जलप्रहार': मूसलाधार बारिश से थमा रफ्तार का पहिया,जलमग्न हुए बाजार और सड़कें, खंडार। मुख्यालय और आसपास के इलाकों में बीती देर शाम शुरू हुआ बारिश का तांडव सुबह 8 बजे तक बेझिझक जारी रहा। करीबन 12 घंटे तक लगातार हुई 'झमाझम' बारिश ने पूरे कस्बे को जलमग्न कर दिया है। सड़कें समंदर बन चुकी हैं, नाले उफान पर हैं और मुख्य बाजारों में दुकानों व मकानों के बाहर कई फीट तक पानी का तेज बहाव देखा गया है, गंदगी सड़कों पर उतरी इस आफत की बारिश ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की सफाई व्यवस्था के खोखले दावों की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है। नालों की समय पर सफाई न होने के कारण कचरे से पटे नाले ओवरफ्लो हो गए। नतीजतन, नालों का गंदा पानी और सड़ता कचरा बहकर मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में आ गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू और बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। बारिश के रौद्र रूप और तेज जलभराव के चलते लोगों के मकान पानी से घिर गए हैं। कई निचले इलाकों में घरों के अंदर तक पानी घुसने की स्थिति बन गई । तेज बहाव को देखते हुए लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
जलप्रहार': मूसलाधार बारिश से थमा रफ्तार का पहिया,जलमग्न हुए बाजार और सड़कें, खंडार। मुख्यालय और आसपास के इलाकों में बीती देर शाम शुरू हुआ बारिश का तांडव सुबह 8 बजे तक बेझिझक जारी रहा। करीबन 12 घंटे तक लगातार हुई 'झमाझम' बारिश ने पूरे कस्बे को जलमग्न कर दिया है। सड़कें समंदर बन चुकी हैं, नाले उफान पर हैं और मुख्य बाजारों में दुकानों व मकानों के बाहर कई फीट तक पानी का तेज बहाव देखा गया है, गंदगी सड़कों पर उतरी इस आफत की बारिश ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की सफाई व्यवस्था के खोखले दावों की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है। नालों की समय पर सफाई न होने के कारण कचरे से पटे नाले ओवरफ्लो हो गए। नतीजतन, नालों का गंदा पानी और सड़ता कचरा बहकर मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में आ गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू और बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। बारिश के रौद्र रूप और तेज जलभराव के चलते लोगों के मकान पानी से घिर गए हैं। कई निचले इलाकों में घरों के अंदर तक पानी घुसने की स्थिति बन गई । तेज बहाव को देखते हुए लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
- 350 वर्ष पुराने बालाजी मंदिर के जीर्णोद्धार की नींव रखी, सर्व समाज ने किया भूमि पूजन सारसोप। कस्बे में करीब 350 वर्ष पुराने बालाजी मंदिर के जीर्णोद्धार एवं नवनिर्माण कार्य की शुरुआत शुक्रवार को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। करीब 15 लाख रुपए की लागत से प्रस्तावित मंदिर निर्माण कार्य के लिए सर्व समाज की ओर से नींव भूमि पूजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बालाजी महाराज से क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन में ग्रामीणों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मंदिर के ऐतिहासिक स्वरूप को बनाए रखते हुए इसे भव्य रूप देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर से क्षेत्र के लोगों की आस्था लंबे समय से जुड़ी हुई है। मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर सर्व समाज के लोगों ने सहयोग की पहल की है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यहां श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। भूमि पूजन कार्यक्रम में रामनिवास कुशवाह, लक्ष्मीनारायण शर्मा, हरिनारायण शर्मा, जगदीश प्रजापत, अशोक कुशवाह, नवीन पाराशर, ललित, विष्णु, सोनू, जितेंद्र गहलोत, हर्षित जैन, अक्षय गुर्जर, रामावतार सिंह, पंडित हरीश पाराशर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने मंदिर निर्माण में तन-मन-धन से सहयोग करने का संकल्प लिया।3
