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जबलपुर से सामने आई यह खबर सिर्फ गरीबी और मजबूरी की कहानी नहीं, बल्कि मानवता, परोपकार और अनेकता में एकता की ऐसी मिसाल है, जो समाज को आईना दिखाती है। जिला अस्पताल विक्टोरिया में उपचार के दौरान 45 से 50 वर्षीय आरती विश्वकर्मा की मौत हो गई। आरती के पति श्याम विश्वकर्मा के सामने पत्नी के अंतिम संस्कार का संकट खड़ा हो गया। आर्थिक तंगी इतनी गहरी थी कि अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे। बताया गया कि पति श्याम विश्वकर्मा बार-बार कह रहे थे कि उनके पास अंतिम संस्कार के पैसे नहीं हैं और वे शव को नर्मदा में प्रवाहित कर देंगे। नर्सों को जब इस मजबूरी की जानकारी हुई, तो सूचना गरीब नवाज कमेटी के सदस्यों तक पहुंची। सूचना मिलते ही कमेटी आगे आई और कहा कि मौत के बाद भी इंसान की गरिमा से समझौता नहीं होने दिया जाएगा। कमेटी ने मृतिका के पति से संपर्क किया और अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी उठाई। इसके बाद ग्वारीघाट मुक्ति धाम में हिन्दू रीति रिवाजों के अनुसार आरती विश्वकर्मा का अंतिम संस्कार उनके पति श्याम विश्वकर्मा के हाथों कराया गया। यह घटना एक बड़ा संदेश देती है कि इंसानियत की कोई जाति नहीं होती, मदद का कोई मजहब नहीं होता और दुख के समय बढ़ाया गया एक हाथ समाज को जोड़ने की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। आज जब समाज में धर्म और जाति के नाम पर दूरियां बढ़ाने की कोशिशें दिखाई देती हैं, ऐसे समय में गरीब नवाज कमेटी की यह पहल अनेकता में एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल बनकर सामने आती है। आरती अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके अंतिम संस्कार में मिली इंसानियत की यह मदद शायद समाज को लंबे समय तक यह याद दिलाती रहेगी। मजहब अलग हो सकते हैं,लेकिन इंसानियत का दर्द एक होता है।

1 hr ago
user_मोहम्मद रिजवान मंसूरी
मोहम्मद रिजवान मंसूरी
सिहोरा, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

जबलपुर से सामने आई यह खबर सिर्फ गरीबी और मजबूरी की कहानी नहीं, बल्कि मानवता, परोपकार और अनेकता में एकता की ऐसी मिसाल है, जो समाज को आईना दिखाती है। जिला अस्पताल विक्टोरिया में उपचार के दौरान 45 से 50 वर्षीय आरती विश्वकर्मा की मौत हो गई। आरती के पति श्याम विश्वकर्मा के सामने पत्नी के अंतिम संस्कार का संकट खड़ा हो गया। आर्थिक तंगी इतनी गहरी थी कि अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे। बताया गया कि पति श्याम विश्वकर्मा बार-बार कह रहे थे कि उनके पास अंतिम संस्कार के पैसे नहीं हैं और वे शव को नर्मदा में प्रवाहित कर देंगे। नर्सों को जब इस मजबूरी की जानकारी हुई, तो सूचना गरीब नवाज कमेटी के सदस्यों तक पहुंची। सूचना मिलते ही कमेटी आगे आई और कहा कि मौत के बाद भी इंसान की गरिमा से समझौता नहीं होने दिया जाएगा। कमेटी ने मृतिका के पति से संपर्क किया और अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी उठाई। इसके बाद ग्वारीघाट मुक्ति धाम में हिन्दू रीति रिवाजों के अनुसार आरती विश्वकर्मा का अंतिम संस्कार उनके पति श्याम विश्वकर्मा के हाथों कराया गया। यह घटना एक बड़ा संदेश देती है कि इंसानियत की कोई जाति नहीं होती, मदद का कोई मजहब नहीं होता और दुख के समय बढ़ाया गया एक हाथ समाज को जोड़ने की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। आज जब समाज में धर्म और जाति के नाम पर दूरियां बढ़ाने की कोशिशें दिखाई देती हैं, ऐसे समय में गरीब नवाज कमेटी की यह पहल अनेकता में एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल बनकर सामने आती है। आरती अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके अंतिम संस्कार में मिली इंसानियत की यह मदद शायद समाज को लंबे समय तक यह याद दिलाती रहेगी। मजहब अलग हो सकते हैं,लेकिन इंसानियत का दर्द एक होता है।

