मकसूदनपुरा गांव के रास्तों में कीचड़ और पानी लोग परेशान: मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के मकसूदनपुरा ग्राम पंचायत विकास की पोल खोलते गांव के कीचड़ और पानी से भरे रास्ते महिला बुजुर्ग स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीण परेशान मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के मकसूदनपुरा ग्राम पंचायत विकास की पोल खोलते गांव के कीचड़ और पानी से भरे रास्ते महिला बुजुर्ग स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीण परेशान मकसूदनपुरा ग्रामपंचायत मैं हुए विकास की पोल खोलते गांव के ही कीचड़ और पानी से भरे रास्ते बिच गांव के रास्तों में भरे हुए पानी में करिब 8 से 10 वर्ष का बालक डूब सकता है ऐसे में ग्रामीण लालाराम गुर्जर , राम सिंह गुर्जर, शेरु खान, और गांव के अनेकों ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ऐसा विकास कहीं देखने को नहीं मिलेगा जैसा कि इस पूरी ग्राम पंचायत में हुआ है गांव में एक भी रास्ता सुचारू नहीं है जबकि इस बार इतनी बरसात भी नहीं है मान लो अगर बरसात इस वर्ष जमकर बरसाती तो गांव के रास्तों का क्या होता है लेकिन फिर भी हमें इन गांव के रास्तों में होकर निकलने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है ऐसे में अगर कोई बालक गांव के रास्तों में भर पानी होकर निकल जाए तो छोटा-मोटा बालक 8 से 10 वर्ष का बालक डूब सकता है लोगों ने आरोप में बताया कि सरपंच के घर दो रास्ते जाते हैं जिन में एक रास्ते को अपने घर पर जाने के लिए सरपंच ने पक्का करवा लिया है जबकि पूरे गांव के लिए जाने वाले रास्तों में आज भी कीचड़ और पानी भरा हुआ है जिसकी शिकायत कई बार सरपंच उर्मिला देवी एवं पंचायत सचिन को की लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है
मकसूदनपुरा गांव के रास्तों में कीचड़ और पानी लोग परेशान: मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के मकसूदनपुरा ग्राम पंचायत विकास की पोल खोलते गांव के कीचड़ और पानी से भरे रास्ते महिला बुजुर्ग स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीण परेशान मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के मकसूदनपुरा ग्राम पंचायत विकास की पोल खोलते गांव के कीचड़ और पानी से भरे रास्ते महिला बुजुर्ग स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीण परेशान मकसूदनपुरा ग्रामपंचायत मैं हुए विकास की पोल खोलते गांव के ही कीचड़ और पानी से भरे रास्ते बिच गांव के रास्तों में भरे हुए पानी में करिब 8 से 10 वर्ष का बालक डूब सकता है ऐसे में ग्रामीण लालाराम गुर्जर , राम सिंह गुर्जर, शेरु खान, और गांव के अनेकों ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ऐसा विकास कहीं देखने को नहीं मिलेगा जैसा कि इस पूरी ग्राम पंचायत में हुआ है गांव में एक भी रास्ता सुचारू नहीं है जबकि इस बार इतनी बरसात भी नहीं है मान लो अगर बरसात इस वर्ष जमकर बरसाती तो गांव के रास्तों का क्या होता है लेकिन फिर भी हमें इन गांव के रास्तों में होकर निकलने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है ऐसे में अगर कोई बालक गांव के रास्तों में भर पानी होकर निकल जाए तो छोटा-मोटा बालक 8 से 10 वर्ष का बालक डूब सकता है लोगों ने आरोप में बताया कि सरपंच के घर दो रास्ते जाते हैं जिन में एक रास्ते को अपने घर पर जाने के लिए सरपंच ने पक्का करवा लिया है जबकि पूरे गांव के लिए जाने वाले रास्तों में आज भी कीचड़ और पानी भरा हुआ है जिसकी शिकायत कई बार सरपंच उर्मिला देवी एवं पंचायत सचिन को की लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है
