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“दिल्ली के सत्यानिकेतन में दर्दनाक हादसा 💔 हॉस्टल की इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत और 6 घायल।
Sarvakam Singh Yadav
“दिल्ली के सत्यानिकेतन में दर्दनाक हादसा 💔 हॉस्टल की इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत और 6 घायल।
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- *कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट की सराहनीय पहल* *स्कूलों में पहुंचकर बच्चों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं और दी सरकारी योजनाओं व सुरक्षा उपायों की जानकारी* पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना द्वारा चलाए जा रहे अभियान के क्रम में,थाना महुली पुलिस द्वारा पुलिसिंग को जनसेवा और संवेदनशीलता से जोड़ते हुए आज दिनांक 07.09.2026 को कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट (CPU) टीम द्वारा थाना क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों एवं आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण कर छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद स्थापित किया गया। कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट के पुलिसकर्मियों ने विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों का कुशलक्षेम जाना, उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना तथा आवश्यक सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। पुलिस टीम ने बच्चों से सहज वातावरण में बातचीत कर उन्हें यह भरोसा दिलाया कि किसी भी परेशानी, भय, उत्पीड़न अथवा आपात स्थिति में पुलिस उनके साथ खड़ी है। बच्चों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी - बच्चों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी एवं सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई। - पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं जरूरतमंदों के लिए उपलब्ध सहायता कार्यक्रमों के संबंध में जागरूक किया गया। - बच्चों को सुरक्षा, साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया गया। - किसी भी प्रकार की समस्या अथवा आपात स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। - बच्चों को अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सजग एवं जागरूक रहने की अपील की गई। पुलिस और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी कम्युनिटी पुलिसिंग का उद्देश्य केवल पुलिस को जनता के बीच पहुंचाना नहीं, बल्कि जनता को यह विश्वास दिलाना है कि पुलिस उनकी अपनी है और उनकी समस्याओं को सुनने के लिए सदैव तत्पर है। पुलिस जब किसी बच्चे के पास सिर्फ पूछताछ के लिए नहीं, बल्कि उसका हालचाल पूछने और उसकी परेशानी सुनने के लिए पहुंचती है, तो वर्दी का भय विश्वास में बदलता है और पुलिस-जनता के बीच की दूरी कम होती है। इस पहल से बच्चों एवं स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास एवं आत्मीयता का भाव देखने को मिला। लोगों ने कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस का इस प्रकार उनके बीच पहुंचना सुरक्षा का एहसास कराने के साथ-साथ समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों में आत्मबल और विश्वास भी बढ़ाता है। महुली पुलिस का संदेश पुलिसिंग केवल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का नाम नहीं है। पुलिसिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है—किसी की परेशानी सुनना, किसी डरे हुए व्यक्ति को भरोसा देना और किसी बच्चे को यह एहसास कराना कि वह अकेला नहीं है। थाना महुली पुलिस का प्रयास है कि कानून का पालन कराने के साथ-साथ संवेदनशील संवाद, सहयोग और विश्वास को भी पुलिसिंग का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए। एक सुरक्षित समाज केवल पुलिस की सक्रियता से नहीं, बल्कि पुलिस और जनता के आपसी विश्वास एवं सहयोग से बनता है।2
- मौसम में बदलाव से बढ़ी मरीजों की संख्या, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ठर्रापार में उमड़ रहे मरीज गोरखपुर। पाली क्षेत्र में इन दिनों मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी गर्मी तो कभी उमस और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ रहा है। मौसम बदलने के साथ ही क्षेत्र में मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ता नजर आ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ठर्रापार में पिछले कुछ दिनों से बुखार, खांसी, जुकाम और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। सुबह से ही अस्पताल की ओपीडी में इलाज कराने के लिए मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों, बुजुर्गों के साथ-साथ बड़ी संख्या में अन्य लोग भी शामिल हैं। कई मरीज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश, खांसी और जुकाम जैसी शिकायत लेकर चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। मौसम में अचानक बदलाव के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ठर्रापार के चिकित्सक डॉ. शुभम कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण इन दिनों सीजनल बीमारियों के मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। बुखार, खांसी, जुकाम समेत अन्य मौसमी