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  • शिक्षक केवल शिक्षा नहीं देते, वे बच्चों के भविष्य को आकार देते हैं शिक्षक केवल शिक्षा नहीं देते, वे बच्चों के भविष्य को आकार देते हैं शिक्षक दिवस पर विशेष बालिकाओं की शिक्षिकाओं का सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन जबलपुर। शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर चैतन्य सेवा संस्थान द्वारा संचालित मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांग बालिकाओं के आवासीय एवं दैनिक विद्यालय में ओजस्विनी सहेली वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में शिक्षक सम्मान समारोह का भावपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेष बालिकाओं के जीवन में शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रकाश फैलाने वाली शिक्षिकाओं का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य उन शिक्षकों के समर्पण को सम्मान देना था, जो विशेष बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने और समाज में सम्मानपूर्वक अपना स्थान बनाने के लिए निरंतर प्रेरित कर रहे हैं। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाओं श्रीमती मीना भंडारकर, श्रीमती सुरभि कोस्टा, तृप्ति पाल, वर्षा बैरागी, श्रीमती सुषमा लखेरा, श्रीमती छोटा बाई झरिया एवं श्रीमती मुन्नी बाई का सम्मान किया गया। संस्था की ओर से सभी शिक्षिकाओं को उपहार भेंट कर उनके सेवा कार्यों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। बालिकाओं की प्रस्तुतियों ने बांधा समां शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान विद्यालय की बालिकाओं ने अपनी शिक्षिकाओं के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करते हुए मनमोहक एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बालिकाओं की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों को भावुक कर दिया। कार्यक्रम के दौरान कई ऐसे भावुक क्षण आए, जब शिक्षकों और अतिथियों की आंखों में खुशी एवं अपनत्व के भाव साफ नजर आए। कार्यक्रम में ओजस्विनी सहेली वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से डॉ. अंशु नायर, श्रीमती मीना पटेल, श्रीमती पूजा कोस्टा, श्रीमती सुधा गौतम, श्रीमती उमा रावत, श्रीमती गीता दुबे, श्रीमती बिंदु दुबे एवं श्रीमती समित मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। सहयोगी प्रेम भंडारकर का भी हुआ सम्मान कार्यक्रम में संस्था की ओर से सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का स्वागत अध्यक्ष श्रीमती सुलेखा क्षत्रिय द्वारा किया गया। वहीं कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. संजय असाटी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, बालिकाओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यालय के प्रति निरंतर सहयोग एवं सेवाएं प्रदान करने वाले श्री प्रेम भंडारकर का भी विशेष सम्मान किया गया। संस्था ने उनके निरंतर सहयोग और सेवा भावना के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक का योगदान केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं होता। एक शिक्षक बच्चे के भीतर विश्वास, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की नींव रखता है। विशेष बच्चों के साथ कार्य करना केवल नौकरी नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना, धैर्य और समर्पण का कार्य है। चैतन्य सेवा संस्थान के शिक्षक प्रतिदिन इन बालिकाओं को शिक्षा देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने, आगे बढ़ने और समाज में सम्मानपूर्वक अपना स्थान बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। संस्था ने कहा कि इन बच्चों के जीवन में आने वाला प्रत्येक छोटा सकारात्मक परिवर्तन किसी शिक्षक की मेहनत, धैर्य और प्रेम की बड़ी जीत है। कार्यक्रम के अंत में चैतन्य सेवा संस्थान एवं ओजस्विनी सहेली वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्पण को नमन किया गया।
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    शिक्षक केवल शिक्षा नहीं देते, वे बच्चों के भविष्य को आकार देते हैं
शिक्षक केवल शिक्षा नहीं देते, वे बच्चों के भविष्य को आकार देते हैं
शिक्षक दिवस पर विशेष बालिकाओं की शिक्षिकाओं का सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
जबलपुर। शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर चैतन्य सेवा संस्थान द्वारा संचालित मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांग बालिकाओं के आवासीय एवं दैनिक विद्यालय में ओजस्विनी सहेली वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में शिक्षक सम्मान समारोह का भावपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेष बालिकाओं के जीवन में शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रकाश फैलाने वाली शिक्षिकाओं का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य उन शिक्षकों के समर्पण को सम्मान देना था, जो विशेष बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने और समाज में सम्मानपूर्वक अपना स्थान बनाने के लिए निरंतर प्रेरित कर रहे हैं।
इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाओं श्रीमती मीना भंडारकर, श्रीमती सुरभि कोस्टा, तृप्ति पाल, वर्षा बैरागी, श्रीमती सुषमा लखेरा, श्रीमती छोटा बाई झरिया एवं श्रीमती मुन्नी बाई का सम्मान किया गया। संस्था की ओर से सभी शिक्षिकाओं को उपहार भेंट कर उनके सेवा कार्यों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
बालिकाओं की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान विद्यालय की बालिकाओं ने अपनी शिक्षिकाओं के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करते हुए मनमोहक एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बालिकाओं की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों को भावुक कर दिया। कार्यक्रम के दौरान कई ऐसे भावुक क्षण आए, जब शिक्षकों और अतिथियों की आंखों में खुशी एवं अपनत्व के भाव साफ नजर आए।
कार्यक्रम में ओजस्विनी सहेली वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से डॉ. अंशु नायर, श्रीमती मीना पटेल, श्रीमती पूजा कोस्टा, श्रीमती सुधा गौतम, श्रीमती उमा रावत, श्रीमती गीता दुबे, श्रीमती बिंदु दुबे एवं श्रीमती समित मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
सहयोगी प्रेम भंडारकर का भी हुआ सम्मान
कार्यक्रम में संस्था की ओर से सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का स्वागत अध्यक्ष श्रीमती सुलेखा क्षत्रिय द्वारा किया गया। वहीं कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. संजय असाटी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, बालिकाओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विद्यालय के प्रति निरंतर सहयोग एवं सेवाएं प्रदान करने वाले श्री प्रेम भंडारकर का भी विशेष सम्मान किया गया। संस्था ने उनके निरंतर सहयोग और सेवा भावना के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक का योगदान केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं होता। एक शिक्षक बच्चे के भीतर विश्वास, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की नींव रखता है। विशेष बच्चों के साथ कार्य करना केवल नौकरी नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना, धैर्य और समर्पण का कार्य है।
चैतन्य सेवा संस्थान के शिक्षक प्रतिदिन इन बालिकाओं को शिक्षा देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने, आगे बढ़ने और समाज में सम्मानपूर्वक अपना स्थान बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। संस्था ने कहा कि इन बच्चों के जीवन में आने वाला प्रत्येक छोटा सकारात्मक परिवर्तन किसी शिक्षक की मेहनत, धैर्य और प्रेम की बड़ी जीत है।
कार्यक्रम के अंत में चैतन्य सेवा संस्थान एवं ओजस्विनी सहेली वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्पण को नमन किया गया।
    user_Mohit Sanghi
    Mohit Sanghi
    Accountant जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ गोरा बाजार थाने से 200 मीटर की दूरी पर हुआ एक्सीडेंट, एलपीडी माल वाहक ने मारा कार को पीछे से टक्कर, कार क्षतिग्रस्त, मौके पर पहुंची गोरा बाजार थाना पुलिस
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    ब्रेकिंग न्यूज़ 
गोरा बाजार थाने से 200 मीटर की दूरी पर हुआ एक्सीडेंट, एलपीडी माल वाहक ने मारा कार को पीछे से टक्कर, कार क्षतिग्रस्त, मौके पर पहुंची गोरा बाजार थाना पुलिस
    user_Rishi Rajak
    Rishi Rajak
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • चाचा भतीजे विजयराघवगढ़ पुलिस की गिरफ्तार, भेपुलिस ने किया आरोपियों को गिरफ्तार
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    चाचा भतीजे विजयराघवगढ़ पुलिस की गिरफ्तार,
भेपुलिस ने किया आरोपियों को गिरफ्तार
    user_Pawan Shrivastava
    Pawan Shrivastava
