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छत्तीसगढ़ के हजारों डीएड (D.Ed) अभ्यर्थी पिछले 210 दिनों से अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर हैं। न्याय की उम्मीद में शुरू हुआ यह आंदोलन अब छत्तीसगढ़ की सीमाओं को पार कर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुँच गया है। छत्तीसगढ़ के डीएड अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान और छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग के साथ दिल्ली में डटा हुआ है। राज्य सरकार की लचर कार्यप्रणाली और शिक्षा विभाग की संवेदनहीनता के कारण प्रदेश के शिक्षित युवा पिछले 210 दिनों से सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, छत्तीसगढ़ का शिक्षा विभाग नियुक्तियां देने में विफल रहा है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव की विफलता के कारण ही योग्य अभ्यर्थी अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटक रहे हैं और उनका भविष्य अंधकार में चला गया है। जंतर-मंतर पर मौजूद छत्तीसगढ़ के डीएड अभ्यर्थियों ने शिक्षा व्यवस्था की विफलता के खिलाफ चल रहे राष्ट्रीय आंदोलनों के साथ अपनी आवाज मिला दी है। प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में 'नीट' (NEET) परीक्षा के कारण आत्महत्या करने वाले 21 छात्रों की दुखद मौतों पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे देश की शिक्षा प्रणाली का 'संस्थागत पतन' करार दिया है। अभ्यर्थी श्री सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चल रहे जन-आंदोलन का समर्थन करते हुए यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक देश का युवा अपनी पढ़ाई के बदले अपनी जान और अपना भविष्य दांव पर लगाता रहेगा? छत्तीसगढ़ डीएड संघर्ष समिति (जंतर-मंतर टीम) की मुख्य मांग है कि नीट धांधली और छात्रों की आत्महत्याओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। साथ ही, नियुक्तियों में देरी और अदालत के आदेशों की अवमानना के कारण छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पद से हटाया जाए और सरकार बिना किसी देरी के अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति पत्र प्रदान करे। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह केवल उनकी नियुक्ति की नहीं बल्कि व्यवस्था से प्रताड़ित हर युवा की लड़ाई है, और न्याय मिलने तथा मंत्रियों की जवाबदेही तय होने तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।

4 hrs ago
user_Ajit gupta
Ajit gupta
Local News Reporter पत्थलगाँव, जशपुर, छत्तीसगढ़•
4 hrs ago

छत्तीसगढ़ के हजारों डीएड (D.Ed) अभ्यर्थी पिछले 210 दिनों से अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर हैं। न्याय की उम्मीद में शुरू हुआ यह आंदोलन अब छत्तीसगढ़ की सीमाओं को पार कर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुँच गया है। छत्तीसगढ़ के डीएड अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान और छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग के साथ दिल्ली में डटा हुआ है। राज्य सरकार की लचर कार्यप्रणाली और शिक्षा विभाग की संवेदनहीनता के कारण प्रदेश के शिक्षित युवा पिछले 210 दिनों से सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, छत्तीसगढ़ का शिक्षा विभाग नियुक्तियां देने में विफल रहा है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव की विफलता के कारण ही योग्य अभ्यर्थी अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटक रहे हैं और उनका भविष्य अंधकार में चला गया है। जंतर-मंतर पर मौजूद छत्तीसगढ़ के डीएड अभ्यर्थियों ने शिक्षा व्यवस्था की विफलता के खिलाफ चल रहे राष्ट्रीय आंदोलनों के साथ अपनी

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आवाज मिला दी है। प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में 'नीट' (NEET) परीक्षा के कारण आत्महत्या करने वाले 21 छात्रों की दुखद मौतों पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे देश की शिक्षा प्रणाली का 'संस्थागत पतन' करार दिया है। अभ्यर्थी श्री सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चल रहे जन-आंदोलन का समर्थन करते हुए यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक देश का युवा अपनी पढ़ाई के बदले अपनी जान और अपना भविष्य दांव पर लगाता रहेगा? छत्तीसगढ़ डीएड संघर्ष समिति (जंतर-मंतर टीम) की मुख्य मांग है कि नीट धांधली और छात्रों की आत्महत्याओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। साथ ही, नियुक्तियों में देरी और अदालत के आदेशों की अवमानना के कारण छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पद से हटाया जाए और सरकार बिना किसी देरी के अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति पत्र प्रदान करे। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह केवल उनकी नियुक्ति की नहीं बल्कि व्यवस्था से प्रताड़ित हर युवा की लड़ाई है, और न्याय मिलने तथा मंत्रियों की जवाबदेही तय होने तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।

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    छत्तीसगढ़ के हजारों डीएड (D.Ed) अभ्यर्थी पिछले 210 दिनों से अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर हैं। न्याय की उम्मीद में शुरू हुआ यह आंदोलन अब छत्तीसगढ़ की सीमाओं को पार कर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुँच गया है। छत्तीसगढ़ के डीएड अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान और छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग के साथ दिल्ली में डटा हुआ है।

