खराब सड़क से परेशान 5 गांवों के ग्रामीणों ने सौपा ज्ञापन , कहा 7 दिन में निराकरण न होने में आगामी चुनाव का करेंगे चुनाव बहिष्कार अनूपपूर/पुष्पराजगढ़ - अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के मौहारी पंचायत व परसेल पंचायत के ग्रामीणों ने सैकड़ों की संख्या में जमकर नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे जहां पुष्पराजगढ़ एस डी एम को ज्ञापन सौंपते हुए मांग रखी कि मौहारी परसेल से सीधे जरही तक पहुंच मार्ग कच्चा होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है इस मार्ग से लगभग 5 गांवों के स्कूली बच्चे, बीमार ग्रामीणों को इस रास्ते का सहारा लेना पड़ता है गांव तक खराब रास्ते की वजह से एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती है लेकिन हर बार हमें झूठे वादे ही मिलते है इस सड़क के न बनने से ग्रामीणों ने आगामी चुनाव का सामूहिक बहिष्कार और अभी 7 दिनों में चलने लायक सड़क का निर्माण न होने से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। आपको बता दे कि अभी कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने अपने से श्रमदान करके पैदल चलने के लिए मार्ग तैयार किया था लेकिन भारी बारिश से सड़क खराब हो जाती है ग्रामीणों का कहना है कि आज आजादी को 80 साल हो चुके है लेकिन हमारे चुने हुए जनप्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन और वादे ही करते नजर आए है जमीन पर कोई काम नजर आज तक नहीं आया है जिससे गांव के ग्रामीण अपने आप को ठगा महसूस कर रहे है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के विधायक पिछले 15 वर्षों में अपने ससुराल गांव भलुचुआ और उससे जुड़े हुए सड़क नहीं बनवा पाए है जनपद पुष्पराजगढ़ के मौहारी, परसेल, भालूचुआ एवं आसपास के ग्रामों के ग्रामीण पिछले लंबे समय से सड़क की गंभीर समस्या से परेशान हैं। क्षेत्र की सड़कें अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्डे, पत्थर, बोल्डर और बारिश के दौरान कीचड़ एवं जलभराव होने के कारण आवागमन बेहद कठिन हो गया है। मौहारी से देवरा और मौहारी से जरही तक सड़क नहीं होने से परेशानी हो रही है। सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों को प्रतिदिन स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। 'बारिश के दिनों में कीचड़ और गड्डों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। बाइक से बच्चों को स्कूल छोड़ने वाले अभिभावकों को भी दुर्घटना का डर बना रहता है। इसी प्रकार ग्रामीणों, राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क की स्थिति ऐसी है कि बाइक चलाना मुश्किल हो जाता है और फिसलने एवं दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। चार पहिया वाहनों का आवागमन भी प्रभावित है। सड़क की स्थिति खराब होने के कारण तहसील तक पहुंचने में भी ग्रामीणों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। जिस मार्ग से तहसील की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है सड़क की समस्या के कारण दूसरे रास्ते से घूमकर लगभग 25 से 30 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इससे ग्रामीणों का समय और आने-जाने का खर्च दोनों बढ़ रहे हैं क्षेत्र में सड़क एवं विकास कार्यों को लेकर घोषणाएं और आश्वासन - दिए गए थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि सड़क की समस्या का स्थायी समाधान होगा, लेकिन आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। मोहारी, परसेल, भालूचुआ एवं आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर लगभग 15 हजार मतदाता इस समस्या से प्रभावित हैं। इसके बावजूद सड़क जेसी मूलभूत सुविधा का समाधान नहीं होना ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। दिए गए थे। ग्रामीणों को उम्मीद था कि स समाधान होगा, लेकिन आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। मौहारी, परसेल, भालूचुआ एवं आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर लगभग 15 हजार मतदाता इस समस्या से प्रभावित हैं। इसके बावजूद सड़क यह है निम्न मांगें 1. मौहारी, परसेल और भालूचुआ सहित संबंधित मार्गों का तत्काल स्थल निरीक्षण कराया जाए। 