अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी, लोकसभा में FCRA बिल को लेकर हंगामा लोकसभा में बुधवार का दिन राजनीतिक तौर पर बेहद गर्म रहा। सदन ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2026 को मंजूरी दे दी, जिसके बाद अमरावती को राज्य की एकमात्र और स्थायी राजधानी बनाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया। गृह राज्य मंत्री ने यह बिल पेश किया था, जिस पर एक घंटे से ज्यादा चर्चा चली और फिर वॉयस वोट से पास कर दिया गया। लेकिन कार्यवाही शुरू होते ही माहौल बदल गया। विपक्षी सदस्यों ने विदेशी अंशदान संशोधन (FCRA) बिल के खिलाफ जोरदार विरोध शुरू कर दिया। ‘बिल वापस लो’ के नारे लगाते हुए सांसद अपनी सीटों पर खड़े हो गए। स्पीकर की अपील के बाद भी हंगामा थमता नहीं दिखा। संसदीय कार्य मंत्री ने साफ किया कि FCRA बिल पर आज कोई चर्चा नहीं होगी। यह बिल 25 मार्च को पेश किया गया था और विदेशी फंडिंग पाने वाले संगठनों पर नियमों को और सख्त व पारदर्शी बनाने का प्रस्ताव रखता है। FCRA संशोधन में यह भी व्यवस्था है कि जिन संगठनों का पंजीकरण रद्द या समाप्त होता है, उनकी विदेशी फंडिंग और उससे जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन के लिए अलग से एक प्राधिकरण नियुक्त किया जा सकेगा। लोकसभा की कार्यवाही में बजट सत्र के दौरान यह अब तक के सबसे तीखे टकरावों में से एक माना जा रहा है।
अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी, लोकसभा में FCRA बिल को लेकर हंगामा लोकसभा में बुधवार का दिन राजनीतिक तौर पर बेहद गर्म रहा। सदन ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2026 को मंजूरी दे दी, जिसके बाद अमरावती को राज्य की एकमात्र और स्थायी राजधानी बनाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया। गृह राज्य मंत्री ने यह बिल पेश किया था, जिस पर एक घंटे से ज्यादा चर्चा चली और फिर वॉयस वोट से पास कर दिया गया। लेकिन कार्यवाही शुरू होते ही माहौल बदल गया। विपक्षी सदस्यों ने विदेशी अंशदान संशोधन (FCRA) बिल के खिलाफ जोरदार विरोध शुरू कर दिया। ‘बिल वापस लो’ के नारे लगाते हुए सांसद अपनी सीटों पर खड़े हो गए। स्पीकर की अपील के बाद भी हंगामा थमता नहीं दिखा। संसदीय कार्य मंत्री ने साफ किया कि FCRA बिल पर आज कोई चर्चा नहीं होगी। यह बिल 25 मार्च को पेश किया गया था और विदेशी फंडिंग पाने वाले संगठनों पर नियमों को और सख्त व पारदर्शी बनाने का प्रस्ताव रखता है। FCRA संशोधन में यह भी व्यवस्था है कि जिन संगठनों का पंजीकरण रद्द या समाप्त होता है, उनकी विदेशी फंडिंग और उससे जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन के लिए अलग से एक प्राधिकरण नियुक्त किया जा सकेगा। लोकसभा की कार्यवाही में बजट सत्र के दौरान यह अब तक के सबसे तीखे टकरावों में से एक माना जा रहा है।
- अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी, लोकसभा में FCRA बिल को लेकर हंगामा लोकसभा में बुधवार का दिन राजनीतिक तौर पर बेहद गर्म रहा। सदन ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2026 को मंजूरी दे दी, जिसके बाद अमरावती को राज्य की एकमात्र और स्थायी राजधानी बनाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया। गृह राज्य मंत्री ने यह बिल पेश किया था, जिस पर एक घंटे से ज्यादा चर्चा चली और फिर वॉयस वोट से पास कर दिया गया। लेकिन कार्यवाही शुरू होते ही माहौल बदल गया। विपक्षी सदस्यों ने विदेशी अंशदान संशोधन (FCRA) बिल के खिलाफ जोरदार विरोध शुरू कर दिया। ‘बिल वापस लो’ के नारे लगाते हुए सांसद अपनी सीटों पर खड़े हो गए। स्पीकर की अपील के बाद भी हंगामा थमता नहीं दिखा। संसदीय कार्य मंत्री ने साफ किया कि FCRA बिल पर आज कोई चर्चा नहीं होगी। यह बिल 25 मार्च को पेश किया गया था और विदेशी फंडिंग पाने वाले संगठनों पर नियमों को और सख्त व पारदर्शी बनाने का प्रस्ताव रखता है। FCRA संशोधन में यह भी व्यवस्था है कि जिन संगठनों का पंजीकरण रद्द या समाप्त होता है, उनकी विदेशी फंडिंग और उससे जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन के लिए अलग से एक प्राधिकरण नियुक्त किया जा सकेगा। लोकसभा की कार्यवाही में बजट सत्र के दौरान यह अब तक के सबसे तीखे टकरावों में से एक माना जा रहा है।1
- గుంటూరు నూతన కలెక్టర్ C.Mసాయికాంత్ వర్మ గుంటూరు జిల్లా నూతన కలెక్టర్గా C.M సాయికాంత్ వర్మ బుధవారం బాధ్యతలు స్వీకరించారు. జాయింట్ కలెక్టర్ అశుతోష్ శ్రీవాస్తవ, DRO ఖాజావలి, RDO శ్రీనివాస్, కమిషనర్ కె.మయూర్ అశోక్ తదితరులు ఆయనకు స్వాగతం పలికి శుభాకాంక్షలు తెలిపారు.1
- Post by Syyed taher1
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- Post by Ramprasad islavath1
- Post by V Ramarao2
- నకిరేకల్ మున్సిపాలిటీ:- నకిరేకల్ మున్సిపాలిటీ పరిధిలోని నిమ్మకాయల మార్కెట్ యార్డులో దడువాయులకు పని కల్పించాలని డిమాండ్ చేస్తూ చేపట్టిన మహాధర్నా 20వ రోజుకు చేరుకుంది. ఈ సందర్భంగా దడువాయులు తమ సమస్యలను పరిష్కరించాలని కోరుతూ నిరసన కార్యక్రమాన్ని కొనసాగించారు. ఈ మహాధర్నా కార్యక్రమానికి అధ్యక్షుడు వంటిపాక లక్ష్మయ్య ఆధ్వర్యంలో నిర్వహించగా, ఉపాధ్యక్షుడు మచ్చ నరసింహ, కార్యదర్శి కొండ వెంకన్న పాల్గొన్నారు. కార్యక్రమంలో సభ్యులు సిహెచ్ వెంకన్న, ఏం వెంకన్న, బి శంకరయ్య, వి పాండు, వి వెంకన్న, ఎస్ రాజు, వి సైదులు, బి రమేష్, ఎస్ ధీరజ్, కే వెంకన్న, ఆర్ కృష్ణ, జి ఐలయ్య, బి యాదగిరి, జి శంకర్ తదితరులు పాల్గొని తమ డిమాండ్లను ప్రభుత్వానికి తెలియజేశారు. దడువాయులకు తగిన ఉపాధి అవకాశాలు కల్పించే వరకు తమ నిరసన కొనసాగిస్తామని వారు స్పష్టం చేశారు.3
- Post by Syyed taher1