समस्याओं के मामले बढ़े हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि मौसम के बदलाव को देखते हुए विशेष सावधानी बरतें और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। डॉ. शुभम कुमार ने लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, स्वच्छ पानी पीने और खानपान में सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, खांसी या अन्य परेशानी बनी रहती है तो चिकित्सक से जांच और उचित परामर्श लेना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन करने से बचना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी लोगों को मौसम के अनुरूप सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है, इसलिए पर्याप्त आराम, संतुलित भोजन और साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है। क्षेत्र में बढ़ रही मौसमी बीमारियों के बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ठर्रापार में आने वाले मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय रहते स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सक से परामर्श लें, ताकि बीमारी को गंभीर होने से पहले नियंत्रित किया जा सके।4
- साधु यादव जी का विशाल रोड शो सूर्यांश न्यूज़ 24 के माध्यम से दिखाया जा रहा है1
- एम एस आई इन्टर कॉलेज में साप्ताहिक उर्दू जल्सा, ब-यादगारः-वारिसे लौह ओ कलम मुहिब्बे उर्दू , मोहम्मद हामिद अली बैत बाज़ी मुकाबला-2026, एवं शरीके मुक़ाबला इदारा, इमामबाड़ा मुस्लिम गर्ल्स इण्टर कॉलेज मियाँ बाजार, एवं एम एस आई इण्टर कॉलेज, वष्शीपुर मौलाना आजाद गर्ल्स इण्टर कॉलेज गोरखनाथ इस्लामिक नर्सरी व गर्ल्स जु.ह. स्कूल, रहमत नगर इसलामिक एकेडमी, निजामपुर मॉडल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, घासीकटरा जे. एफ. एफ. गोरखनाथ माउन्ट सीना गोरखनाथ इस्लामिया गर्ल्स स्कूल गोरखनाथ अलबनात, काजीपुर खुर्द चौधरी पब्लिक गर्ल्स स्कूल गोरखनाथ आमना गर्ल्स इण्टर कॉलेज, बहरामपुर एवं काज़ी तवस्सुल हुसैन (सदर) Mahboob Sayeed 'हारिस' (सेक्रेटरी) सौजन्य से :- साजिद अली मेमोरियल कमेटी, गोरखपुर (उ०प्र०) दिनांक 7,8,9 ,2026,तीन दिवसीय कार्यक्रम गोरखपुर के आडिटोरियम् हाल एम. एस. आई. इण्टर कालेज बख़्शीपुर, गोरखपुर आयोजित हुआ1
- पनियरा में निषाद समाज को साधने की तैयारी? टिकट का फैसला 2027 में बदल सकता है पूरा खेल! #पनियरा #पनियरा_विधानसभा #निषाद_समाज #निषाद_वोट #भाजपा #समाजवादी_पार्टी #SP #BJP #UPPolitics #UPElection2027 #उत्तरप्रदेश_चुनाव #2027चुनाव #गोरखपुर #महराजगंज #सियासी_समीकरण #राजनीतिक_खबर #ABC_Hindustan #UPबोलेगा2027तयकरेगा1
- *तीसरे दिन भी जारी रहा महुली पुलिस का अतिक्रमण हटाओ अभियान* *दुकानदारों ने स्वयं सीमित किया फैलाव, बाजार में लौटी रौनक; आमजन का आवागमन हुआ सुगम* पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में थाना महुली पुलिस द्वारा आमजन की सुविधा, सुगम यातायात एवं व्यवस्थित बाजार व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार तीसरे दिन भी प्रभावी रूप से जारी रहा। अभियान के दौरान पुलिस टीम द्वारा बाजार क्षेत्र में पैदल भ्रमण कर सड़क एवं फुटपाथ पर दुकान का सामान फैलाकर किए गए अस्थायी अतिक्रमण को हटवाया गया। दुकानदारों से संवाद स्थापित कर उन्हें समझाया गया कि सड़क एवं सार्वजनिक स्थान सभी नागरिकों के लिए हैं, इसलिए दुकान का सामान निर्धारित सीमा के भीतर ही रखें, जिससे राहगीरों एवं वाहन चालकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। जनसहयोग से दिखने लगा सकारात्मक बदलाव - दुकानदारों ने पुलिस की अपील को समझते हुए अपना फैलाव काफी हद तक कम किया। - सड़क एवं आवागमन वाले स्थान अधिक खुले और व्यवस्थित नजर आए। - बाजार में लोगों का पैदल आवागमन पहले की अपेक्षा अधिक सुगम हुआ। - वाहन चालकों एवं राहगीरों को अनावश्यक जाम और अवरोध से राहत मिली। - दुकानदारों एवं आमजन द्वारा अभियान में सहयोग प्रदान किया गया। अतिक्रमण हटने से बाजार में लौटी रौनक अभियान का सबसे सुखद परिणाम यह देखने को मिला कि जहां पहले अनावश्यक फैलाव के कारण बाजार में भीड़ और अव्यवस्था दिखाई देती थी, वहीं अब दुकानों के सामने पर्याप्त स्थान उपलब्ध होने से बाजार अधिक खुला, व्यवस्थित और रौनकपूर्ण नजर आने लगा है। आम नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बाजार में पैदल चलना एवं आवश्यक खरीदारी करना अब पहले की अपेक्षा काफी आसान हो गया है। महुली पुलिस की अपील अतिक्रमण हटाना केवल पुलिस की कार्रवाई नहीं, बल्कि व्यवस्थित और सुविधाजनक बाजार बनाने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी है। महुली पुलिस का उद्देश्य किसी दुकानदार को परेशान करना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां दुकानदार का व्यापार भी चलता रहे और आम आदमी का रास्ता भी बाधित न हो। “दुकान के बाहर थोड़ा कम फैलाव, राहगीर के लिए थोड़ा ज्यादा रास्ता— इसी छोटे से सहयोग से पूरा बाजार बेहतर बन सकता है।” थाना महुली पुलिस द्वारा दुकानदारों एवं आमजन से इसी प्रकार निरंतर सहयोग बनाए रखने की अपील की जाती है। सार्वजनिक मार्गों पर दोबारा अतिक्रमण न करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। “व्यवस्थित बाजार—सुगम आवागमन—सुरक्षित नागरिक।” थाना महुली पुलिस जनसुविधा, यातायात व्यवस्था एवं आमजन के सुरक्षित व सुगम आवागमन के लिए निरंतर प्रयासरत है।4
