डूंगरपुर में कांग्रेस पार्षदों के गायब होने की अफवाह पर लगा विराम, होटल के कमरे में साथ नजर आए सभी पार्षद, वीडियो जारी कर दिखाई एकजुटता संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। नगर परिषद सभापति चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षदों की बाड़ेबंदी से कुछ पार्षदों के गायब होने की चर्चाओं के बीच शनिवार को कांग्रेस ने वीडियो और तस्वीरें जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। वीडियो में कांग्रेस के सभी पार्षद एक होटल के कमरे में साथ बैठे नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने पार्षदों के गायब होने की चर्चाओं को महज अफवाह बताया है। डूंगरपुर नगर परिषद में कुल 40 वार्ड हैं। निकाय चुनाव में भाजपा ने 24 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा के बागी निर्दलीय प्रत्याशी सुनील जैन ने भी भाजपा को समर्थन दिया है। वहीं, कांग्रेस के 12 और बीएपी के 3 पार्षद हैं। सभापति पद के लिए भाजपा की सुशीला गुप्ता और कांग्रेस के भरत नागदा के बीच मुकाबला है। - वीडियो जारी कर कांग्रेस ने दिया जवाब शनिवार को कांग्रेस पार्षदों के बाड़ेबंदी स्थल से कुछ पार्षदों के गायब होने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई। इसके बाद कांग्रेस के सभापति प्रत्याशी भरत नागदा ने इसे अफवाह बताते हुए वीडियो जारी किया। वीडियो में कांग्रेस के पार्षद होटल के कमरे में एक साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। नागदा ने पार्षदों के साथ अपनी तस्वीरें भी जारी की हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले कांग्रेस ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर भाजपा पर कांग्रेस पार्षदों को डराने-धमकाने और दबाव बनाने के आरोप लगाए थे। ऐसे में सभापति चुनाव से पहले दोनों दलों की बाड़ेबंदी और पार्षदों की गतिविधियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
डूंगरपुर में कांग्रेस पार्षदों के गायब होने की अफवाह पर लगा विराम, होटल के कमरे में साथ नजर आए सभी पार्षद, वीडियो जारी कर दिखाई एकजुटता संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। नगर परिषद सभापति चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षदों की बाड़ेबंदी से कुछ पार्षदों के गायब होने की चर्चाओं के बीच शनिवार को कांग्रेस ने वीडियो और तस्वीरें जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। वीडियो में कांग्रेस के सभी पार्षद एक होटल के कमरे में साथ बैठे नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने पार्षदों के गायब होने की चर्चाओं को महज अफवाह बताया है। डूंगरपुर नगर परिषद में कुल 40 वार्ड हैं। निकाय चुनाव में भाजपा ने 24 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा के बागी निर्दलीय प्रत्याशी सुनील जैन ने भी भाजपा को समर्थन दिया है। वहीं, कांग्रेस के 12 और बीएपी के 3 पार्षद हैं। सभापति पद के लिए भाजपा की सुशीला गुप्ता और कांग्रेस के भरत नागदा के बीच मुकाबला है। - वीडियो जारी कर कांग्रेस ने दिया जवाब शनिवार को कांग्रेस पार्षदों के बाड़ेबंदी स्थल से कुछ पार्षदों के गायब होने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई। इसके बाद कांग्रेस के सभापति प्रत्याशी भरत नागदा ने इसे अफवाह बताते हुए वीडियो जारी किया। वीडियो में कांग्रेस के पार्षद होटल के कमरे में एक साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। नागदा ने पार्षदों के साथ अपनी तस्वीरें भी जारी की हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले कांग्रेस ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर भाजपा पर कांग्रेस पार्षदों को डराने-धमकाने और दबाव बनाने के आरोप लगाए थे। ऐसे में सभापति चुनाव से पहले दोनों दलों की बाड़ेबंदी और पार्षदों की गतिविधियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
