उत्तराखंड के कनखल कोतवाली क्षेत्र में आगामी कांवड़ मेले के मद्देनजर कानून व शांति व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक एरिया डोमिनेशन मार्च और फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च प्रभारी निरीक्षक कनखल देवेंद्र सिंह रावत और वरिष्ठ उपनिरीक्षक कनखल अनुज सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें कनखल पुलिस के अलावा पैरामिलिट्री फोर्स, आईटीबीपी, सीआरपीएफ और पीएसी के अधिकारी, कर्मचारी तथा रिक्रूट आरक्षी शामिल रहे। सुरक्षा बल के जवानों ने कनखल क्षेत्र के झण्डा चौक, दक्ष मन्दिर, बंगाली मोड, होली चौक, पहाड़ी बाजार और घास मण्डी सहित विभिन्न स्थानों पर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान पुलिस टीम ने स्थानीय जनता के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कांवड़ मेले के संबंध में सुझाव साझा किए और व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के लिए सभी नागरिकों से सहयोग की अपील की।
उत्तराखंड के कनखल कोतवाली क्षेत्र में आगामी कांवड़ मेले के मद्देनजर कानून व शांति व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक एरिया डोमिनेशन मार्च और फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च प्रभारी निरीक्षक कनखल देवेंद्र सिंह रावत और वरिष्ठ उपनिरीक्षक कनखल अनुज सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें कनखल पुलिस के अलावा पैरामिलिट्री फोर्स, आईटीबीपी, सीआरपीएफ और पीएसी के अधिकारी, कर्मचारी तथा रिक्रूट आरक्षी शामिल रहे। सुरक्षा बल के जवानों ने कनखल क्षेत्र के झण्डा चौक, दक्ष मन्दिर, बंगाली मोड, होली चौक, पहाड़ी बाजार और घास मण्डी सहित विभिन्न स्थानों पर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान पुलिस टीम ने स्थानीय जनता के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कांवड़ मेले के संबंध में सुझाव साझा किए और व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के लिए सभी नागरिकों से सहयोग की अपील की।
- उत्तराखंड के कनखल कोतवाली क्षेत्र में आगामी कांवड़ मेले के मद्देनजर कानून व शांति व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक एरिया डोमिनेशन मार्च और फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च प्रभारी निरीक्षक कनखल देवेंद्र सिंह रावत और वरिष्ठ उपनिरीक्षक कनखल अनुज सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें कनखल पुलिस के अलावा पैरामिलिट्री फोर्स, आईटीबीपी, सीआरपीएफ और पीएसी के अधिकारी, कर्मचारी तथा रिक्रूट आरक्षी शामिल रहे। सुरक्षा बल के जवानों ने कनखल क्षेत्र के झण्डा चौक, दक्ष मन्दिर, बंगाली मोड, होली चौक, पहाड़ी बाजार और घास मण्डी सहित विभिन्न स्थानों पर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान पुलिस टीम ने स्थानीय जनता के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कांवड़ मेले के संबंध में सुझाव साझा किए और व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के लिए सभी नागरिकों से सहयोग की अपील की।1
- उत्तराखंड में भीम आर्मी के एक नेता द्वारा हिंदू संगठन के खिलाफ दिए गए विवादित बयान के बाद माहौल पूरी तरह गरमा गया है। भीम आर्मी नेता की इस टिप्पणी को लेकर बजरंग दल में भारी रोष व्याप्त है और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पेपर लीक मामले को लेकर संसद के बाहर हड़ताल की। चंद्रशेखर आजाद का यह प्रदर्शन और आंदोलन पूरी तरह कामयाब रहा, जिसके बाद आखिर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम और अपनी मांगों को लेकर सांसद चंद्रशेखर आजाद ने क्या-क्या कहा, वह वीडियो में देखा और सुना जा सकता है।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार में यूजीसी और एससी-एसटी एक्ट के विरोध में पदयात्रा निकाली गई।1
- उत्तराखंड में विलुप्त हो रही दून बासमती को पुनर्जीवित करने की कोशिशों के तहत 160 किसानों ने 75 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी रोपाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प और जिला प्रशासन की पहल से सफल ट्रायल के बाद 2.2 दून बासमती की खेती की शुरुआत की गई है, जिससे इस प्रसिद्ध बासमती की खुशबू एक बार फिर लौटने की उम्मीद मजबूत हुई है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य दून बासमती को फिर से एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करना है, ताकि स्थानीय किसानों को बेहतर बाजार और उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।1
- मुजफ्फरपुर जिले के सिरकोहियाँ गांव में ग्रामीणों ने ग्राम मुखिया पंकज सिंह पर मनरेगा के तहत विकास कार्यों में अनियमितता बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि गांव में पोखरे, सड़क और नालों के निर्माण के नाम पर सरकारी फंड स्वीकृत किया गया, लेकिन धरातल पर इनमें से कई कार्य दिखाई ही नहीं दे रहे हैं। विकास कार्यों में गड़बड़ी के साथ-साथ गांव में पसरी गंदगी, जलभराव, मच्छरों के बढ़ते प्रकोप और खराब बिजली व्यवस्था को लेकर भी लोगों में भारी नाराजगी है। बदहाल व्यवस्था और फंड में धांधली से आक्रोशित ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- आज के दौर में जहां रिश्तों में दरार और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की खबरें अक्सर सुर्खियां बनती हैं, वहीं मोदीनगर से हरिद्वार पहुंचे एक दंपति ने प्रेम, समर्पण और आस्था की अनोखी मिसाल पेश की है। पत्नी आशा अपने दिव्यांग पति सचिन को अपने कंधों पर बैठाकर करीब 180 किलोमीटर की कठिन यात्रा तय करते हुए कनखल के दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचीं। वहां दोनों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और पत्नी ने अपना धर्म निभाया। यह दंपति पिछले साल भी कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार आया था, तब भी लोगों ने उनके अटूट प्रेम और विश्वास की जमकर सराहना की थी। अपने दिव्यांग पति को कंधे पर उठाकर तय की गई इस कठिन यात्रा और अटूट भक्ति ने हर किसी का दिल छू लिया है।1
- कबीर भगवान हर जरूरतमंद व्यक्ति को रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान उपलब्ध करा रहे हैं। इसी सेवा के तहत संत रामपाल जी महाराज जी की अन्नपूर्णा मुहिम पूरे देश में लागू की गई है, जिसके जरिए समाज के हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाई जा रही है।1