2. सड़क की वर्तमान स्थिति की तकनीकी जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाए। 3. स्थायी सड़क निर्माण के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए। (अ) देवरा से मौहारी पक्की सड़क निर्माण किया जाये (ब) जरही से मौहारी पक्की सड़क निर्माण किया जाये 4. यदि पूर्व में सड़क निर्माण की कोई स्वीकृति, घोषणा, प्रस्ताव या बजट जारी हुआ है तो उसकी वर्तमान स्थिति ग्रामीणों को बताई जाए। 5. सड़क की लंबाई, प्रस्तावित निर्माण, स्वीकृत राशि एवं कार्य प्रारंभ होने की संभावित तारीख की जानकारी दी जाए। 6. स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए सड़क निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। 7 दिवस में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन हम ग्रामीण इस ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि ज्ञापन प्राप्त होने के 7 दिवस के भीतर संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण कर सड़क समस्या के समाधान की स्पष्ट कार्ययोजना एवं समयसीमा ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जाए। यदि 7 दिवस के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है अथवा ग्रामीणों को केवल आश्वासन देकर मामला टालने का प्रयास किया जाता है, तो हम ग्रामीण शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों द्वारा चक्काजाम एवं व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी आवश्यक होने पर आगामी चुनाव में चुनाव बहिष्कार जैसे लोकतांत्रिक विरोध के विकल्प पर भी ग्रामीण सामूहिक रूप से निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि ग्रामीणों की मांग किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के विरोध में नहीं, बल्कि क्षेत्र की मूलभूत सड़क सुविधा के स्थायी समाधान के लिए है। वर्षों से चली आ रही इस समस्या का अब केवल आश्वासन से नहीं, बल्कि जमीन पर काम शुरू कराकर समाधान किया जाना आवश्यक है। अतः निवेदन है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों को निर्धारित समयसीमा में लिखित रूप से अवगत कराया जाए।
खराब सड़क से परेशान 5 गांवों के ग्रामीणों ने सौपा ज्ञापन , कहा 7 दिन में निराकरण न होने में आगामी चुनाव का करेंगे चुनाव बहिष्कार अनूपपूर/पुष्पराजगढ़ - अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के मौहारी पंचायत व परसेल पंचायत के ग्रामीणों ने सैकड़ों की संख्या में जमकर नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे जहां पुष्पराजगढ़ एस डी एम को ज्ञापन सौंपते हुए मांग रखी कि मौहारी परसेल से सीधे जरही तक पहुंच मार्ग कच्चा होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है इस मार्ग से लगभग 5 गांवों के स्कूली बच्चे, बीमार ग्रामीणों को इस रास्ते का सहारा लेना पड़ता है गांव तक खराब रास्ते की वजह से एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती है लेकिन हर बार हमें झूठे वादे ही मिलते है इस सड़क के न बनने से ग्रामीणों ने आगामी चुनाव का सामूहिक बहिष्कार और अभी 7 दिनों में चलने लायक सड़क का निर्माण न होने से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। आपको बता दे कि अभी कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने अपने से श्रमदान करके पैदल चलने के लिए मार्ग तैयार किया था लेकिन भारी बारिश से सड़क खराब हो जाती है ग्रामीणों का कहना है कि आज आजादी को 80 साल हो चुके है लेकिन हमारे चुने हुए