- मकसूदनपुरा गांव के रास्तों में कीचड़ और पानी लोग परेशान: मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के मकसूदनपुरा ग्राम पंचायत विकास की पोल खोलते गांव के कीचड़ और पानी से भरे रास्ते महिला बुजुर्ग स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीण परेशान मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के मकसूदनपुरा ग्राम पंचायत विकास की पोल खोलते गांव के कीचड़ और पानी से भरे रास्ते महिला बुजुर्ग स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीण परेशान मकसूदनपुरा ग्रामपंचायत मैं हुए विकास की पोल खोलते गांव के ही कीचड़ और पानी से भरे रास्ते बिच गांव के रास्तों में भरे हुए पानी में करिब 8 से 10 वर्ष का बालक डूब सकता है ऐसे में ग्रामीण लालाराम गुर्जर , राम सिंह गुर्जर, शेरु खान, और गांव के अनेकों ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ऐसा विकास कहीं देखने को नहीं मिलेगा जैसा कि इस पूरी ग्राम पंचायत में हुआ है गांव में एक भी रास्ता सुचारू नहीं है जबकि इस बार इतनी बरसात भी नहीं है मान लो अगर बरसात इस वर्ष जमकर बरसाती तो गांव के रास्तों का क्या होता है लेकिन फिर भी हमें इन गांव के रास्तों में होकर निकलने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है ऐसे में अगर कोई बालक गांव के रास्तों में भर पानी होकर निकल जाए तो छोटा-मोटा बालक 8 से 10 वर्ष का बालक डूब सकता है लोगों ने आरोप में बताया कि सरपंच के घर दो रास्ते जाते हैं जिन में एक रास्ते को अपने घर पर जाने के लिए सरपंच ने पक्का करवा लिया है जबकि पूरे गांव के लिए जाने वाले रास्तों में आज भी कीचड़ और पानी भरा हुआ है जिसकी शिकायत कई बार सरपंच उर्मिला देवी एवं पंचायत सचिन को की लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है1
- सवाई माधोपुर शेरपुर झरेटी में बहाव जारी। एक बाइक चालक बहाव में निकाल रहा बाइक। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल। सवाई माधोपुर शेरपुर झरेटी में बहाव जारी। एक बाइक चालक बहाव में निकाल रहा बाइक। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल।1
- जन्माष्टमी पर सारसोप में झमाझम बारिश, उमस से मिली राहत सारसोप। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर शुक्रवार को कस्बे में मौसम ने करवट ली। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और कभी तेज तो कभी मध्यम बारिश का दौर जारी रहा। बारिश से पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। मौसम ठंडा होने से लोगों ने राहत की सांस ली। लगातार हुई बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को भी पानी मिलने की उम्मीद जगी है। किसानों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताया। जन्माष्टमी के दिन बारिश होने से क्षेत्र में मौसम खुशनुमा हो गया और श्रद्धालुओं में भी खुशी का माहौल रहा। मौसम विभाग के अनुसार सवाई माधोपुर सहित पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है।1
- जलप्रहार': मूसलाधार बारिश से थमा रफ्तार का पहिया,जलमग्न हुए बाजार और सड़कें, खंडार। मुख्यालय और आसपास के इलाकों में बीती देर शाम शुरू हुआ बारिश का तांडव सुबह 8 बजे तक बेझिझक जारी रहा। करीबन 12 घंटे तक लगातार हुई 'झमाझम' बारिश ने पूरे कस्बे को जलमग्न कर दिया है। सड़कें समंदर बन चुकी हैं, नाले उफान पर हैं और मुख्य बाजारों में दुकानों व मकानों के बाहर कई फीट तक पानी का तेज बहाव देखा गया है, गंदगी सड़कों पर उतरी इस आफत की बारिश ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की सफाई व्यवस्था के खोखले दावों की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है। नालों की समय पर सफाई न होने के कारण कचरे से पटे नाले ओवरफ्लो हो गए। नतीजतन, नालों का गंदा पानी और सड़ता कचरा बहकर मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में आ गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू और बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। बारिश के रौद्र रूप और तेज जलभराव के चलते लोगों के मकान पानी से घिर गए हैं। कई निचले इलाकों में घरों के अंदर तक पानी घुसने की स्थिति बन गई । तेज बहाव को देखते हुए लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।1
