21 लीटर गंगाजल लेकर 360 किमी की पदयात्रा पर निकली कोडरमा की बेटी पहले अजगैबीनाथ, फिर बाबा बैद्यनाथ का करेगी जलाभिषेक; 14 दिन में असरगंज पहुंची कुसुम साहू असरगंज। महादेव की भक्ति और दृढ़ संकल्प की मिसाल झारखंड के कोडरमा जिले की कुसुम साहू पेश कर रही हैं। वह 21 लीटर गंगाजल लेकर 360 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकली हैं। झुमरी तिलैया के झरनाकुंड से शुरू हुई उनकी यात्रा के 14 दिन पूरे हो चुके हैं और 15वें दिन वह असरगंज पहुंचीं। कुसुम का लक्ष्य सबसे पहले सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना है। इसके बाद वह उत्तरवाहिनी गंगा से पुनः 21 लीटर गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए रवाना होंगी। लंबी दूरी और रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद उनका उत्साह बरकरार है। उनका कहना है, “बिना परेशानी के भगवान नहीं मिलते।” कुसुम इससे पहले अयोध्या और वृंदावन की यात्रा भी कर चुकी हैं। इस पदयात्रा के माध्यम से वह शिवभक्ति के साथ गौ सेवा और सनातन धर्म के प्रचार का संदेश दे रही हैं। वह लोगों को गौ माता की सेवा के प्रति जागरूक करने के साथ बेटियों को आगे बढ़ने और अपने माता-पिता का नाम रोशन करने की प्रेरणा भी दे रही हैं। कुसुम ने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य आस्था के साथ समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना है। यात्रा के दौरान रास्ते में मिलने वाले लोग उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं और कई लोग कुछ दूरी तक उनके साथ पैदल भी चल रहे हैं। 21 लीटर गंगाजल और 360 किलोमीटर की पदयात्रा के साथ कुसुम की यह यात्रा दृढ़ संकल्प, शिवभक्ति और नारी सशक्तीकरण का संदेश दे रही है। 21 लीटर गंगाजल लेकर 360 किमी की पदयात्रा पर निकली कोडरमा की बेटी पहले अजगैबीनाथ, फिर बाबा बैद्यनाथ का करेगी जलाभिषेक; 14 दिन में असरगंज पहुंची कुसुम साहू असरगंज। महादेव की भक्ति और दृढ़ संकल्प की मिसाल झारखंड के कोडरमा जिले की कुसुम साहू पेश कर रही हैं। वह 21 लीटर गंगाजल लेकर 360 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकली हैं। झुमरी तिलैया के झरनाकुंड से शुरू हुई उनकी यात्रा के 14 दिन पूरे हो चुके हैं और 15वें दिन वह असरगंज पहुंचीं। कुसुम का लक्ष्य सबसे पहले सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना है। इसके बाद वह उत्तरवाहिनी गंगा से पुनः 21 लीटर गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए रवाना होंगी। लंबी दूरी और रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद उनका उत्साह बरकरार है। उनका कहना है, “बिना परेशानी के भगवान नहीं मिलते।” कुसुम इससे पहले अयोध्या और वृंदावन की यात्रा भी कर चुकी हैं। इस पदयात्रा के माध्यम से वह शिवभक्ति के साथ गौ सेवा और सनातन धर्म के प्रचार का संदेश दे रही हैं। वह लोगों को गौ माता की सेवा के प्रति जागरूक करने के साथ बेटियों को आगे बढ़ने और अपने माता-पिता का नाम रोशन करने की प्रेरणा भी दे रही हैं। कुसुम ने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य आस्था के साथ समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना है। यात्रा के दौरान रास्ते में मिलने वाले लोग उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं और कई लोग कुछ दूरी तक उनके साथ पैदल भी चल रहे हैं। 21 लीटर गंगाजल और 360 किलोमीटर की पदयात्रा के साथ कुसुम की यह यात्रा दृढ़ संकल्प, शिवभक्ति और नारी सशक्तीकरण का संदेश दे रही है।
