सोमवार को सिंचाई विभाग ने भीमताल झील में नियमों का उल्लंघन कर सैलानियों की जान जोखिम में डालने वाले नाव संचालकों और अवैध बोट स्टैंड्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग के अधीक्षण अभियंता एमके खरे ने अधिकारियों की टीम के साथ झील का औचक निरीक्षण किया, जहाँ सुरक्षा मानकों की जमकर धज्जियाँ उड़ती मिलीं। निरीक्षण के दौरान, अधीक्षण अभियंता को झील में कई ऐसी नावें चलती मिलीं, जिनमें क्षमता से अधिक सैलानी बिठाए गए थे। सबसे गंभीर बात यह थी कि पर्यटकों ने लाइफ जैकेट भी नहीं पहनी थी। इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए, उन्होंने मौके पर ही जिलेदार को दोषी नाव संचालकों के चालान काटने के निर्देश दिए। झील किनारे नियमों के विरुद्ध संचालित हो रहे अवैध बोट स्टैंड्स पर भी विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों को इन स्टैंड्स को तुरंत हटाने और उनके संचालकों को नोटिस जारी करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर अवैध बोट स्टैंड नहीं हटाए गए, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अधीक्षण अभियंता एमके खरे ने सभी नाव संचालकों को हिदायत दी है कि वे केवल निर्धारित नियमों के तहत ही नौकायान का संचालन करें और बिना लाइफ जैकेट पहनाए किसी भी सैलानी को झील में न उतारें। इस औचक निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता डीके सिंह और जिलेदार देशराज कश्यप सहित विभाग के कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सोमवार को सिंचाई विभाग ने भीमताल झील में नियमों का उल्लंघन कर सैलानियों की जान जोखिम में डालने वाले नाव संचालकों और अवैध बोट स्टैंड्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग के अधीक्षण अभियंता एमके खरे ने अधिकारियों की टीम के साथ झील का औचक निरीक्षण किया, जहाँ सुरक्षा मानकों की जमकर धज्जियाँ उड़ती मिलीं। निरीक्षण के दौरान, अधीक्षण अभियंता को झील में कई ऐसी नावें चलती मिलीं, जिनमें क्षमता से अधिक सैलानी बिठाए गए थे। सबसे गंभीर बात यह थी कि पर्यटकों ने लाइफ जैकेट भी नहीं पहनी थी। इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए, उन्होंने मौके पर ही जिलेदार को दोषी नाव संचालकों के चालान काटने के निर्देश दिए। झील किनारे नियमों के विरुद्ध संचालित हो रहे अवैध बोट स्टैंड्स पर भी विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों को इन स्टैंड्स को तुरंत हटाने और उनके संचालकों को नोटिस जारी करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर अवैध बोट स्टैंड नहीं हटाए गए, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अधीक्षण अभियंता एमके खरे ने सभी नाव संचालकों को हिदायत दी है कि वे केवल निर्धारित नियमों के तहत ही नौकायान का संचालन करें और बिना लाइफ जैकेट पहनाए किसी भी सैलानी को झील में न उतारें। इस औचक निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता डीके सिंह और जिलेदार देशराज कश्यप सहित विभाग के कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
- बिलासपुर में ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ता, स्टांप वेंडर और डीड राइटरों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी है। सोमवार को भी इन सभी ने अपने चैंबर बंद रखते हुए एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया और ई-पंजीकरण के निजीकरण का विरोध करते हुए जोरदार नारेबाजी की। इस बीच, दोपहर में कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख तहसील पहुँचकर हड़ताल पर बैठे लोगों से मिले। राज्यमंत्री ने वकीलों से ई-पंजीकरण के विरोध के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। वकीलों ने उन्हें बताया कि उत्तर प्रदेश में लागू की गई आनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2024 अलोकतांत्रिक और जनविरोधी है। उन्होंने तर्क दिया कि बयनामा, इकरारनामा और रहननामा जैसे दस्तावेजों की रजिस्ट्री से लाखों लोग रोजगार पाते हैं, और नई व्यवस्था से उनके तथा उनके परिवारों के जीवन पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वकीलों ने सरकार से इस व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की और राज्यमंत्री को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। राज्यमंत्री औलख ने वकीलों को आश्वासन दिया कि वह इस मामले पर आईजी (स्टांप) और निबंधन मंत्री से बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वे मुख्यमंत्री से भी इस संबंध में मुलाकात करेंगे। बार अध्यक्ष राजेंद्र सक्सेना, सचिव राकेश शर्मा, लायर्स अध्यक्ष अरविंद गुप्ता और सचिव प्रवेश चौहान ने राज्यमंत्री की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि वे राज्यमंत्री के आश्वासन के बाद मामले के शीघ्र समाधान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन तब तक उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। इस प्रदर्शन में हरीश चंद्र गुप्ता, विमल सक्सेना, अमरीक सिंह चौहान, नवीन चंद्र गुप्ता, शिव कुमार गुप्ता, विजय सक्सेना, नब्बू अली अंसारी, संतोख खैहरा, दीपांकर बैरागी, ओमप्रकाश यादव, मुस्तफा हुसैन अंसारी, अशफाक अली, संतोष जौहरी, जिया उल अंसारी, उदय तिवारी, अमान खान, विपुल जैन, गौहर अली, भगवंत सिंह, अहकाम मिर्जा, गुलाम अहमद, संतोष जौहरी, सपन अग्रवाल, मुनीश चंद्र गुप्ता सहित अनेक अधिवक्ता, स्टांप वेंडर और डीड राइटर शामिल रहे।1
