नई लेदरी में गूंजा नात-ए-पाक का पैगाम, मोहब्बत और भाईचारे से रोशन हुईं गलियां "ईद मिलादुन्नबी पर निकली भव्य रैली में बच्चे, बूढ़े और जवान हुए शामिल, अकीदत के रंग में रंगा पूरा नई लेदरी" मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। कभी-कभी कोई दिन केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं होता, बल्कि वह दिन दिलों में उतरकर इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे और रहमत का पैगाम बन जाता है। नई लेदरी में आज कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की याद और उनकी शिक्षाओं को समर्पित ईद मिलादुन्नबी का पर्व बड़े ही उत्साह, अकीदत और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरा नई लेदरी मानो मोहब्बत और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बच्चे हों या बुजुर्ग, नौजवान हों या महिलाएं, हर चेहरे पर उत्साह और हर दिल में अपने प्यारे नबी की मोहब्बत नजर आई। बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम और रैली में शामिल होकर अपनी अकीदत का इजहार किया। गलियों और चौक-चौराहों से गुजरती रैली ने पूरे क्षेत्र में एक ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बना दिया, जिसमें नात-ए-पाक की मधुर आवाजें दिलों को छूती रहीं। इस भव्य रैली का शुभारंभ मौलाना असलम नूरी एवं रिजवियां अंजुमन कमेटी के सदर शमशाद कादरी के नेतृत्व में रजा मस्जिद प्रांगण से हुआ। रैली जैसे-जैसे आगे बढ़ी, लोगों का उत्साह और उमंग भी बढ़ता गया। नात-ए-पाक की सुरीली आवाजों के बीच श्रद्धालु पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की याद में अपनी भावनाएं व्यक्त करते नजर आए। रैली एसईसीएल मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय होते हुए अटल चौक, झरझरा चौक, गांधी चौक तथा नई लेदरी की विभिन्न गलियों और चौक-चौराहों से होकर गुजरी। रास्ते भर अकीदतमंदों की मौजूदगी और नात-ए-पाक की गूंज ने माहौल को पूरी तरह खुशनुमा और भावुक बना दिया। इस दौरान ऐसा लग रहा था मानो नई लेदरी की हर गली अपने रहमत के पैगाम को महसूस कर रही हो। बच्चों के चेहरों पर मासूम खुशी, बुजुर्गों की आंखों में अकीदत और युवाओं के उत्साह ने इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया। रैली में शामिल लोगों ने अपने आचरण और अनुशासन के माध्यम से मोहब्बत, शांति और भाईचारे का खूबसूरत संदेश भी दिया। ईद मिलादुन्नबी केवल जश्न मनाने का अवसर नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं को याद करने का पवित्र अवसर है। उन्होंने इंसान को इंसान से मोहब्बत करना, जरूरतमंदों की मदद करना, कमजोरों का सहारा बनना, सच्चाई का साथ देना और समाज में अमन व भाईचारा कायम रखना सिखाया। यही वजह है कि उनकी याद में आयोजित होने वाला यह पर्व लोगों के दिलों को जोड़ने और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है। रैली का समापन पुनः रजा मस्जिद प्रांगण में हुआ। यहां पहुंचने के बाद भी लोगों में उत्साह और श्रद्धा का भाव बना रहा। आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब दिलों में मोहब्बत हो और जुबां पर नात-ए-पाक हो, तो पूरा वातावरण इबादत और भाईचारे की खुशबू से महक उठता है। नई लेदरी में आयोजित यह ईद मिलादुन्नबी समारोह निश्चित रूप से लंबे समय तक लोगों की यादों में बसा रहेगा। यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मोहब्बत, इंसानियत, रहमत और आपसी भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर बनकर सामने आया। आज नई लेदरी की गलियों में गूंजती नात-ए-पाक की आवाजों ने मानो यही संदेश दिया कि दुनिया में सबसे खूबसूरत रिश्ता वही है, जो इंसान को इंसान से जोड़ता है और दिलों में मोहब्बत पैदा करता है।
