यूजीसी कानून के विरोध और आरक्षण के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर धरना 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 //8103728933// *हनुमान चालीसा पाठ के साथ शुरू हुआ प्रदर्शन, जिलेभर से पहुंचे लोग; मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रखने का ऐलान* कटनी। यूजीसी कानून के विरोध तथा आरक्षण व्यवस्था के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को लेकर अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद सहित विभिन्न संगठनों के नेतृत्व में सोमवार को कटनी कलेक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया। प्रदर्शन की शुरुआत सुबह हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुई। इसके बाद दिनभर शहर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की मौजूदगी में सभा का दौर जारी रहा। धरना प्रदर्शन में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के अध्यक्ष राकेश मिश्रा, राष्ट्रीय महासचिव अवधेश उरमलिया, राष्ट्रीय करणी सेना के सुजीत सिंह सोलंकी सहित अन्य पदाधिकारी एवं प्रदर्शनकारी शामिल हुए। दिनभर समर्थन में पहुंचे लोगों के कारण सभा स्थल पर भीड़ बनी रही। आयोजकों ने प्रदर्शन को मिल रहे समर्थन को देखते हुए आगामी दिनों में आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का दावा किया है। *यूजीसी कानून की विसंगतियों का मुद्दा उठाया* धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मंचासीन वक्ताओं ने यूजीसी कानून को लेकर अपनी आपत्तियां और विचार व्यक्त किए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से सवर्ण समाज द्वारा विभिन्न चुनावों में सत्तारूढ़ राजनीतिक दल का समर्थन किए जाने के बावजूद अब उनके हितों के विपरीत यूजीसी कानून लागू किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि उनके मत में यूजीसी कानून की कई व्यवस्थाएं सवर्ण समाज के लिए अन्यायपूर्ण हैं और इन्हें लेकर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कानून के प्रावधानों को लेकर समाज में असंतोष है और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। सभा में वक्ताओं ने यह भी कहा कि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति के विरुद्ध अपराध सिद्ध होने से पहले दंडात्मक कार्यवाही किए जाने की स्थिति पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था सवर्ण समाज को हाशिए पर ले जाने वाली है। *कानून वापस नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी* प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून को पूर्णतः वापस लेने की मांग दोहराते हुए कहा कि यदि उनकी मांग पर सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज की उपेक्षा का राजनीतिक असर भी भविष्य में देखने को मिल सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आंदोलन को केवल एक विरोध प्रदर्शन के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसके पीछे उठाए जा रहे सामाजिक और नीतिगत सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाए। *आरक्षण व्यवस्था में सुधार और आर्थिक आधार की मांग* धरना प्रदर्शन के दौरान आरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में व्याप्त विभिन्न विसंगतियों को दूर करने तथा आरक्षण का आधार आर्थिक किए जाने की मांग रखी। वक्ताओं का कहना था कि सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि आरक्षण व्यवस्था का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचाने के लिए इसके मौजूदा ढांचे में आवश्यक सुधार किए जाएं। *मांग पूरी होने तक अनशन जारी रखने का ऐलान* आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनशन जारी रखने की बात कही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की जाती, तब तक वे धरना और अनशन जारी रखेंगे। सोमवार को सुबह से शुरू हुआ आंदोलन देर तक जारी रहा। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। आयोजकों का कहना है कि सोमवार को मिले समर्थन से उनका उत्साह बढ़ा है और आने वाले दिनों में आंदोलन में सहभागिता और बढ़ सकती है। आज धरना स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वालों में सर्व श्री नरेंद्र समदरिया, शिवम एवं शुभम, बाल्मीकि मिश्रा, गणेश शंकर गर्ग, अशोक भैरव पांडे, यश दुबे, राज तिवारी, शैलेंद्र सिंह बघेल, पंकज तिवारी, दिनेश तिवारी, जिलाध्यक्ष आरती तिवारी, आशीष मिश्रा, आशीष तिवारी, चेतन सचदेवा, श्रीराम पांडे, मंटू मिश्रा, इत्यादि लोगों की रही। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार की ओर से क्या पहल की जाती है और आंदोलन आगामी दिनों में किस स्वरूप में आगे बढ़ता है।
यूजीसी कानून के विरोध और आरक्षण के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर धरना 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 //8103728933// *हनुमान चालीसा पाठ के साथ शुरू हुआ प्रदर्शन, जिलेभर से पहुंचे लोग; मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रखने का ऐलान* कटनी। यूजीसी कानून के विरोध तथा आरक्षण व्यवस्था के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को लेकर अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद सहित विभिन्न संगठनों के नेतृत्व में सोमवार को कटनी कलेक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया। प्रदर्शन की शुरुआत सुबह हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुई। इसके बाद दिनभर शहर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की मौजूदगी में सभा का दौर जारी रहा। धरना प्रदर्शन में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के अध्यक्ष राकेश मिश्रा, राष्ट्रीय महासचिव अवधेश उरमलिया, राष्ट्रीय करणी सेना के सुजीत सिंह सोलंकी सहित अन्य पदाधिकारी एवं प्रदर्शनकारी शामिल हुए। दिनभर समर्थन में पहुंचे लोगों के कारण सभा स्थल पर भीड़ बनी रही। आयोजकों ने प्रदर्शन को मिल रहे समर्थन को देखते हुए आगामी दिनों में आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का दावा किया है। *यूजीसी कानून की विसंगतियों का मुद्दा उठाया* धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मंचासीन वक्ताओं ने यूजीसी कानून को लेकर अपनी आपत्तियां और विचार व्यक्त किए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से सवर्ण समाज द्वारा विभिन्न चुनावों में सत्तारूढ़ राजनीतिक दल का समर्थन किए जाने के बावजूद अब उनके हितों के विपरीत
यूजीसी कानून लागू किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि उनके मत में यूजीसी कानून की कई व्यवस्थाएं सवर्ण समाज के लिए अन्यायपूर्ण हैं और इन्हें लेकर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कानून के प्रावधानों को लेकर समाज में असंतोष है और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। सभा में वक्ताओं ने यह भी कहा कि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति के विरुद्ध अपराध सिद्ध होने से पहले दंडात्मक कार्यवाही किए जाने की स्थिति पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था सवर्ण समाज को हाशिए पर ले जाने वाली है। *कानून वापस नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी* प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून को पूर्णतः वापस लेने की मांग दोहराते हुए कहा कि यदि उनकी मांग पर सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज की उपेक्षा का राजनीतिक असर भी भविष्य में देखने को मिल सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आंदोलन को केवल एक विरोध प्रदर्शन के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसके पीछे उठाए जा रहे सामाजिक और नीतिगत सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाए। *आरक्षण व्यवस्था में सुधार और आर्थिक आधार की मांग* धरना प्रदर्शन के दौरान आरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में व्याप्त विभिन्न विसंगतियों को दूर करने तथा आरक्षण का आधार आर्थिक किए जाने