- चम्पावत में आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद महोदया ने एक विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने "एक पेड़ माँ के नाम" नामक अभियान के तहत पौधरोपण भी किया।1
- चंपावत से आ रहा एक डंपर चालक क्योराला घाटी में एक बड़ी दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गया। यह चालक पंपिंग का सामान ले जा रहा था और इस दौरान वह बार-बार किसी बड़े हादसे का शिकार होने से बचता रहा।1
- भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) टिकैत गुट के सदस्यों ने विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से मुलाकात की। यह वार्ता किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आयोजित की गई थी।1
- सोमवार को सिंचाई विभाग ने भीमताल झील में नियमों का उल्लंघन कर सैलानियों की जान जोखिम में डालने वाले नाव संचालकों और अवैध बोट स्टैंड्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग के अधीक्षण अभियंता एमके खरे ने अधिकारियों की टीम के साथ झील का औचक निरीक्षण किया, जहाँ सुरक्षा मानकों की जमकर धज्जियाँ उड़ती मिलीं। निरीक्षण के दौरान, अधीक्षण अभियंता को झील में कई ऐसी नावें चलती मिलीं, जिनमें क्षमता से अधिक सैलानी बिठाए गए थे। सबसे गंभीर बात यह थी कि पर्यटकों ने लाइफ जैकेट भी नहीं पहनी थी। इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए, उन्होंने मौके पर ही जिलेदार को दोषी नाव संचालकों के चालान काटने के निर्देश दिए। झील किनारे नियमों के विरुद्ध संचालित हो रहे अवैध बोट स्टैंड्स पर भी विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों को इन स्टैंड्स को तुरंत हटाने और उनके संचालकों को नोटिस जारी करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर अवैध बोट स्टैंड नहीं हटाए गए, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अधीक्षण अभियंता एमके खरे ने सभी नाव संचालकों को हिदायत दी है कि वे केवल निर्धारित नियमों के तहत ही नौकायान का संचालन करें और बिना लाइफ जैकेट पहनाए किसी भी सैलानी को झील में न उतारें। इस औचक निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता डीके सिंह और जिलेदार देशराज कश्यप सहित विभाग के कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।1
- बिलासपुर में राष्ट्रीय बजरंग दल इकाई ने बीते 13 जून को 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भेजकर इस मामले में निष्पक्ष जांच और पुनर्विचार की मांग की है, क्योंकि इस फैसले से देशभर के गौभक्तों और सनातन समाज में गहरा आक्रोश और पीड़ा व्याप्त है। यह विरोध प्रदर्शन सोमवार को जिला उपाध्यक्ष प्रमोद दिवाकर के नेतृत्व में हुआ, जहां भारी संख्या में कार्यकर्ता साप्ताहिक पैठ पर इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं ने जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए स्थानीय तहसील भवन तक मार्च किया और उप जिलाधिकारी अरुण कुमार से मिलकर उन्हें राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति, परंपरा और सनातन जीवन मूल्यों का अभिन्न हिस्सा रही है। इसलिए, गौ माता की रक्षा और सेवा के लिए कार्यरत गौ सेवकों को दी गई इस कठोर सजा के मामले में मानवीय और न्यायोचित दृष्टिकोण अपनाते हुए पुनः समीक्षा की जानी चाहिए। संगठन ने न्याय व्यवस्था के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वे न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं चाहते। इसके बजाय, वे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर तथ्यों के आधार पर पुनर्विचार की अपेक्षा रखते हैं। राष्ट्रीय बजरंग दल ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि इस प्रकरण में उचित कार्रवाई कर गौ सेवकों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाए। संगठन ने उम्मीद जताई कि उनकी इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए एक निष्पक्ष जांच और न्यायोचित निर्णय सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान पुष्पेंद्र गंगवार, प्रदीप गंगवार, अनिल राठौर, आकाश राठौर, विपिन सैनी, अंकुश देओल, अंश कश्यप, सुभाष कश्यप, सुनील कश्यप मिंटू सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- चंपावत जिले में, स्थानीय जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के 'आदर्श चंपावत' के विजन को धरातल पर उतारने का कार्य कर रहा है।1
- लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 लोगों की दुखद मौत हो गई है, जिनमें से अधिकतर छात्र बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, आग से बचने के प्रयास में कई छात्र बाथरूम में जा छिपे थे, जहां दम घुटने से उनकी जान चली गई। मंत्री एके शर्मा ने इस घटना के संबंध में बताया कि यह भयावह हादसा बेसमेंट में लगे एयर कंडीशनर (AC) में हुए विस्फोट के कारण हुआ।1