    Local News Reporter कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • घर में घुसा 5 फीट लंबा जहरीला इंडियन स्पेक्टेकल कोबरा, सर्पमित्र खेमचंद यादव ने किया सुरक्षित रेस्क्यू कटनी। जिले के बड़वारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नैगवां में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर के अंदर करीब 5 फीट लंबा जहरीला इंडियन स्पेक्टेकल कोबरा घुस गया। घर में कोबरा दिखाई देने के बाद परिवार के सदस्य दहशत में आ गए। परिजनों ने तत्काल समाजसेवी, वन्यजीव प्रेमी एवं सर्पमित्र खेमचंद यादव को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही खेमचंद यादव मौके पर पहुंचे और काफी सावधानी व कड़ी मेहनत के बाद जहरीले कोबरा का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद सर्प को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया। खेमचंद यादव लंबे समय से सर्प एवं अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। वे अब तक कई जहरीले और अन्य सर्पों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खेमचंद यादव के इस कार्य से जहां लोगों को जहरीले सर्पों से होने वाले संभावित खतरे से राहत मिलती है, वहीं वन्यजीवों की जान भी सुरक्षित बचाई जा रही है।
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    घर में घुसा 5 फीट लंबा जहरीला इंडियन स्पेक्टेकल कोबरा, सर्पमित्र खेमचंद यादव ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
कटनी। जिले के बड़वारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नैगवां में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर के अंदर करीब 5 फीट लंबा जहरीला इंडियन स्पेक्टेकल कोबरा घुस गया। घर में कोबरा दिखाई देने के बाद परिवार के सदस्य दहशत में आ गए।
परिजनों ने तत्काल समाजसेवी, वन्यजीव प्रेमी एवं सर्पमित्र खेमचंद यादव को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही खेमचंद यादव मौके पर पहुंचे और काफी सावधानी व कड़ी मेहनत के बाद जहरीले कोबरा का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के बाद सर्प को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया। खेमचंद यादव लंबे समय से सर्प एवं अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। वे अब तक कई जहरीले और अन्य सर्पों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खेमचंद यादव के इस कार्य से जहां लोगों को जहरीले सर्पों से होने वाले संभावित खतरे से राहत मिलती है, वहीं वन्यजीवों की जान भी सुरक्षित बचाई जा रही है।
    user_Shivcharan Yadav
    Shivcharan Yadav
    Local News Reporter रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • शाम को शराब पी… सुबह मौत! 😢 पीछे रह गया छोटा बच्चा बंडा सागर का मामला 😢 एक परिवार ने अपना बेटा, भाई और पति खो दिया। परिवार का दावा है—शाम को शराब पी, रात में उल्टियां शुरू हुईं और सुबह अस्पताल में मौत हो गई। अवैध शराब को लेकर पहले शिकायत की थी, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई—परिवार का आरोप। #Banda #JahariliSharab #Sagar #GroundReport #MPNews
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    शाम को शराब पी… सुबह मौत! 😢 पीछे रह गया छोटा बच्चा बंडा सागर का मामला
😢 एक परिवार ने अपना बेटा, भाई और पति खो दिया। परिवार का दावा है—शाम को शराब पी, रात में उल्टियां शुरू हुईं और सुबह अस्पताल में मौत हो गई। अवैध शराब को लेकर पहले शिकायत की थी, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई—परिवार का आरोप।
#Banda #JahariliSharab #Sagar #GroundReport #MPNews
    user_Pushpendra Lodhi
    Pushpendra Lodhi
    जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • यूजीसी कानून के विरोध और आरक्षण के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर धरना 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 //8103728933// *हनुमान चालीसा पाठ के साथ शुरू हुआ प्रदर्शन, जिलेभर से पहुंचे लोग; मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रखने का ऐलान* कटनी। यूजीसी कानून के विरोध तथा आरक्षण व्यवस्था के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को लेकर अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद सहित विभिन्न संगठनों के नेतृत्व में सोमवार को कटनी कलेक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया। प्रदर्शन की शुरुआत सुबह हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुई। इसके बाद दिनभर शहर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की मौजूदगी में सभा का दौर जारी रहा। धरना प्रदर्शन में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के अध्यक्ष राकेश मिश्रा, राष्ट्रीय महासचिव अवधेश उरमलिया, राष्ट्रीय करणी सेना के सुजीत सिंह सोलंकी सहित अन्य पदाधिकारी एवं प्रदर्शनकारी शामिल हुए। दिनभर समर्थन में पहुंचे लोगों के कारण सभा स्थल पर भीड़ बनी रही। आयोजकों ने प्रदर्शन