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लक्सर विधानसभा क्षेत्र में पहुँचने पर आज राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी का कार्यकर्ताओं द्वारा ज़ोरदार स्वागत किया गया है। क्षेत्र में उनके आगमन पर कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया और इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया।
Rajesh kumar
लक्सर विधानसभा क्षेत्र में पहुँचने पर आज राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी का कार्यकर्ताओं द्वारा ज़ोरदार स्वागत किया गया है। क्षेत्र में उनके आगमन पर कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया और इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया।
- Rajesh kumarलक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंडसभी नेता लक्सर विधानसभा में ही पहुंच रहे हैं क्या वजह है9 hrs ago
- Rajesh kumarलक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंड👍9 hrs ago
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- हरिद्वार, उत्तराखंड में एक युवती ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाने का दावा किया है। यह घटना हर की पैड़ी पर घटी, जहां युवती ने गंगा स्नान किया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच घर वापसी संस्कार संपन्न हुआ। संतों ने युवती का स्वागत किया और उसका नया नाम नेहा रखा। यह जानकारी उपलब्ध वीडियो और संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित है। इस संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत उपस्थित थे। युवती के इस निर्णय को कई लोगों ने सकारात्मक कदम बताया है, जबकि कुछ लोगों ने इस पर सवाल भी उठाए हैं। बहरहाल, यह घटना राज्य में धार्मिक गतिविधियों और धर्मांतरण के मुद्दे को एक बार फिर से चर्चा में ला दी है।1
- हरिद्वार में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) लेबर सेल के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की है। इस दौरान पार्टी के प्रदेश महासचिव फैजान भाई ने जिलाधिकारी के समक्ष जनहित से जुड़ी मांगें रखीं।1
- लक्सर विधानसभा क्षेत्र में पहुँचने पर आज राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी का कार्यकर्ताओं द्वारा ज़ोरदार स्वागत किया गया है। क्षेत्र में उनके आगमन पर कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया और इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार में यूजीसी और एससी-एसटी एक्ट के विरोध में पदयात्रा निकाली गई।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के नरसं क्षेत्र में सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग सरकार पर तीखा हमला बोल रहे हैं और नए-नए तरीकों से अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। एक व्यक्ति ने तो यहां तक कह दिया कि 'इतना तो मेरा पीरियड के दौरान पैड भी लीकेज नहीं करता जितना कि इनका पेपर लीक हो जाता है'। इस कमेंट ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। लोगों का कहना है कि सरकार की लापरवाही और अक्षमता के कारण परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं हो रही हैं। जनता का मानना है कि सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार की इस तरह की हरकतों में कोई प्राइवेसी बची हुई है।1
- उत्तराखंड के कनखल कोतवाली क्षेत्र में आगामी कांवड़ मेले के मद्देनजर कानून व शांति व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक एरिया डोमिनेशन मार्च और फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च प्रभारी निरीक्षक कनखल देवेंद्र सिंह रावत और वरिष्ठ उपनिरीक्षक कनखल अनुज सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें कनखल पुलिस के अलावा पैरामिलिट्री फोर्स, आईटीबीपी, सीआरपीएफ और पीएसी के अधिकारी, कर्मचारी तथा रिक्रूट आरक्षी शामिल रहे। सुरक्षा बल के जवानों ने कनखल क्षेत्र के झण्डा चौक, दक्ष मन्दिर, बंगाली मोड, होली चौक, पहाड़ी बाजार और घास मण्डी सहित विभिन्न स्थानों पर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान पुलिस टीम ने स्थानीय जनता के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कांवड़ मेले के संबंध में सुझाव साझा किए और व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के लिए सभी नागरिकों से सहयोग की अपील की।1
- उत्तराखंड में भीम आर्मी के एक नेता द्वारा हिंदू संगठन के खिलाफ दिए गए विवादित बयान के बाद माहौल पूरी तरह गरमा गया है। भीम आर्मी नेता की इस टिप्पणी को लेकर बजरंग दल में भारी रोष व्याप्त है और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।1
- क्या किसी मंत्री के इस्तीफे से व्यवस्था बदल जाती है? क्या शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों का समाधान हो गया? या फिर यह सिर्फ राजनीतिक बदलाव है? श्रद्धा टीवी नेटवर्क ने इन सवालों को उठाया है। इस विशेष वीडियो में सत्ता, विपक्ष और CJP सहित सभी पक्षों से जनहित के सवाल पूछे गए हैं। देश के युवाओं, छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर यह एक विश्लेषणात्मक चर्चा है। इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक जवाबदेही और नीति संबंधी बहस को सामने लाना है। श्रद्धा टीवी नेटवर्क ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की संभावनाओं पर चर्चा की है। वीडियो में यह सवाल उठाया गया है कि क्या इस इस्तीफे से वास्तव में शिक्षा व्यवस्था में सुधार आएगा या यह सिर्फ एक राजनीतिक कदम है। इस चर्चा में सभी पक्षों की राय शामिल की गई है। दर्शकों से अनुरोध है कि किसी भी ताज़ा राजनीतिक घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि संबंधित सरकारी या आधिकारिक स्रोतों से अवश्य करें।1