एचआईवी उन्मूलन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे स्वयंसेवी संगठन ज्योति विवेकानंद संस्थान को इंदौर में आयोजित इंपैक्ट इंडिया समिट के तहत 'श्रेष्ठ एनजीओ' से सम्मानित किया गया है। संस्थान की निर्देशक ज्योति मिश्रा ने सहरसा जिले सहित देश के विभिन्न राज्यों में इस संगठन के माध्यम से कई प्रकार के सेवा कार्य संचालित किए हैं। संस्थान की उपलब्धियों को देखते हुए इसे अब तक कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है, जिसमें नेपाल, भूटान और श्रीलंका जैसे अंतरराष्ट्रीय देश भी शामिल हैं। श्रीमती मिश्रा ने बताया कि ज्योति विवेकानंद संस्थान बिहार और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में एचआईवी रोकथाम, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और बाल कन्या उत्थान जैसे कार्यों में निरंतर सक्रिय है। उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में भी पुरस्कृत किया गया है। इसके साथ ही, ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भी उन्हें पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है। इंदौर में यह पुरस्कार प्रीतम लाल दुआ ऑडिटोरियम और एट द गैलरी महावीर अंपायर रीगल चौराहा साउथ तुकूगंज में एक समारोह के दौरान प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि क्रिकेट प्रवक्ता सुनील जोशी और सांसद राजीव शुक्ला के हाथों यह सम्मान दिया गया। श्रीमती मिश्रा ने जोर देकर कहा कि एचआईवी का समूल उन्मूलन ही उनका एकमात्र मुख्य उद्देश्य है, जिसके लिए निरंतर जागरूकता अभियान और जांच शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उनकी इन उपलब्धियों के कारण जिले में हर्ष का माहौल है, और जिलेवासियों व उनके परिजनों ने खुशी व्यक्त की है।
एचआईवी उन्मूलन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे स्वयंसेवी संगठन ज्योति विवेकानंद संस्थान को इंदौर में आयोजित इंपैक्ट इंडिया समिट के तहत 'श्रेष्ठ एनजीओ' से सम्मानित किया गया है। संस्थान की निर्देशक ज्योति मिश्रा ने सहरसा जिले सहित देश के विभिन्न राज्यों में इस संगठन के माध्यम से कई प्रकार के सेवा कार्य संचालित किए हैं। संस्थान की उपलब्धियों को देखते हुए इसे अब तक कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है, जिसमें नेपाल, भूटान और श्रीलंका जैसे अंतरराष्ट्रीय देश भी शामिल हैं। श्रीमती मिश्रा ने बताया कि ज्योति विवेकानंद संस्थान बिहार और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में एचआईवी रोकथाम, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और बाल कन्या उत्थान जैसे कार्यों में निरंतर सक्रिय है। उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में भी पुरस्कृत किया गया है। इसके साथ ही, ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भी उन्हें पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है। इंदौर में यह पुरस्कार प्रीतम लाल दुआ ऑडिटोरियम और एट द गैलरी महावीर अंपायर रीगल चौराहा साउथ तुकूगंज में एक समारोह के दौरान प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि क्रिकेट प्रवक्ता सुनील जोशी और सांसद राजीव शुक्ला के हाथों यह सम्मान दिया गया। श्रीमती मिश्रा ने जोर देकर कहा कि एचआईवी का समूल उन्मूलन ही उनका एकमात्र मुख्य उद्देश्य है, जिसके लिए निरंतर जागरूकता अभियान और जांच शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उनकी इन उपलब्धियों के कारण जिले में हर्ष का माहौल है, और जिलेवासियों व उनके परिजनों ने खुशी व्यक्त की है।
- सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र की अजगेबा पंचायत के गाढ़ी या गाँव में नाला निर्माण के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गाँव में नाला बनाने का कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, जिससे इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।1
- Post by Vijaykumar1
- बिहार के दरभंगा जिले के बिरौल अनुमंडल स्थित कमलपुर के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो बाइक सवारों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना कमलपुर के पास हुई, जहाँ बाइक सवार दो लोगों ने अपनी जान गंवा दी।1
- Post by Nitish1
- आज दिनाँक 29/5/26 को बिहार ग्रामीण बैंक की रहटा शाखा ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के अंतर्गत दो मृत्यु दावों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया। पहला दावा रजनी जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्या स्वर्गीय अनिता देवी, पति नंदलाल पंडित, से संबंधित था। वहीं, दूसरा दावा कोसी जीविका स्वयं सहायता की सदस्या स्वर्गीय उमेश चौधरी, जिनकी पत्नी भारती देवी हैं, से जुड़ा था। PMJJBY योजना के तहत मृतक के आश्रित को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस कार्यक्रम में बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अजित कुमार झा ने उपस्थित जीविका दीदियों को बीमा के महत्व के बारे में जानकारी दी। जीविका के BPM मनोज कुमार ने बताया कि जीविका अपने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी शतप्रतिशत दीदियों को बीमा करवाने हेतु प्रेरित करती है। उन्होंने बीमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समझाया कि जीविका से जुड़कर महिलाएं विभिन्न प्रकार की जीविकोपार्जन गतिविधियों से अपनी आमदनी बढ़ाती हैं, और यदि किसी कारणवश उनकी अकाल मृत्यु हो जाती है, तो बीमा मृतक के परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर उन्हें पुनः गरीबी के दुष्चक्र में जाने से बचाता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में BGB RO