गर्भवती महिला को सरकारी अस्पताल में समय पर उपचार न मिलने, निजी अस्पताल में इलाज कराने की मजबूरी तथा उपचार में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति हेतु शिकायत। महोदय, मैं आपके संज्ञान में एक अत्यंत गंभीर मामला लाना चाहता हूँ। मरीज का नाम: श्रीमती सायमा बानो पति का नाम: श्री शोएब मोबाइल नंबर: 8960031706 निवासी: अमेठी कजियाना मोहल्ला लखनऊ दिनांक 31 जुलाई की रात लगभग 10:00–10:30 बजे श्रीमती सायमा बानो को प्रसव पीड़ा होने पर 102 एम्बुलेंस द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोसाईगंज ले जाया गया। वहाँ कुछ समय उपचार करने के बाद उनकी हालत गंभीर बताते हुए उन्हें ऑपरेशन के लिए लोहिया जच्चा-बच्चा अस्पताल रेफर कर दिया गया। गोसाईगंज अस्पताल से लोहिया जच्चा-बच्चा अस्पताल तक मरीज को 108 एम्बुलेंस द्वारा ले जाया गया। परिजनों के अनुसार, लोहिया जच्चा-बच्चा अस्पताल पहुँचने पर मरीज को भर्ती नहीं किया गया। यह कहा गया कि अस्पताल में जगह उपलब्ध नहीं है। साथ ही परिजनों का आरोप है कि उन्हें बार-बार एक निजी अस्पताल में जाने के लिए कहा गया। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए परिजन मजबूर होकर उसे अमेठी के एक निजी अस्पताल ले गए, जहाँ 1 अगस्त को ऑपरेशन के माध्यम से सुरक्षित प्रसव कराया गया। इस इलाज में गरीब परिवार के काफी पैसे खर्च हो गए और आर्थिक बोझ पड़ गया। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि— 1. इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 2. यदि किसी अधिकारी, डॉक्टर या कर्मचारी की लापरवाही पाई जाए तो उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। 3. सरकारी अस्पताल में समय पर उपचार न मिलने के कारण निजी अस्पताल में इलाज पर जो खर्च हुआ है, उसकी नियमानुसार पूरी प्रतिपूर्ति (Reimbursement) पीड़ित परिवार को दिलाई जाए। 4. भविष्य में किसी अन्य गरीब परिवार के साथ ऐसी घटना न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ। इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है। यदि जांच के दौरान आवश्यकता होगी तो संबंधित वीडियो एवं अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए जा सकते हैं। कृपया इस गंभीर मामले में शीघ्र कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का कष्ट करें। भवदीय, शिकायतकर्ता: Mohd Aarif मोबाइल: 7392833095
गर्भवती महिला को सरकारी अस्पताल में समय पर उपचार न मिलने, निजी अस्पताल में इलाज कराने की मजबूरी तथा उपचार में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति हेतु शिकायत। महोदय, मैं आपके संज्ञान में एक अत्यंत गंभीर मामला लाना चाहता हूँ। मरीज का नाम: श्रीमती सायमा बानो पति का नाम: श्री शोएब मोबाइल नंबर: 8960031706 निवासी: अमेठी कजियाना मोहल्ला लखनऊ दिनांक 31 जुलाई की रात लगभग 10:00–10:30 बजे श्रीमती सायमा बानो को प्रसव पीड़ा होने पर 102 एम्बुलेंस द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोसाईगंज ले जाया गया। वहाँ कुछ समय उपचार करने के बाद उनकी हालत गंभीर बताते हुए उन्हें ऑपरेशन के लिए लोहिया जच्चा-बच्चा अस्पताल रेफर कर दिया गया। गोसाईगंज अस्पताल से लोहिया जच्चा-बच्चा अस्पताल तक मरीज को 108 एम्बुलेंस द्वारा ले जाया गया। परिजनों के अनुसार, लोहिया जच्चा-बच्चा अस्पताल पहुँचने पर मरीज को भर्ती नहीं किया गया। यह कहा गया कि अस्पताल में जगह उपलब्ध नहीं है। साथ ही परिजनों का आरोप है कि उन्हें बार-बार एक निजी अस्पताल में जाने के लिए कहा गया। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए परिजन मजबूर
होकर उसे अमेठी के एक निजी अस्पताल ले गए, जहाँ 1 अगस्त को ऑपरेशन के माध्यम से सुरक्षित प्रसव कराया गया। इस इलाज में गरीब परिवार के काफी पैसे खर्च हो गए और आर्थिक बोझ पड़ गया। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि— 1. इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 2. यदि किसी अधिकारी, डॉक्टर या कर्मचारी की लापरवाही पाई जाए तो उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। 3. सरकारी अस्पताल में समय पर उपचार न मिलने के कारण निजी अस्पताल में इलाज पर जो खर्च हुआ है, उसकी नियमानुसार पूरी प्रतिपूर्ति (Reimbursement) पीड़ित परिवार को दिलाई जाए। 4. भविष्य में किसी अन्य गरीब परिवार के साथ ऐसी घटना न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ। इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है। यदि जांच के दौरान आवश्यकता होगी तो संबंधित वीडियो एवं अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए जा सकते हैं। कृपया इस गंभीर मामले में शीघ्र कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का कष्ट करें। भवदीय, शिकायतकर्ता: Mohd Aarif मोबाइल: 7392833095
