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जेल का प्रेशर,बोलने में दिक्कत.. काफी कमजोर लग रहें पूर्व यूपी के आईपीएस अमिताभ ठाकुर.यूपी के देवरिया जेल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है.
AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS
जेल का प्रेशर,बोलने में दिक्कत.. काफी कमजोर लग रहें पूर्व यूपी के आईपीएस अमिताभ ठाकुर.यूपी के देवरिया जेल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है.
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- तेरा निज़ाम है सिल दे ज़बान-ए-शायर को ये एहतियात ज़रूरी है इस बहार के लिए वीडियो में पत्रकार साथी राजवीर जी हैं, बेहद सुलझे हुए समझदार व्यक्ति हैं। इनको लंबे अरसे से मैं जानता हूँ, इसलिए यक़ीन के साथ कह सकता हूँ—ये ख़बर दिखाने या किसी भी मसले में भागमभाग से ख़ुद को दूर रखते हैं। ये उन लोगों में से हैं जो कई बार सब सच जानते हुए भी अगर दस्तावेज़ या तथ्य न हों तो न ख़बर दिखाते हैं, न लिखते हैं। अगर सब सबूत हों, तो सच कहने से बचते भी नहीं हैं। मगर आज के दौर में सच को सच कहने की बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ रही है। मेरा मानना है—बिना क़ानूनी पचड़े में पड़े ख़ुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो “चोर को साव और साहब” कहने की आदत डालनी होगी। अब चोर को चोर तभी कह सकते हैं जब कोई सरकारी संस्था किसी की चोरी पकड़े या साबित करे (विजिलेंस जैसे विभाग)। हालाँकि सनद रहे कि चोरी पकड़ने वाले भी सरकारी कर्मचारी ही होते हैं। राजवीर बाबू ने चोर को चोर कहने का अपराध तो कर दिया है, फिर तो इनके ख़िलाफ़ बिल्कुल सही FIR हुई है। राजवीर कोई सरकारी संस्था या कर्मचारी तो हैं नहीं जो चोर को चोर कहें। होंगे इनके पास सही और पर्याप्त दस्तावेज़, होगी उसमें कुछ सच्चाई, मगर इन्होंने सही बात किस हैसियत से कह दी—जो कुछ ईमानदार टाइप के बेईमानों के गले नहीं उतरी। करोड़ों के विज्ञापन पाने वाले संस्थानों के मालिक (पत्रकार नहीं) चरण-चाटन के चलते सच के आसपास भी चले जाएँ तो बदहज़मी हो जाती है। बहरहाल, अगर आपको बतौर पत्रकार सच कहने और दिखाने का भूत सवार है, तो वह भूत किसी ओझा से उतरवा लीजिए। सीधे-सीधे नौकरी करिए, जैसे अन्य सेक्टर की नौकरियाँ होती हैं। बाकी चापलूसी, चमचागिरी, दलाली, ब्लैकमेलिंग, मक्कारी करना हो तो पत्रकारिता बहुत बढ़िया पेशा बन चुका है। वैसे भी आज के दौर में सरकारी तंत्र की चरणवंदना करना ही सच्ची पत्रकारिता मानी जा रही है। बल्कि मैं तो कहता हूँ कि सभी सरकारी विभाग अपने यहाँ एक डेस्क बना दें, जहाँ पत्रकार अपना डे-प्लान भेजें। जब संबंधित विभाग स्टोरी अप्रूवल दे, तब कोई अपनी स्टोरी करे। बिना सरकारी अप्रूवल के की गई स्टोरी संज्ञेय अपराध की श्रेणी में मानी जाए और पूरी तरह असत्य घोषित हो। विभागीय असाइनमेंट डेस्क का अफ़सर जिस स्टोरी को अप्रूवल देगा, वही सत्य मानी जाएगी। मसलन— असाइनमेंट डेस्क — PWD असाइनमेंट डेस्क — आवास विकास असाइनमेंट डेस्क — बिजली विभाग इससे सरकार को यह लाभ होगा कि राजवीर जैसे लोग “चोर को चोर” नहीं कह पाएँगे। बेईमान आराम से ईमानदार के साथ चोरी का काम कर पाएगा। जिसेस सच के लिखने के लिये अपनी कलम चलाने वाले पत्रकारों के ख़िलाफ़ मुकदमा भी नहीं लिखा जायेगा।1
- 48 से अधिक भाषाओं में गाना गाकर हुआ था वायरल अब राजू कलाकार को कर रहा है कॉपी ▶️1
- छुप-छुपकर रामलला के दर्शन करता दिखा बंदर🐒😱| #RamMandir #Ayodhya #ayodhyarammandir #Monkey #ViralMonkey1
- कौशाम्बी जिले के भरवारी डाकघर में तैनात कर्मचारियों ने विभागीय एसडीआई (SDI) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि एसडीआई द्वारा मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है और कार्यप्रणाली में अनियमितताएं बरती जा रही हैं। इस संबंध में कर्मचारियों ने उच्च अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय पुलिस को भी लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले को लेकर विभाग में हड़कंप मच गया है। #कौशाम्बी #भरवारी #डाकघर #कर्मचारीआरोप #SDI #शिकायत1
- कौशांबी के बसुहार ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान श्री निर्भय मिश्रा जी ने नव वर्ष 2026 की शुरुआत मानवता की अनोखी मिसाल से की! कड़ाके की ठंड में गरीब, असहाय बुजुर्गों, विधवाओं व जरूरतमंदों को कंबल बांटकर दिल जीत लिया। हर साल की तरह इस बार भी स्वयं उपस्थित होकर सेवा की। सच्ची जनसेवा की मिसाल! 👏❤️ #निर्भयमिश्रा #कौशांबी #बसुहार #कंबलवितरण #मानवता #जनसेवा #नववर्ष2026 #उत्तरप्रदेश #ग्रामपंचायत #सामाजिककार्य #ठंडसेराहत #बुजुर्गसेवा #गरीबकल्याण #राजनीतिनहींसेवा #Ka्टा #Humanity #Charity #WinterRelief #UPNews #Kaushambi1
- Post by Raju Yadav1
- *लाखों की लागत से बना सामुदायिक शौचालय कई महीनो से बंद* करछना प्रयागराज। जनपद प्रयागराज के करछना तहसील अंतर्गत भीरपुर क्षेत्र के पचदेवरा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायत समिति क्षेत्र में बनाए गए पंचायती राज विभाग द्वारा निर्मित सार्वजनिक शौचालय कई महीनो से बंद चल रहा है। इसके चलते ग्रामीण खुले में शौच करने को विवश है केंद्र और राज्य सरकार गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत भारी बजट खर्च कर रही है और जागरूकता अभियान चला रही है। सामाजिक कार्यकर्ता रिजवान ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायत प्रशासन की उदासीनता के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हो रही है और स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्य अधूरा रह गया है।मिली जानकारी के अनुसार पंचायत विकास अधिकारी दिनेश चंद्र पाठक ने लोगों को आश्वासन दिया कि सोमवार को मुआवना कर उचित कार्यवाही करने की बात कही हैं।1
- सबसे “घंटा” का सवाल था - “मंत्री जी क्या आप बिसलेरी की जगह वाह पानी पियेंगे जिससे बच्चे की मौत हुई” खैर तमाम ग़ैर जरूरी फोकट के सवाल पर चुप रहे मंत्री जी!1