जनप्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन और वादे ही करते नजर आए है जमीन पर कोई काम नजर आज तक नहीं आया है जिससे गांव के ग्रामीण अपने आप को ठगा महसूस कर रहे है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के विधायक पिछले 15 वर्षों में अपने ससुराल गांव भलुचुआ और उससे जुड़े हुए सड़क नहीं बनवा पाए है जनपद पुष्पराजगढ़ के मौहारी, परसेल, भालूचुआ एवं आसपास के ग्रामों के ग्रामीण पिछले लंबे समय से सड़क की गंभीर समस्या से परेशान हैं। क्षेत्र की सड़कें अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्डे, पत्थर, बोल्डर और बारिश के दौरान कीचड़ एवं जलभराव होने के कारण आवागमन बेहद कठिन हो गया है। मौहारी से देवरा और मौहारी से जरही तक सड़क नहीं होने से परेशानी हो रही है। सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों को प्रतिदिन स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। 'बारिश के दिनों में कीचड़ और गड्डों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। बाइक से बच्चों को स्कूल छोड़ने वाले अभिभावकों को भी दुर्घटना का डर बना रहता है। इसी प्रकार ग्रामीणों, राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क की स्थिति ऐसी है कि बाइक चलाना मुश्किल हो जाता है और फिसलने एवं दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। चार पहिया वाहनों का आवागमन भी प्रभावित है। सड़क की स्थिति खराब होने के कारण तहसील तक पहुंचने में भी ग्रामीणों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। जिस मार्ग से तहसील की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है
सड़क की समस्या के कारण दूसरे रास्ते से घूमकर लगभग 25 से 30 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इससे ग्रामीणों का समय और आने-जाने का खर्च दोनों बढ़ रहे हैं क्षेत्र में सड़क एवं विकास कार्यों को लेकर घोषणाएं और आश्वासन - दिए गए थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि सड़क की समस्या का स्थायी समाधान होगा, लेकिन आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। मोहारी, परसेल, भालूचुआ एवं आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर लगभग 15 हजार मतदाता इस समस्या से प्रभावित हैं। इसके बावजूद सड़क जेसी मूलभूत सुविधा का समाधान नहीं होना ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। दिए गए थे। ग्रामीणों को उम्मीद था कि स समाधान होगा, लेकिन आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। मौहारी, परसेल, भालूचुआ एवं आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर लगभग 15 हजार मतदाता इस समस्या से प्रभावित हैं। इसके बावजूद सड़क यह है निम्न मांगें 1. मौहारी, परसेल और भालूचुआ सहित संबंधित मार्गों का तत्काल स्थल निरीक्षण कराया जाए। 2. सड़क की वर्तमान स्थिति की तकनीकी जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाए। 3. स्थायी सड़क निर्माण के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए। (अ) देवरा से मौहारी पक्की सड़क निर्माण किया जाये (ब) जरही से मौहारी पक्की सड़क निर्माण किया जाये 4. यदि पूर्व में सड़क निर्माण की कोई स्वीकृति, घोषणा, प्रस्ताव या बजट जारी हुआ है तो उसकी वर्तमान स्थिति ग्रामीणों को बताई जाए। 5. सड़क की लंबाई, प्रस्तावित निर्माण, स्वीकृत राशि एवं कार्य प्रारंभ होने की संभावित तारीख की जानकारी दी जाए। 6. स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए सड़क निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। 