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बिहार के दरभंगा जिले के बिरौल अनुमंडल स्थित कमलपुर के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो बाइक सवारों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना कमलपुर के पास हुई, जहाँ बाइक सवार दो लोगों ने अपनी जान गंवा दी।
Manoj Kumar sah
बिहार के दरभंगा जिले के बिरौल अनुमंडल स्थित कमलपुर के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो बाइक सवारों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना कमलपुर के पास हुई, जहाँ बाइक सवार दो लोगों ने अपनी जान गंवा दी।
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- बिहार के दरभंगा जिले के बिरौल अनुमंडल स्थित कमलपुर के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो बाइक सवारों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना कमलपुर के पास हुई, जहाँ बाइक सवार दो लोगों ने अपनी जान गंवा दी।1
- सहरसा पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ उन्होंने एक दस हज़ार इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। बदमाश की पहचान ललटू के रूप में हुई है, जिसे कटिहार से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई सहरसा पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।1
- समस्तीपुर जिले के हसनपुर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय शोभैपुरा में शनिवार को जगन्नाथपुर गांव निवासी पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक सह शिक्षक गुलाब चंद्र राय को उनकी सेवानिवृत्ति के उपरांत एक विदाई सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता शिक्षक संघ के नेता माखन झा ने की, जबकि मंच संचालन प्रसिद्ध शिक्षक बैद्यनाथ रजक द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान, सेवानिवृत्त शिक्षक गुलाब चंद्र राय को चादर, पाग, माला, डायरी और कलम भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित सभी शिक्षकगण, स्थानीय गणमान्य जनप्रतिनिधियों और शोभैपुरा ग्रामवासियों ने उनके मिलनसार स्वभाव और मृदुभाषी व्यक्तित्व को सदैव याद रखने की बात कही। गुलाब चंद्र राय ने भी विद्यालय परिवार एवं ग्रामवासियों से मिले अपार स्नेह के प्रति अपना आभार व्यक्त किया और इसे हमेशा याद रखने की बात दोहराई। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने सेवानिवृत्त शिक्षक के सम्मान में भावनात्मक गीत भी प्रस्तुत किए। बताया गया कि गुलाब चंद्र राय ने पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक रहते हुए अपनी प्रशासनिक कुशलता एवं प्रबंधन के दम पर उक्त विद्यालय का बेहतर तरीके से संचालन किया, और वर्ष 2006 से एक शिक्षक के रूप में अपने सेवाकाल में उन्होंने छात्र-छात्राओं के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। लोगों ने उनके संपूर्ण सेवाकाल के दौरान अर्जित प्रतिष्ठा को अन्य शिक्षकों के लिए काफी अनुकरणीय बताया। इस मौके पर बड़गांव पंचायत के पंस प्रतिनिधि गौरीशंकर यादव, पैक्स अध्यक्ष सह पूर्व मुखिया भिखरंजन यादव, शिक्षक संघ नेता माखन झा, गंगा प्रसाद सिंह, शंभू प्रसाद, प्रधानाध्यापक शंभूनाथ, राजकिशोर कौशल, बिजली पंडित, अवधेश कुमार, प्रफुल्लचंद्र राय, नवलकिशोर यादव, सेवानिवृत शिक्षक रूपचंद बैठा, गीता प्रसाद, प्रधान शिक्षक दीपनारायण रजक, अनिल कुमार यादव, रामकुमार यादव, प्रधान शिक्षिका नाजिया अंजुम, शिक्षक भवेश्वर कुमार, सुशील कुमार सिंह, सुशांत यादव, संतोष कुमार, रामाश्रय पोद्दार, मायाराम मोची, मोहम्मद दिलनवाज आलम, शिक्षिका रिंकू भूषण, सुप्रिया कुमारी, गुलाफ्शा, ग्रामीण मिथलेश यादव, रामदयाल यादव, विरंची यादव, हिरेंद्र यादव, मोहन शर्मा, साकेत कुमार, शंकर यादव सहित स्थानीय गणमान्य ग्रामीण और विद्यालय के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।1
- एक 'छपरी यूट्यूबर' पर वीडियो बनाने के नाम पर आम आदमी को लूटने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि इस यूट्यूबर की हरकतों ने सभी यूट्यूबर्स को कलंकित किया है। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि ईलमासनगर टुडे टीम द्वारा नहीं की जाती।1
- दरभंगा में एक मकान के भीतर अवैध धंधा संचालित होने के आरोपों को लेकर घंटों तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इस मामले की सूचना मिलने के बाद बहादुरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुँची और बंद कमरे को खुलवाया, लेकिन तलाशी के दौरान कमरे में कोई लड़की नहीं मिली। मकान मालिक राधे श्याम ने आरोपों का खंडन करते हुए बताया कि जिस 16 वर्षीय लड़की से अवैध धंधा करवाने का आरोप लगाया जा रहा है, वह उसकी पत्नी है। पुलिस ने आरोपित युवक राधे श्याम को हिरासत में लेकर थाना पहुँचाया। इस बीच, तथाकथित मालकिनी मनीषा देवी समेत कई लड़कियाँ थाने पर गायब लड़की गुंजन कुमारी को सामने लाने की गुहार लगाती रहीं।1
- मधुबनी जिला संसदीय क्षेत्र के विस्तारक हरीभूषण मिश्रा ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर खास बातचीत में इसे सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उपचुनाव बिहार की आगामी राजनीति की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण चुनाव है।1