राज्य सरकार की लचर कार्यप्रणाली और शिक्षा विभाग की संवेदनहीनता के कारण प्रदेश के शिक्षित युवा पिछले 210 दिनों से सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, छत्तीसगढ़ का शिक्षा विभाग नियुक्तियां देने में विफल रहा है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव की विफलता के कारण ही योग्य अभ्यर्थी अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटक रहे हैं और उनका भविष्य अंधकार में चला गया है।

जंतर-मंतर पर मौजूद छत्तीसगढ़ के डीएड अभ्यर्थियों ने शिक्षा व्यवस्था की विफलता के खिलाफ चल रहे राष्ट्रीय आंदोलनों के साथ अपनी आवाज मिला दी है। प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में 'नीट' (NEET) परीक्षा के कारण आत्महत्या करने वाले 21 छात्रों की दुखद मौतों पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे देश की शिक्षा प्रणाली का 'संस्थागत पतन' करार दिया है। अभ्यर्थी श्री सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चल रहे जन-आंदोलन का समर्थन करते हुए यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक देश का युवा अपनी पढ़ाई के बदले अपनी जान और अपना भविष्य दांव पर लगाता रहेगा?

छत्तीसगढ़ डीएड संघर्ष समिति (जंतर-मंतर टीम) की मुख्य मांग है कि नीट धांधली और छात्रों की आत्महत्याओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। साथ ही, नियुक्तियों में देरी और अदालत के आदेशों की अवमानना के कारण छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पद से हटाया जाए और सरकार बिना किसी देरी के अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति पत्र प्रदान करे। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह केवल उनकी नियुक्ति की नहीं बल्कि व्यवस्था से प्रताड़ित हर युवा की लड़ाई है, और न्याय मिलने तथा मंत्रियों की जवाबदेही तय होने तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
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    Ajit gupta
    Local News Reporter पत्थलगाँव, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के बहुचर्चित पेटला केसीसी ऋण घोटाले में थाना सीतापुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 127 किसानों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर करीब 1 करोड़ 92 लाख 82 हजार 96 रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस घोटाले के अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, अंबिकापुर की पेटला शाखा में केसीसी ऋण वितरण में हुई अनियमितताओं की जांच के बाद दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है। जांच समिति की रिपोर्ट में 127 किसानों के फर्जी हस्ताक्षर कर उनके नाम पर कुल ₹1,92,82,096 का ऋण आहरित किए जाने की पुष्टि हुई थी। मामले की जांच में तत्कालीन शाखा प्रबंधक भूपेन्द्र सिंह परिहार, सहायक लेखापाल शिवशंकर सोनी, कैशियर ललिता सिन्हा, सामान्य सहायक सुमित कुमार और दैनिक वेतनभोगी कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक कुमार चक्रधारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद थाना सीतापुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने सूरजपुर जिले के थाना जयनगर अंतर्गत अखोराकला निवासी 29 वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक कुमार चक्रधारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी में संलिप्त होने की बात स्वीकार की, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। सरगुजा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सीतापुर उपनिरीक्षक अखिलेश सिंह, सहायक उपनिरीक्षक डेविड मिंज, प्रधान आरक्षक नंदकुमार प्रजापति, तिजलाल पैकरा तथा आरक्षक महेन्द्र कुमार नाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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    छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के बहुचर्चित पेटला केसीसी ऋण घोटाले में थाना सीतापुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 127 किसानों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर करीब 1 करोड़ 92 लाख 82 हजार 96 रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस घोटाले के अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, अंबिकापुर की पेटला शाखा में केसीसी ऋण वितरण में हुई अनियमितताओं की जांच के बाद दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है। जांच समिति की रिपोर्ट में 127 किसानों के फर्जी हस्ताक्षर कर उनके नाम पर कुल ₹1,92,82,096 का ऋण आहरित किए जाने की पुष्टि हुई थी। मामले की जांच में तत्कालीन शाखा प्रबंधक भूपेन्द्र सिंह परिहार, सहायक लेखापाल शिवशंकर सोनी, कैशियर ललिता सिन्हा, सामान्य सहायक सुमित कुमार और दैनिक वेतनभोगी कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक कुमार चक्रधारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद थाना सीतापुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।

