*लाखों की लागत से बना सामुदायिक शौचालय कई महीनो से बंद* करछना प्रयागराज। जनपद प्रयागराज के करछना तहसील अंतर्गत भीरपुर क्षेत्र के पचदेवरा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायत समिति क्षेत्र में बनाए गए पंचायती राज विभाग द्वारा निर्मित सार्वजनिक शौचालय कई महीनो से बंद चल रहा है। इसके चलते ग्रामीण खुले में शौच करने को विवश है केंद्र और राज्य सरकार गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत भारी बजट खर्च कर रही है और जागरूकता अभियान चला रही है। सामाजिक कार्यकर्ता रिजवान ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायत प्रशासन की उदासीनता के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हो रही है और स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्य अधूरा रह गया है।मिली जानकारी के अनुसार पंचायत विकास अधिकारी दिनेश चंद्र पाठक ने लोगों को आश्वासन दिया कि सोमवार को मुआवना कर उचित कार्यवाही करने की बात कही हैं।
*लाखों की लागत से बना सामुदायिक शौचालय कई महीनो से बंद* करछना प्रयागराज। जनपद प्रयागराज के करछना तहसील अंतर्गत भीरपुर क्षेत्र के पचदेवरा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायत समिति क्षेत्र में बनाए गए पंचायती राज विभाग द्वारा निर्मित सार्वजनिक शौचालय कई महीनो से बंद चल रहा है। इसके चलते ग्रामीण खुले में शौच करने को विवश है केंद्र और राज्य सरकार गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत भारी बजट खर्च कर रही है और जागरूकता अभियान चला रही है। सामाजिक कार्यकर्ता रिजवान ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायत प्रशासन की उदासीनता के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हो रही है और स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्य अधूरा रह गया है।मिली जानकारी के अनुसार पंचायत विकास अधिकारी दिनेश चंद्र पाठक ने लोगों को आश्वासन दिया कि सोमवार को मुआवना कर उचित कार्यवाही करने की बात कही हैं।
- *लाखों की लागत से बना सामुदायिक शौचालय कई महीनो से बंद* करछना प्रयागराज। जनपद प्रयागराज के करछना तहसील अंतर्गत भीरपुर क्षेत्र के पचदेवरा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायत समिति क्षेत्र में बनाए गए पंचायती राज विभाग द्वारा निर्मित सार्वजनिक शौचालय कई महीनो से बंद चल रहा है। इसके चलते ग्रामीण खुले में शौच करने को विवश है केंद्र और राज्य सरकार गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत भारी बजट खर्च कर रही है और जागरूकता अभियान चला रही है। सामाजिक कार्यकर्ता रिजवान ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायत प्रशासन की उदासीनता के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हो रही है और स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्य अधूरा रह गया है।मिली जानकारी के अनुसार पंचायत विकास अधिकारी दिनेश चंद्र पाठक ने लोगों को आश्वासन दिया कि सोमवार को मुआवना कर उचित कार्यवाही करने की बात कही हैं।1
- Post by Raju Yadav1
- तेरा निज़ाम है सिल दे ज़बान-ए-शायर को ये एहतियात ज़रूरी है इस बहार के लिए वीडियो में पत्रकार साथी राजवीर जी हैं, बेहद सुलझे हुए समझदार व्यक्ति हैं। इनको लंबे अरसे से मैं जानता हूँ, इसलिए यक़ीन के साथ कह सकता हूँ—ये ख़बर दिखाने या किसी भी मसले में भागमभाग से ख़ुद को दूर रखते हैं। ये उन लोगों में से हैं जो कई बार सब सच जानते हुए भी अगर दस्तावेज़ या तथ्य न हों तो न ख़बर दिखाते हैं, न लिखते हैं। अगर सब सबूत हों, तो सच कहने से बचते भी नहीं हैं। मगर आज के दौर में सच को सच कहने की बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ रही है। मेरा मानना है—बिना क़ानूनी पचड़े में पड़े ख़ुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो “चोर को साव और साहब” कहने की आदत डालनी होगी। अब चोर को चोर तभी कह सकते हैं जब कोई सरकारी संस्था किसी की चोरी पकड़े या साबित करे (विजिलेंस जैसे विभाग)। हालाँकि सनद रहे कि चोरी पकड़ने वाले भी सरकारी कर्मचारी ही होते हैं। राजवीर बाबू ने चोर को चोर कहने का अपराध तो कर दिया है, फिर तो इनके ख़िलाफ़ बिल्कुल सही FIR हुई है। राजवीर कोई सरकारी संस्था या कर्मचारी तो हैं नहीं जो चोर को चोर कहें। होंगे इनके पास सही और पर्याप्त दस्तावेज़, होगी उसमें कुछ सच्चाई, मगर इन्होंने सही बात किस हैसियत से कह दी—जो कुछ ईमानदार टाइप के बेईमानों के गले नहीं उतरी। करोड़ों के विज्ञापन पाने वाले संस्थानों के मालिक (पत्रकार नहीं) चरण-चाटन के चलते सच के आसपास भी चले जाएँ तो बदहज़मी हो जाती है। बहरहाल, अगर आपको बतौर पत्रकार सच कहने और दिखाने का भूत सवार है, तो वह भूत किसी ओझा से उतरवा लीजिए। सीधे-सीधे नौकरी करिए, जैसे अन्य सेक्टर की नौकरियाँ होती