7 दिवस में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन हम ग्रामीण इस ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि ज्ञापन प्राप्त होने के 7 दिवस के भीतर संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण कर सड़क समस्या के समाधान की स्पष्ट कार्ययोजना एवं समयसीमा ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जाए। यदि 7 दिवस के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है अथवा ग्रामीणों को केवल आश्वासन देकर मामला टालने का प्रयास किया जाता है, तो हम ग्रामीण शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों द्वारा चक्काजाम एवं व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी आवश्यक होने पर आगामी चुनाव में चुनाव बहिष्कार जैसे लोकतांत्रिक विरोध के विकल्प पर भी ग्रामीण सामूहिक रूप से निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि ग्रामीणों की मांग किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के विरोध में नहीं, बल्कि क्षेत्र की मूलभूत सड़क सुविधा के स्थायी समाधान के लिए है। वर्षों से चली आ रही इस समस्या का अब केवल आश्वासन से नहीं, बल्कि जमीन पर काम शुरू कराकर समाधान किया जाना आवश्यक है। अतः निवेदन है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों को निर्धारित समयसीमा में लिखित रूप से अवगत कराया जाए।
- मोजर वियर से चलकर मुख्य मार्ग,रेलवे लाईन एवं नदी पार कर गोबरी के जंगल में पहुंचे दो हाथी,रात भर ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेतो में किया मोजर वियर से चलकर मुख्य मार्ग,रेलवे लाईन एवं नदी पार कर गोबरी के जंगल में पहुंचे दो हाथी,रात भर ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेतो में किया नुकसान,तीसरा हाथी मरवाही में मचा रहा हडकम्प अनूपपुर/26 अगस्त दो हाथियों का समूह बुधवार को 16 वें दिन गोबरी के जंगल में पहुंचकर पीपल के पेड़ के छाव के पास दिन के समय विश्राम कर रहे हैं। यह दो हाथी मंगलवार के दिन जैतहरी के मोजर बियर प्लांट के अंदर दिन के समय ठहरते हुए देर रात निकल कर विभिन्न गांव के इलाकों से गुजरता हुआ मुख्य मार्ग,रेलवे लाईन एवं नदी को पार किया है इस बीच हाथियों द्वारा कुछ ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेतो में लगे फसलों को अपना आहार बनाया है। 14 अगस्त की रात तीन हाथियों में से दो हाथियों का समूह जो 13 दिन तक अनूपपुर जिले से जाने बाद छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परिक्षेत्र के इलाके में विचरण करता हुआ एक बार फिर से वापस आ कर बुधवार को 16 में दिन विगत रात सात आठ किलोमीटर का रास्ता तय करते हुए जैतहरी के गोबरी बीट के जंगल में ठहरा हुआ है, दोनों हाथी देर रात एक बार फिर से मोजर बियर प्लांट के सीमेंट प्लेट की बाउंड्री को तोड़कर गुवारी गांव के आदिवासी किसानों के खेतों में लगी धान की फसलों को आहार बनाते हुए अमगवां गांव के हायर सेकेंडरी स्कूल के पीछे से बेलिया फाटक की ओर आकर कुछ देर छुलहनी के जंगल में ठहरते हुए बेलिया फाटक से अनूपपुर से जैतहरी जाने वाली मुख्य मार्ग एवं रेलवे लाईन को देर रात पार किया हाथियों के मुख्य मार्ग को पार करने की संभावना पर वन विभाग के गश्ती दल द्वारा कुछ देर के लिए आवागमन को रोकते हुए हाथियों के निकल जाने पर फिर से मार्ग चालू कराया इस बीच दोनों हाथी बेलिया गांव में कुछ किसानों के खेतों में लगे धान की फसल को खाते हुए तिपान नदी जिसमें पानी का तेज बहाव एवं वर्षा काल की बाढ़ रही है को देर रात तैर कर पार कर ग्राम पंचायत गोबरी के बेलिया कछरा,ग्राम पंचायत पगना के पगना कछरा में किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को खाते हुए पगना कछरा में दो ग्रामीणों के कच्चे मकान में तोड़फोड़ करते हुए बुधवार की सुबह बडवार नाला पार कर शक्तिकुंडी नामक जंगल से ग्राम पंचायत एवं वन बीट गोबरी के झुरहीतलैया जंगल में बुधवार की सुबह जंगल के अंदर स्थित पीपल के पेड़ के समीप पहुंच कर विश्राम कर रहे हैं। दोनों हाथी बुधवार की देर शाम एवं रात किस ओर विचरण कर हंगामा मचाएंगे यह रात होने पर भी पता चल