विवेचना के दौरान पुलिस ने सूरजपुर जिले के थाना जयनगर अंतर्गत अखोराकला निवासी 29 वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक कुमार चक्रधारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी में संलिप्त होने की बात स्वीकार की, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। सरगुजा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सीतापुर उपनिरीक्षक अखिलेश सिंह, सहायक उपनिरीक्षक डेविड मिंज, प्रधान आरक्षक नंदकुमार प्रजापति, तिजलाल पैकरा तथा आरक्षक महेन्द्र कुमार नाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    user_Sunil Gupta
    Sunil Gupta
    Advertising agency सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 'Bharat Innovates' कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया है। यह पहल भारत और फ्रांस के बीच साझेदारी को नई मजबूती प्रदान करने के साथ नवाचार, स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम दोनों देशों के युवा नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। इसके साथ ही यह वैश्विक स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 'Bharat Innovates' कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया है। यह पहल भारत और फ्रांस के बीच साझेदारी को नई मजबूती प्रदान करने के साथ नवाचार, स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह कार्यक्रम दोनों देशों के युवा नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। इसके साथ ही यह वैश्विक स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
    user_Pradesh Khabar News Network
    Pradesh Khabar News Network
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के सरगुजा में कल से हो रही लगातार भारी बारिश के बाद किसान भाइयों को बड़ी राहत मिली है और वे राहत की सांस ले रहे हैं। इलाके में कल से ही बहुत ज्यादा बारिश हो रही है, जो बीच में कुछ घंटों के लिए रुकी जरूर थी, लेकिन अब इसने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। इस झमाझम बारिश से पूरा जिला भीग चुका है। किसानों का कहना है कि अगर अभी 1-2 दिन और इसी तरह पानी बरस जाता है, तो उनका काम बेहद आसानी से चल जाएगा।
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    छत्तीसगढ़ के सरगुजा में कल से हो रही लगातार भारी बारिश के बाद किसान भाइयों को बड़ी राहत मिली है और वे राहत की सांस ले रहे हैं। इलाके में कल से ही बहुत ज्यादा बारिश हो रही है, जो बीच में कुछ घंटों के लिए रुकी जरूर थी, लेकिन अब इसने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। इस झमाझम बारिश से पूरा जिला भीग चुका है। किसानों का कहना है कि अगर अभी 1-2 दिन और इसी तरह पानी बरस जाता है, तो उनका काम बेहद आसानी से चल जाएगा।
    user_Hira Ratan Sarthi
    Hira Ratan Sarthi
    Driver उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से पूरा इलाका तरबतर हो गया है। इस भारी बारिश की वजह से क्षेत्र की कई कॉलोनियों में चार फीट तक पानी भर गया है। जलभराव की इस स्थिति के बीच प्रशासनिक टीम राहत और बचाव के कामों में मुस्तैदी से जुट गई है।
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    छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से पूरा इलाका तरबतर हो गया है। इस भारी बारिश की वजह से क्षेत्र की कई कॉलोनियों में चार फीट तक पानी भर गया है। जलभराव की इस स्थिति के बीच प्रशासनिक टीम राहत और बचाव के कामों में मुस्तैदी से जुट गई है।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • सक्ती के मालखरौदा में जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करना पापा ढाबा को काफी भारी पड़ा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए पापा ढाबा का लाइसेंस अगले आदेश तक के लिए सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही ढाबे को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि इस नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो ढाबा का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
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    सक्ती के मालखरौदा में जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करना पापा ढाबा को काफी भारी पड़ा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए पापा ढाबा का लाइसेंस अगले आदेश तक के लिए सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही ढाबे को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि इस नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो ढाबा का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
    user_Bhupendra lahare
    Bhupendra lahare
    Farmer मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में चक्रधरनगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पोल्ट्री फार्म से बोर पंप और केबल तार चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी गया मोटर पंप और केबल तार बरामद कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान ग्राम सम्बलपुरी निवासी 24 वर्षीय गोरांगो खड़िया और 19 वर्षीय सुरेन्द्र निषाद के रूप में हुई है, जिन्हें पुलिस ने न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में रायगढ़ की दुर्गा विहार कॉलोनी के रहने वाले फिरोज आलम ने 19 जुलाई 2026 को चक्रधरनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 15 जुलाई की शाम वह सम्बलपुरी स्थित अपने पोल्ट्री फार्म को बंद कर घर लौटे थे और अगली सुबह जब वापस पहुंचे, तो बोर पंप का पाइप टूटा मिला तथा वहां लगा मोटर पंप और केबल तार गायब थे। इस रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 358/2026 के अंतर्गत धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सम्बलपुरी के दो युवक चोरी का मोटर पंप बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। पुलिस टीम ने दोनों संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उन्होंने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर गोरांगो खड़िया के घर के पीछे बाड़ी में छिपाकर रखा गया चोरी का सामान बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने धारा 3(5) बीएनएस भी जोड़ी है। इस सफल कार्रवाई पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने संदेश दिया है कि संपत्ति संबंधी अपराधों पर रायगढ़ पुलिस की पैनी नजर है और अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
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    छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में चक्रधरनगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पोल्ट्री फार्म से बोर पंप और केबल तार चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी गया मोटर पंप और केबल तार बरामद कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान ग्राम सम्बलपुरी निवासी 24 वर्षीय गोरांगो खड़िया और 19 वर्षीय सुरेन्द्र निषाद के रूप में हुई है, जिन्हें पुलिस ने न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