नई लेदरी में गूंजा नात-ए-पाक का पैगाम, मोहब्बत और भाईचारे से रोशन हुईं गलियां "ईद मिलादुन्नबी पर निकली भव्य रैली में बच्चे, बूढ़े और जवान हुए शामिल, अकीदत के रंग में रंगा पूरा नई लेदरी" मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। कभी-कभी कोई दिन केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं होता, बल्कि वह दिन दिलों में उतरकर इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे और रहमत का पैगाम बन जाता है। नई लेदरी में आज कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की याद और उनकी शिक्षाओं को समर्पित ईद मिलादुन्नबी का पर्व बड़े ही उत्साह, अकीदत और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरा नई लेदरी मानो मोहब्बत और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बच्चे हों या बुजुर्ग, नौजवान हों या महिलाएं, हर चेहरे पर उत्साह और हर दिल में अपने प्यारे नबी की मोहब्बत
नजर आई। बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम और रैली में शामिल होकर अपनी अकीदत का इजहार किया। गलियों और चौक-चौराहों से गुजरती रैली ने पूरे क्षेत्र में एक ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बना दिया, जिसमें नात-ए-पाक की मधुर आवाजें दिलों को छूती रहीं। इस भव्य रैली का शुभारंभ मौलाना असलम नूरी एवं रिजवियां अंजुमन कमेटी के सदर शमशाद कादरी के नेतृत्व में रजा मस्जिद प्रांगण से हुआ। रैली जैसे-जैसे आगे बढ़ी, लोगों का उत्साह और उमंग भी बढ़ता गया। नात-ए-पाक की सुरीली आवाजों के बीच श्रद्धालु पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की याद में अपनी भावनाएं व्यक्त करते नजर आए। रैली एसईसीएल मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय होते हुए अटल चौक, झरझरा चौक, गांधी चौक तथा नई लेदरी की विभिन्न गलियों और चौक-चौराहों से होकर गुजरी। रास्ते भर अकीदतमंदों की मौजूदगी और नात-ए-पाक की गूंज ने माहौल को पूरी तरह खुशनुमा और
भावुक बना दिया। इस दौरान ऐसा लग रहा था मानो नई लेदरी की हर गली अपने रहमत के पैगाम को महसूस कर रही हो। बच्चों के चेहरों पर मासूम खुशी, बुजुर्गों की आंखों में अकीदत और युवाओं के उत्साह ने इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया। रैली में शामिल लोगों ने अपने आचरण और अनुशासन के माध्यम से मोहब्बत, शांति और भाईचारे का खूबसूरत संदेश भी दिया। ईद मिलादुन्नबी केवल जश्न मनाने का अवसर नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं को याद करने का पवित्र अवसर है। उन्होंने इंसान को इंसान से मोहब्बत करना, जरूरतमंदों की मदद करना, कमजोरों का सहारा बनना, सच्चाई का साथ देना और समाज में अमन व भाईचारा कायम रखना सिखाया। यही वजह है कि उनकी याद में आयोजित होने वाला यह पर्व लोगों के दिलों को जोड़ने
और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है। रैली का समापन पुनः रजा मस्जिद प्रांगण में हुआ। यहां पहुंचने के बाद भी लोगों में उत्साह और श्रद्धा का भाव बना रहा। आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब दिलों में मोहब्बत हो और जुबां पर नात-ए-पाक हो, तो पूरा वातावरण इबादत और भाईचारे की खुशबू से महक उठता है। नई लेदरी में आयोजित यह ईद मिलादुन्नबी समारोह निश्चित रूप से लंबे समय तक लोगों की यादों में बसा रहेगा। यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मोहब्बत, इंसानियत, रहमत और आपसी भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर बनकर सामने आया। आज नई लेदरी की गलियों में गूंजती नात-ए-पाक की आवाजों ने मानो यही संदेश दिया कि दुनिया में सबसे खूबसूरत रिश्ता वही है, जो इंसान को इंसान से जोड़ता है और दिलों में मोहब्बत पैदा करता है।
