वागड़ी संवाद और कठपुतली के खेल से ग्रामीण सीख रहे उन्नत खेती के गुर ग्राम रथ अभियान के माध्यम से जन-जन तक पहुँच रही सरकारी योजनाएं : विधायक शंकर लाल डेचा संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले के सागवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रथ अभियान गुरुवार को ग्राम पंचायत डेचा पहुँचा, जहाँ स्थानीय विधायक शंकरलाल डेचा ने ग्राम वासियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि विगत दो वर्षों में राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क और पेयजल जैसे बुनियादी क्षेत्रों के लिए करोड़ों रुपये का बजट आवंटित कर विकास कार्यों को नई गति दी है, जिसका लाभ अब धरातल पर आमजन को मिल रहा है। अभियान के दौरान डेचा में आयोजित कार्यक्रम में विधायक के साथ उपखण्ड अधिकारी सुबोध सिंह चारण, विकास अधिकारी और स्थानीय सरपंच गंगा देवी ने रथ का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर एलईडी वैन के माध्यम से योजनाओं का प्रदर्शन किया गया और प्रचार साहित्य का वितरण भी किया गया। विधायक ने कहा कि सरकार आमजन के प्रति प्रतिबद्ध है और निरंतर जनहित में ठोस निर्णय ले रही है। - सांस्कृतिक माध्यम से कृषि जागरूकता अभियान का एक विशेष आकर्षण आसपुर विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिला, जहाँ लोक कलाकारों द्वारा संध्या चौपालों में कठपुतली संवाद के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। स्थानीय वागड़ी बोली में पति-पत्नी के किरदार में कठपुतलियों द्वारा मृदा परीक्षण, खाद के सही उपयोग और खेती के उन्नत तरीकों की जानकारी दी जा रही है, जो ग्रामीणों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। - विभिन्न क्षेत्रों में पहुँच रहे रथ प्रचार रथों का काफिला जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक भ्रमण कर रहा है। डूंगरपुर में समाजसेवी बंसीलाल कटारा और आसपुर में पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। गुरुवार को ग्राम रथ विधानसभा क्षेत्र डूंगरपुर के गुमानपुरा, घुघरा, सुंदरपुर, सुरपुर, थाणा, विधानसभा क्षेत्र आसपुर के पुनाली, पांतली, रागेला, नरणिया, दामड़ी, दोवड़ा, विधानसभा क्षेत्र सागवाड़ा के विराट, बिलिया बडगामा, डेचा, फावटा, ओबरी, पीपलागुंज तथा विधानसभा क्षेत्र चौरासी के रेंटा, वैंजा, चारवाड़ा, बलवणियां, वाणिया तालाब, रोड़ा में पहुंचें तथा व्यापक प्रचार प्रसार किया गया। वहीं, शुक्रवार को यह रथ डूंगरपुर विधानसभा क्षेत्र के बोरी, काकरादरा, चकमहूडी, माड़ा, बलवाड़ा, विधानसभा क्षेत्र आसपुर के घटाऊ, फलोज, हथाई, भोजातों का ओडा, सत्तू, खेमपुर, रघुनाथपुरा, विधानसभा क्षेत्र सागवाड़ा के गामड़ा बामनिया, नन्दोड़, गोवाडी, वणोरी, घोटाद, खड़गडा तथा विधानसभा क्षेत्र चौरासी के हड़मतिया, गंधवा, करावाड़ा, पोहरी पटेलन, पोहरी खातूरात, नेगाला जैसे गांवों में पहुँचकर ग्रामीणों को लाभान्वित करेंगे।
वागड़ी संवाद और कठपुतली के खेल से ग्रामीण सीख रहे उन्नत खेती के गुर ग्राम रथ अभियान के माध्यम से जन-जन तक पहुँच रही सरकारी योजनाएं : विधायक शंकर लाल डेचा संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले के सागवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रथ अभियान गुरुवार को ग्राम पंचायत डेचा पहुँचा, जहाँ स्थानीय विधायक शंकरलाल डेचा ने ग्राम वासियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि विगत दो वर्षों में राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क और पेयजल जैसे बुनियादी क्षेत्रों के लिए करोड़ों रुपये का बजट आवंटित कर विकास कार्यों को नई गति दी है, जिसका लाभ अब धरातल पर आमजन को मिल रहा है। अभियान के दौरान डेचा में आयोजित कार्यक्रम में विधायक के साथ उपखण्ड अधिकारी सुबोध सिंह चारण, विकास अधिकारी और स्थानीय सरपंच गंगा