- नागरिक संघर्ष मोर्चा ने सहरसा स्टेडियम में पूर्व प्रस्तावित सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल और क्रिकेट मैदान के स्थान पर तीरंदाजी मैदान तथा अन्य खेल अवसंरचनाओं के निर्माण की योजना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मोर्चा ने जिला पदाधिकारी से इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है। सहरसा के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के एक शिष्टमंडल ने नागरिक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले इस संबंध में जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि सहरसा और संपूर्ण कोशी प्रमंडल में एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, क्रिकेट, कबड्डी, कराटे, कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस सहित विभिन्न खेलों का एक मजबूत आधार है, जहाँ सैकड़ों खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि जिला प्रशासन ने 1 अप्रैल 2026 को एथलेटिक्स बालिका एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की थी, जहाँ वर्तमान में 30 बालिकाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। साथ ही, 26 जनवरी 2026 को लगभग 40 राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया गया था। ऐसी स्थिति में, एथलेटिक्स प्रशिक्षण केंद्र के सक्रिय संचालन के बावजूद एथलेटिक्स ट्रैक को समाप्त कर तीरंदाजी मैदान बनाने का निर्णय खेल के व्यापक हित में नहीं माना जा सकता। मोर्चा ने यह भी तर्क दिया है कि सहरसा और कोशी प्रमंडल में तीरंदाजी खेल का कोई व्यापक आधार या प्रशिक्षण व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, जबकि एथलेटिक्स, फुटबॉल और क्रिकेट जैसे खेलों से जुड़े सैकड़ों खिलाड़ी वर्षों से बेहतर खेल मैदानों की लगातार मांग कर रहे हैं। स्टेडियम परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण क्रिकेट, कबड्डी, वॉलीबॉल, हैंडबॉल और वुशू जैसे खेलों का नियमित अभ्यास बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे लगभग 300 खिलाड़ी अभ्यास के लिए पर्याप्त स्थान न मिलने से परेशान हैं। आवेदन में यह भी बताया गया है कि सहरसा स्टेडियम परिसर में पहले से ही कारू खिरहर इंडोर स्टेडियम, खेल भवन, बैडमिंटन एवं टेबल टेनिस हॉल, कुश्ती-कबड्डी प्रशिक्षण स्थल, जिम तथा खेल पदाधिकारी कार्यालय जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं। इन सुविधाओं के बावजूद, खुले खेल मैदानों के विकास की बजाय अन्य निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देना खिलाड़ियों के हित के विरुद्ध है। नागरिक संघर्ष मोर्चा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सहरसा स्टेडियम में पूर्व प्रस्तावित सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल एवं क्रिकेट मैदान का निर्माण अविलंब कराया जाए। इसके अतिरिक्त, स्टेडियम के पूर्वी भाग को अतिक्रमण मुक्त कर खिलाड़ियों के अभ्यास हेतु उपलब्ध कराया जाए और किसी भी खेल अवसंरचना के निर्माण से पहले खिलाड़ियों, खेल संघों एवं खेल विशेषज्ञों से व्यापक परामर्श लिया जाए। मोर्चा ने आशा व्यक्त की है कि जिला प्रशासन खेल और खिलाड़ियों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि सहरसा भविष्य में खेल के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत कर सके। शिष्टमंडल में मनीष कुमार, सागर सिंह नन्हे, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ताबिश मेहर, धीरज सम्राट, शंकर शशी और प्रिंस कुमार जैसे सदस्य शामिल थे।1
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पंडासराय गुमटी के समीप स्थित एक मकान में शनिवार को कथित रूप से नाबालिग लड़की से अवैध धंधा कराए जाने के आरोप को लेकर घंटों हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। सूचना मिलने पर बहादुरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और बंद कमरे की जाँच की, लेकिन वहाँ कोई लड़की नहीं मिली। इस मामले में एक महिला, जिसने खुद को आर्केस्ट्रा संचालिका बताया, ने आरोप लगाया कि एक नाबालिग लड़की ने उन्हें जानकारी दी थी कि उसे एक युवक द्वारा जबरन रखा गया है और उससे अवैध गतिविधियाँ कराई जा रही हैं। महिला ने दावा किया कि 27 मई को राधेश्याम नामक युवक लड़की को अपने साथ ले गया था, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। इसी आशंका के आधार पर वह अन्य लड़कियों के साथ उस मकान पर पहुँची थी। हालाँकि, मकान का दरवाजा खुलवाने पर कथित तौर पर लापता लड़की वहाँ नहीं मिली, लेकिन आरोप लगाने वाली महिलाओं ने कमरे से लड़की के कपड़े और अन्य सामान बरामद होने का दावा किया, जिससे उसके वहाँ रहने की आशंका को बल मिला। वहीं, आरोपित युवक कृष्ण कन्हैया उर्फ राधेश्याम ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह लड़की उसकी पत्नी है और दोनों ने मंदिर में शादी की है। हालांकि, वह मौके पर विवाह से संबंधित कोई दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस युवक को पूछताछ के लिए थाने ले गई, जहाँ थाना परिसर में भी महिला और उसके साथ आई अन्य लड़कियां कथित रूप से लापता लड़की को सामने लाने की मांग करती रहीं ताकि पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सके। बाद में महिला ने बहेड़ी थाना जाकर प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही। इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए। कुछ स्थानीय लोगों ने युवक की गतिविधियों पर संदेह जताते हुए दावा किया कि उसके यहाँ देर रात लोगों का आना-जाना होता था। उन्होंने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन की जांच कर मामले की निष्पक्ष पड़ताल करने की मांग की। कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है, तो विवाह की वैधता और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच आवश्यक होगी। फिलहाल, पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक बयान आने और जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है ताकि लड़की की वास्तविक स्थिति, उम्र और दोनों पक्षों के दावों की पुष्टि हो सके।1