- मकसूदनपुरा गांव के रास्तों में कीचड़ और पानी लोग परेशान: मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के मकसूदनपुरा ग्राम पंचायत विकास की पोल खोलते गांव के कीचड़ और पानी से भरे रास्ते महिला बुजुर्ग स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीण परेशान मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के मकसूदनपुरा ग्राम पंचायत विकास की पोल खोलते गांव के कीचड़ और पानी से भरे रास्ते महिला बुजुर्ग स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीण परेशान मकसूदनपुरा ग्रामपंचायत मैं हुए विकास की पोल खोलते गांव के ही कीचड़ और पानी से भरे रास्ते बिच गांव के रास्तों में भरे हुए पानी में करिब 8 से 10 वर्ष का बालक डूब सकता है ऐसे में ग्रामीण लालाराम गुर्जर , राम सिंह गुर्जर, शेरु खान, और गांव के अनेकों ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ऐसा विकास कहीं देखने को नहीं मिलेगा जैसा कि इस पूरी ग्राम पंचायत में हुआ है गांव में एक भी रास्ता सुचारू नहीं है जबकि इस बार इतनी बरसात भी नहीं है मान लो अगर बरसात इस वर्ष जमकर बरसाती तो गांव के रास्तों का क्या होता है लेकिन फिर भी हमें इन गांव के रास्तों में होकर निकलने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है ऐसे में अगर कोई बालक गांव के रास्तों में भर पानी होकर निकल जाए तो छोटा-मोटा बालक 8 से 10 वर्ष का बालक डूब सकता है लोगों ने आरोप में बताया कि सरपंच के घर दो रास्ते जाते हैं जिन में एक रास्ते को अपने घर पर जाने के लिए सरपंच ने पक्का करवा लिया है जबकि पूरे गांव के लिए जाने वाले रास्तों में आज भी कीचड़ और पानी भरा हुआ है जिसकी शिकायत कई बार सरपंच उर्मिला देवी एवं पंचायत सचिन को की लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है1
- श्योपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्डी बाई ने सरकारी कार्यालय वाटर शेड ऑफिस का लगाया ताला1
- किताबों की मांग को लेकर अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन 7 सितंबर से परीक्षाएं, अब तक नहीं मिलीं 10वीं-12वीं इंग्लिश मीडियम की पाठ्यपुस्तकें; 5 सितंबर तक किताबें नहीं मिलीं तो तालाबंदी की चेतावनी श्योपुर। गवर्नमेंट एक्सीलेंस स्कूल श्योपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं इंग्लिश मीडियम के छात्रों को अब तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं होने के विरोध में गुरुवार को छात्रों ने अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में शांतिपूर्ण आंदोलन किया। छात्रों ने स्कूल परिसर में धरना देकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द किताबें उपलब्ध कराने की मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि 7 सितंबर से परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं, लेकिन परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी पाठ्यपुस्तकें अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनका परीक्षा परिणाम भी प्रभावित होने की आशंका है। दो माह पहले भी उठाया था मुद्दा अभिषेक मीणा बमोरी ने बताया कि करीब दो माह पूर्व भी उनके द्वारा छात्रों की किताबों की समस्या को लेकर स्कूल पहुंचकर जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष मामला उठाया गया था। उस समय जिम्मेदारों ने 15 दिन के भीतर किताबें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिलीं। इसके बाद छात्रों ने एक बार फिर अपनी समस्या को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता अपनाया। अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने धरना देकर अपनी मांग रखी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुनी छात्रों की समस्या आंदोलन की जानकारी मिलने पर SDO कार्यालय से अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से चर्चा कर उनकी समस्या सुनी। अधिकारियों ने जल्द ही पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अधिकारियों के आश्वासन पर अपना धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान नदीम पठान, हिमांशु माहौर, शिव मीणा सहित एक्सीलेंस स्कूल के सैकड़ों छात्र मौजूद रहे। 'छात्रों की मांग को राजनीति का नाम देकर गुमराह किया जा रहा' अभिषेक मीणा बमोरी ने कहा कि छात्रों की जायज मांग को राजनीति का नाम देकर गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को राजनीति नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई और आगामी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति करना उद्देश्य होता तो दो माह पहले किताबों का मुद्दा उठाकर 15 दिन का समय लेने के बाद दोबारा छात्रों के बीच नहीं आते। आज भी आंदोलन पूरी तरह छात्र हित में और शांतिपूर्ण तरीके से किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों की समस्या सुनी और समाधान का आश्वासन दिया है। 