देवी ने रथ का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर एलईडी वैन के माध्यम से योजनाओं का प्रदर्शन किया गया और प्रचार साहित्य का वितरण भी किया गया। विधायक ने कहा कि सरकार आमजन के प्रति प्रतिबद्ध है और निरंतर जनहित में ठोस निर्णय ले रही है। - सांस्कृतिक माध्यम से कृषि जागरूकता अभियान का एक विशेष आकर्षण आसपुर विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिला, जहाँ लोक कलाकारों द्वारा संध्या चौपालों में कठपुतली संवाद के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। स्थानीय वागड़ी बोली में पति-पत्नी के किरदार में कठपुतलियों द्वारा मृदा परीक्षण, खाद के सही उपयोग और खेती के उन्नत तरीकों की जानकारी दी जा रही है, जो ग्रामीणों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। - विभिन्न क्षेत्रों में पहुँच रहे रथ प्रचार रथों का काफिला जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक भ्रमण कर रहा है। डूंगरपुर में समाजसेवी बंसीलाल कटारा और आसपुर में पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। गुरुवार को ग्राम रथ विधानसभा क्षेत्र डूंगरपुर के गुमानपुरा, घुघरा, सुंदरपुर, सुरपुर, थाणा, विधानसभा क्षेत्र आसपुर के पुनाली, पांतली, रागेला, नरणिया, दामड़ी, दोवड़ा, विधानसभा क्षेत्र सागवाड़ा के विराट, बिलिया बडगामा, डेचा, फावटा, ओबरी, पीपलागुंज तथा विधानसभा क्षेत्र चौरासी के रेंटा, वैंजा, चारवाड़ा, बलवणियां, वाणिया तालाब, रोड़ा में पहुंचें तथा व्यापक प्रचार प्रसार किया गया। वहीं, शुक्रवार को यह रथ डूंगरपुर विधानसभा क्षेत्र के बोरी, काकरादरा, चकमहूडी, माड़ा, बलवाड़ा, विधानसभा क्षेत्र आसपुर के घटाऊ, फलोज, हथाई, भोजातों का ओडा, सत्तू, खेमपुर, रघुनाथपुरा, विधानसभा क्षेत्र सागवाड़ा के गामड़ा बामनिया, नन्दोड़, गोवाडी, वणोरी, घोटाद, खड़गडा तथा विधानसभा क्षेत्र चौरासी के हड़मतिया, गंधवा, करावाड़ा, पोहरी पटेलन, पोहरी खातूरात, नेगाला जैसे गांवों में पहुँचकर ग्रामीणों को लाभान्वित करेंगे।
- विधायक गणेश घोघरा ने दी सरकार को चेतावनी - समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो होगा जेल भरो आंदोलन संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले में मनरेगा भुगतान में देरी, भीषण गर्मी के बीच बिजली-पानी का गहराता संकट और प्रशासन की कथित तानाशाही के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को डूंगरपुर विधायक और जिलाध्यक्ष गणेश घोघरा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्री पर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों और किसानों की ओर से जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की गुहार लगाई गई। - मनरेगा की बदहाली और तकनीकी बाधाओं पर घेरा विधायक गणेश घोघरा ने धरने को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार 125 दिन रोजगार का दावा करती है, लेकिन धरातल पर मजदूरों को 25 दिन का काम मिलना भी दूभर हो गया है। ज्ञापन में बताया गया कि मनरेगा कार्यों की समय पर स्वीकृति नहीं मिलने से जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र के मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। धरने को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने विशेष रूप से ई-केवाईसी प्रक्रिया में आ रही तकनीकी दिक्कतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि फेस और आई-स्कैन सही तरीके से काम न करने के कारण हजारों पात्र श्रमिक रोजगार से वंचित हो रहे हैं। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया के सरलीकरण और होली से पूर्व किए गए कार्यों के लंबित भुगतान को तुरंत जारी करने की मांग की है। धरना प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन में जिले की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रमुख मांगें रखी गई जिसमें रोजगार की गारंटी तथा कार्य दिवसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 दिन करने, असम की तर्ज पर अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार द्वारा 90% राशि उपलब्ध कराने, मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाकर 400 रुपये प्रतिदिन करने, ग्रामीण विकास कार्यों में कच्चे-पक्के कार्यों का अनुपात 60:40 रखने, मेटों और कारीगरों का बकाया भुगतान लेबर के साथ ही सुनिश्चित करने की मांग की। - बिजली-पानी और तानाशाही के खिलाफ आक्रोश प्रदर्शन के दौरान विधायक घोघरा ने जिले में हो रही अघोषित बिजली कटौती और पेयजल किल्लत पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चिलचिलाती गर्मी में जनता त्रस्त है, लेकिन प्रशासन मौन है। वहीं, टाडी ओबरी ग्राम पंचायत के प्रशासक देवीलाल की गिरफ्तारी को उन्होंने दमनकारी नीति करार दिया। घोघरा ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में एक विशेष विचारधारा के कार्यक्रमों का विरोध करने पर राजकार्य में बाधा के झूठे आरोप लगाकर गिरफ्तारियां की जा रही हैं, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। - आंदोलन की चेतावनी विधायक गणेश घोघरा ने प्रशासन को दो टूक लहजे में चेतावनी दी कि यदि जल्द ही श्रमिकों के खातों में पैसा नहीं पहुँचा और बिजली-पानी की व्यवस्था नहीं सुधरी, तो कांग्रेस जिले भर में बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर जेल भरो आंदोलन और महापड़ाव शुरू करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- कैलाशपुरी पंचायत क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब शंकर पिया, केसर खराड़ी सहित अन्य ग्रामीणों के मकानों के पास अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास के मकानों तक फैलने का खतरा पैदा हो गया। आग की सूचना मिलते ही नगर पालिका सागवाड़ा की दमकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची और करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत तथा 3 फेरे लगाकर आग पर काबू पाया। यदि दमकल समय पर नहीं पहुंचती तो कई मकान और अंदर रखा लाखों का सामान जलकर राख हो सकता था। दमकल टीम के निलेश पाटीदार के नेतृत्व में जिगर और वाहन चालक नरेश ने तेजी और सूझबूझ से काम करते हुए आग बुझाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, दमकल पहुंचने से पहले गांव के लोगों ने भी हिम्मत दिखाते हुए अपने घरों से पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया। प्रकाश, लोकेश, जगदीश, लाला, लक्ष्मण सहित कई ग्रामीणों के सहयोग से आग को फैलने से रोकने में मदद मिली। इस घटना के साथ ही आसपास के जंगलों में आग लगने का खतरा भी सामने आया। गर्मी के मौसम में सूखी घास और पेड़-पौधों के कारण जंगलों में आग तेजी से फैलती है, जिससे वन्य जीवों और पक्षियों को भारी नुकसान होता है। कई बार छोटे-छोटे जीव, पक्षियों के घोंसले और वनस्पति पूरी तरह जलकर नष्ट हो जाते हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन भी प्रभावित होता है। ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इसके तहत जंगल क्षेत्रों में फायर लाइन (आग रोकने के लिए खाली पट्टी) बनाई जाए, नियमित निगरानी रखी जाए, ग्रामीणों को जागरूक किया जाए और कहीं भी आग दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने की व्यवस्था मजबूत की जाए। साथ ही, खेतों में फसल अवशेष जलाने पर सख्ती से रोक लगाने और दोषियों पर कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। कैलाशपुरी की इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि समय पर कार्रवाई और सामूहिक प्रयास से बड़ी से बड़ी आपदा को भी टाला जा सकता है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और आमजन दोनों को सतर्क रहना जरूरी है।1
