदी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। छात्रों के अधिकार और उनके भविष्य को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। किताबें दो—छात्रों का भविष्य बचाओ! छात्र हित की लड़ाई—जारी रहेगी! इरशाद पठान संवाददाता, श्योपुर किताबों की मांग को लेकर अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन 7 सितंबर से परीक्षाएं, अब तक नहीं मिलीं 10वीं-12वीं इंग्लिश मीडियम की पाठ्यपुस्तकें; 5 सितंबर तक किताबें नहीं मिलीं तो तालाबंदी की चेतावनी श्योपुर। गवर्नमेंट एक्सीलेंस स्कूल श्योपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं इंग्लिश मीडियम के छात्रों को अब तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं होने के विरोध में गुरुवार को छात्रों ने अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में शांतिपूर्ण आंदोलन किया। छात्रों ने स्कूल परिसर में धरना देकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द किताबें उपलब्ध कराने की मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि 7 सितंबर से परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं, लेकिन परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी पाठ्यपुस्तकें अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनका परीक्षा परिणाम भी प्रभावित होने की आशंका है। दो माह पहले भी उठाया था मुद्दा अभिषेक मीणा बमोरी ने बताया कि करीब दो माह पूर्व भी उनके द्वारा छात्रों की किताबों की समस्या को लेकर स्कूल पहुंचकर जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष मामला उठाया गया था। उस समय जिम्मेदारों ने 15 दिन के भीतर किताबें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिलीं। इसके बाद छात्रों ने एक बार फिर अपनी समस्या को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता अपनाया। अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने धरना देकर अपनी मांग रखी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुनी छात्रों की समस्या आंदोलन की जानकारी मिलने पर SDO कार्यालय से अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से चर्चा कर उनकी समस्या सुनी। अधिकारियों ने जल्द ही पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अधिकारियों के आश्वासन पर अपना धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान नदीम पठान, हिमांशु माहौर, शिव मीणा सहित एक्सीलेंस स्कूल के सैकड़ों छात्र मौजूद रहे। 'छात्रों की मांग को राजनीति का नाम देकर गुमराह किया जा रहा' अभिषेक मीणा बमोरी ने कहा कि छात्रों की जायज मांग को राजनीति का नाम देकर गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को राजनीति नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई और आगामी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति करना उद्देश्य होता तो दो माह पहले किताबों का मुद्दा उठाकर 15 दिन का समय लेने के बाद दोबारा छात्रों के बीच नहीं आते। आज भी आंदोलन पूरी तरह छात्र हित में और शांतिपूर्ण तरीके से किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों की समस्या सुनी और समाधान का आश्वासन दिया है। 5 सितंबर तक किताबें नहीं मिलीं तो तालाबंदी का ऐलान अभिषेक मीणा बमोरी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 5 सितंबर तक यदि कक्षा 10वीं और 12वीं इंग्लिश मीडियम के छात्रों को किताबें उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो 5 सितंबर को गवर्नमेंट एक्सीलेंस स्कूल श्योपुर के गेट पर तालाबंदी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। छात्रों के अधिकार और उनके भविष्य को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। किताबें दो—छात्रों का भविष्य बचाओ! छात्र हित की लड़ाई—जारी रहेगी! इरशाद पठान संवाददाता, श्योपुर
किताबों की मांग को लेकर अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन 7 सितंबर से परीक्षाएं, अब तक नहीं मिलीं 10वीं-12वीं इंग्लिश मीडियम की पाठ्यपुस्तकें; 5 सितंबर तक किताबें नहीं मिलीं तो तालाबंदी की चेतावनी श्योपुर। गवर्नमेंट एक्सीलेंस स्कूल श्योपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं इंग्लिश मीडियम के छात्रों को अब तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं होने के विरोध में गुरुवार को छात्रों ने अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में शांतिपूर्ण आंदोलन किया। छात्रों ने स्कूल परिसर में धरना देकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द किताबें उपलब्ध कराने की मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि 7 सितंबर से परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं, लेकिन परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी पाठ्यपुस्तकें अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनका परीक्षा परिणाम भी प्रभावित होने की आशंका है। दो माह पहले भी उठाया था मुद्दा अभिषेक मीणा बमोरी ने बताया कि करीब दो माह पूर्व भी उनके द्वारा छात्रों की किताबों की समस्या को