- “दिल्ली के सत्यानिकेतन में दर्दनाक हादसा 💔 हॉस्टल की इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत और 6 घायल।1
- सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत ढही, सात की मौत; अवैध निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल 27 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन, मलबे से निकाले गए शव; बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम, G+1 की अनुमति पर खड़ी कर दी गईं पांच मंजिलें नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार, 6 सितंबर 2026 को एक दर्दनाक हादसे में छात्रों के लिए संचालित पांच मंजिला पीजी इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के समय इमारत में कई छात्र मौजूद थे। देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई और कई लोग उसके नीचे दब गए। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए। घटना के बाद करीब 27 घंटे तक बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, एनडीआरएफ, डीडीएमए, सिविल डिफेंस समेत अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। मलबा काफी भारी और इमारत की संरचना अस्थिर होने के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। राहतकर्मियों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे को सावधानीपूर्वक हटाया और एक-एक कर फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम प्रारंभिक जांच में हादसे को लेकर कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि करीब 40 से 50 वर्ष पुरानी इमारत के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत अथवा रेनोवेशन का काम चल रहा था। बेसमेंट में लंबे समय से पानी का रिसाव और सीलन होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मरम्मत के दौरान भवन की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हुई और इसी वजह से इमारत अचानक ढह गई। G+1 की अनुमति, पांच मंजिल तक निर्माण का आरोप हादसे के बाद सबसे गंभीर सवाल अवैध निर्माण को लेकर उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार भवन को मूल रूप से ग्राउंड प्लस एक मंजिल (G+1) के लिए अनुमति मिली थी, लेकिन बाद में कथित तौर पर इसमें अतिरिक्त मंजिलें बनाकर इसे करीब पांच मंजिला कर दिया गया। इतनी पुरानी इमारत पर अतिरिक्त निर्माण किए जाने के बावजूद संबंधित विभागों की निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह भी जांच का विषय है कि भवन में पीजी का संचालन किस आधार पर किया जा रहा था और क्या वहां रहने वाले छात्रों की सुरक्षा के लिए आवश्यक मानकों का पालन किया जा रहा था। मालिक समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने भवन मालिक हरिराम बंसल और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हादसे के वास्तविक कारणों, अवैध निर्माण, मरम्मत कार्य तथा भवन की अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। MCD की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में हादसे ने दिल्ली में अवैध निर्माण और पुराने भवनों की सुरक्षा जांच की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि यदि भवन में स्वीकृत नक्शे के विपरीत अतिरिक्त मंजिलें बनाई गई थीं और वह लंबे समय से जर्जर स्थिति में था तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई? छात्रों के रहने के लिए पीजी के रूप में इस्तेमाल होने वाली इमारत की सुरक्षा जांच समय-समय पर क्यों नहीं की गई? हादसे के बाद नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज करने और चिन्हित अवैध संरचनाओं को सील करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है तथा लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की बात कही गई है। छात्रों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल सत्य निकेतन दिल्ली का प्रमुख छात्र इलाका है, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी पीजी और किराये के मकानों में रहते हैं। ऐसे में इस हादसे ने राजधानी में पीजी, हॉस्टल और किराये की इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को ऐसे सभी पुराने भवनों का संरचनात्मक ऑडिट कराना चाहिए, जहां बड़ी संख्या में छात्र या अन्य लोग रह रहे हैं। विशेष रूप से उन भवनों की जांच जरूरी है, जिनमें स्वीकृत मानकों से अधिक निर्माण किया गया है। जिम्मेदारी तय होने का इंतजार सत्य निकेतन हादसे ने एक साथ कई सवाल खड़े किए हैं—क्या अवैध निर्माण पर समय रहते कार्रवाई हुई थी? क्या भवन की संरचनात्मक जांच की गई थी? बेसमेंट में चल रहे काम की अनुमति किसने दी? और यदि भवन असुरक्षित था तो उसमें छात्रों के रहने की व्यवस्था कैसे चलती रही? अब लोगों की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए यह अपूरणीय क्षति है। जरूरत है कि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी हो तथा केवल भवन मालिक ही नहीं, बल्कि यदि किसी अधिकारी या संबंधित विभाग की लापरवाही सामने आती है तो उसकी भी जवाबदेही तय की जाए। सत्य निकेतन का मलबा हटाने के साथ राहत अभियान भले समाप्त हो गया हो, लेकिन यह हादसा दिल्ली में भवन सुरक्षा और अवैध निर्माण की निगरानी व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल छोड़ गया है।1