5 सितंबर तक किताबें नहीं मिलीं तो तालाबंदी का ऐलान अभिषेक मीणा बमोरी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 5 सितंबर तक यदि कक्षा 10वीं और 12वीं इंग्लिश मीडियम के छात्रों को किताबें उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो 5 सितंबर को गवर्नमेंट एक्सीलेंस स्कूल श्योपुर के गेट पर तालाबंदी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। छात्रों के अधिकार और उनके भविष्य को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। किताबें दो—छात्रों का भविष्य बचाओ! छात्र हित की लड़ाई—जारी रहेगी! इरशाद पठान संवाददाता, श्योपुर किताबों की मांग को लेकर अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन 7 सितंबर से परीक्षाएं, अब तक नहीं मिलीं 10वीं-12वीं इंग्लिश मीडियम की पाठ्यपुस्तकें; 5 सितंबर तक किताबें नहीं मिलीं तो तालाबंदी की चेतावनी श्योपुर। गवर्नमेंट एक्सीलेंस स्कूल श्योपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं इंग्लिश मीडियम के छात्रों को अब तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं होने के विरोध में गुरुवार को छात्रों ने अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में शांतिपूर्ण आंदोलन किया। छात्रों ने स्कूल परिसर में धरना देकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द किताबें उपलब्ध कराने की मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि 7 सितंबर से परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं, लेकिन परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी पाठ्यपुस्तकें अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनका परीक्षा परिणाम भी प्रभावित होने की आशंका है। दो माह पहले भी उठाया था मुद्दा अभिषेक मीणा बमोरी ने बताया कि करीब दो माह पूर्व भी उनके द्वारा छात्रों की किताबों की समस्या को लेकर स्कूल पहुंचकर जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष मामला उठाया गया था। उस समय जिम्मेदारों ने 15 दिन के भीतर किताबें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिलीं। इसके बाद छात्रों ने एक बार फिर अपनी समस्या को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता अपनाया। अभिषेक मीणा बमोरी के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने धरना देकर अपनी मांग रखी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुनी छात्रों की समस्या आंदोलन की जानकारी मिलने पर SDO कार्यालय से अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से चर्चा कर उनकी समस्या सुनी। अधिकारियों ने जल्द ही पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अधिकारियों के आश्वासन पर अपना धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान नदीम पठान, हिमांशु माहौर, शिव मीणा सहित एक्सीलेंस स्कूल के सैकड़ों छात्र मौजूद रहे। 'छात्रों की मांग को राजनीति का नाम देकर गुमराह किया जा रहा' अभिषेक मीणा बमोरी ने कहा कि छात्रों की जायज मांग को राजनीति का नाम देकर गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को राजनीति नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई और आगामी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति करना उद्देश्य होता तो दो माह पहले किताबों का मुद्दा उठाकर 15 दिन का समय लेने के बाद दोबारा छात्रों के बीच नहीं आते। आज भी आंदोलन पूरी तरह छात्र हित में और शांतिपूर्ण तरीके से किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों की समस्या सुनी और समाधान का आश्वासन दिया है। 5 सितंबर तक किताबें नहीं मिलीं तो तालाबंदी का ऐलान अभिषेक मीणा बमोरी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 5 सितंबर तक यदि कक्षा 10वीं और 12वीं इंग्लिश मीडियम के छात्रों को किताबें उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो 5 सितंबर को गवर्नमेंट एक्सीलेंस स्कूल श्योपुर के गेट पर तालाबंदी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। छात्रों के अधिकार और उनके भविष्य को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। किताबें दो—छात्रों का भविष्य बचाओ! छात्र हित की लड़ाई—जारी रहेगी! इरशाद पठान संवाददाता, श्योपुर3
- पूर्व पालिका अध्यक्ष उनियारा ने नगर निकाय मे किया भाजपा की जीत का दावा. उनियारा. वरिष्ठ भाजपा नेता ओर पूर्व पालिका अध्यक्ष शंकर ठाडा ने इस बार बहुमत के साथ बोर्ड बनाने का दावा किया है.यह बात उन्होंने वार्ड प्रत्याक्षी आशा शर्मा के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के दौरान कही.1
- गंगापुर सिटी में गुलकंदी देवी आदर्श विद्या मंदिर में पेड़ों को बांधा रक्षा सूत्र महिलाओं को बांटे पौधे हल छठ पर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का दिया संदेश राष्ट्रीय हित का लिया संकल्प1