सकेगा। वही हाथियों के निरंतर विचरण पर 1वन मंडलाधिकारी अनूपपुर द्वारा गठित दो अलग-अलग गश्ती दल में वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दल हाथी मित्र दल के सदस्यों एवं हाथी प्रभावित क्षेत्र के सरपंच गणों एवं ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों पर निरंतर निगरानी रखते हुए ग्रामीण जनों से सतर्क एवं सचेत रहने की अपील की है। वही इन हाथियों का तीसरा सदस्य एक दांत वाला हाथी अनूपपुर जिले के जैतहरी से लगे छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परिक्षेत्र,थाना एवं तहसील के घुसरिया,चिचगोहना,माडाकोट,मरवाही आदि इलाकों में दिन के समय जंगल में रहकर पूरी रात विचरण कर ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेतों में लगे फसलों को अपना आहार बनता है,यह हाथी विगत कुछ दिनों से आक्रोशित स्थिति में होने पर गश्ती दल एवं ग्रामीणों को दूर तक अचानक दौड़ा कर हमला करने की कोशिश करता है।2
- जैतहरी पुलिस ने 96 मवेशियों को क्रूरता पूर्वक बांधकर रखने एवं कटने हेतु ले जाने के पहले कि कार्यवाई, 04 प्रकरण दर्ज अनूपपूर/ जैतहरी - मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम लपटा चौधरी टोला में विभिन्न लोगों के बाड़ों में बड़ी संख्या में भैंस एवं पड़ों को बिना चारा-पानी की व्यवस्था के क्रूरता पूर्वक रस्सियों से गर्दन, सींग एवं पैरों को बांधकर रखा गया है तथा उन्हें वाहनों के माध्यम से बाहर ले जाकर कटने हेतु भेजने की तैयारी की जा रही है। मुखबिर की सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर के निर्देशन में पुलिस लाइन अनूपपुर, थाना जैतहरी एवं पुलिस सहायता केन्द्र वेंकटनगर के बल की 04 टीमों का गठन कर ग्राम लपटा में दबिश एवं जांच की कार्यवाही की गई। चार अलग-अलग स्थानों से 96 मवेशी बरामद पहली टीम द्वारा संजय चौधरी निवासी लपटा के बाड़े की जांच की गई, जहां 12 भैंस एवं 02 भैंसा (पड़ा), कुल 14 मवेशी क्रूरता पूर्वक बांधकर रखे मिले। मौके पर एक महिन्द्रा पिकअप वाहन क्रमांक MP-18-ZF-8176 भी मिला, जिसमें मवेशियों को लोड करने की तैयारी की जा रही थी। एक व्यक्ति को मवेशी को डंडे से मारकर वाहन में चढ़ाने का प्रयास करते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम अतुल कुमार पिता लेखनलाल चौधरी, उम्र 20 वर्ष, निवासी लपटा बताया तथा मवेशियों को फिरोज उर्फ सोनू एवं कादिर अफजल का होना बताया। दूसरी टीम द्वारा मोहित चौधरी के बाड़े की जांच में 09 भैंसा (पड़ा) एवं 18 भैंस, कुल 27 मवेशी रस्सियों से क्रूरता पूर्वक बंधे मिले। मौके पर मिले व्यक्ति ने अपना नाम तीर्थशयन सिंह पिता दुर्गा सिंह, उम्र 28 वर्ष, निवासी पड़ौर थाना भालूमाड़ा बताया तथा मवेशियों को लोड करने हेतु वाहन का इंतजार करना बताया। तीसरी टीम द्वारा दादूराम चौधरी निवासी लपटा के बाड़े की जांच में 14 भैंसा (पड़ा) एवं 06 भैंस, कुल 20 मवेशी क्रूरता पूर्वक बंधे मिले। मौके पर मिले व्यक्ति ने अपना नाम संजय गुप्ता पिता हीरालाल गुप्ता, उम्र 28 वर्ष, निवासी पड़ौर थाना भालूमाड़ा बताया तथा मवेशियों को लोड करने हेतु वाहन का इंतजार करना बताया। चौथी टीम द्वारा उदल चौधरी के बाड़े की जांच में 20 भैंस एवं 15 भैंसा (पड़ा), कुल 35 मवेशी क्रूरता पूर्वक बंधे मिले। मौके पर मिले व्यक्ति ने अपना नाम काशीराम पिता दादूराम चौधरी, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम लपटा चौधरी मोहल्ला बताया तथा मवेशियों को बाहर भेजने के लिए वाहन का इंतजार करना बताया। इस प्रकार चारों स्थानों से कुल 96 मवेशी बरामद किए गए। मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा-पानी की व्यवस्था नहीं थी तथा उन्हें कीचड़ में क्रूरता पूर्वक बांधकर रखा गया था। पुलिस द्वारा मवेशियों को विधिवत जप्त कर ग्राम लपटा गौशाला में सुरक्षार्थ रखवाया गया तथा उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। मौके से जप्त पिकअप वाहन को थाना परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया। प्रकरण में मवेशियों को क्रूरता पूर्वक बांधकर रखने एवं चारा-पानी की उचित व्यवस्था नहीं करने के संबंध में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(घ), (ङ) तथा मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कुल 04 पृथक-पृथक प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिए गए हैं। सराहनीय भूमिका उक्त कार्यवाही पुलिस अधीक्षक अनूपपुर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अनूपपुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी जैतहरी निरीक्षक गोकुलानंद पाण्डेय, चौकी प्रभारी वेंकटनगर उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार साहू, उपनिरीक्षक जे.पी.एच. तिर्की, उपनिरीक्षक मणिराज सिंह, उपनिरीक्षक सुरेश कुमार अहिरवार, सहायक उपनिरीक्षक जयसिंह, श्रीश्याम शुक्ला, विनोद विश्वकर्मा, सुरेश कुमार कोरी, सतीष द्विवेदी, जगत सिंह, चालक प्रधान आरक्षक दिनेश पाटिल, आरक्षक राहुल कंसाना, नरेन्द्र जाट, मनीष सिंह तोमर, राजेश पाल, चालक सोनू मेहरा सहित पुलिस बल की सराहनीय भूमिका रही।1
- अनूपपुर: रामनगर में चोरी का पर्दाफाश, आमाडांड के दो युवक गिरफ्तार, बाइक सहित चोरी का सामान जप्त अनूपपुर / रामनगर। पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के मार्गदर्शन में थाना रामनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने घर की बाड़ी में हुई चोरी का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गया पूरा माल बरामद कर लिया है। मामला इस प्रकार है - फरियादी श्याम कुमार चौहान, निवासी ग्राम आमाडांड ने थाना रामनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 13 अगस्त 2026 की दरमियानी रात अज्ञात चोरों द्वारा उसके घर के पीछे बाड़ी में लगा सबमर्सिबल पम्प, स्टार्टर, बिजली का तार एवं पाइप चोरी कर लिया गया है। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 25,000 रुपये आंकी गई थी। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना रामनगर में अपराध क्रमांक 246/26 धारा 302(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार आरोपी - चरण प्रसाद केवट पिता रामनाथ केवट, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम आमाडांड ललित केवट पिता लोकनाथ केवट, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम आमाडांड आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गया सबमर्सिबल पम्प, स्टार्टर, बिजली का तार, पाइप एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक MP 65 MA 9026 को बरामद कर जप्त किया है। उक्त कार्रवाई थाना प्रभारी श्री सुमित कौशिक के नेतृत्व में गठित टीम के स.उ.नि. विनोद नाहर एवं आरक्षक मुमताज द्वारा की गई।2
- 💥 *बड़ी खबर* 💥 *अवैध रेत परिवहन में सलग्न डग्गी द्वारा दो गौवंश को रौँदकर सड़क के किनारे फंसा प्रशाशनिक संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध काला कारोबार* 📢📢📢📢📢📢📢📢 *जिला मुख्यालय शहडोल से लगभग दस किमी. दूर शहडोल रीवा मार्ग पर ग्राम निपनिया में वन रक्षक नाका के पास 26/08/2026के भोर में सूत्रों ने बताया कि नरवार कुवंरसेजा से रेत का अवैध कारोबार करने वाली डग्गी लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क के किनारे बैठे गौवंश को जोरदार टक्कर मारकर खुद सड़क के किनारे फ़स गई l* *रेत का अवैध परिवहन करने वाले लोंगो के द्वारा तुरंत डग्गी को निकाल कर चलता बने गौवंश सड़क के किनारे अभी भी पड़े हैं* *सूत्रों ने यह बताया कि वन विभाग और खनिज विभाग के संरक्षण में ये रेत का कारोबार चल रहा है यदि ग्रामीण कोई इस अवैध रेत के परिवहन के बारे में बोलते हैं तो उन्हें तरह तरह की धमकियाँ दी जाती हैं* एक तरफ जिला