- जनशक्ति स्वराज पार्टी की पहली हुंकार यूजीसी रोलबैक की मांग पर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता बयाना के खानखेड़ा बागरेन में गूंजा विरोध का स्वर, नीकेश सिंह जादौन के नेतृत्व में प्रदर्शन; रवि प्रताप सिंह की प्रमुख भूमिका जनशक्ति स्वराज पार्टी की पहली हुंकार यूजीसी रोलबैक की मांग पर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता बयाना के खानखेड़ा बागरेन में गूंजा विरोध का स्वर, नीकेश सिंह जादौन के नेतृत्व में प्रदर्शन; रवि प्रताप सिंह की प्रमुख भूमिका जनशक्ति स्वराज पार्टी ने अपनी जमीनी सक्रियता की शुरुआत जनहित के मुद्दे को लेकर जोरदार तरीके से की। यूजीसी के नियमों के विरोध एवं यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने बयाना के गांव खानखेड़ा बागरेन में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संस्थापक कृष्णा परमार सैंपऊ के निर्देशानुसार हुए प्रदर्शन का नेतृत्व नीकेश सिंह जादौन ने किया, जबकि रवि प्रताप सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतलों का दहन किया। जनशक्ति स्वराज पार्टी कार्यकर्ता नीकेश सिंह जादौन ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े किसी भी मुद्दे पर जनशक्ति स्वराज पार्टी पीछे नहीं हटेगी। यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा की जनशक्ति स्वराज पार्टी की यूजीसी रोलबैक को लेकर यह पहली हुंकार है अब जनहित के हर समस्या पर जनता की आवाज बनकर मैदान में उतरना ही हमारा संकल्प है। प्रदर्शन में प्रशांत जादौन, कुलवीर जादौन, सुनील जादौन सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- गंगापुर सिटी में गुलकंदी देवी आदर्श विद्या मंदिर में पेड़ों को बांधा रक्षा सूत्र महिलाओं को बांटे पौधे हल छठ पर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का दिया संदेश राष्ट्रीय हित का लिया संकल्प1
- अपराधमुक्त समाज के लिए दौसा पुलिस की अनूठी पहल: मंडावरी में सीएलजी बैठक, महिलाओं ने ली साइबर व नशा अपराधियों की सूचना देने की शपथ मंडावरी (दौसा)। राजस्थान पुलिस के ध्येय वाक्य 'आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर' को धरातल पर साकार करने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा के निर्देशन में प्रदेशभर में चलाया जा रहा ‘सशक्त महिला, साइबर सुरक्षित समाज’ अभियान अब एक जनांदोलन का रूप लेता जा रहा है। इसी कड़ी में मंडावरी थाना परिसर में सामुदायिक संपर्क समूह (सीएलजी) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस और आमजन ने मिलकर अपराधमुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया। महिलाओं की सशक्त भागीदारी, गूंजा बदलाव का स्वर थानाधिकारी जगदीश प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक की सबसे खास बात महिलाओं की उत्साहपूर्ण और प्रभावशाली उपस्थिति रही। घरेलू चौखट से निकलकर कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर महिलाओं ने खुलकर अपने विचार रखे। बैठक में मौजूद महिलाओं और सीएलजी सदस्यों ने एक स्वर में शपथ ली कि समाज में जहर घोलने वाले स्मैक तस्करों, आदतन अपराधियों और ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। चाहे अपराधी आसपास का हो या कोई परिचित, उसकी सटीक सूचना तुरंत पुलिस प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी। सीएलजी सदस्यों ने बांधी एकजुटता की डोर बैठक में मंडावरी क्षेत्र के सीएलजी कमेटी प्रतिनिधि राजमन, सीएलजी अध्यक्ष टिमनी सहित सभी सक्रिय सदस्यों और स्थानीय प्रबुद्धजनों ने भाग लिया। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच परस्पर संवाद और विश्वास ही अपराध पर अंकुश लगाने का सबसे कारगर हथियार है। जनांदोलन बन रही दौसा पुलिस की मुहिम दौसा जिला पुलिस अधीक्षक के कुशल नेतृत्व में जिलेभर की पुलिस टीम इस अभियान को हर गांव-ढाणी तक पहुंचाने के लिए पूरी तत्परता से जुटी हुई है। अधिकारी से लेकर जवान तक, आमजन को साइबर फ्रॉड से बचाव के तौर-तरीके सिखाने और महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं। मंडावरी में दिखा यह जन-उत्साह इस बात का प्रमाण है कि पुलिस की यह सकारात्मक पहल अब भयमुक्त और सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कड़ी बन चुकी है। { खेमराज जोशी ग्राउंड रिपोर्ट शुरू न्यूज़ के लिए}3
- सवाई माधोपुर बारिश के बाद खिल उठा केलकुंड महादेव मंदिर का प्राकृतिक झरना-हरियाली, पानी और पहाड़ों का अद्भुत नजारा। सवाई माधोपुर बारिश के बाद खिल उठा केलकुंड महादेव मंदिर का प्राकृतिक झरना-हरियाली, पानी और पहाड़ों का अद्भुत नजारा।1