- बिजली कटौती के खिलाफ विधायक घोघरा का धरना तीसरे दिन एसडीएम व एसई से वार्ता के बाद समाप्त 21-22 घंटे सिंगल फेज और 6 घंटे थ्री फेज बिजली देने का दिया आश्वासन संवाददाता – संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में अधीक्षण अभियंता (एसई) कार्यालय के बाहर कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा की ओर से चल रहा धरना शनिवार को तीसरे दिन समाप्त हो गया। कलेक्टर के निर्देश पर डूंगरपुर एसडीएम सोनू गुर्जर और बिजली विभाग के एसई वी.के. दोसी धरना स्थल पर पहुंचे और विधायक से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद विधायक घोघरा ने धरना समाप्त कर दिया। विधायक घोघरा ने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है। इस संबंध में उन्होंने अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और कनिष्ठ अभियंता से कई बार बात की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी के चलते उन्होंने 16 सितंबर से धरना शुरू किया था। वार्ता के दौरान एसडीएम और एसई ने आश्वासन दिया कि बिजली कटौती की स्थिति में कम से कम 21 से 22 घंटे सिंगल फेज बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, खेती सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रतिदिन छह घंटे थ्री फेज बिजली देने का भी भरोसा दिलाया गया। धरना समाप्त करने से पहले विधायक घोघरा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिजली, स्वास्थ्य, चिकित्सा और रोजगार सहित विभिन्न मोर्चों पर सरकार विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर घंटों बिजली कटौती की जा रही है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को 2,500 से लेकर 10 हजार और 15 हजार रुपए तक के बिजली बिल दिए जा रहे हैं। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासन के बावजूद बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे आमजन के साथ मिलकर इससे बड़ा आंदोलन करेंगे।1
- डूंगरपुर विधायक गणेश घोगरा का धरना समाप्त होते ही बिजली गुल ,धरना जारी रहा बिजली सुचारू रूप से चली अब वापस बिजली कटौती के वहीं हाल वापस सुचारू रूप से बिजली देने के आश्वासन के बाद भी बिल कटौती लगातार जारी, ग्रामीण क्षेत्र में जनता की परेशानी नहीं हुई दूर , ग्रामीणजन बीना लाइट के अंधेरे में खाना बनाने और खानें के लिए वापस मजबूर, बिजली कटौती शाम 6.00 बजें से लेकर अभी तक निरंतर जारी। हल्की बारिश होने के आधे घंटे पहले ही बिजली कटौती हुई, किसी प्रकार की न कोई जनहानी , नहीं कोई तेज हवा , नहीं बारिश, कही कोई पेड़ नहीं गिरने के बावजूद भी बिजली कटौती जारी, नही किसी प्रकार की बिजली कटौती की कोई सुचना डूंगरपुर जिले की अधिकांश जनसंख्या गांवों में निवास करती हैं बिना बिजली की बहुत होती हैं परेशानी, जानवरों का डर, मच्छर काटने का डर, खाना बनाने एवं खाने की समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं। इन समस्याओं को देखते हुए वापस ग्रामीणजन आक्रोश में हैं। बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से चालूं की जाएं1
- भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 वर्षों से गंदगी की आड़ में पड़े कुएं को युवाओं ने लिया संवारने का संकल्प 4 घंटे की मेहनत से निकाला ढेरों कचरा, अब कुएं के पानी को फिर से उपयोगी बनाने की तैयारी । भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 वर्षों से गंदगी की आड़ में पड़े कुएं को युवाओं ने लिया संवारने का संकल्प 4 घंटे की मेहनत से निकाला ढेरों कचरा, अब कुएं के पानी को फिर से उपयोगी बनाने की तैयारी । भासोर। एक ओर सरकार और प्रशासन द्वारा परंपरागत जलस्रोतों, तालाबों और कुओं को पुनर्जीवित करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा पंचायत समिति अन्तर्गत भासोर गांव में युवाओं ने अपनी पहल से वर्षों से उपेक्षित पड़े एक पुराने कुएं की सफाई का बीड़ा उठाया है। गांव का यह प्राचीन कुआं “गड़गड़ी वाव” के नाम से जाना जाता है। ग्रामीणों के अनुसार एक समय आसपास के कई घरों के लोग इसी कुएं से पीने का पानी भरते थे। समय के साथ घर-घर नल की सुविधा पहुंचने के बाद कुएं की ओर लोगों का ध्यान कम होता गया। धीरे-धीरे कुएं में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन और अन्य कचरा जमा होता गया, जिससे जलस्रोत गंदगी की चपेट में आ गया। इसी स्थिति को देखते हुए गांव के युवा एवं आमजन युवा शक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश कुमार ने इस पुराने जलस्रोत को फिर से साफ-सुथरा और उपयोगी बनाने का संकल्प लिया। खास बात यह रही कि उन्होंने इसकी शुरुआत किसी इंतजार के बजाय खुद सफाई अभियान में उतरकर की। मुकेश कुमार अपने 7 वर्षीय भतीजे वेदांश जोशी के साथ कुएं की सफाई में जुट गए। सफाई का कार्य चल ही रहा था कि उनके मित्र मोहित दवे भी सहयोग के लिए पहुंच गए। इसके बाद प्रकाश दवे, सुशील जोशी और कमलेश पंड्या भी अभियान में शामिल हुए। सभी ने मिलकर करीब चार घंटे तक कड़ी मेहनत की और कुएं से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, पॉलीथिन सहित अन्य कचरा बाहर निकाला। लगातार मेहनत के बाद कुएं का काफी हिस्सा साफ हो गया और वर्षों से गंदगी में दबा यह पुराना जलस्रोत फिर से दिखाई देने लगा। युवाओं की इस पहल को गांव में स्वच्छता और जल संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। अब पानी की भी होगी सफाई मुकेश कुमार ने बताया कि लंबे समय से कुएं में गंदगी जमा होने के कारण पानी से दुर्गंध आने लगी थी। फिलहाल कुएं से ऊपर जमा कचरा और गंदगी हटाई गई है। आगामी चरण में कुएं का पानी बाहर निकालकर अंदर की पूरी तरह सफाई करने की योजना है। इसके बाद पानी की स्थिति की जांच कर इसे फिर से उपयोगी बनाने का प्रयास किया जाएगा। युवाओं की इस पहल ने यह संदेश भी दिया कि जलस्रोतों को बचाने के लिए केवल सरकारी योजनाओं का इंतजार जरूरी नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर सामूहिक प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं2
- बाडिया भैरूनाथ मंदिर मे "एक शाम श्री खेजडा भैरूनाथ पीपली का श्याम के नाम " भजन संध्या सम्पन्न धनराज मीणा भावेश पाराशर के भजनो पर झूमे हजारो श्रद्धालु। डूंगरपुर संवाददाता तेजसिंह राठौड 9929285157 बाड़िया भैरूनाथ मंदिर में "एक शाम श्री खेजड़ा भैरूनाथ पीपली का श्याम के नाम" भजन संध्या सम्पन्न *धनराज मीणा, भावेश पाराशर के भजनों पर झूमे हजारों श्रद्धालु* *रायपुर* | *जय श्री खेजड़ा भैरूनाथ पीपली श्याम विकास सेवा समिति* के तत्वावधान में बाड़िया भैरूनाथ मंदिर परिसर में मंगलवार रात "एक शाम श्री खेजड़ा भैरूनाथ पीपली का श्याम के नाम" के अंतर्गत विशाल भजन संध्या का आयोजन धूमधाम से सम्पन्न हुआ। बाड़िया भैरूनाथ मन्दिर, गांव बाड़िया, तह. रायपुर कार्यक्रम में क्षेत्र के हजारों भक्तों ने भाग लिया। पूरा मंदिर परिसर लाइटों और फूलों से सजाया गया था सुप्रसिद्ध भजन गायक: धनराज मीणा और भावेश पाराशर ने एक से बढ़कर एक कृष्ण-श्याम भजन प्रस्तुत कर भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया बबलू शर्मा ने पूरे कार्यक्रम का संचालन किया राखी रंगीली, शालु नागौरी और सोनू सैनी के राजस्थानी डांस पर दर्शक खूब झूमे सांवर सेन ने अपने कॉमेडी से सबको हँसाया पुजारी पोखर गुर्जर ने बताया कि भक्तों के सहयोग से कार्यक्रम ऐतिहासिक रहापूजारी (भोपाजी ) पोखर लाल गुर्जर , शंकर लाल शर्मा, सूरेश कूमावत ,नारायण जी गुर्जर, भेरु सिह कैलाश प्रजापत , लादूलाल शर्मा सहाड़ा , रामनिवास सेन कोशीथल , भोपाल सिह ,कन्हैया लाल प्रजापत, जगदीश गुर्जर रतन, जगदीश गुर्जर समिति ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बाबा के दरबार में भव्य आयोजन करवाया गया और सभी भक्तों ने बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कीया।2