- नई लेदरी में गूंजा नात-ए-पाक का पैगाम, मोहब्बत और भाईचारे से रोशन हुईं गलियां "ईद मिलादुन्नबी पर निकली भव्य रैली में बच्चे, बूढ़े और जवान हुए शामिल, अकीदत के रंग में रंगा पूरा नई लेदरी" मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। कभी-कभी कोई दिन केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं होता, बल्कि वह दिन दिलों में उतरकर इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे और रहमत का पैगाम बन जाता है। नई लेदरी में आज कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की याद और उनकी शिक्षाओं को समर्पित ईद मिलादुन्नबी का पर्व बड़े ही उत्साह, अकीदत और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरा नई लेदरी मानो मोहब्बत और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बच्चे हों या बुजुर्ग, नौजवान हों या महिलाएं, हर चेहरे पर उत्साह और हर दिल में अपने प्यारे नबी की मोहब्बत नजर आई। बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम और रैली में शामिल होकर अपनी अकीदत का इजहार किया। गलियों और चौक-चौराहों से गुजरती रैली ने पूरे क्षेत्र में एक ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बना दिया, जिसमें नात-ए-पाक की मधुर आवाजें दिलों को छूती रहीं। इस भव्य रैली का शुभारंभ मौलाना असलम नूरी एवं रिजवियां अंजुमन कमेटी के सदर शमशाद कादरी के नेतृत्व में रजा मस्जिद प्रांगण से हुआ। रैली जैसे-जैसे आगे बढ़ी, लोगों का उत्साह और उमंग भी बढ़ता गया। नात-ए-पाक की सुरीली आवाजों के बीच श्रद्धालु पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की याद में अपनी भावनाएं व्यक्त करते नजर आए। रैली एसईसीएल मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय होते हुए अटल चौक, झरझरा चौक, गांधी चौक तथा नई लेदरी की विभिन्न गलियों और चौक-चौराहों से होकर गुजरी। रास्ते भर अकीदतमंदों की मौजूदगी और नात-ए-पाक की गूंज ने माहौल को पूरी तरह खुशनुमा और भावुक बना दिया। इस दौरान ऐसा लग रहा था मानो नई लेदरी की हर गली अपने रहमत के पैगाम को महसूस कर रही हो। बच्चों के चेहरों पर मासूम खुशी, बुजुर्गों की आंखों में अकीदत और युवाओं के उत्साह ने इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया। रैली में शामिल लोगों ने अपने आचरण और अनुशासन के माध्यम से मोहब्बत, शांति और भाईचारे का खूबसूरत संदेश भी दिया। ईद मिलादुन्नबी केवल जश्न मनाने का अवसर नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं को याद करने का पवित्र अवसर है। उन्होंने इंसान को इंसान से मोहब्बत करना, जरूरतमंदों की मदद करना, कमजोरों का सहारा बनना, सच्चाई का साथ देना और समाज में अमन व भाईचारा कायम रखना सिखाया। यही वजह है कि उनकी याद में आयोजित होने वाला यह पर्व लोगों के दिलों को जोड़ने और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है। रैली का समापन पुनः रजा मस्जिद प्रांगण में हुआ। यहां पहुंचने के बाद भी लोगों में उत्साह और श्रद्धा का भाव बना रहा। आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब दिलों में मोहब्बत हो और जुबां पर नात-ए-पाक हो, तो पूरा वातावरण इबादत और भाईचारे की खुशबू से महक उठता है। नई लेदरी में आयोजित यह ईद मिलादुन्नबी समारोह निश्चित रूप से लंबे समय तक लोगों की यादों में बसा रहेगा। यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मोहब्बत, इंसानियत, रहमत और आपसी भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर बनकर सामने आया। आज नई लेदरी की गलियों में गूंजती नात-ए-पाक की आवाजों ने मानो यही संदेश दिया कि दुनिया में सबसे खूबसूरत रिश्ता वही है, जो इंसान को इंसान से जोड़ता है और दिलों में मोहब्बत पैदा करता है।4