की मांग रखी। वक्ताओं का कहना था कि सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि आरक्षण व्यवस्था का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचाने के लिए इसके मौजूदा ढांचे में आवश्यक सुधार किए जाएं। *मांग पूरी होने तक अनशन जारी रखने का ऐलान* आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनशन जारी रखने की बात कही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की जाती, तब तक वे धरना और अनशन जारी रखेंगे। सोमवार को सुबह से शुरू हुआ आंदोलन देर तक जारी रहा। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। आयोजकों का कहना है कि सोमवार को मिले समर्थन से उनका उत्साह बढ़ा है और आने वाले दिनों में आंदोलन में सहभागिता और बढ़ सकती है। आज धरना स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वालों में सर्व श्री नरेंद्र समदरिया, शिवम एवं शुभम, बाल्मीकि मिश्रा, गणेश शंकर गर्ग, अशोक भैरव पांडे, यश दुबे, राज तिवारी, शैलेंद्र सिंह बघेल, पंकज तिवारी, दिनेश तिवारी, जिलाध्यक्ष आरती तिवारी, आशीष मिश्रा, आशीष तिवारी, चेतन सचदेवा, श्रीराम पांडे, मंटू मिश्रा, इत्यादि लोगों की रही। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार की ओर से क्या पहल की जाती है और आंदोलन आगामी दिनों में किस स्वरूप में आगे बढ़ता है।
- मैहर के जरियारी गांव में 55 लाख की लागत से बना पुल क्षतिग्रस्त *मैहर के जरियारी गांव में 55 लाख की लागत से बने क्षतिग्रस्त पुल को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, सड़क पर बैठकर की डायवर्सन की मांग इस सत्ता के भ्रष्टाचार से परेशान* मैहर के जरियारी गांव में बीते दिनों क्षतिग्रस्त पुल को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। पुल की मरम्मत और आवागमन के लिए वैकल्पिक डायवर्सन की मांग को लेकर कुछ ग्रामीण जरियारी मार्ग पर सड़क पर बैठ गए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द डायवर्सन मार्ग बनाए जाने की मांग की।ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त पुल के कारण उन्हें आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है : *नादन थाना प्रभारी पंचराज सिंह सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद*: मार्च 2024 में 55 लाख की लागत से हुआ था निर्माण, दो साल में हुआ क्षतिग्रस्त1
- कटनी नगर//- कटनी शहर में दधिकांदो महोत्सव के अवसर पर भव्य जुलूस निकाला गया कटनी शहर में दधिकांदो महोत्सव के अवसर पर भव्य जुलूस निकाला गया। भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियां, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों से पूरा शहर कृष्णमय हो गया। श्रद्धालुओं ने उत्साह से भाग लिया और जगह-जगह दही हांडी फोड़ी गई। 🙏🙇🌺❤️💞🙈4
- 🚨 दिनदहाड़े चाकू की नोक पर लूट से सनसनी 2700 रुपये छीने, विरोध करने पर युवक से मारपीट; पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल कटनी। रंगनाथ थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े चाकू की नोक पर लूट और मारपीट का मामला सामने आया है। श्मशान भूमि के पास हुई इस कथित वारदात में एक युवक से पांच अज्ञात बदमाशों द्वारा 2700 रुपये छीनने और विरोध करने पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद पीड़ित द्वारा पुलिस से शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। 🔪 चाकू अड़ाकर छीने 2700 रुपये प्राप्त जानकारी के अनुसार, वंशस्वरूप वार्ड निवासी दीपक सिंह रविवार दोपहर करीब 2 बजे सामान लेकर श्मशान भूमि के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान पांच अज्ञात युवकों ने उसे कथित तौर पर घेर लिया। पीड़ित के आरोप के मुताबिक बदमाशों ने चाकू अड़ाकर उसके पास रखे 2700 रुपये छीन लिए। जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और मौके से फरार हो गए। 