- लोकेशन डूंगरपुर सवाद दाता महेश्वर चोबीसा mo 7976727929 हेड लाइन 21 साल की पैदल आस्था, पहली बार रथ लेकर मां अंबे के दरबार रवाना हुआ बांसिया लोकेशन डूंगरपुर सवाद दाता महेश्वर चोबीसा mo 7976727929 हेड लाइन 21 साल की पैदल आस्था, पहली बार रथ लेकर मां अंबे के दरबार रवाना हुआ बांसिया एंकर इंट्रो चौरासी(डूंगरपुर) डूंगरपुर के बांसिया में मां अंबे के भक्तों की 21 साल पुरानी आस्था ने इस बार नया रूप लिया है। आरासुरी पद यात्रा संघ बांसिया के श्रद्धालु 21 वर्षों से लगातार पैदल अंबाजी की यात्रा करते आ रहे हैं, लेकिन इस बार पहली बार रथ के साथ शक्तिपीठ अंबाजी के लिए रवाना हुए हैं। रथ के गांव पहुंचने पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई, वहीं शनिवार को पूजा-अर्चना और आरती के बाद 51 पैदल यात्रियों का जत्था रथ के साथ अंबाजी के लिए रवाना हुआ। पूरे गांव में जयकारों और भजनों से भक्तिमय माहौल बना रहा। बॉडी मां अंबे की भक्ति और आस्था से सराबोर बांसिया में शनिवार को एक नई धार्मिक यात्रा की शुरुआत हुई। आरासुरी पद यात्रा संघ बांसिया के 51 पैदल यात्रियों का जत्था पहली बार रथ के साथ शक्तिपीठ अंबाजी के लिए रवाना हुआ। आरासुरी पद यात्रा संघ पिछले 21 वर्षों से लगातार पैदल अंबाजी की यात्रा करता आ रहा है। इस बार संघ ने यात्रा को नए स्वरूप में करने का निर्णय लिया और मां अंबे के दरबार तक रथ ले जाने का संकल्प लिया। संघ के सदस्यों, भामाशाहों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया, जिससे रथ तैयार होकर बांसिया पहुंचा। रथ के गांव पहुंचने पर शुक्रवार देर शाम भव्य शोभायात्रा निकाली गई। आकर्षक ढंग से सजाए गए रथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़े। मां अंबे के जयकारों और भजनों से पूरा गांव गूंज उठा। जगह-जगह रथ का स्वागत किया गया। शनिवार को यात्रा रवाना होने से पहले गणपति पंडाल में गणपति और माताजी की आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालु रथ के साथ रवाना हुए। गांव से निकलने के बाद यात्रियों ने कल्याण धाम और हनुमान मंदिर में दर्शन किए और फिर शक्तिपीठ अंबाजी की ओर प्रस्थान किया। यात्रा में आरासुरी पद यात्रा संघ अध्यक्ष दिनेश कलाल के नेतृत्व में जितेंद्र दर्जी, नेपाल सिंह, योगेश कलाल, भावेश रोत, चिमन यादव, अजीत सिंह राठौड़, अजीत सिंह चुंडावत सहित 51 पैदल यात्री शामिल हैं। सरपंच सूरज देवी डोडियार, ठाकुर लोकेंद्र सिंह चौहान, देवीलाल कलाल, जयंतीलाल कलाल, विक्रम सिंह, शंभूलाल कलाल, हरेंद्र प्रताप सिंह, चंद्रवीर सिंह राठौड़, कांतिलाल, रमेश दर्जी, महेंद्र दर्जी, जयदीप सिंह, जितेंद्र सिंह सहित ग्रामीणों ने संघ को रवाना किया। संघ 24 सितंबर को अंबाजी पहुंचेगा। यहां मां अंबे के दर्शन कर क्षेत्र की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी तथा ध्वजा चढ़ाई जाएगी। 21 साल की पैदल परंपरा के बाद रथ के साथ शुरू हुई यह यात्रा बांसिया की सामूहिक आस्था और श्रद्धा की नई तस्वीर पेश कर रही है।4