लेकर स्कूल पहुंचकर जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष मामला उठाया गया था। उस समय जिम्मेदारों ने 15 दिन के भीतर किताबें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिलीं। इसके बाद छात्रों ने एक बार फिर अपनी समस्या को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता अपनाया। अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने धरना देकर अपनी मांग रखी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुनी छात्रों की समस्या आंदोलन की जानकारी मिलने पर SDO कार्यालय से अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से चर्चा कर उनकी समस्या सुनी। अधिकारियों ने जल्द ही पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अधिकारियों के आश्वासन पर अपना धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान नदीम पठान, हिमांशु माहौर, शिव मीणा सहित एक्सीलेंस स्कूल के सैकड़ों छात्र मौजूद रहे। 'छात्रों की मांग को राजनीति का नाम देकर गुमराह किया जा रहा' अभिषेक मीणा बमोरी ने कहा कि छात्रों की जायज मांग को राजनीति का नाम देकर गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को राजनीति नहीं, बल्कि
अपनी पढ़ाई और आगामी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति करना उद्देश्य होता तो दो माह पहले किताबों का मुद्दा उठाकर 15 दिन का समय लेने के बाद दोबारा छात्रों के बीच नहीं आते। आज भी आंदोलन पूरी तरह छात्र हित में और शांतिपूर्ण तरीके से किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों की समस्या सुनी और समाधान का आश्वासन दिया है। 5 सितंबर तक किताबें नहीं मिलीं तो तालाबंदी का ऐलान अभिषेक मीणा बमोरी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 5 सितंबर तक यदि कक्षा 10वीं और 12वीं इंग्लिश मीडियम के छात्रों को किताबें उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो 5 सितंबर को गवर्नमेंट एक्सीलेंस स्कूल श्योपुर के गेट पर तालाबंदी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। छात्रों के अधिकार और उनके भविष्य को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। किताबें दो—छात्रों का भविष्य बचाओ! छात्र हित की लड़ाई—जारी रहेगी! इरशाद पठान संवाददाता, श्योपुर किताबों की मांग को लेकर अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन 7 सितंबर से परीक्षाएं, अब तक नहीं मिलीं 10वीं-12वीं इंग्लिश मीडियम की पाठ्यपुस्तकें; 5 सितंबर तक किताबें नहीं मिलीं तो तालाबंदी की चेतावनी श्योपुर। गवर्नमेंट एक्सीलेंस स्कूल श्योपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं इंग्लिश मीडियम के छात्रों को अब तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं होने के विरोध में गुरुवार को छात्रों ने अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में शांतिपूर्ण आंदोलन किया। छात्रों ने स्कूल परिसर में धरना देकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द किताबें उपलब्ध कराने की मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि 7 सितंबर से परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं, लेकिन परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी पाठ्यपुस्तकें अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनका परीक्षा परिणाम भी प्रभावित होने की आशंका है। दो माह पहले भी उठाया था मुद्दा अभिषेक मीणा बमोरी ने बताया कि करीब दो माह पूर्व भी उनके द्वारा छात्रों की किताबों की समस्या को लेकर स्कूल पहुंचकर
जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष मामला उठाया गया था। उस समय जिम्मेदारों ने 15 दिन के भीतर किताबें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिलीं। इसके बाद छात्रों ने एक बार फिर अपनी समस्या को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता अपनाया। अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने धरना देकर अपनी मांग रखी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुनी छात्रों की समस्या आंदोलन की जानकारी मिलने पर SDO कार्यालय से अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से चर्चा कर उनकी समस्या सुनी। अधिकारियों ने जल्द ही पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अधिकारियों के आश्वासन पर अपना धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान नदीम पठान, हिमांशु माहौर, शिव मीणा सहित एक्सीलेंस स्कूल के सैकड़ों छात्र मौजूद रहे। 'छात्रों की मांग को राजनीति का नाम देकर गुमराह किया जा रहा' अभिषेक मीणा बमोरी ने कहा कि छात्रों की जायज मांग को राजनीति का नाम देकर गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को राजनीति नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई और आगामी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति करना उद्देश्य होता तो दो माह पहले किताबों का मुद्दा उठाकर 15 दिन का समय लेने के बाद दोबारा छात्रों के बीच नहीं आते। आज भी आंदोलन पूरी तरह छात्र हित में और शांतिपूर्ण तरीके से किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों की समस्या सुनी और समाधान का आश्वासन दिया है। 5 सितंबर तक किताबें नहीं मिलीं तो तालाबंदी का ऐलान अभिषेक मीणा बमोरी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 5 सितंबर तक यदि कक्षा 10वीं और 12वीं इंग्लिश मीडियम के छात्रों को किताबें उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो 5 सितंबर को गवर्नमेंट एक्सीलेंस स्कूल श्योपुर के गेट पर तालाबंदी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। छात्रों के अधिकार और उनके भविष्य को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। किताबें दो—छात्रों का भविष्य बचाओ! छात्र हित की लड़ाई—जारी रहेगी! इरशाद पठान संवाददाता, श्योपुर