प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का दम भरता है दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नाक के नीचे खनिज सम्पदा का इस तरह प्रशासनिक संरक्षण में दोहन होना प्रशासन के मुहं में करारा तमाचा है जिससे लाखों रूपये प्रतिदिन के राजस्व की हानि हो रही है l 💥💥💥💥💥💥💥 💥 *बड़ी खबर* 💥 *अवैध रेत परिवहन में सलग्न डग्गी द्वारा दो गौवंश को रौँदकर सड़क के किनारे फंसा प्रशाशनिक संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध काला कारोबार* 📢📢📢📢📢📢📢📢 *जिला मुख्यालय शहडोल से लगभग दस किमी. दूर शहडोल रीवा मार्ग पर ग्राम निपनिया में वन रक्षक नाका के पास 26/08/2026के भोर में सूत्रों ने बताया कि नरवार कुवंरसेजा से रेत का अवैध कारोबार करने वाली डग्गी लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क के किनारे बैठे गौवंश को जोरदार टक्कर मारकर खुद सड़क के किनारे फ़स गई l* *रेत का अवैध परिवहन करने वाले लोंगो के द्वारा तुरंत डग्गी को निकाल कर चलता बने गौवंश सड़क के किनारे अभी भी पड़े हैं* *सूत्रों ने यह बताया कि वन विभाग और खनिज विभाग के संरक्षण में ये रेत का कारोबार चल रहा है यदि ग्रामीण कोई इस अवैध रेत के परिवहन के बारे में बोलते हैं तो उन्हें तरह तरह की धमकियाँ दी जाती हैं* एक तरफ जिला प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का दम भरता है दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नाक के नीचे खनिज सम्पदा का इस तरह प्रशासनिक संरक्षण में दोहन होना प्रशासन के मुहं में करारा तमाचा है जिससे लाखों रूपये प्रतिदिन के राजस्व की हानि हो रही है l 💥💥💥💥💥💥💥1
- नई लेदरी में गूंजा नात-ए-पाक का पैगाम, मोहब्बत और भाईचारे से रोशन हुईं गलियां "ईद मिलादुन्नबी पर निकली भव्य रैली में बच्चे, बूढ़े और जवान हुए शामिल, अकीदत के रंग में रंगा पूरा नई लेदरी" मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। कभी-कभी कोई दिन केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं होता, बल्कि वह दिन दिलों में उतरकर इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे और रहमत का पैगाम बन जाता है। नई लेदरी में आज कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की याद और उनकी शिक्षाओं को समर्पित ईद मिलादुन्नबी का पर्व बड़े ही उत्साह, अकीदत और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरा नई लेदरी मानो मोहब्बत और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बच्चे हों या बुजुर्ग, नौजवान हों या महिलाएं, हर चेहरे पर उत्साह और हर दिल में अपने प्यारे नबी की मोहब्बत नजर आई। बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम और रैली में शामिल होकर अपनी अकीदत का इजहार किया। गलियों और चौक-चौराहों से गुजरती रैली ने पूरे क्षेत्र में एक ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बना दिया, जिसमें नात-ए-पाक की मधुर आवाजें दिलों को छूती रहीं। इस भव्य रैली का शुभारंभ मौलाना असलम नूरी एवं रिजवियां अंजुमन कमेटी के सदर शमशाद कादरी के नेतृत्व में रजा मस्जिद प्रांगण से हुआ। रैली जैसे-जैसे आगे बढ़ी, लोगों का उत्साह और उमंग भी बढ़ता गया। नात-ए-पाक की सुरीली आवाजों के बीच श्रद्धालु पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की याद में अपनी भावनाएं व्यक्त करते नजर आए। रैली एसईसीएल मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय होते हुए अटल चौक, झरझरा चौक, गांधी चौक तथा नई लेदरी की विभिन्न गलियों और चौक-चौराहों से होकर गुजरी। रास्ते भर अकीदतमंदों की मौजूदगी और नात-ए-पाक की गूंज ने माहौल को पूरी तरह खुशनुमा और भावुक बना दिया। इस दौरान ऐसा लग रहा था मानो नई लेदरी की हर गली अपने रहमत के पैगाम को महसूस कर रही हो। बच्चों के चेहरों पर मासूम खुशी, बुजुर्गों की आंखों में अकीदत और युवाओं के उत्साह