- सीमलवाड़ा। वागड़ क्षेत्र के जैन समाज के व्यापारियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। श्री 18000 दशा हुमड़ दिगम्बर जैन समाज के 35 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने चीन की व्यापारिक यात्रा के दौरान विश्व प्रसिद्ध बाजारों और निर्माण इकाइयों का भ्रमण कर नए व्यापारिक अवसरों की तलाश की। समाज के अध्यक्ष दिनेश खोड़निया के मार्गदर्शन में यह प्रतिनिधिमंडल दूसरी बार चीन की व्यापारिक यात्रा पर निकला है। इस यात्रा का संयोजन दीपेश लालावत एवं आदिश खोड़निया द्वारा किया गया है, जिनके प्रयासों से व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बाजारों और उद्योगों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हो रहा है। 10 दिवसीय इस यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल चीन के विभिन्न प्रमुख शहरों में स्थित विश्वस्तरीय होलसेल मार्केट और निर्माण फैक्ट्रियों का अवलोकन कर रहा है। व्यापारियों ने ग्वांगझू (गौंजाऊ) के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में भाग लिया, जहां कपड़ा बाजार और किचन वेयर उद्योग की व्यापक जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा फोशान के प्रसिद्ध फर्नीचर मार्केट, शेनझेन के इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, सैनिटरी उत्पाद बाजार तथा सोलर प्लेट निर्माण फैक्ट्रियों का भी दौरा किया गया। यात्रा के दौरान यीवू के अंतरराष्ट्रीय होलसेल मार्केट का भ्रमण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहां से विश्वभर में बड़े पैमाने पर वस्तुओं का निर्यात किया जाता है। व्यापारियों ने इन बाजारों की कार्यप्रणाली, उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण और वैश्विक सप्लाई चेन को नजदीक से समझा। यात्रा में शामिल दंत चिकित्सक डॉ. निखिल पीठ ने बताया कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय यात्राएं व्यापारियों के लिए नई सोच और संभावनाओं के द्वार खोलती हैं। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से वागड़ और मेवाड़ क्षेत्र के युवाओं को नई दिशा मिलेगी, साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी मदद मिलेगी। प्रतिनिधिमंडल में सागवाड़ा के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया, डायालाल पाटीदार, गुजरात से सीए हितेश देवड़िया, अनिल जैन (तलवाड़ा), विनीत गलालिया (सागवाड़ा), मुकेश जैन (सौभाग्य, डूंगरपुर), दीपेश पिंडारमिया, महिपाल शाह, शुभम शाह (परतापुर), मयूर जैन, अनिल मैदावत (रिद्धि-सिद्धि ग्रुप), जसवंत जैन, नीतेश जैन (मूंगाना), जिग्नेश चंपावत (धारियावाद), दिलीप दोसी, सौरभ दोसी (बागीदौरा), कनकमल जैन, राकेश वेड़ा, पंकज वेड़ा, शुभम जैन (साबला), मयूर मूंगानिया, जैनम वगेरीया, रिदम जेठाना सहित अहमदाबाद से मिहिर सरैया, धवल शाह, संदीप पंचाल, महल सिंह और संजय देवड़िया सहित कुल 35 व्यापारी शामिल हैं। उद्देश्य और भविष्य की दिशा: इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार की समझ विकसित करना, नए उत्पादों और तकनीकों को अपनाना तथा वागड़ क्षेत्र को वैश्विक व्यापार मानचित्र पर स्थापित करना है। प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि इस अनुभव से क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। व्यापारियों ने संकल्प लिया है कि वे इस यात्रा से प्राप्त अनुभवों को स्थानीय स्तर पर लागू कर क्षेत्रीय विकास में योगदान देंगे और वागड़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।4
- बालासोर हादसे का मास्टरमाइंड मदरसे से गिरफ्तार! अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप1
- Post by तखतसिंह भबराणा1