- इरशाद पठान *श्योपुर : जयस्तंभ से बस स्टैंड मार्ग पर बड़ा हादसा टला, बाजार के बीचों-बीच गिरा विशाल पेड़ - रोड बंद* *इरशाद पठान | ABC News | श्योपुर* श्योपुर शहर के हृदय स्थल कहे जाने वाले जयस्तंभ से बस स्टैंड की ओर जाने वाले मुख्य बाजार में आज सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मिली जानकारी के अनुसार बाजार में दुकानों के पीछे लगा एक पुराना विशाल पेड़, लगातार बारिश से हुए जलभराव और जड़ें कमजोर होने के चलते अचानक भरभराकर दुकान के छज्जे से होते हुए सीधा बाजार की मुख्य सड़क पर आ गिरा। पेड़ गिरते ही बाजार में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते पूरा मुख्य मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया, जिससे बस स्टैंड की ओर जाने वाला यातायात ठप हो गया। *मौके पर मौजूद दुकानदारों ने कहा - ऊपर वाले का शुक्र है* प्रत्यक्षदर्शी दुकानदारों ने बताया कि "हम सब दुकान पर बैठे थे, तभी एक जोरदार धमाके की आवाज आई। बाहर निकलकर देखा तो विशाल पेड़ सड़क पर पड़ा था। हमने ऊपर वाले का शुक्र अदा किया कि कोई जनहानि नहीं हुई।" दुकानदारों ने आगे बताया कि श्योपुर का ये बाजार 24 घंटे गुलजार रहता है, यहां हमेशा भीड़ रहती है। लेकिन आज तेज बारिश के कारण बाजार में ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर थी, वरना बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था। सूचना पर नगरपालिका की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से पेड़ को हटाकर सड़क को खुलवाने का काम शुरू कर दिया गया है। इरशाद पठान *श्योपुर : जयस्तंभ से बस स्टैंड मार्ग पर बड़ा हादसा टला, बाजार के बीचों-बीच गिरा विशाल पेड़ - रोड बंद* *इरशाद पठान | ABC News | श्योपुर* श्योपुर शहर के हृदय स्थल कहे जाने वाले जयस्तंभ से बस स्टैंड की ओर जाने वाले मुख्य बाजार में आज सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मिली जानकारी के अनुसार बाजार में दुकानों के पीछे लगा एक पुराना विशाल पेड़, लगातार बारिश से हुए जलभराव और जड़ें कमजोर होने के चलते अचानक भरभराकर दुकान के छज्जे से होते हुए सीधा बाजार की मुख्य सड़क पर आ गिरा। पेड़ गिरते ही बाजार में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते पूरा मुख्य मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया, जिससे बस स्टैंड की ओर जाने वाला यातायात ठप हो गया। *मौके पर मौजूद दुकानदारों ने कहा - ऊपर वाले का शुक्र है* प्रत्यक्षदर्शी दुकानदारों ने बताया कि "हम सब दुकान पर बैठे थे, तभी एक जोरदार धमाके की आवाज आई। बाहर निकलकर देखा तो विशाल पेड़ सड़क पर पड़ा था। हमने ऊपर वाले का शुक्र अदा किया कि कोई जनहानि नहीं हुई।" दुकानदारों ने आगे बताया कि श्योपुर का ये बाजार 24 घंटे गुलजार रहता है, यहां हमेशा भीड़ रहती है। लेकिन आज तेज बारिश के कारण बाजार में ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर थी, वरना बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था। सूचना पर नगरपालिका की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से पेड़ को हटाकर सड़क को खुलवाने का काम शुरू कर दिया गया है।2
- श्योपुर के बंजारा डैम में आया उफान,देर रात से जारी पानी1
- खंडार में सिस्टम की शर्मनाक तस्वीर! अंतिम संस्कार में भी नहीं मिली छत1
- जलप्रहार': मूसलाधार बारिश से थमा रफ्तार का पहिया,जलमग्न हुए बाजार और सड़कें, खंडार। मुख्यालय और आसपास के इलाकों में बीती देर शाम शुरू हुआ बारिश का तांडव सुबह 8 बजे तक बेझिझक जारी रहा। करीबन 12 घंटे तक लगातार हुई 'झमाझम' बारिश ने पूरे कस्बे को जलमग्न कर दिया है। सड़कें समंदर बन चुकी हैं, नाले उफान पर हैं और मुख्य बाजारों में दुकानों व मकानों के बाहर कई फीट तक पानी का तेज बहाव देखा गया है, गंदगी सड़कों पर उतरी इस आफत की बारिश ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की सफाई व्यवस्था के खोखले दावों की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है। नालों की समय पर सफाई न होने के कारण कचरे से पटे नाले ओवरफ्लो हो गए। नतीजतन, नालों का गंदा पानी और सड़ता कचरा बहकर मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में आ गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू और बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। बारिश के रौद्र रूप और तेज जलभराव के चलते लोगों के मकान पानी से घिर गए हैं। कई निचले इलाकों में घरों के अंदर तक पानी घुसने की स्थिति बन गई । तेज बहाव को देखते हुए लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।1