- एमसीबी के भरतपुर जनपद की ग्राम पंचायत बहरासी में मनरेगा कार्यों को लेकर विवाद गहरा गया है। सरपंच, पंच और ग्रामीणों ने ग्राम रोजगार सहायक पर मनमानी, मजदूरी भुगतान में देरी और फर्जी हाजिरी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने रोजगार सहायक को हटाने की मांग करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- मनेन्द्रगढ़ सिविल लाइन में असामाजिक तत्वों का आतंक, खड़ी गाड़ियों के तोड़े कांच। रात के अंधेरे में किसी व्यक्ति या असामाजिक तत्वों ने सिविल लाइन में खड़ी 3 से 4 गाड़ियों के कांच तोड़ दिए। गाड़ियों को भारी नुकसान हुआ है। बता दें कुछ दिन पहले बैकुंठपुर में भी इसी तरह कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई थी। लोगों से अपील है सावधान रहें, सुरक्षित रहें और अपनी गाड़ियों को सुरक्षित स्थान पर खड़ी करें।1
- रक्षाबंधन पर पुलिस जवानों की कलाई पर सजी राखी, मजबूत हुआ भाई-बहन का पवित्र रिश्ता सोनहत। एकल अभियान गतिविधि विभाग द्वारा रक्षाबंधन के पावन अवसर पर थाना सोनहत में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एकल अभियान की बहनों ने पुलिस जवानों एवं समिति के पदाधिकारियों को राखी बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की परंपरा को निभाया। बहनों ने पुलिस जवानों की कलाई पर राखी बांधते हुए उनके सुख, समृद्धि एवं दीर्घायु की कामना की। वहीं पुलिस जवानों ने भी बहनों की सुरक्षा एवं सम्मान का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सामाजिक समरसता की सुंदर झलक देखने को मिली। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष आदरणीय राजाराम राजवाड़े जी, SI आदरणीय नवल किशोर दुबे जी, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष रमेश तिवारी जी, चिकित्सा प्रकोष्ठ जिला संयोजक आदरणीय भुवन साहू जी, आदरणीय शुक्ला प्रसाद जी, आदरणीय शुभ शरण जी, आदरणीय भैया लाल जी, आदरणीय संत कुमार जी, आदरणीया लक्ष्मी राजवाड़े जी, आदरणीय सोनी राजवाड़े जी, आदरणीया प्रेमलता खांडे जी सहित एकल अभियान की अन्य दीदियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी है।1
- भुनेश्वरपुर में छात्रावास स्कूल के बच्चे अपनी प्रमुख मांगो को लेकर सड़कों पर उतरे सूरजपुर जिले के भुनेश्वर पुर छात्रावास स्कूल के बच्चे मेनू चार्ट के अनुसार गुणवता युक्त भोजन नहीं मिलने से नाराज़ सड़को पर आंदोलन करने पर विवश।1
- मोजर वियर से चलकर मुख्य मार्ग,रेलवे लाईन एवं नदी पार कर गोबरी के जंगल में पहुंचे दो हाथी,रात भर ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेतो में किया मोजर वियर से चलकर मुख्य मार्ग,रेलवे लाईन एवं नदी पार कर गोबरी के जंगल में पहुंचे दो हाथी,रात भर ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेतो में किया नुकसान,तीसरा हाथी मरवाही में मचा रहा हडकम्प अनूपपुर/26 अगस्त दो हाथियों का समूह बुधवार को 16 वें दिन गोबरी के जंगल में पहुंचकर पीपल के पेड़ के छाव के पास दिन के समय विश्राम कर रहे हैं। यह दो हाथी मंगलवार के दिन जैतहरी के मोजर बियर प्लांट के अंदर दिन के समय ठहरते हुए देर रात निकल कर विभिन्न गांव के इलाकों से गुजरता हुआ मुख्य मार्ग,रेलवे लाईन एवं नदी को पार किया है इस बीच हाथियों द्वारा कुछ ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेतो में लगे फसलों को अपना आहार बनाया है। 14 अगस्त की रात तीन हाथियों में से दो हाथियों का समूह जो 13 दिन तक अनूपपुर जिले से जाने बाद छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परिक्षेत्र के इलाके में विचरण करता हुआ एक बार फिर से वापस आ कर बुधवार को 16 में दिन विगत रात सात आठ किलोमीटर का रास्ता तय करते हुए जैतहरी के गोबरी बीट के जंगल में ठहरा हुआ है, दोनों हाथी देर रात एक बार फिर से मोजर बियर प्लांट के सीमेंट प्लेट की बाउंड्री को तोड़कर गुवारी गांव के आदिवासी किसानों के खेतों में लगी धान की फसलों को आहार बनाते हुए अमगवां गांव के हायर सेकेंडरी स्कूल के पीछे से बेलिया फाटक की ओर आकर कुछ देर छुलहनी के जंगल में ठहरते हुए बेलिया फाटक से अनूपपुर से जैतहरी