- बाराबंकी में मेडिकल स्टोर पर लगातार छापेमारी रामनगर लोधेश्वर महादेवा मार्ग पर कई मेडिकल स्टोर पर हुई बड़ी कार्रवाई। जिला औषधि निरीक्षक रज़िया बानो द्वारा नियमित कांवड़ मार्ग पर स्थित विभिन्न दवा दुकानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है जिसके क्रम में आज दिनांक 01.08.2026 तक महादेवा जाने वाली मार्ग के अंतर्गत मेडिकल स्टोर यथा गौतम मेडिकल स्टोर, वी डी वर्मा मेडिकल स्टोर, सौरभ मेडिकल स्टोर, तिवारी मेडिकल स्टोर, बी के मेडिकल स्टोर, लक्ष्मी मेडिकल स्टोर, प्रतिभा मेडिकल स्टोर एवं 16 अन्य प्रतिष्ठानों पर दस्तावेजों व औषधियों की उपलब्धता का परीक्षण किया गया। मेडिकल स्टोर द्वारा श्रद्धालुओं हेतु निशुल्क स्टाल लगवाने हेतु निर्देशित किया गया है। सभी ब्लड सेंटर संचालक को ब्लड की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए है, एवं सभी मेडिकल स्टोर संचालक अपने प्रतिष्ठान में औषधि लाइसेंस को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करें। स1
- गुम हुए तिरासी मोबाइल खोज लाई जिले की पुलिस करीब 17 लाख रुपये के मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाकर खिलाए चेहरे; आठ माह में 868 से अधिक फोन बरामद गुम हुए तिरासी मोबाइल खोज लाई जिले की पुलिस करीब 17 लाख रुपये के मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाकर खिलाए चेहरे; आठ माह में 868 से अधिक फोन बरामद धारा लक्ष्य समाचार बाराबंकी। गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को लेकर परेशान लोगों के लिए बाराबंकी पुलिस ने बड़ी राहत दी है। पुलिस की सर्विलांस सेल और थाना स्तर की संयुक्त टीमों ने तकनीकी निगरानी के जरिए करीब 17 लाख रुपये कीमत के 83 गुम मोबाइल फोन बरामद कर लिए। रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देश पर गुम मोबाइलों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया गया। सर्विलांस सेल और विभिन्न थानों की संयुक्त टीमों ने सीईआईआर पोर्टल (केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर) के माध्यम से मोबाइल फोन की तकनीकी जांच और निगरानी की। लगातार प्रयास के बाद टीमों ने 83 मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता हासिल की। रविवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी सदर आलोक कुमार पाठक ने बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे। खोया मोबाइल और उसमें सुरक्षित जरूरी डाटा वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खिल उठे। मोबाइल स्वामियों ने बाराबंकी पुलिस का आभार जताते हुए पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। पुलिस की मोबाइल बरामदगी टीम लगातार गुम मोबाइलों की तलाश में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, पिछले आठ माह में 868 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ 73 लाख रुपये बताई गई है। सभी बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए हैं। मोबाइल लौटाने के साथ ही पुलिस ने लोगों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए। साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने तथा साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। इसके अलावा लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए भी जागरूक किया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम अथवा चोरी होने पर तत्काल नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर भी रिपोर्ट करें। पोर्टल के माध्यम से गुम मोबाइल को बंद कराने, उसकी निगरानी करने और बरामदगी में मदद मिल सकती है। मोबाइल बरामदगी अभियान में सर्विलांस सेल प्रभारी उपनिरीक्षक अजय सिंह, हेड कांस्टेबल मजहर अहमद, चंद्रभान, बृजेश कुमार, कांस्टेबल शैलेंद्र कुमार, प्रवीण शुक्ल, अंकुर, रवींद्र कुमार, महिला कांस्टेबल सुनिधि पांडेय समेत सर्विलांस सेल और सभी थानों की सीईआईआर पोर्टल टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।1
- चेहल्लुम जुलूस -2026 के दृष्टिगत किये गये सुरक्षा एवं यातायात के व्यापक प्रबंध के संबंध में बबलू कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था द्वारा दी गई बाइट। चेहल्लुम जुलूस -2026 के दृष्टिगत किये गये सुरक्षा एवं यातायात के व्यापक प्रबंध के संबंध में बबलू कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) द्वारा दी गई बाइट।1