👮 थाने पहुंचकर दी शिकायत वारदात के बाद पीड़ित रंगनाथ थाने पहुंचा और पुलिस को शिकायत देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने मामले की जांच करने के बाद प्रकरण दर्ज करने की बात कही है। ⚠️ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल दिनदहाड़े चाकू की नोक पर लूट की शिकायत सामने आने के बाद क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं होने से उसे न्याय मिलने को लेकर चिंता है। हालांकि मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से क्या कार्रवाई की गई है, यह स्पष्ट नहीं है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में कथित लूट की घटना की क्या सच्चाई सामने आती है और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।1
- घर में घुसा 5 फीट लंबा जहरीला इंडियन स्पेक्टेकल कोबरा, सर्पमित्र खेमचंद यादव ने किया सुरक्षित रेस्क्यू कटनी। जिले के बड़वारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नैगवां में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर के अंदर करीब 5 फीट लंबा जहरीला इंडियन स्पेक्टेकल कोबरा घुस गया। घर में कोबरा दिखाई देने के बाद परिवार के सदस्य दहशत में आ गए। परिजनों ने तत्काल समाजसेवी, वन्यजीव प्रेमी एवं सर्पमित्र खेमचंद यादव को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही खेमचंद यादव मौके पर पहुंचे और काफी सावधानी व कड़ी मेहनत के बाद जहरीले कोबरा का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद सर्प को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया। खेमचंद यादव लंबे समय से सर्प एवं अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। वे अब तक कई जहरीले और अन्य सर्पों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खेमचंद यादव के इस कार्य से जहां लोगों को जहरीले सर्पों से होने वाले संभावित खतरे से राहत मिलती है, वहीं वन्यजीवों की जान भी सुरक्षित बचाई जा रही है।1
- संत रविदास जयंती पर संकल्प अभियान एवं कलश यात्रा का आयोजन,काशी की पवित्र मिट्टी लेकर बहोरीबंद पहुंची कलश यात्रा, नवीन मंदिर निर्माण की उठी मांग कटनी/बाकल। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित संकल्प अभियान एवं कलश यात्रा सोमवार को बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र पहुंची। गुरु रविदास जी की जन्मस्थली काशी (वाराणसी) से पवित्र मिट्टी कलशों में भरकर देश के विभिन्न राज्यों, जिलों एवं गांवों तक पहुंचाई जा रही है। इसी क्रम में बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र पहुंची कलश यात्रा का पटोरी चौराहा स्थित संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के मंदिर में ग्रामवासियों द्वारा भव्य स्वागत एवं वंदन किया गया। कन्याओं ने कलश रखकर यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने संत रविदास जी के विचारों और उनके सामाजिक समरसता के संदेश को याद किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य संत रविदास जी के समानता, सामाजिक समरसता, सामाजिक न्याय और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने संत रविदास महाराज के लिए नवीन मंदिर निर्माण की मांग भी रखी। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान मंदिर काफी पुराना एवं जर्जर अवस्था में है, इसलिए यहां नवीन मंदिर का निर्माण कराया जाना आवश्यक है। कार्यक्रम में सेक्टर इंजीनियर सुशील कुमार साहू, बाकल थाना प्रभारी उपनिरीक्षक दिनेश तिवारी, कमल यादव, राकेश रजक, इंद्र कुमार व्यवहार, पीसीओ, भाजपा अनुसूचित जाति बाकल मंडल अध्यक्ष पवन चौधरी, सरपंच प्रतिनिधि गोकुल जलसा बाई पटेल, सचिव डालचंद झरिया, सुनील पटेल, कंधी लाल चौधरी, गेंदालाल चौधरी, कमलेश चौधरी, राजू चौधरी, वार्ड पंच रम्मू चौधरी, हालू चौधरी, फागुराम चौधरी एवं विजय चौधरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के विचारों को आत्मसात करते हुए सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया।4
- विजयराघवगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: चाचा-भतीजे से करीब 3 किलो गांजा जब्त, बाइक भी बरामद विजयराघवगढ़/कटनी रिपोर्टर सुरेश सेन श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमल मौर्य महोदय व श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी श्री वीरेन्द्र धार्वे महोदय के मार्गदर्शन पर निरीक्षक अभिषेक चौबे थाना प्रभारी विजयराघवगढ़ की पुलिस टीम के द्वारा अवैध रूप से गांजा परिवहन करने वाले आरोपीयों को पकड़ा है और उनके कब्जे से मादक पदार्थ गांजा जप्त किया है। विवरण – दिनांक 05/09/2026 को थाना विजयराघवगढ़ पुलिस टीम द्वारा थाना क्षेत्र के आई.टी.आई. विजयराघवगढ़ के तलैया के पास मेन रोड पर वाहन चेकिंग के दौरान एक मोटर साईकल पर सवार दो व्यक्तियों को रोका गया जब उनका आचरण संदिग्ध प्रतीत हुआ तो उनकी तलाशी ली गई मौके पर ही यह पाया गया कि पीछे बैठा व्यक्ति एक पिट्ठू बैग में कुछ रखकर जा रहे थे, व्यक्ति संदिग्ध पाये जाने पर बैग की तलासी लेने उपरांत बैग के अंदर मादक पदार्थ गांजा पाया गया। संदिग्ध व्यक्तियों के कब्जे से 02 किलो 960 ग्राम मादक पदार्थ गांजा कीमती लगभग 35 हजार रूपया एवं मोटर साईकल को जब्त किया गया। दोनों आरोपी आपस में चाचा एवं भतीजे हैं। आरोपीगण ①समयलाल कोल पिता सुखलाल कोल ② गोविंद प्रसाद पिता प्रेमलाल कोल उम्र 52 वर्ष निवासी ग्राम खिरवा नम्बर 1 थाना विजयराघवगढ़ जिला कटनी (म.प्र.) का कृत्य धारा 8/20 एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत दण्डनीय अपराध पाये जाने से मामला रजिस्टर्ड कर दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल दाखिल किया गया। भूमिका – इस सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी अभिषेक चौबे, सउनि जगदीश प्रसाद पाण्डेय, सउनि विक्रम सिंह, सउनि संतोष स्वामी, आरक्षक 552 अंजनी झा, स्वतंत्र साक्षी राहगीरों की मुख्य भूमिका रही।1
- भारत में हिंदू राष्ट्र का जहर उगलते आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत देश में हिंदू मुस्लिम की नफरत फैला के दंगा करवाते पर विदेश में मुसलमान को भाई बताते भारत को बुद्ध का देश बताते हैं1
- जबलपुर से सामने आई यह खबर सिर्फ गरीबी और मजबूरी की कहानी नहीं, बल्कि मानवता, परोपकार और अनेकता में एकता की ऐसी मिसाल है, जो समाज को आईना दिखाती है। जिला अस्पताल विक्टोरिया में उपचार के दौरान 45 से 50 वर्षीय आरती विश्वकर्मा की मौत हो गई। आरती के पति श्याम विश्वकर्मा के सामने पत्नी के अंतिम संस्कार का संकट खड़ा हो गया। आर्थिक तंगी इतनी गहरी थी कि अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे। बताया गया कि पति श्याम विश्वकर्मा बार-बार कह रहे थे कि उनके पास अंतिम संस्कार के पैसे नहीं हैं और वे शव को नर्मदा में प्रवाहित कर देंगे। नर्सों को जब इस मजबूरी की जानकारी हुई, तो सूचना गरीब नवाज कमेटी के सदस्यों तक पहुंची। सूचना मिलते ही कमेटी आगे आई और कहा कि मौत के बाद भी इंसान की गरिमा से समझौता नहीं होने दिया जाएगा। कमेटी ने मृतिका के पति से संपर्क किया और अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी उठाई। इसके बाद ग्वारीघाट मुक्ति धाम में हिन्दू रीति रिवाजों के अनुसार आरती विश्वकर्मा का अंतिम संस्कार उनके पति श्याम विश्वकर्मा के हाथों कराया गया। यह घटना एक बड़ा संदेश देती है कि इंसानियत की कोई जाति नहीं होती, मदद का कोई मजहब नहीं होता और दुख के समय बढ़ाया गया एक हाथ समाज को जोड़ने की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। आज जब समाज में धर्म और जाति के नाम पर दूरियां बढ़ाने की कोशिशें दिखाई देती हैं, ऐसे समय में गरीब नवाज कमेटी की यह पहल अनेकता में एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल बनकर सामने आती है। आरती अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके अंतिम संस्कार में मिली इंसानियत की यह मदद शायद समाज को लंबे समय तक यह याद दिलाती रहेगी। मजहब अलग हो सकते हैं,लेकिन इंसानियत का दर्द एक होता है।1