हैं। बाकी चापलूसी, चमचागिरी, दलाली, ब्लैकमेलिंग, मक्कारी करना हो तो पत्रकारिता बहुत बढ़िया पेशा बन चुका है। वैसे भी आज के दौर में सरकारी तंत्र की चरणवंदना करना ही सच्ची पत्रकारिता मानी जा रही है। बल्कि मैं तो कहता हूँ कि सभी सरकारी विभाग अपने यहाँ एक डेस्क बना दें, जहाँ पत्रकार अपना डे-प्लान भेजें। जब संबंधित विभाग स्टोरी अप्रूवल दे, तब कोई अपनी स्टोरी करे। बिना सरकारी अप्रूवल के की गई स्टोरी संज्ञेय अपराध की श्रेणी में मानी जाए और पूरी तरह असत्य घोषित हो। विभागीय असाइनमेंट डेस्क का अफ़सर जिस स्टोरी को अप्रूवल देगा, वही सत्य मानी जाएगी। मसलन— असाइनमेंट डेस्क — PWD असाइनमेंट डेस्क — आवास विकास असाइनमेंट डेस्क — बिजली विभाग इससे सरकार को यह लाभ होगा कि राजवीर जैसे लोग “चोर को चोर” नहीं कह पाएँगे। बेईमान आराम से ईमानदार के साथ चोरी का काम कर पाएगा। जिसेस सच के लिखने के लिये अपनी कलम चलाने वाले पत्रकारों के ख़िलाफ़ मुकदमा भी नहीं लिखा जायेगा।1
- पूर्णिमा पर्व व माघ मेला के मद्देनज़र जिलाधिकारी व डीआईजी ने विन्ध्याचल सहित प्रमुख मार्गों का किया निरीक्षण मीरजापुर। पूर्णिमा पर्व एवं प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला के दौरान मां विन्ध्यवासिनी देवी के धाम विन्ध्याचल में आने वाले तीर्थ यात्रियों तथा मिर्जापुर, विन्ध्याचल, चील्ह आदि मार्गों से प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। इसी क्रम में शुक्रवार को जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार एवं उप पुलिस महानिरीक्षक सोमेन वर्मा ने मिर्जापुर रेलवे स्टेशन, विन्ध्याचल रेलवे स्टेशन, नटवा तिराहा, अटल चौराहा सहित गैपुरा मार्ग से जिगना के पास मिर्जापुर–प्रयागराज मार्ग पर स्थित पाली बॉर्डर तक भ्रमण कर स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं डीआईजी ने विन्ध्याचल मंदिर परिसर एवं आसपास के प्रमुख मार्गों का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, घाटों एवं गलियों में प्रकाश व्यवस्था, अलाव तथा साफ-सफाई की स्थिति का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके पश्चात विन्ध्याचल से जिगना पाली बॉर्डर तक यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए प्रमुख चौराहों एवं मार्गों पर सुचारु यातायात संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि पूर्णिमा पर्व पर आने वाले श्रद्धालुओं को मां विन्ध्यवासिनी के दर्शन में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक जनोपयोगी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर गुलाब चंद्र,अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन मनीष मिश्रा, क्षेत्राधिकारी नगर विवेक जावला सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- 48 से अधिक भाषाओं में गाना गाकर हुआ था वायरल अब राजू कलाकार को कर रहा है कॉपी ▶️1
- छुप-छुपकर रामलला के दर्शन करता दिखा बंदर🐒😱| #RamMandir #Ayodhya #ayodhyarammandir #Monkey #ViralMonkey1
- सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जागरूकता रैली निकाली गई1
- बारा–दशरथपुर लिंक मार्ग का तिराहा बना दुर्घटना जोन, ब्रेकर न होने से लगातार हो रहे हादसे* मेजा, प्रयागराज।परानीपुर–डोरवा–सोरांव मार्ग से जुड़े बारा–दशरथपुर लिंक मार्ग के तिराहे पर संबंधित विभाग की ओर से अब तक ब्रेकर का निर्माण नहीं कराया जा सका है। इसके चलते यह तिराहा क्षेत्र में गंभीर दुर्घटना जोन बन चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां अक्सर सड़क हादसे होते रहते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है। परानीपुर गांव के आदर्श मिश्र ने बताया कि तिराहे के आसपास सरपतों की घनी झाड़ियां लगी हुई हैं, जिससे सामने से आ रहे वाहनों की सही जानकारी समय पर नहीं मिल पाती। अचानक सामने वाहन आने से टक्कर हो जाती है और यात्री संभल भी नहीं पाते। दशरथपुर गांव के सुभाष तिवारी ने बताया कि करीब एक माह पहले इसी तिराहे पर दो बाइकों की आपस में भिड़ंत हो गई थी, जिसमें परानीपुर गांव के अंकित पटेल नामक युवक की मौत हो गई थी। इससे पहले करीब छह माह पूर्व इसी स्थान पर हुई एक अन्य दुर्घटना में बारा–दशरथपुर गांव के एक वृद्ध की भी जान चली गई थी। बनका डहिया गांव के सामने से बारा–दशरथपुर को जाने वाली सड़क का यह तिराहा अब लगातार हो रही दुर्घटनाओं के कारण लोगों के लिए भय का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों की सूचना पर लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर मौके पर पहुंचे भी थे, लेकिन निरीक्षण के बाद भी आज तक कोई प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जा सकी है। क्षेत्रवासियों ने ब्रेकर निर्माण, सड़क किनारे झाड़ियों की सफाई और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1