- डूंगरपुर में रास्ता पूछने के बहाने बुजुर्ग महिला से 3 लाख के सोने के जेवर ठगे, जांच में जुटी पुलिस डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में ठगी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जहाँ दो अज्ञात बदमाशों ने रास्ता पूछने और बातचीत में उलझाते हुए एक बुजुर्ग महिला के करीब 3 लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवर पार कर दिए। वारदात के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। बॉडी - मामले के अनुसार, गामठवाड़ा निवासी पीड़ित तुलसी देवी से दो अज्ञात युवकों ने प्राइवेट बस स्टैंड का रास्ता पूछने के बहाने बातचीत शुरू की। आरोपियों ने महिला को बातों में उलझाया और गोल चौराहा से प्राइवेट बस स्टैंड की ओर ले गए। इस दौरान बदमाशों ने चालाकी से महिला को झांसे में लेकर उसके कानों के सोने के झुमके उतरवा लिए और हाथ में अखबार का कागज थमाकर मौके से रफूचक्कर हो गए। जब तक महिला को ठगी का अहसास हुआ, तब तक दोनों आरोपी फरार हो चुके थे। पीड़िता के अनुसार ठगे गए सोने के जेवरों की कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही सागवाड़ा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है।1
- *सुबह की पहली किरण ने बिखेरी सोने सी आभा*रविवार 20 सितंबर की सुबह प्रकृति ने खूबसूरत नजारा पेश सुबह की पहली किरण ने बिखेरी सोने सी आभा 🌺 धम्बोला l रविवार 20 सितंबर की सुबह प्रकृति ने खूबसूरत नजारा पेश किया। सुबह करीब 6:30 बजे सूरज की पहली किरणों ने आसमान और धरती को सुनहरी आभा से रोशन कर दिया। उगते सूर्य की लालिमा के बीच बिखरी सुनहरी रोशनी ने वातावरण को मनमोहक बना दिया। सुबह की हल्की ठंडक और सुहावने मौसम के बीच सूर्योदय का यह दृश्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता नजर आया। पेड़-पौधों और खुले आसमान पर पड़ती सूर्य की किरणें मानो प्रकृति के कैनवास पर सुनहरे रंग भर रही थीं। शांत वातावरण में सूरज की पहली किरणों का यह नजारा दिन की खूबसूरत शुरुआत का एहसास करा रहा था।1
- डूंगरपुर में कांग्रेस पार्षदों के गायब होने की अफवाह पर लगा विराम, होटल के कमरे में साथ नजर आए सभी पार्षद, वीडियो जारी कर दिखाई एकजुटता संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। नगर परिषद सभापति चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षदों की बाड़ेबंदी से कुछ पार्षदों के गायब होने की चर्चाओं के बीच शनिवार को कांग्रेस ने वीडियो और तस्वीरें जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। वीडियो में कांग्रेस के सभी पार्षद एक होटल के कमरे में साथ बैठे नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने पार्षदों के गायब होने की चर्चाओं को महज अफवाह बताया है। डूंगरपुर नगर परिषद में कुल 40 वार्ड हैं। निकाय चुनाव में भाजपा ने 24 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा के बागी निर्दलीय प्रत्याशी सुनील जैन ने भी भाजपा को समर्थन दिया है। वहीं, कांग्रेस के 12 और बीएपी के 3 पार्षद हैं। सभापति पद के लिए भाजपा की सुशीला गुप्ता और कांग्रेस के भरत नागदा के बीच मुकाबला है। - वीडियो जारी कर कांग्रेस ने दिया जवाब शनिवार को कांग्रेस पार्षदों के बाड़ेबंदी स्थल से कुछ पार्षदों के गायब होने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई। इसके बाद कांग्रेस के सभापति प्रत्याशी भरत नागदा ने इसे अफवाह बताते हुए वीडियो जारी किया। वीडियो में कांग्रेस के पार्षद होटल के कमरे में एक साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। नागदा ने पार्षदों के साथ अपनी तस्वीरें भी जारी की हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले कांग्रेस ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर भाजपा पर कांग्रेस पार्षदों को डराने-धमकाने और दबाव बनाने के आरोप लगाए थे। ऐसे में सभापति चुनाव से पहले दोनों दलों की बाड़ेबंदी और पार्षदों की गतिविधियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं।1