छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी है। लगातार बारिश के कारण केलो नदी उफान पर है, जिससे शहर को चक्रधर नगर और अन्य इलाकों से जोड़ने वाला मुख्य रपटा पूरी तरह पानी में डूब गया है। इसके बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर दोपहिया और चारपहिया वाहनों से इस डूबे हुए रपटे को पार कर रहे हैं। स्कूलों की छुट्टी होने के बाद कई अभिभावक भी बच्चों को लाने-ले जाने के लिए इसी खतरनाक रास्ते का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। भारी बारिश के चलते वार्ड क्रमांक 30, 33 और 37 सहित कई मोहल्लों के घरों के भीतर पानी घुस गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड क्रमांक 37 के मीनाबाजार क्षेत्र में स्थिति और गंभीर हो गई है, जहाँ समतलीकरण के लिए डाली गई फ्लाई ऐश तेज बारिश में बह गई है। इस वजह से पूरे इलाके में गंदगी फैल गई है और स्थानीय लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है, जिसके बाद लोगों ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। इस स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम ने अपने करीब दो दर्जन कर्मचारियों की टीम को तैनात किया है, जो सूचना मिलते ही प्रभावित इलाकों में जल निकासी और राहत कार्य में जुट रहे हैं। इस संबंध में रायगढ़ नगर निगम के महापौर जीवर्धन चौहान का कहना है कि लगातार बारिश के बावजूद शहर की स्थिति सामान्य है और निगम की टीम पूरी मुस्तैदी से राहत कार्यों में लगी हुई है। प्रशासन लगातार केलो नदी के बढ़ते जलस्तर और जलभराव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अनावश्यक रूप से डूबे हुए मार्गों से न गुजरने की समझाइश दे रहा है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी है। लगातार बारिश के कारण केलो नदी उफान पर है, जिससे शहर को चक्रधर नगर और अन्य इलाकों से जोड़ने वाला मुख्य रपटा पूरी तरह पानी में डूब गया है। इसके बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर दोपहिया और चारपहिया वाहनों से इस डूबे हुए रपटे को पार कर रहे हैं। स्कूलों की छुट्टी होने के बाद
कई अभिभावक भी बच्चों को लाने-ले जाने के लिए इसी खतरनाक रास्ते का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। भारी बारिश के चलते वार्ड क्रमांक 30, 33 और 37 सहित कई मोहल्लों के घरों के भीतर पानी घुस गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड क्रमांक 37 के मीनाबाजार क्षेत्र में स्थिति और गंभीर हो गई
है, जहाँ समतलीकरण के लिए डाली गई फ्लाई ऐश तेज बारिश में बह गई है। इस वजह से पूरे इलाके में गंदगी फैल गई है और स्थानीय लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है, जिसके बाद लोगों ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। इस स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम ने अपने करीब दो दर्जन कर्मचारियों की टीम को तैनात किया है, जो सूचना मिलते ही प्रभावित इलाकों में जल निकासी और
राहत कार्य में जुट रहे हैं। इस संबंध में रायगढ़ नगर निगम के महापौर जीवर्धन चौहान का कहना है कि लगातार बारिश के बावजूद शहर की स्थिति सामान्य है और निगम की टीम पूरी मुस्तैदी से राहत कार्यों में लगी हुई है। प्रशासन लगातार केलो नदी के बढ़ते जलस्तर और जलभराव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अनावश्यक रूप से डूबे हुए मार्गों से न गुजरने की समझाइश दे रहा है।
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से पूरा इलाका तरबतर हो गया है। इस भारी बारिश की वजह से क्षेत्र की कई कॉलोनियों में चार फीट तक पानी भर गया है। जलभराव की इस स्थिति के बीच प्रशासनिक टीम राहत और बचाव के कामों में मुस्तैदी से जुट गई है।1
- ग्राम सभा में सूची जारी होने के बाद लगातार शिकायतें आ रही थीं कि लोगों के नाम काट दिए गए हैं या उन्हें अपात्र कर दिया गया है। इसी को लेकर सरकार ने फिर से नया दावा-आपत्ति जारी करने का आदेश दिया है। इसके तहत पीएम आवास प्लस 2.0 (PM Awas Plus 2.0) का दावा-आपत्ति फॉर्म जारी कर दिया गया है। जिन लोगों का नाम सूची में आने से छूट गया है या कट गया है, वे इसके जरिए अपना नाम दोबारा जोड़ सकते हैं। इसे नाम जुड़वाने का आखिरी मौका माना जा रहा है।1
- सक्ती के मालखरौदा में जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करना पापा ढाबा को काफी भारी पड़ा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए पापा ढाबा का लाइसेंस अगले आदेश तक के लिए सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही ढाबे को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि इस नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो ढाबा का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।1
- सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र अंतर्गत उच्चपिड़ा स्थित आरकेएम पावर प्लांट में ड्यूटी के दौरान एक कंप्यूटर ऑपरेटर की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। ग्राम धोबनीपाली के रहने वाले करीब 37 वर्षीय कर्मचारी सर्विल बघेल बी शिफ्ट में ड्यूटी पर तैनात थे। मंगलवार रात लगभग 8:00 बजे उन्हें अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए तुरंत जिंदल हॉस्पिटल, रायगढ़ ले जाया जा रहा था। हालांकि, उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया और अस्पताल के डॉक्टरों ने शुरुआती तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। वे उचित मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग पर अड़े हैं। अपनी मांगों को लेकर नाराज लोगों ने मृतक के शव को आरकेएम पावर प्लांट के गेट नंबर-1 के सामने रखकर गेट बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए, जो सुबह से लगातार जारी है। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर समाधान निकालने की कोशिश में जुटा है।1
- छत्तीसगढ़ के हजारों डीएड (D.Ed) अभ्यर्थी पिछले 210 दिनों से अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर हैं। न्याय की उम्मीद में शुरू हुआ यह आंदोलन अब छत्तीसगढ़ की सीमाओं को पार कर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुँच गया है। छत्तीसगढ़ के डीएड अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान और छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग के साथ दिल्ली में डटा हुआ है। राज्य सरकार की लचर कार्यप्रणाली और शिक्षा विभाग की संवेदनहीनता के कारण प्रदेश के शिक्षित युवा पिछले 210 दिनों से सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, छत्तीसगढ़ का शिक्षा विभाग नियुक्तियां देने में विफल रहा है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव की विफलता के कारण ही योग्य अभ्यर्थी अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटक रहे हैं और उनका भविष्य अंधकार में चला गया है। जंतर-मंतर पर मौजूद छत्तीसगढ़ के डीएड अभ्यर्थियों ने शिक्षा व्यवस्था की विफलता के खिलाफ चल रहे राष्ट्रीय आंदोलनों के साथ अपनी आवाज मिला दी है। प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में 'नीट' (NEET) परीक्षा के कारण आत्महत्या करने वाले 21 छात्रों की दुखद मौतों पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे देश की शिक्षा प्रणाली का 'संस्थागत पतन' करार दिया है। अभ्यर्थी श्री सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चल रहे जन-आंदोलन का समर्थन करते हुए यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक देश का युवा अपनी पढ़ाई के बदले अपनी जान और अपना भविष्य दांव पर लगाता रहेगा? छत्तीसगढ़ डीएड संघर्ष समिति (जंतर-मंतर टीम) की मुख्य मांग है कि नीट धांधली और छात्रों की आत्महत्याओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। साथ ही, नियुक्तियों में देरी और अदालत के आदेशों की अवमानना के कारण छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पद से हटाया जाए और सरकार बिना किसी देरी के अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति पत्र प्रदान करे। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह केवल उनकी नियुक्ति की नहीं बल्कि व्यवस्था से प्रताड़ित हर युवा की लड़ाई है, और न्याय मिलने तथा मंत्रियों की जवाबदेही तय होने तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।2
- रायगढ़ के बेलादुला में तेज बारिश के कारण एशिया का सबसे जहरीला सांप बाहर निकल आया। इस सांप के निकलने के बाद धर्मेंद्र सिंग राजपूत ने इसका रेस्क्यू किया।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी है। लगातार बारिश के कारण केलो नदी उफान पर है, जिससे शहर को चक्रधर नगर और अन्य इलाकों से जोड़ने वाला मुख्य रपटा पूरी तरह पानी में डूब गया है। इसके बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर दोपहिया और चारपहिया वाहनों से इस डूबे हुए रपटे को पार कर रहे हैं। स्कूलों की छुट्टी होने के बाद कई अभिभावक भी बच्चों को लाने-ले जाने के लिए इसी खतरनाक रास्ते का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। भारी बारिश के चलते वार्ड क्रमांक 30, 33 और 37 सहित कई मोहल्लों के घरों के भीतर पानी घुस गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड क्रमांक 37 के मीनाबाजार क्षेत्र में स्थिति और गंभीर हो गई है, जहाँ समतलीकरण के लिए डाली गई फ्लाई ऐश तेज बारिश में बह गई है। इस वजह से पूरे इलाके में गंदगी फैल गई है और स्थानीय लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है, जिसके बाद लोगों ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। इस स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम ने अपने करीब दो दर्जन कर्मचारियों की टीम को तैनात किया है, जो सूचना मिलते ही प्रभावित इलाकों में जल निकासी और राहत कार्य में जुट रहे हैं। इस संबंध में रायगढ़ नगर निगम के महापौर जीवर्धन चौहान का कहना है कि लगातार बारिश के बावजूद शहर की स्थिति सामान्य है और निगम की टीम पूरी मुस्तैदी से राहत कार्यों में लगी हुई है। प्रशासन लगातार केलो नदी के बढ़ते जलस्तर और जलभराव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अनावश्यक रूप से डूबे हुए मार्गों से न गुजरने की समझाइश दे रहा है।4