जाने वाली मुख्य मार्ग एवं रेलवे लाईन को देर रात पार किया हाथियों के मुख्य मार्ग को पार करने की संभावना पर वन विभाग के गश्ती दल द्वारा कुछ देर के लिए आवागमन को रोकते हुए हाथियों के निकल जाने पर फिर से मार्ग चालू कराया इस बीच दोनों हाथी बेलिया गांव में कुछ किसानों के खेतों में लगे धान की फसल को खाते हुए तिपान नदी जिसमें पानी का तेज बहाव एवं वर्षा काल की बाढ़ रही है को देर रात तैर कर पार कर ग्राम पंचायत गोबरी के बेलिया कछरा,ग्राम पंचायत पगना के पगना कछरा में किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को खाते हुए पगना कछरा में दो ग्रामीणों के कच्चे मकान में तोड़फोड़ करते हुए बुधवार की सुबह बडवार नाला पार कर शक्तिकुंडी नामक जंगल से ग्राम पंचायत एवं वन बीट गोबरी के झुरहीतलैया जंगल में बुधवार की सुबह जंगल के अंदर स्थित पीपल के पेड़ के समीप पहुंच कर विश्राम कर रहे हैं। दोनों हाथी बुधवार की देर शाम एवं रात किस ओर विचरण कर हंगामा मचाएंगे यह रात होने पर भी पता चल सकेगा। वही हाथियों के निरंतर विचरण पर 1वन मंडलाधिकारी अनूपपुर द्वारा गठित दो अलग-अलग गश्ती दल में वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दल हाथी मित्र दल के सदस्यों एवं हाथी प्रभावित क्षेत्र के सरपंच गणों एवं ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों पर निरंतर निगरानी रखते हुए ग्रामीण जनों से सतर्क एवं सचेत रहने की अपील की है। वही इन हाथियों का तीसरा सदस्य एक दांत वाला हाथी अनूपपुर जिले के जैतहरी से लगे छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परिक्षेत्र,थाना एवं तहसील के घुसरिया,चिचगोहना,माडाकोट,मरवाही आदि इलाकों में दिन के समय जंगल में रहकर पूरी रात विचरण कर ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेतों में लगे फसलों को अपना आहार बनता है,यह हाथी विगत कुछ दिनों से आक्रोशित स्थिति में होने पर गश्ती दल एवं ग्रामीणों को दूर तक अचानक दौड़ा कर हमला करने की कोशिश करता है।2
- मंत्री टंकराम वर्मा ने सुरों से जगाया छत्तीसगढ़ का गौरव, तेजी से लोकप्रिय हो रहा गीत रायपुर। मंत्री श्री टंकराम वर्मा की आवाज में छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और लोकपरंपरा की सुगंध से सजा गीत इन दिनों तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। गीत में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संगीत परंपरा और लोकजीवन की आत्मीय झलक सुनने को मिलती है। माटी से जुड़ाव और संस्कृति के गौरव को सुरों में पिरोता यह गीत लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बना रहा है। मंत्री टंकराम वर्मा की आवाज ने गीत को खास अंदाज दिया है, जिसकी चर्चा लगातार बढ़ रही है। यह गीत छत्तीसगढ़ की लोकधुनों, सांस्कृतिक विरासत और प्रदेश की पहचान को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक खूबसूरत पहल के रूप में देखा जा रहा है।1
- अमरकंटक के गायत्री सरोवर डैम में दर्दनाक हादसा, 11 वर्षीय बालक की मौत अमरकंटक। माई बगिया रोड स्थित गायत्री सरोवर डैम में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में करीब 11 वर्षीय बालक पूर्व यादव की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार बालक अपने परिवार के साथ अमरकंटक के समीप स्थित एक आश्रम आया था। इसी दौरान वह डैम की ओर चला गया। नहाते और खेलते समय अचानक वह गहरे पानी में चला गया। बालक को पानी से बाहर निकालने के लिए करीब 40 मिनट तक मशक्कत की गई। बाहर निकालने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल गायत्री सरोवर डैम में इस दर्दनाक हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे संवेदनशील जल क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजाम और चेतावनी संकेतों के साथ बच्चों पर विशेष निगरानी की आवश्यकता है।1