21 लीटर गंगाजल लेकर 360 किमी की पदयात्रा पर निकली कोडरमा की बेटी पहले अजगैबीनाथ, फिर बाबा बैद्यनाथ का करेगी जलाभिषेक; 14 दिन में असरगंज पहुंची कुसुम साहू असरगंज। महादेव की भक्ति और दृढ़ संकल्प की मिसाल झारखंड के कोडरमा जिले की कुसुम साहू पेश कर रही हैं। वह 21 लीटर गंगाजल लेकर 360 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकली हैं। झुमरी तिलैया के झरनाकुंड से शुरू हुई उनकी यात्रा के 14 दिन पूरे हो चुके हैं और 15वें दिन वह असरगंज पहुंचीं। कुसुम का लक्ष्य सबसे पहले सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना है। इसके बाद वह उत्तरवाहिनी गंगा से पुनः 21 लीटर गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए रवाना होंगी। लंबी दूरी और रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद उनका उत्साह बरकरार है। उनका कहना है, “बिना परेशानी के भगवान नहीं मिलते।” कुसुम इससे पहले अयोध्या और वृंदावन की यात्रा भी कर चुकी हैं। इस पदयात्रा के माध्यम से वह शिवभक्ति के साथ गौ सेवा और सनातन धर्म के प्रचार का संदेश दे रही हैं। वह लोगों को गौ माता की सेवा के प्रति जागरूक करने के साथ बेटियों को आगे बढ़ने और अपने माता-पिता का नाम रोशन करने की प्रेरणा भी दे रही हैं। कुसुम ने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य आस्था के साथ समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना है। यात्रा के दौरान रास्ते में मिलने वाले लोग उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं और कई लोग कुछ दूरी तक उनके साथ पैदल भी चल रहे हैं। 21 लीटर गंगाजल और 360 किलोमीटर की पदयात्रा के साथ कुसुम की यह यात्रा दृढ़ संकल्प, शिवभक्ति और नारी सशक्तीकरण का संदेश दे रही है। 21 लीटर गंगाजल लेकर 360 किमी की पदयात्रा पर निकली कोडरमा की बेटी पहले अजगैबीनाथ, फिर बाबा बैद्यनाथ का करेगी जलाभिषेक; 14 दिन में असरगंज पहुंची कुसुम साहू असरगंज। महादेव की भक्ति और दृढ़ संकल्प की मिसाल झारखंड के कोडरमा जिले की कुसुम साहू पेश कर रही हैं। वह 21 लीटर गंगाजल लेकर 360 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकली हैं। झुमरी तिलैया के झरनाकुंड से शुरू हुई उनकी यात्रा के 14 दिन पूरे हो चुके हैं और 15वें दिन वह असरगंज पहुंचीं। कुसुम का लक्ष्य सबसे पहले सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना है। इसके बाद वह उत्तरवाहिनी गंगा से पुनः 21 लीटर गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए रवाना होंगी। लंबी दूरी और रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद उनका उत्साह बरकरार है। उनका कहना है, “बिना परेशानी के भगवान नहीं मिलते।” कुसुम इससे पहले अयोध्या और वृंदावन की यात्रा भी कर चुकी हैं। इस पदयात्रा के माध्यम से वह शिवभक्ति के साथ गौ सेवा और सनातन धर्म के प्रचार का संदेश दे रही हैं। वह लोगों को गौ माता की सेवा के प्रति जागरूक करने के साथ बेटियों को आगे बढ़ने और अपने माता-पिता का नाम रोशन करने की प्रेरणा भी दे रही हैं। कुसुम ने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य आस्था के साथ समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना है। यात्रा के दौरान रास्ते में मिलने वाले लोग उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं और कई लोग कुछ दूरी तक उनके साथ पैदल भी चल रहे हैं। 21 लीटर गंगाजल और 360 किलोमीटर की पदयात्रा के साथ कुसुम की यह यात्रा दृढ़ संकल्प, शिवभक्ति और नारी सशक्तीकरण का संदेश दे रही है।
- 21 लीटर गंगाजल लेकर 360 किमी की पदयात्रा पर निकली कोडरमा की बेटी पहले अजगैबीनाथ, फिर बाबा बैद्यनाथ का करेगी जलाभिषेक; 14 दिन में असरगंज पहुंची कुसुम साहू असरगंज। महादेव की भक्ति और दृढ़ संकल्प की मिसाल झारखंड के कोडरमा जिले की कुसुम साहू पेश कर रही हैं। वह 21 लीटर गंगाजल लेकर 360 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकली हैं। झुमरी तिलैया के झरनाकुंड से शुरू हुई उनकी यात्रा के 14 दिन पूरे हो चुके हैं और 15वें दिन वह असरगंज पहुंचीं। कुसुम का लक्ष्य सबसे पहले सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना है। इसके बाद वह उत्तरवाहिनी गंगा से पुनः 21 लीटर गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए रवाना होंगी। लंबी दूरी और रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद उनका उत्साह बरकरार है। उनका कहना है, “बिना परेशानी के भगवान नहीं मिलते।” कुसुम इससे पहले अयोध्या और वृंदावन की यात्रा भी कर चुकी हैं। इस पदयात्रा के माध्यम से वह शिवभक्ति के साथ गौ सेवा और सनातन धर्म के प्रचार का संदेश दे रही हैं। वह लोगों को गौ माता की सेवा के प्रति जागरूक करने के साथ बेटियों को आगे बढ़ने और अपने माता-पिता का नाम रोशन करने की प्रेरणा भी दे रही हैं। कुसुम ने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य आस्था के साथ समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना है। यात्रा के दौरान रास्ते में मिलने वाले लोग उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं और कई लोग कुछ दूरी तक उनके साथ पैदल भी चल रहे हैं। 21 लीटर गंगाजल और 360 किलोमीटर की पदयात्रा के साथ कुसुम की यह यात्रा दृढ़ संकल्प, शिवभक्ति और नारी सशक्तीकरण का संदेश दे रही है। 21 लीटर गंगाजल लेकर 360 किमी की पदयात्रा पर निकली कोडरमा की बेटी पहले अजगैबीनाथ, फिर बाबा बैद्यनाथ का करेगी जलाभिषेक; 14 दिन में असरगंज पहुंची कुसुम साहू असरगंज। महादेव की भक्ति और दृढ़ संकल्प की मिसाल झारखंड के कोडरमा जिले की कुसुम साहू पेश कर रही हैं। वह 21 लीटर गंगाजल लेकर 360 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकली हैं। झुमरी तिलैया के झरनाकुंड से शुरू हुई उनकी यात्रा के 14 दिन पूरे हो चुके हैं और 15वें दिन वह असरगंज पहुंचीं। कुसुम का लक्ष्य सबसे पहले सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना है। इसके बाद वह उत्तरवाहिनी गंगा से पुनः 21 लीटर गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए रवाना होंगी। लंबी दूरी और रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद उनका उत्साह बरकरार है। उनका कहना है, “बिना परेशानी के भगवान नहीं मिलते।” कुसुम इससे पहले अयोध्या और वृंदावन की यात्रा भी कर चुकी हैं। इस पदयात्रा के माध्यम से वह शिवभक्ति के साथ गौ सेवा और सनातन धर्म के प्रचार का संदेश दे रही हैं। वह लोगों को गौ माता की सेवा के प्रति जागरूक करने के साथ बेटियों को आगे बढ़ने और अपने माता-पिता का नाम रोशन करने की प्रेरणा भी दे रही हैं। कुसुम ने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य आस्था के साथ समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना है। यात्रा के दौरान रास्ते में मिलने वाले लोग उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं और कई लोग कुछ दूरी तक उनके साथ पैदल भी चल रहे हैं। 21 लीटर गंगाजल और 360 किलोमीटर की पदयात्रा के साथ कुसुम की यह यात्रा दृढ़ संकल्प, शिवभक्ति और नारी सशक्तीकरण का संदेश दे रही है।1
- जमालपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर, पाटम के भैया- बहनों द्वारा निकाली गई भव्य कांवड़ यात्रा, स्थानिय शिव मंदिर में किया जलाभिषेक जमालपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर, पाटम के भैया- बहनों द्वारा निकाली गई भव्य कांवड़ यात्रा, स्थानिय शिव मंदिर में किया जलाभिषेक1
- कृष्ण सेवा सदन की पुस्तकालय सभागार में डॉ एस आर रंगनाथन जी की जयंती मनाई गई। मुंगेर: आल बिहार ट्रेंड लाइब्रेरियन वेलफेयर फाउंडेशन जिला इकाई मुंगेर के तत्वावधान में लाइब्रेरी साइंस के जनक कहे जाने वाले डॉ एस आर रंगनाथन जी की 134 वी जयंती शहर के श्री कृष्ण सेवा सदन के पुस्तकालय सभागार में लाइब्रेरियन वेलफेयर फाउंडेशन के जिला महासचिव प्रणव कुमार की अध्यक्षता में मनाई गई कार्यक्रम की शुरुआत रघुनंदन जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला सचिव प्रणव कुमार ने कहा कि डॉ एस आर रंगनाथन जी का जन्म 12 अगस्त को तमिलनाडु के सियाली गांव में हुआ था उन्होंने पुस्तकालय विज्ञान में पांच नियम दिए हैं। मीडिया प्रभारी राखी