को मिल रहे समर्थन को देखते हुए आगामी दिनों में आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का दावा किया है। *यूजीसी कानून की विसंगतियों का मुद्दा उठाया* धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मंचासीन वक्ताओं ने यूजीसी कानून को लेकर अपनी आपत्तियां और विचार व्यक्त किए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से सवर्ण समाज द्वारा विभिन्न चुनावों में सत्तारूढ़ राजनीतिक दल का समर्थन किए जाने के बावजूद अब उनके हितों के विपरीत यूजीसी कानून लागू किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि उनके मत में यूजीसी कानून की कई व्यवस्थाएं सवर्ण समाज के लिए अन्यायपूर्ण हैं और इन्हें लेकर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कानून के प्रावधानों को लेकर समाज में असंतोष है और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। सभा में वक्ताओं ने यह भी कहा कि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति के विरुद्ध अपराध सिद्ध होने से पहले दंडात्मक कार्यवाही किए जाने की स्थिति पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था सवर्ण समाज को हाशिए पर ले जाने वाली है। *कानून वापस नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी* प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून को पूर्णतः वापस लेने की मांग दोहराते हुए कहा कि यदि उनकी मांग पर सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज की उपेक्षा का राजनीतिक असर भी भविष्य में देखने को मिल सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आंदोलन को केवल एक विरोध प्रदर्शन के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसके पीछे उठाए जा रहे सामाजिक और नीतिगत सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाए। *आरक्षण व्यवस्था में सुधार और आर्थिक आधार की मांग* धरना प्रदर्शन के दौरान आरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में व्याप्त विभिन्न विसंगतियों को दूर करने तथा आरक्षण का आधार आर्थिक किए जाने की मांग रखी। वक्ताओं का कहना था कि सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि आरक्षण व्यवस्था का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचाने के लिए इसके मौजूदा ढांचे में आवश्यक सुधार किए जाएं। *मांग पूरी होने तक अनशन जारी रखने का ऐलान* आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनशन जारी रखने की बात कही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की जाती, तब तक वे धरना और अनशन जारी रखेंगे। सोमवार को सुबह से शुरू हुआ आंदोलन देर तक जारी रहा। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। आयोजकों का कहना है कि सोमवार को मिले समर्थन से उनका उत्साह बढ़ा है और आने वाले दिनों में आंदोलन में सहभागिता और बढ़ सकती है। आज धरना स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वालों में सर्व श्री नरेंद्र समदरिया, शिवम एवं शुभम, बाल्मीकि मिश्रा, गणेश शंकर गर्ग, अशोक भैरव पांडे, यश दुबे, राज तिवारी, शैलेंद्र सिंह बघेल, पंकज तिवारी, दिनेश तिवारी, जिलाध्यक्ष आरती तिवारी, आशीष मिश्रा, आशीष तिवारी, चेतन सचदेवा, श्रीराम पांडे, मंटू मिश्रा, इत्यादि लोगों की रही। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार की ओर से क्या पहल की जाती है और आंदोलन आगामी दिनों में किस स्वरूप में आगे बढ़ता है।
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    यूजीसी कानून के विरोध और आरक्षण के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर धरना
💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥
//8103728933//
*हनुमान चालीसा पाठ के साथ शुरू हुआ प्रदर्शन, जिलेभर से पहुंचे लोग; मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रखने का ऐलान*
कटनी। यूजीसी कानून के विरोध तथा आरक्षण व्यवस्था के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को लेकर अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद सहित विभिन्न संगठनों के नेतृत्व में सोमवार को कटनी कलेक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया। प्रदर्शन की शुरुआत सुबह हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुई। इसके बाद दिनभर शहर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की मौजूदगी में सभा का दौर जारी रहा।