- ग्राम पंचायत लोहागढ़ के दांतली फला में हुआ दर्दनाक हादसा,भैंस जलकर हुई खाक जुबेर अहमद धरियावद धरियावद-ग्राम पंचायत लोहागढ़ के दांतली फला में हुआ दर्दनाक हादसा है। जहां भैंस जलकर खाक हो गयी है। आज 30 अप्रैल 2026 को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। गांव में अचानक लगी आग में एक भैंस जिंदा जल गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आग इतनी भयंकर थी कि आसपास रखा सामान भी पूरी तरह जलकर राख हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय सरपंच शंकर लाल मीणा मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवार को सहायता का भरोसा दिलाया। वही गांव वालों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया।1
- ग्राम पंचायत लोहागढ़ दांतली फला ब्लाक धरियावद जिला प्रतागढ़ की घटाना 30/4/2026 एक भेस जल गई अंदर सामग्री जल कर राख1
- सागवाड़ा के कोकापुर में अवैध पेड़ कटाई का भंडाफोड़, पटवारी हर्षित सुथार ने दिखाई सख्ती, लकड़ियाँ जब्त संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। एक ओर सरकार हरित राजस्थान और वृक्षारोपण जैसे अभियानों पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, वहीं दूसरी ओर सागवाड़ा पंचायत समिति के कोकापुर गांव में वन माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने बेखौफ होकर कोकापुर नाल क्षेत्र में प्रकृति का सीना छलनी कर दिया। बिना किसी अनुमति के बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ियाँ चलाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। हालांकि, इस पूरे मामले में स्थानीय पटवारी हर्षित सुथार की मुस्तैदी ने माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेरते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। - कोकापुर नाल में बिछ गई पेड़ों की लाशें प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोकापुर नाल क्षेत्र में पिछले कुछ समय से अवैध कटाई का काला खेल चोरी-छिपे खेला जा रहा था। मौके के मंजर ने रूह कंपा दी जहाँ कभी घनी हरियाली थी, वहाँ अब पेड़ों के कटे हुए लट्ठे और बिखरी हुई शाखाएं माफियाओं की बर्बरता की गवाही दे रही हैं। बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के किए गए इस कृत्य ने न केवल पर्यावरण का संतुलन बिगाड़ा है, बल्कि बेजुबान वन्यजीवों से उनका प्राकृतिक आशियाना भी छीन लिया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि समय रहते इन पर नकेल नहीं कसी गई, तो यह क्षेत्र रेगिस्तान में तब्दील हो जाएगा। - पटवारी की रेड : मौके पर जब्त किए लट्ठे मामले की भनक लगते ही क्षेत्र के पटवारी हर्षित सुथार ने कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए तत्काल टीम के साथ मौके पर धावा बोला। पटवारी की अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से काटे गए पेड़ों के लट्ठों को मौके पर ही जब्त कर लिया। पटवारी ने न केवल लकड़ियों को अपने कब्जे में लिया, बल्कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी है, जिससे अब माफियाओं पर कानूनी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। - प्रशासनिक शिथिलता और माफियाओं का गठजोड़? यह घटना स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े करती है। सवाल यह है कि इतनी बड़ी तादाद में पेड़ों की कटाई क्या रातों-रात संभव है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी? ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन से मांग की है कि केवल जब्ती से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस अवैध धंधे के पीछे बैठे सफ़ेदपोश आकाओं और माफियाओं को बेनकाब कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल, पटवारी की इस सक्रियता ने क्षेत्र में एक उम्मीद जगाई है, लेकिन भविष्य में ऐसे कृत्यों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन को अब अपनी कुंभकर्णी नींद त्याग कर धरातल पर सख्त पहरा देना होगा।1