- ओबीसी महासभा का डेलिगेशन कल 29 मई 2026 को माननीय Collector Office Damoh महोदय दमोह एवं Damoh Police महोदय दमोह से मुलाकात करेंगे। आप सभी जानते हैं लगभग पूरा देश जानता है कि प्रशासन एवं नर्स की प्रताड़नाओं के चलते महेंद्र सिंह लोधी जिन्होंने फांसी लगाकर अपनी जान देनी पड़ी थी जिसके लिए दो बड़े आंदोलन किए गए थे एक पहला आंदोलन रनेह थाना का घेराव जिसमें 7हजार से 8 हजार की संख्या में लोग उपस्थित हुए थे दूसरा आंदोलन 11 फरवरी को जब महेंद्र सिंह लोधी ने फांसी लगा ली थी तब उनकी अस्थियां लेकर विधवा पत्नी अपने 6 माह के बच्चे को लेकर लगभग 100 किलोमीटर की पैदल यात्रा करके कई क्रांतिकारी साथी दमोह जिले के साथ-साथ आसपास के सभी जिलों से क्रांतिकारी साथी उपस्थित हुए थे माननीय कलेक्टर महोदय से संवाद चालू था पर कुछ फर्जी पत्रकारों ने आंदोलन को असफल करने के लिए बहुत बड़ा षड्यंत्र रचा जिससे महेंद्र सिंह लोधी जिन्होंने फांसी लगाई उनको न्याय नहीं मिल पाया। इस आंदोलन कुछ फर्जी पत्रकारों के द्वारा पत्रकारिता को शर्मसार करते हुए कई निर्दोष लोगों पर झूठे मुकदमे ST SC एक्ट में करवा दिए गए प्रशासन और पुलिस वालों ने मिलकर कई क्रांतिकारी को पुलिस ने उठाया तो प्रताड़ना दी 19 पर नाम दर्ज के साथ 100 लोगों पर केस किए गए पुलिस प्रशासन की क्रूरता के चलते ओबीसी महासभा ने 28 फरवरी को महा आंदोलन की घोषणा की थी जिसके कारण दमोह लोकसभा सांसद राहुल लोधी एवं मंत्री धर्मेंद्र लोधी जी एवं अन्य नेता एवं कलेक्टर एसपी महोदयजी के संवाद के बाद आंदोलन को निरस्त किया गया था और ओबीसी महासभा का रविवार 22/2/2026 को डेलिगेशन बुलाया गया प्रशासन एवं ओबीसी महासभा की चर्चा के बाद एक SIT गठित की गई थी इस हेतु 15 दिन का समय पत्र में लिखित दिया गया था लेकिन आज दिनांक तक कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। हम शांतिपूर्ण डेलिगेशन भेज रहे हैं ताकि एक बार संवाद किया जाए नहीं तो आने वाले समय में ओबीसी महासभा फिर बड़ा आंदोलन करने जा रही है हमारी मांगे ओबीसी महासभा के पत्र में लिखी हुई है अभी तक इन पर गौर नहीं किया गया है एक बात बिल्कुल क्लियर है उन दोषियों पर कार्यवाही होना चाहिए जिन्होंने आंदोलन को सफल करने के लिए गलत प्रयास किया डेलिगेशन में पहुंच रहे मुख्य साथियों के नाम 1.बृजेंद्र यादव राष्ट्रीय महासचिव ओबीसी महासभा अशोकनगर 2.डॉ नारायण पटेल राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी 3.राकेश लोधी कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कटनी 4.कब कुशवाहा कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष टीकमगढ़ 5. हेमराज घोषी कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा मध्य प्रदेश जिला सागर 6. विनोद पटेल प्रदेश महासचिव ओबीसी महासभा जिला छतरपुर 7 कृष्णकांत पटेल प्रदेश सचिव ओबीसी महासभा 8. चरण पटेल किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष मध्य प्रदेश जिला छतरपुर 9.रानी रैकवार कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा मध्य प्रदेश जिला छतरपुर 10. बृजभान यादव सागर जिला अध्यक्ष 11.राम भगत कुशवाहा पन्ना जिलाअध्यक्ष 12.उत्तम नापित टीकमगढ़ जिलाअध्यक्ष 13.रवि लोधी जिला अध्यक्ष दमोह 14.तीरथ कुशवाहा छतरपुर जिला अध्यक्ष 15 छोटे पटेल जबलपुर जिला अध्यक्ष 16.दीनदयाल कुशवाहा निवाड़ी जिला अध्यक्ष 17.सीताराम लोधी कटनी जिला अध्यक्ष 19. बृजेश रैकवार आधार कार्ड जिला अध्यक्ष पन्ना इस लिस्ट में दमोह के लगभग 20 क्रांतिकारी साथियों के नाम दर्ज नहीं किए गए हैं जो की बैठक में उपस्थित रहेंगे। डेलिगेशन में लगभग 40 से 50 लोग उपस्थित रहेंगे प्रशासन के आदेशानुसार महेंद्र सिंह लोधी राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य ओबीसी महासभा @highlight CM Madhya Pradesh PMO India2