ने इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया। रैली में शामिल लोगों ने अपने आचरण और अनुशासन के माध्यम से मोहब्बत, शांति और भाईचारे का खूबसूरत संदेश भी दिया। ईद मिलादुन्नबी केवल जश्न मनाने का अवसर नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं को याद करने का पवित्र अवसर है। उन्होंने इंसान को इंसान से मोहब्बत करना, जरूरतमंदों की मदद करना, कमजोरों का सहारा बनना, सच्चाई का साथ देना और समाज में अमन व भाईचारा कायम रखना सिखाया। यही वजह है कि उनकी याद में आयोजित होने वाला यह पर्व लोगों के दिलों को जोड़ने और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है। रैली का समापन पुनः रजा मस्जिद प्रांगण में हुआ। यहां पहुंचने के बाद भी लोगों में उत्साह और श्रद्धा का भाव बना रहा। आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब दिलों में मोहब्बत हो और जुबां पर नात-ए-पाक हो, तो पूरा वातावरण इबादत और भाईचारे की खुशबू से महक उठता है। नई लेदरी में आयोजित यह ईद मिलादुन्नबी समारोह निश्चित रूप से लंबे समय तक लोगों की यादों में बसा रहेगा। यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मोहब्बत, इंसानियत, रहमत और आपसी भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर बनकर सामने आया। आज नई लेदरी की गलियों में गूंजती नात-ए-पाक की आवाजों ने मानो यही संदेश दिया कि दुनिया में सबसे खूबसूरत रिश्ता वही है, जो इंसान को इंसान से जोड़ता है और दिलों में मोहब्बत पैदा करता है।4
- एमसीबी के भरतपुर जनपद की ग्राम पंचायत बहरासी में मनरेगा कार्यों को लेकर विवाद गहरा गया है। सरपंच, पंच और ग्रामीणों ने ग्राम रोजगार सहायक पर मनमानी, मजदूरी भुगतान में देरी और फर्जी हाजिरी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने रोजगार सहायक को हटाने की मांग करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- अनूपपुर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने धार्मिक जुलूस के दौरान हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। अनूपपुर में पैगंबर हज़रत मुहम्मद के जयंती की याद में मनाया जाने वाला ईद मिलादुन्नबी अनूपपुर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने धार्मिक जुलूस के दौरान हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। अनूपपुर में पैगंबर हज़रत मुहम्मद के जयंती की याद में मनाया जाने वाला ईद मिलादुन्नबी बड़े उत्साह और आपसी भाईचारे से मनाया गया । बिजुरी शहर के मुस्लिम समुदाय मस्जिद पर हुए एकत्रित उसके बाद जुलूस शहर में निकला, सभी धर्म और वर्गों द्वारा जुलूस का जगह जगह स्वागत किया गया, बिजुरी भाजपा मंडल ने भी जुलूस का किया भव्य स्वागत इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे वहीं मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जुलूस के दौरान हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए।1
- अमरकंटक के गायत्री सरोवर डैम में दर्दनाक हादसा, 11 वर्षीय बालक की मौत अमरकंटक। माई बगिया रोड स्थित गायत्री सरोवर डैम में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में करीब 11 वर्षीय बालक पूर्व यादव की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार बालक अपने परिवार के साथ अमरकंटक के समीप स्थित एक आश्रम आया था। इसी दौरान वह डैम की ओर चला गया। नहाते और खेलते समय अचानक वह गहरे पानी में चला गया। बालक को पानी से बाहर निकालने के लिए करीब 40 मिनट तक मशक्कत की गई। बाहर निकालने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल गायत्री सरोवर डैम में इस दर्दनाक हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे संवेदनशील जल क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजाम और चेतावनी संकेतों के साथ बच्चों पर विशेष निगरानी की आवश्यकता है।1