- जन्माष्टमी पर सजी मनमोहक झांकियां, मटकी फोड़ और खाटू श्याम बाबा की झांकी बनी आकर्षण सारसोप। कस्बे में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर चारभुजा नाथ मंदिर एवं रामलक्ष्मण मंदिर में विभिन्न धार्मिक एवं आकर्षक झांकियां सजाई गईं। मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया। जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप सहित कई मनमोहक झांकियां सजाई गईं। इनमें खाटू श्याम बाबा की झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। झांकी के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। महिलाओं, बच्चों और युवाओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। आयोजन के दौरान मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहा। युवाओं ने उत्साह के साथ मटकी फोड़ कार्यक्रम में भाग लिया। मटकी फूटते ही श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और वातावरण श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का दौर भी चलता रहा। रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आरती की गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। जन्माष्टमी पर्व को लेकर कस्बे में देर रात तक धार्मिक माहौल बना रहा और मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही।3
- *गणेश मेले से पहले गौमुखी मार्ग दुरुस्त, श्रद्धालुओं को मिलेगी सुरक्षित राह* *बारिश में बार-बार क्षतिग्रस्त होने वाले मार्ग की पीडब्ल्यूडी ने प्राथमिकता से कराई मरम्मत* *सवाई माधोपुर, 4 सितम्बर।* श्री त्रिनेत्र गणेश मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराने के लिए जिला कलक्टर काना राम के निर्देशन में सार्वजनिक निर्माण विभाग ने गणेश मार्ग पर गौमुखी-मिश्रदर्रा के समीप क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य पूर्ण कर आवागमन सुचारू कर दिया है। अधिशासी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग गोविंद सहाय मीणा ने बताया कि वर्षा के दौरान पानी के तेज बहाव के कारण गौमुखी के समीप मार्ग बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाता था, जिससे गणेश मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता था। जिला प्रशासन द्वारा समस्या को गंभीरता से लेते हुए मार्ग की स्थायी एवं आवश्यक मरम्मत के लिए 30 अगस्त से 5 सितंबर तक गणेश मंदिर मार्ग को बंद किया गया था । विभाग द्वारा निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण कर मार्ग को सुरक्षित एवं सुगम बनाया गया है। *मेले से पहले व्यवस्थाओं को किया जा रहा सुदृढ़* रणथम्भौर दुर्ग स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर में 13 से 15 सितम्बर तक तीन दिवसीय लक्खी मेला-2026 आयोजित होगा तथा 14 सितम्बर को मुख्य मेला रहेगा। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सड़क, यातायात, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से दुरुस्त किया जा रहा है। गौमुखी मार्ग की मरम्मत पूर्ण होने से गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं, वाहन चालकों एवं स्थानीय आमजन को आवागमन में राहत मिलेगी तथा मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। जिला प्रशासन द्वारा बरसात के कारण प्रभावित अन्य मार्गों पर भी आवश्यक मरम्मत एवं पेचवर्क कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि गणेश मेले के दौरान दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। ---000---4
- किंजर धाम में जन्माष्टमी पर कुश्ती दंगल, पहलवानों ने दिखाए दांव-पेच सपोटरा। जन्माष्टमी के अवसर पर किंजर धाम में आयोजित कुश्ती दंगल में पहलवानों ने दमखम दिखाया। दंगल में आसपास के क्षेत्रों से आए पहलवानों ने विभिन्न भार वर्गों में कुश्तियां लड़ीं और अपने दांव-पेच से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। दंगल की शुरुआत 101 रुपए की कुश्ती से हुई। इसके बाद कुश्तियों की राशि बढ़ती गई और पहलवानों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। अखाड़े में पहलवानों ने एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए जोर-आजमाइश की। दंगल का आखिरी और मुख्य मुकाबला 21 हजार रुपए की कुश्ती का रहा। इसमें सेरा पहलवान चादोली और हरेन्द्र पहलवान बयाना आमने-सामने हुए। दोनों पहलवानों ने काफी देर तक एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी, लेकिन निर्धारित समय तक कोई भी पहलवान दूसरे को चित नहीं कर सका। मुकाबला बराबरी पर छूटा। कुश्ती देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंचे। मुकाबले के दौरान दर्शकों ने पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। जन्माष्टमी के मौके पर आयोजित दंगल ने मेले के माहौल को और भी रोमांचक बना दिया।1
- श्योपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्डी बाई ने सरकारी कार्यालय वाटर शेड ऑफिस का लगाया ताला1