सिन्हा ने कहा कि भारत सरकार ने उन्हें पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में योगदान देने के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया है। अभिषेक कुमार ने कहा कि पुस्तकालय विज्ञान में दिए गए योगदान के लिए उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। कौशल कुमार ने कहा कि हम लोग लाइब्रेरी दिवस के रूप में रंगनाथन जी का जयंती मानते हैं। इस मौके पर लाइब्रेरियन वेलफेयर फाउंडेशन जिला इकाई के महासचिव प्रणव कुमार मीडिया प्रभारी राखी सिन्हा देवव्रत कुमार कौशल कुमार अभिषेक कुमार आदि अन्य दर्जनों लाइब्रेरियन वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्य एवं छात्र उपस्थित थे।1
- गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में 13 अगस्त को लगेगा रक्तदान शिविर, लोगों से रक्तदान करने की गई अपील। गोगरी अनुमंडल अस्पताल परिसर में 13 अगस्त को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। खगड़िया सिविल सर्जन के निर्देश पर आयोजित होने वाले इस शिविर को लेकर बुधवार की दोपहर करीब दो बजे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश एवं गोगरी बीडीओ रघुनंदन आनंद ने जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रक्तदान करने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि रक्तदान महादान है। किसी व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान जरूरतमंद मरीज की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बीडीओ रघुनंदन आनंद ने प्रखंड के सभी कर्मचारियों से भी रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मी स्वयं रक्तदान करें और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। जरूरत के समय उपलब्ध कराया गया रक्त किसी मरीज की जान बचाने में अहम साबित हो सकता है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश ने बताया कि दुर्घटना, प्रसव, गंभीर बीमारी सहित अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ती है। ऐसे में रक्त की पर्याप्त उपलब्धता बेहद जरूरी है। उन्होंने स्वस्थ एवं योग्य लोगों से 13 अगस्त को अनुमंडल अस्पताल पहुंचकर रक्तदान करने की अपील की। अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से इस सामाजिक एवं मानवीय पहल में भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।1
- Bakri Dala per Hisse wale ke dwara Jaam Kiya jata hai aur jaane Aane Walon Ko bahut dikkat ka Samna karna padta hai pura Road hi log gher ke rakhte Hain chahane ke bad bhi nahin hatate hain jabki unko side mein Lagana chahie jakar Thana prabhari se aur RPF se Anurodh hai ki jo ki unko yahan se hataya Jaaye aur kisi Sahi Jagah Lagaya Jaaye jo ki Yahan Jaam Ki samasya khatm Ho Main Mitthu Kumar Bhartiya Janata Party sadasya Jahan Ki RPF se appeal karta hun aur Yahan Ke Thana prabhari se appeal karta hun jo ki Inko hataya Jaaye yahan se Ham Logon Ko jaankar samasya se nijaat mile main Mitthu Kumar Bhartiya Janata Party sadasya1
- कैमरे में जो तस्वीरें आप देख रहे हैं, ये किसी गांव की नहीं, बल्कि हवेली खड़गपुर झील फाटक जाने वाले मुख्य मार्ग की हैं। यह वही रास्ता है, जहां हर दिन सैकड़ों लोग और दूर-दराज से आने वाले सैलानी खड़गपुर झील की खूबसूरती देखने पहुंचते हैं। कैमरे में जो तस्वीरें आप देख रहे हैं, ये किसी गांव की नहीं, बल्कि हवेली खड़गपुर झील फाटक जाने वाले मुख्य मार्ग की हैं। यह वही रास्ता है, जहां हर दिन सैकड़ों लोग और दूर-दराज से आने वाले सैलानी खड़गपुर झील की खूबसूरती देखने पहुंचते हैं।1
- सैलरी से नहीं मिल रहा हिसाब! 11 साल में खड़ी की 2.20 करोड़ की संपत्ति, फ्लैट से मिले लाखों के गहने और कैश। सैलरी से नहीं मिल रहा हिसाब! 11 साल में खड़ी की 2.20 करोड़ की संपत्ति, फ्लैट से मिले लाखों के गहने और कैश।1
