मध्य प्रदेश के मुरैना में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल ने राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात उन्होंने देवरी घड़ियाल केंद्र पर एक समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में मुरैना के कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा, डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल, धौलपुर की कलेक्टर निधि बेटी और धौलपुर के एसपी विकास सांगवान सहित मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रशासनिक एवं वन विभाग के आला अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के बाद सीईसी सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल ने कहा कि पहले की तुलना में अब चंबल नदी का स्वरूप काफी बेहतर नजर आ रहा है। अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी रोक लगने के बाद चंबल धीरे-धीरे अपने प्राकृतिक रूप में लौट रही है। उन्होंने आगे कहा कि यदि इसी तरह की सख्ती लगातार जारी रही तो चंबल नदी अपनी प्राकृतिक सुंदरता को फिर से हासिल कर लेगी। इससे घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन, कछुए सहित अन्य जलीय जीवों के संरक्षण कार्य को भी एक नई मजबूती मिलेगी। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र के भीतर होने वाली तमाम अवैध गतिविधियों पर लगातार पैनी नजर रखी जाए और नदी के संरक्षण से जुड़े कार्यों को और भी ज्यादा प्रभावी बनाया जाए। रेत उत्खनन रुकने से चंबल नदी की तस्वीर अब निखरने लगी है और चंबल को बचाना असल में प्रकृति और हमारी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखना है।
मध्य प्रदेश के मुरैना में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल ने राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात उन्होंने देवरी घड़ियाल केंद्र पर एक समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में मुरैना के कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा, डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल, धौलपुर की कलेक्टर निधि बेटी और धौलपुर के एसपी विकास सांगवान सहित मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रशासनिक एवं वन विभाग के आला अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के बाद सीईसी सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल ने कहा कि पहले की तुलना में अब चंबल नदी का स्वरूप काफी बेहतर नजर आ रहा है। अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी रोक लगने के बाद चंबल धीरे-धीरे अपने प्राकृतिक रूप में लौट रही है। उन्होंने आगे कहा कि यदि इसी तरह की सख्ती लगातार जारी रही तो चंबल नदी अपनी प्राकृतिक सुंदरता को फिर से हासिल कर लेगी। इससे घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन, कछुए सहित अन्य जलीय जीवों के संरक्षण कार्य को भी एक नई मजबूती मिलेगी। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र के भीतर होने वाली तमाम अवैध गतिविधियों पर लगातार पैनी नजर रखी जाए और नदी के संरक्षण से जुड़े कार्यों को और भी ज्यादा प्रभावी बनाया जाए। रेत उत्खनन रुकने से चंबल नदी की तस्वीर अब निखरने लगी है और चंबल को बचाना असल में प्रकृति और हमारी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखना है।
- मध्य प्रदेश के मुरैना में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल ने राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात उन्होंने देवरी घड़ियाल केंद्र पर एक समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में मुरैना के कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा, डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल, धौलपुर की कलेक्टर निधि बेटी और धौलपुर के एसपी विकास सांगवान सहित मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रशासनिक एवं वन विभाग के आला अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के बाद सीईसी सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल ने कहा कि पहले की तुलना में अब चंबल नदी का स्वरूप काफी बेहतर नजर आ रहा है। अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी रोक लगने के बाद चंबल धीरे-धीरे अपने प्राकृतिक रूप में लौट रही है। उन्होंने आगे कहा कि यदि इसी तरह की सख्ती लगातार जारी रही तो चंबल नदी अपनी प्राकृतिक सुंदरता को फिर से हासिल कर लेगी। इससे घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन, कछुए सहित अन्य जलीय जीवों के संरक्षण कार्य को भी एक नई मजबूती मिलेगी। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र के भीतर होने वाली तमाम अवैध गतिविधियों पर लगातार पैनी नजर रखी जाए और नदी के संरक्षण से जुड़े कार्यों को और भी ज्यादा प्रभावी बनाया जाए। रेत उत्खनन रुकने से चंबल नदी की तस्वीर अब निखरने लगी है और चंबल को बचाना असल में प्रकृति और हमारी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखना है।1
- मुरैना में एक जमीनी विवाद को लेकर ताबड़तोड़ गोलियां चली हैं। इस घटना के पीछे खेत की मेड को लेकर हुआ विवाद बताया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अंबाह में स्थित अंबा हॉस्पिटल में नई टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है। इस नई तकनीक के इस्तेमाल के बीच यह सवाल उठाया गया है कि आखिर गरीब और अमीर में क्या अंतर है।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिला अस्पताल की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहाँ एक रेप पीड़िता रात 1 बजे से मेडिकल परीक्षण कराने के लिए दर-दर भटक रही है। सुरपुरा थाना पुलिस पीड़िता को मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल लेकर आई थी, लेकिन 7 घंटे बीत जाने के बाद भी महिला का परीक्षण नहीं हो सका। अस्पताल में किसी महिला डॉक्टर की उपस्थिति न होने के कारण पीड़िता लगातार परेशान होती रही। इस मामले की कलेक्टर से शिकायत किए जाने के बाद अस्पताल का स्टाफ आनन-फानन में वहाँ पहुँचा। इस बड़ी लापरवाही पर जब सिविल सर्जन डॉ. आर. के. मिश्रा से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साध ली और वे कैमरे के सामने से भागते हुए नजर आए। पुलिस के अनुसार, तीन लोगों ने मिलकर इस महिला के साथ बलात्कार की वारदात को अंजाम दिया था, और पुलिस फिलहाल मामले की जाँच में जुटी हुई है।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में अम्बाह थाना क्षेत्र के अंतर्गत श्यामपुर कलां में आयोजित भूमिया बाबा के मेले में महिलाओं और बालिकाओं से छेड़खानी का विरोध करने पर एक दुकानदार के साथ मारपीट की गई। मेले में खरीदारी करने आईं महिलाओं और बालिकाओं को देखकर सेंथरा बाढई निवासी प्रशांत सखबार (पुत्र बृजराज सखबार), बचना सखबार (पुत्र श्रीपति सखबार) और उनके दो अन्य साथी सीटी बजाकर भद्दे कमेंट व छेड़छाड़ कर रहे थे। पास ही अपनी दुकान पर बैठे भानू सिंह तोमर ने जब इन असामाजिक तत्वों को इस हरकत से रोका, तो आरोपियों ने रंगदारी दिखाते हुए उनके साथ मारपीट कर दी। हमलावर जाते-जाते धमकी दे गए कि अगर थाने में शिकायत की तो जान से खत्म कर देंगे। मौके पर मौजूद मोहित राजपूत और ओमकार राजपूत ने बीच-बचाव कर पीड़ित को बचाया। इसके बाद पीड़ित भानू सिंह तोमर ने दोनों गवाहों के साथ थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस द्वारा पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने उपचार के बाद अंदरूनी चोटों के लिए एक्स-रे कराने की सलाह दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- मुरैना के पोरसा क्षेत्र में बुधारा नदी में गणपत पुरा गांव की एक 16 वर्षीय किशोरी के कूदने की घटना सामने आई है। इस सूचना के मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम ने नदी में व्यापक तलाश अभियान चलाया। पोरसा थाना प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाह के नेतृत्व में रात करीब 8:30 बजे तक लगातार सर्च ऑपरेशन जारी रहा, लेकिन किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल सका। नदी के अलग-अलग हिस्सों में गहन खोजबीन की गई, लेकिन अंधेरा बढ़ जाने के कारण रेस्क्यू अभियान को बीच में ही रोकना पड़ा। पुलिस के मुताबिक, सुबह रेस्क्यू टीम द्वारा किशोरी की तलाश का काम फिर से शुरू किया जाएगा। इस घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई है। पुलिस फिलहाल परिजनों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटा रही है और किशोरी के नदी में कूदने के कारणों का पता लगाने के लिए पूरे मामले की जांच में जुटी है।4