- *नगरीय निकाय आम चुनाव-2026* *ईवीएम का द्वितीय रेंडमाइजेशन सम्पन्न* *288 मतदान केन्द्रों के लिए रिजर्व सहित 347 बीयू एवं 347 सीयू का हुआ आवंटन* *राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में सम्पन्न हुई रेंडमाइजेशन प्रक्रिया* *सवाई माधोपुर, 4 सितंबर।* नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के सफल, निष्पक्ष एवं पारदर्शी आयोजन के लिए शुक्रवार को जिला निर्वाचन अधिकारी काना राम के निर्देशानुसार ईवीएम मशीनों का द्वितीय रेंडमाइजेशन जिला कलक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ। रेंडमाइजेशन के माध्यम से जिले के नगरीय निकायों के निर्धारित मतदान केन्द्रों के लिए ईवीएम का आवंटन किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी काना राम ने बताया कि जिले के 6 नगरीय निकायों के 215 वार्डों के लिए कुल 288 मतदान केन्द्र निर्धारित हैं। इनमें नगर परिषद सवाई माधोपुर के 94 मुख्य एवं 3 सहायक सहित 97, नगर परिषद गंगापुर सिटी के 92 मुख्य एवं 4 सहायक सहित 96, नगर पालिका बामनवास के 20, बौंली के 25, खण्डार के 25 तथा वजीरपुर के 25 मतदान केन्द्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ईवीएम के द्वितीय रेंडमाइजेशन के दौरान निर्धारित मतदान केन्द्रों के लिए कुल 287 बैलेट यूनिट (बीयू) एवं 287 कंट्रोल यूनिट (सीयू) की आवश्यकता के विरुद्ध रिजर्व सहित 347 बीयू एवं 347 सीयू का आवंटन किया गया है। इस प्रकार 60 बीयू एवं 60 सीयू रिजर्व रखे गए हैं। रेंडमाइजेशन के पश्चात निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ईवीएम आवंटन से संबंधित सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ईवीएम का द्वितीय रेंडमाइजेशन निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। जिले में नगरीय निकाय चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजय शर्मा, संबंधित रिटर्निंग अधिकारी, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधी एवं वार्ड प्रत्याशी उपस्थित रहे । —000—1
- बारिश के बीच बिना टीनशेड के खुले में अंतिम संस्कार को मजबूर खेड़ला निमोदा के ग्रामीण, ग्राम पंचायत की व्यवस्थाओं की खुली पोल, ग्रामीणों में भारी रोष सपोटरा सपोटरा उपखंड के खेड़ला निमोदा ग्राम पंचायत के मोक्षधाम में बरसात के दौरान अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गांव निवासी भुल्ली प्रजापति के निधन के बाद जब अंतिम संस्कार के लिए शव को मोक्षधाम ले जाया गया तो लगातार बारिश के चलते हालात बेहद खराब हो गए। मोक्षधाम तक न तो उचित रास्ते की व्यवस्था है और न ही बारिश से बचाव के लिए टीन शेड। अंतिम संस्कार के दौरान बारिश होने से परिजनों और ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मजबूरी में खुले आसमान के नीचे तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी आवश्यक और संवेदनशील व्यवस्था के लिए भी मोक्षधाम में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। बरसात के मौसम में कीचड़ और खराब रास्ते के कारण लोगों को शव लेकर पहुंचने में भी परेशानी होती है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन और ग्राम पंचायत की व्यवस्थाओं को लेकर भारी रोष है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मोक्षधाम तक पक्का रास्ता बनाया जाए और बारिश व धूप से बचाव के लिए टीन शेड सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अंतिम संस्कार के दौरान ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। मोक्षधाम में चार दीवारी एवं टीन सेट की व्यवस्था हो पानी के लिए टंकी हो। ग्रामीणों का सवाल है—जब अंतिम संस्कार के लिए भी बारिश में तिरपाल का सहारा लेना पड़े, तो आखिर मोक्षधाम की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी किसकी है?1
- नई मंडी थाने में ड्रग वॉरियर योजना के तहत बैठक आयोजित SP ने कहा नशा मुक्त समाज के लिए पुलिस और जनता का साझा प्रयास जरूरी हिण्डौन नई मंडी थाने में युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर अंकुश लगाने और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से नई मंडी थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में ‘ड्रग वॉरियर योजना’ के तहत शुक्रवार दोपहर 2 बजे एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधिकारियों, स्थानीय सीएलजी सदस्यों, समाजसेवियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।बैठक को संबोधित करते हुए एसपी ने कहा कि नशा समाज को खोखला कर रहा है और अपराधों की जड़ बन रहा है। इस बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई ही काफी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।इस दौरान ASP डॉक्टर कमल, जी, पुलिस उपाधीक गौरव सारस्वत, CI नरेश पोसवाल, डॉक्टर आशीष शर्मा, एडवोकेट हरिशंकर शर्मा, भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष लज्जा रानी अगृवाल, जिला clg सदस्य मोहन सिनेमा सहित कई लोग मौजूद रहे।1