- मरीज की मौत के बाद सदर अस्पताल में बवाल, इमरजेंसी में तोड़फोड़ ऑक्सीजन नहीं मिलने से मौत का परिजनों ने लगाया आरोप, हंगामे के बाद डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी बाहर निकले; पुलिस ने संभाली स्थिति मुंगेर। मॉडल सदर अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार की रात इलाज के दौरान 30 वर्षीय मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित परिजनों ने इमरजेंसी में तोड़फोड़ कर दी। स्थिति बिगड़ने पर चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी इमरजेंसी छोड़कर बाहर निकल गए। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की तीन गाड़ियां अस्पताल पहुंचीं और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। मृतक की पहचान सीताकुंड कल्याणक निवासी स्व. विशेश्वर यादव के पुत्र धीरज कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार धीरज को दो दिनों से बुखार था। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रात करीब साढ़े नौ बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे इमरजेंसी में लाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में सुई देने के बाद धीरज की हालत और गंभीर हो गई। सांस लेने में परेशानी होने पर उसे ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया, लेकिन सिलेंडर में ऑक्सीजन नहीं थी। परिजनों ने दावा किया कि समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण मरीज की मौत हुई। मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और इमरजेंसी में हंगामा करते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके स्वजनों में भी अफरातफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और स्थिति शांत कराई। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था और ऑक्सीजन आपूर्ति पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। मरीज की मौत के बाद सदर अस्पताल में बवाल, इमरजेंसी में तोड़फोड़ ऑक्सीजन नहीं मिलने से मौत का परिजनों ने लगाया आरोप, हंगामे के बाद डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी बाहर निकले; पुलिस ने संभाली स्थिति मुंगेर। मॉडल सदर अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार की रात इलाज के दौरान 30 वर्षीय मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित परिजनों ने इमरजेंसी में तोड़फोड़ कर दी। स्थिति बिगड़ने पर चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी इमरजेंसी छोड़कर बाहर निकल गए। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की तीन गाड़ियां अस्पताल पहुंचीं और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। मृतक की पहचान सीताकुंड कल्याणक निवासी स्व. विशेश्वर यादव के पुत्र धीरज कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार धीरज को दो दिनों से बुखार था। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रात करीब साढ़े नौ बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे इमरजेंसी में लाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में सुई देने के बाद धीरज की हालत और गंभीर हो गई। सांस लेने में परेशानी होने पर उसे ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया, लेकिन सिलेंडर में ऑक्सीजन नहीं थी। परिजनों ने दावा किया कि समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण मरीज की मौत हुई। मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और इमरजेंसी में हंगामा करते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके स्वजनों में भी अफरातफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और स्थिति शांत कराई। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था और ऑक्सीजन आपूर्ति पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।1