धरना प्रदर्शन में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के अध्यक्ष राकेश मिश्रा, राष्ट्रीय महासचिव अवधेश उरमलिया, राष्ट्रीय करणी सेना के सुजीत सिंह सोलंकी सहित अन्य पदाधिकारी एवं प्रदर्शनकारी शामिल हुए। दिनभर समर्थन में पहुंचे लोगों के कारण सभा स्थल पर भीड़ बनी रही। आयोजकों ने प्रदर्शन को मिल रहे समर्थन को देखते हुए आगामी दिनों में आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का दावा किया है।
*यूजीसी कानून की विसंगतियों का मुद्दा उठाया*
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मंचासीन वक्ताओं ने यूजीसी कानून को लेकर अपनी आपत्तियां और विचार व्यक्त किए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से सवर्ण समाज द्वारा विभिन्न चुनावों में सत्तारूढ़ राजनीतिक दल का समर्थन किए जाने के बावजूद अब उनके हितों के विपरीत यूजीसी कानून लागू किया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि उनके मत में यूजीसी कानून की कई व्यवस्थाएं सवर्ण समाज के लिए अन्यायपूर्ण हैं और इन्हें लेकर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कानून के प्रावधानों को लेकर समाज में असंतोष है और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सभा में वक्ताओं ने यह भी कहा कि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति के विरुद्ध अपराध सिद्ध होने से पहले दंडात्मक कार्यवाही किए जाने की स्थिति पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था सवर्ण समाज को हाशिए पर ले जाने वाली है।
*कानून वापस नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी*
प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून को पूर्णतः वापस लेने की मांग दोहराते हुए कहा कि यदि उनकी मांग पर सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज की उपेक्षा का राजनीतिक असर भी भविष्य में देखने को मिल सकता है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आंदोलन को केवल एक विरोध प्रदर्शन के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसके पीछे उठाए जा रहे सामाजिक और नीतिगत सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
*आरक्षण व्यवस्था में सुधार और आर्थिक आधार की मांग*
धरना प्रदर्शन के दौरान आरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में व्याप्त विभिन्न विसंगतियों को दूर करने तथा आरक्षण का आधार आर्थिक किए जाने की मांग रखी।
वक्ताओं का कहना था कि सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि आरक्षण व्यवस्था का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचाने के लिए इसके मौजूदा ढांचे में आवश्यक सुधार किए जाएं।
*मांग पूरी होने तक अनशन जारी रखने का ऐलान*
आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनशन जारी रखने की बात कही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की जाती, तब तक वे धरना और अनशन जारी रखेंगे।
सोमवार को सुबह से शुरू हुआ आंदोलन देर तक जारी रहा। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। आयोजकों का कहना है कि सोमवार को मिले समर्थन से उनका उत्साह बढ़ा है और आने वाले दिनों में आंदोलन में सहभागिता और बढ़ सकती है।
आज धरना स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वालों में सर्व श्री नरेंद्र समदरिया, शिवम एवं शुभम, बाल्मीकि मिश्रा, गणेश शंकर गर्ग, अशोक भैरव पांडे, यश दुबे, राज तिवारी, शैलेंद्र सिंह बघेल, पंकज तिवारी, दिनेश तिवारी, जिलाध्यक्ष आरती तिवारी,  आशीष मिश्रा, आशीष तिवारी, चेतन सचदेवा, श्रीराम पांडे, मंटू मिश्रा,  इत्यादि लोगों की रही।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार की ओर से क्या पहल की जाती है और आंदोलन आगामी दिनों में किस स्वरूप में आगे बढ़ता है।
    user_ज्योति तिवारी वीडियो
    ज्योति तिवारी वीडियो
    कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • श्रीकृष्ण प्रतिमा विसर्जन से पूर्व विधि-विधान से पूजा-अर्चना, क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि की मंगलकामना श्रीकृष्ण प्रतिमा विसर्जन से पूर्व विधि-विधान से पूजा-अर्चना, क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि की मंगलकामना जबलपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर गृह निवास में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ विराजित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के पूजन के साथ परिवारजनों ने प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया। आज भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के विसर्जन के अवसर पर पुनः विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण को नमन किया गया। श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया संपन्न की गई। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण से परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र सहित समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामना की गई। साथ ही प्रार्थना की गई कि प्रभु श्रीकृष्ण की कृपा सभी पर सदैव बनी रहे और प्रत्येक घर में सुख-समृद्धि, शांति एवं आनंद का वास हो। भगवान श्रीकृष्ण के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए सभी से प्रेम, सद्भाव और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया। जय श्रीकृष्ण! 🙏 राधे-राधे! न्यूज़ रिपोर्टर — मोहित संघी
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    श्रीकृष्ण प्रतिमा विसर्जन से पूर्व विधि-विधान से पूजा-अर्चना, क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि की मंगलकामना
श्रीकृष्ण प्रतिमा विसर्जन से पूर्व विधि-विधान से पूजा-अर्चना, क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि की मंगलकामना
जबलपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर गृह निवास में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ विराजित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के पूजन के साथ परिवारजनों ने प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आज भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के विसर्जन के अवसर पर पुनः विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण को नमन किया गया। श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया संपन्न की गई।
इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण से परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र सहित समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामना की गई। साथ ही प्रार्थना की गई कि प्रभु श्रीकृष्ण की कृपा सभी पर सदैव बनी रहे और प्रत्येक घर में सुख-समृद्धि, शांति एवं आनंद का वास हो।
भगवान श्रीकृष्ण के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए सभी से प्रेम, सद्भाव और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया।
जय श्रीकृष्ण! 🙏
राधे-राधे!
न्यूज़ रिपोर्टर — मोहित संघी
    user_Mohit Sanghi
    Mohit Sanghi
    Accountant जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • अमरपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, बोलेरो दुकान में घुसी; एक की मौत, एक गंभीर नई बोलेरो अनियंत्रित होकर दुकान में घुसी, एक की मौत; एक गंभीर घायल
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    अमरपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, बोलेरो दुकान में घुसी; एक की मौत, एक गंभीर
नई बोलेरो अनियंत्रित होकर दुकान में घुसी, एक की मौत; एक गंभीर घायल
    user_विकास श्रीवास्तव
    विकास श्रीवास्तव
    पत्रकार कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 🚨 22 मौतों के बाद इस गांव पर गंभीर आरोप! यहीं बनती थी अवैध शराब? पूरे इलाके में सप्लाई का दावा! 🚨 बंडा जहरीली शराब कांड में 22+ मौतों का दावा! नतरवारा गांव पहुंचा तो चारों तरफ सन्नाटा था। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां से अवैध शराब की सप्लाई होने की चर्चा है। आखिर इन मौतों की असली वजह और जिम्मेदार कौन? 🎥 देखिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट। #Banda #Sagar #JahariliSharab #GroundReport #MadhyaPradesh
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    🚨 22 मौतों के बाद इस गांव पर गंभीर आरोप! यहीं बनती थी अवैध शराब? पूरे इलाके में सप्लाई का दावा!
🚨 बंडा जहरीली शराब कांड में 22+ मौतों का दावा!
नतरवारा गांव पहुंचा तो चारों तरफ सन्नाटा था। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां से अवैध शराब की सप्लाई होने की चर्चा है। आखिर इन मौतों की असली वजह और जिम्मेदार कौन?
🎥 देखिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।
#Banda #Sagar #JahariliSharab #GroundReport #MadhyaPradesh
    user_Pushpendra Lodhi
    Pushpendra Lodhi
    जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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