- जान की बाजी लगाकर दरोगा विमलेश ने बचाई मासूम की जिंदगी, पुलिसिंग की मिसाल लखनऊ के मड़ियांव थाने में तैनात दरोगा विमलेश सिंह चंदेल ने बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। एक मासूम की जान बचाने के लिए उन्होंने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना जोखिम उठाया और समय रहते बच्चे को सुरक्षित बचा लिया।1
- नाला निर्माण में मानकों की खुलेआम अनदेखी? 80 फीटा रोड पर ‘नागिन डांस’ करता नाला बना चर्चा का केंद्र, कहीं मोटा तो कहीं पतला—ढलाई में बाहर झांक रही गिट्टी नाला निर्माण में मानकों की खुलेआम अनदेखी? 80 फीटा रोड पर ‘नागिन डांस’ करता नाला बना चर्चा का केंद्र, कहीं मोटा तो कहीं पतला—ढलाई में बाहर झांक रही गिट्टी धारा लक्ष्य समाचार बाराबंकी। नगर पालिका परिषद नवाबगंज क्षेत्र के 80 फीटा रोड, सोहन टिंबर के पास कराए जा रहे नाला निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तरीके को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। मौके की स्थिति देखकर लोग इसे नाला निर्माण कम और ‘नागिन डांस’ करता हुआ नाला अधिक बता रहे हैं। कहीं नाला चौड़ा दिखाई देता है तो कहीं उसकी चौड़ाई और गहराई में अंतर नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। नाले की ढलाई में जगह-जगह गिट्टी बाहर झांकती दिखाई दे रही है, जिससे निर्माण की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि ढलाई में सीमेंट, बालू और गिट्टी का मिश्रण निर्धारित अनुपात में नहीं रखा गया और पर्याप्त तरीके से कंक्रीटिंग नहीं की गई तो पहली ही बरसात में निर्माण की असली तस्वीर सामने आ सकती है। नाले के निर्माण में एकरूपता न दिखाई देने को लेकर भी स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है। लोगों का सवाल है कि जब निर्माण सरकारी धन से हो रहा है तो इसकी चौड़ाई, गहराई, ढलाई और बेस में समानता क्यों नहीं दिखाई दे रही? क्या निर्माण से पहले इसका तकनीकी निरीक्षण किया गया या फिर ठेकेदार को अपनी सुविधा के अनुसार काम करने की खुली छूट दे दी गई? सबसे बड़ा सवाल नाले की फिलिंग को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फिलिंग के दौरान भी अनियमितता बरती जा रही है। यदि नाले के नीचे और आसपास की भराई को ठीक तरीके से दबाकर मजबूत नहीं किया गया तो बारिश के पानी के दबाव और मिट्टी के बैठने से निर्माण जल्द क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहेगी। बारिश का मौसम शुरू हो चुका है और ऐसे समय में नाला निर्माण का काम तेजी से नहीं कराया जा रहा है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ काम पूरा नहीं किया जा रही सिर्फ जल्दबाजी दिखाई दे रही है। सवाल यह भी है कि बारिश के बीच निर्माण सामग्री और फिलिंग की गुणवत्ता को किस तरह सुनिश्चित किया जा रहा है? स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि मौके पर तकनीकी टीम भेजकर नाले की चौड़ाई, गहराई, ढलाई की मोटाई, सामग्री की गुणवत्ता और फिलिंग की जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर यदि कहीं मानकों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि नगर पालिका परिषद नवाबगंज के जिम्मेदार अधिकारी इस नागिन डांस’ करते नाले की शिकायतों को गंभीरता से लेते हैं या फिर सरकारी धन से बन रहे इस निर्माण की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल बारिश के पानी में बहते रहेंगे। वही इस सम्बन्ध में अधिशासी अधिकारी संजय शुक्ला से जब संपर्क किया गया तो उनका फोन नॉटरिचबुल रहा।1
- 🚨 में जीत का जश्न, प्रशांत बिहारकुमार की बड़ी जीत पर बांकीपुर में उत्सव का माहौल! 🎉 बिहार की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। प्रशांत कुमार की शानदार जीत के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास ने बिहार की जनता का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, प्यार और समर्थन की जीत है। वहीं, बांकीपुर में समर्थकों ने "जय बिहार, जय बिहार" के नारों के साथ जोरदार जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने मिठाइयाँ बांटीं, ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का उत्सव मनाया और एक-दूसरे को बधाई दी। इस जीत को बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं। 👉 आप इस जीत को कैसे देखते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। 👍 पोस्ट पसंद आए तो लाइक करें। ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। ऐसी ही ताजा और वायरल खबरों के लिए पेज को follow करें।1
- hamari syster ki shaadi ho rahi hai aap log jarur aana1