सहरसा के FI हेड अच्युत आनंद, शाखा प्रबंधक आनंद कुमार, कैशियर अभिजीत कुमार और ऑफिसर निखिल कुमार उपस्थित रहे। जीविका की ओर से किरण CLF की अध्यक्ष रंजू देवी और कोषाध्यक्ष रीता देवी के साथ-साथ बैंक मित्र सहाना खातून भी मौजूद थीं। लाभार्थियों के समूहों से संबंधित जीविका कैडर संदीप कुमार, अखिलेश कुमार, परबेज आलम और हदीस आलम ने भी उपस्थित होकर कार्यक्रम के संचालन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- नागरिक संघर्ष मोर्चा ने सहरसा स्टेडियम में पूर्व प्रस्तावित सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल और क्रिकेट मैदान के स्थान पर तीरंदाजी मैदान तथा अन्य खेल अवसंरचनाओं के निर्माण की योजना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मोर्चा ने जिला पदाधिकारी से इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है। सहरसा के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के एक शिष्टमंडल ने नागरिक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले इस संबंध में जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि सहरसा और संपूर्ण कोशी प्रमंडल में एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, क्रिकेट, कबड्डी, कराटे, कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस सहित विभिन्न खेलों का एक मजबूत आधार है, जहाँ सैकड़ों खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि जिला प्रशासन ने 1 अप्रैल 2026 को एथलेटिक्स बालिका एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की थी, जहाँ वर्तमान में 30 बालिकाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। साथ ही, 26 जनवरी 2026 को लगभग 40 राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया गया था। ऐसी स्थिति में, एथलेटिक्स प्रशिक्षण केंद्र के सक्रिय संचालन के बावजूद एथलेटिक्स ट्रैक को समाप्त कर तीरंदाजी मैदान बनाने का निर्णय खेल के व्यापक हित में नहीं माना जा सकता। मोर्चा ने यह भी तर्क दिया है कि सहरसा और कोशी प्रमंडल में तीरंदाजी खेल का कोई व्यापक आधार या प्रशिक्षण व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, जबकि एथलेटिक्स, फुटबॉल और क्रिकेट जैसे खेलों से जुड़े सैकड़ों खिलाड़ी वर्षों से बेहतर खेल मैदानों की लगातार मांग कर रहे हैं। स्टेडियम परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण क्रिकेट, कबड्डी, वॉलीबॉल, हैंडबॉल और वुशू जैसे खेलों का नियमित अभ्यास बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे लगभग 300 खिलाड़ी अभ्यास के लिए पर्याप्त स्थान न मिलने से परेशान हैं। आवेदन में यह भी बताया गया है कि सहरसा स्टेडियम परिसर में पहले से ही कारू खिरहर इंडोर स्टेडियम, खेल भवन, बैडमिंटन एवं टेबल टेनिस हॉल, कुश्ती-कबड्डी प्रशिक्षण स्थल, जिम तथा खेल पदाधिकारी कार्यालय जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं। इन सुविधाओं के बावजूद, खुले खेल मैदानों के विकास की बजाय अन्य निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देना खिलाड़ियों के हित के विरुद्ध है। नागरिक संघर्ष मोर्चा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सहरसा स्टेडियम में पूर्व प्रस्तावित सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल एवं क्रिकेट मैदान का निर्माण अविलंब कराया जाए। इसके अतिरिक्त, स्टेडियम के पूर्वी भाग को अतिक्रमण मुक्त कर खिलाड़ियों के अभ्यास हेतु उपलब्ध कराया जाए और किसी भी खेल अवसंरचना के निर्माण से पहले खिलाड़ियों, खेल संघों एवं खेल विशेषज्ञों से व्यापक परामर्श लिया जाए। मोर्चा ने आशा व्यक्त की है कि जिला प्रशासन खेल और खिलाड़ियों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि सहरसा भविष्य में खेल के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत कर सके। शिष्टमंडल में मनीष कुमार, सागर सिंह नन्हे, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ताबिश मेहर, धीरज सम्राट, शंकर शशी और प्रिंस कुमार जैसे सदस्य शामिल थे।1
- बिहार के सौर बाजार नगर पंचायत में विकास कार्यों को केवल खानापूर्ति के तौर पर अंजाम दिया जा रहा है। यह स्थिति दर्शाती है कि क्षेत्र में वास्तविक विकास की कमी है और जो भी कार्य हो रहे हैं, वे मात्र दिखावे के लिए हैं।1
- कनाडिया थाना और गवैया के बीच एक सड़क की खराब स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ सुबह से लेकर लगभग 10 बजे तक बड़ी संख्या में बाइकें गुजरती हैं। हालांकि सड़क की स्थिति पूरी तरह से जर्जर नहीं बताई गई है, लेकिन जिस खास जगह पर यह खराब है, वहां यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। इस खराब सड़क के कारण बाइक सवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, खासकर उन लोगों को जिनकी बाइक की हेडलाइट अच्छी नहीं होती, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। बेलवारा पंचायत के निवासी अखिलेश कुमार ने इस सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। उन्होंने जोर दिया कि सड़क को तुरंत ठीक किया जाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में जवाबदेह इंजीनियरों पर कार्रवाई करने और उन पर दबाव डालने की भी मांग की है, जो सड़क की मरम्मत की निगरानी के लिए जिम्मेदार हैं।1
- शनिवार रात करीब साढ़े 10 बजे मोतीपुर वार्ड-1 में करजाइन थाना पुलिस टीम पर हमला किया गया। यह घटना उस समय हुई जब पुलिस टीम एक अभियुक्त को गिरफ्तार करने गई थी। इस दौरान अभियुक्त के परिजनों ने जमकर बवाल किया और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में पुलिस का सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और उसका शीशा भी टूट गया।1