इस मामले में रायगढ़ की दुर्गा विहार कॉलोनी के रहने वाले फिरोज आलम ने 19 जुलाई 2026 को चक्रधरनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 15 जुलाई की शाम वह सम्बलपुरी स्थित अपने पोल्ट्री फार्म को बंद कर घर लौटे थे और अगली सुबह जब वापस पहुंचे, तो बोर पंप का पाइप टूटा मिला तथा वहां लगा मोटर पंप और केबल तार गायब थे। इस रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 358/2026 के अंतर्गत धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सम्बलपुरी के दो युवक चोरी का मोटर पंप बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। पुलिस टीम ने दोनों संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उन्होंने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर गोरांगो खड़िया के घर के पीछे बाड़ी में छिपाकर रखा गया चोरी का सामान बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने धारा 3(5) बीएनएस भी जोड़ी है। इस सफल कार्रवाई पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने संदेश दिया है कि संपत्ति संबंधी अपराधों पर रायगढ़ पुलिस की पैनी नजर है और अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
    user_Ajit gupta
    Ajit gupta
    Local News Reporter पत्थलगाँव, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी है। लगातार बारिश के कारण केलो नदी उफान पर है, जिससे शहर को चक्रधर नगर और अन्य इलाकों से जोड़ने वाला मुख्य रपटा पूरी तरह पानी में डूब गया है। इसके बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर दोपहिया और चारपहिया वाहनों से इस डूबे हुए रपटे को पार कर रहे हैं। स्कूलों की छुट्टी होने के बाद कई अभिभावक भी बच्चों को लाने-ले जाने के लिए इसी खतरनाक रास्ते का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। भारी बारिश के चलते वार्ड क्रमांक 30, 33 और 37 सहित कई मोहल्लों के घरों के भीतर पानी घुस गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड क्रमांक 37 के मीनाबाजार क्षेत्र में स्थिति और गंभीर हो गई है, जहाँ समतलीकरण के लिए डाली गई फ्लाई ऐश तेज बारिश में बह गई है। इस वजह से पूरे इलाके में गंदगी फैल गई है और स्थानीय लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है, जिसके बाद लोगों ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। इस स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम ने अपने करीब दो दर्जन कर्मचारियों की टीम को तैनात किया है, जो सूचना मिलते ही प्रभावित इलाकों में जल निकासी और राहत कार्य में जुट रहे हैं। इस संबंध में रायगढ़ नगर निगम के महापौर जीवर्धन चौहान का कहना है कि लगातार बारिश के बावजूद शहर की स्थिति सामान्य है और निगम की टीम पूरी मुस्तैदी से राहत कार्यों में लगी हुई है। प्रशासन लगातार केलो नदी के बढ़ते जलस्तर और जलभराव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अनावश्यक रूप से डूबे हुए मार्गों से न गुजरने की समझाइश दे रहा है।
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    छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी है। लगातार बारिश के कारण केलो नदी उफान पर है, जिससे शहर को चक्रधर नगर और अन्य इलाकों से जोड़ने वाला मुख्य रपटा पूरी तरह पानी में डूब गया है। इसके बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर दोपहिया और चारपहिया वाहनों से इस डूबे हुए रपटे को पार कर रहे हैं। स्कूलों की छुट्टी होने के बाद कई अभिभावक भी बच्चों को लाने-ले जाने के लिए इसी खतरनाक रास्ते का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

भारी बारिश के चलते वार्ड क्रमांक 30, 33 और 37 सहित कई मोहल्लों के घरों के भीतर पानी घुस गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड क्रमांक 37 के मीनाबाजार क्षेत्र में स्थिति और गंभीर हो गई है, जहाँ समतलीकरण के लिए डाली गई फ्लाई ऐश तेज बारिश में बह गई है। इस वजह से पूरे इलाके में गंदगी फैल गई है और स्थानीय लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है, जिसके बाद लोगों ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

इस स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम ने अपने करीब दो दर्जन कर्मचारियों की टीम को तैनात किया है, जो सूचना मिलते ही प्रभावित इलाकों में जल निकासी और राहत कार्य में जुट रहे हैं। इस संबंध में रायगढ़ नगर निगम के महापौर जीवर्धन चौहान का कहना है कि लगातार बारिश के बावजूद शहर की स्थिति सामान्य है और निगम की टीम पूरी मुस्तैदी से राहत कार्यों में लगी हुई है। प्रशासन लगातार केलो नदी के बढ़ते जलस्तर और जलभराव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अनावश्यक रूप से डूबे हुए मार्गों से न गुजरने की समझाइश दे रहा है।
    user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
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