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कोरबा ज़िले में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए हैं।
Dwarika prasad Yadaw
कोरबा ज़िले में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए हैं।
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- कोरबा ज़िले में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए हैं।1
- बिलासपुर जिले में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही खरीफ सीजन में धान की बोनी और रोपाई का काम तेजी से चल रहा है। इस स्थिति को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। केंद्र ने किसानों को प्रमाणित और उन्नत किस्म के धान के बीजों का उपयोग करने, बीजोपचार अपनाने तथा संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करते हुए वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सिफारिश की है। कृषि विज्ञान केंद्र ने विशेष रूप से इंद्रावती धान, एमटीयू-1153, विक्रम टीसीआर और छत्तीसगढ़ धान-1919 जैसी उन्नत एवं प्रमाणित किस्मों के बीजों के इस्तेमाल की सलाह दी है। सीधी बोनी करने वाले किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर 50 किलोग्राम बीज का उपयोग करने, 20 सेंटीमीटर की कतार दूरी रखने और 3 से 4 सेंटीमीटर की गहराई पर बुवाई करने की अनुशंसा की गई है, जिससे पौधों का समान विकास होता है और फसल प्रबंधन आसान हो जाता है। रोपाई विधि अपनाने वाले किसानों को 20 से 21 दिन की स्वस्थ पौध का उपयोग करने तथा 20x10 सेंटीमीटर की दूरी पर प्रति स्थान 2 से 3 पौधे लगाने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, नर्सरी की उचित देखभाल, समय पर रोपाई पूरी करने और खेत में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। केंद्र ने किसानों को बुवाई से पहले बीजोपचार अनिवार्य रूप से करने, समय पर खरपतवार नियंत्रण करने और अनुशंसित मात्रा में नत्रजन, स्फुर एवं पोटाश का संतुलित उपयोग करने की भी सलाह दी है ताकि फसल की अच्छी बढ़वार सुनिश्चित हो सके और अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में जिले में घने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में किसानों को इस अनुकूल मौसम का लाभ उठाकर धान की बोनी एवं रोपाई का कार्य समय पर पूरा करने की सलाह दी गई है। साथ ही, कीटनाशकों का छिड़काव केवल मौसम साफ रहने पर ही करने और खेतों की नियमित निगरानी रखने की अपील भी की गई है।1
- छत्तीसगढ़ के चांपा में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने 10 लाख 55 हजार रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया है और एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया है।1
- बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र के बेलतरा गांव में स्थित एक ग्रामीण बैंक में बीती रात चोरी की एक बड़ी वारदात का प्रयास किया गया। बदमाशों ने बैंक की दीवार तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की और बैंक परिसर में लगे एटीएम में भी तोड़फोड़ की। इसके अतिरिक्त, अपराधियों ने बैंक के सीसीटीवी सिस्टम से भी छेड़छाड़ की है। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम तुरंत मौके पर पहुंची और अपनी जांच शुरू कर दी। सीसीटीवी सिस्टम से छेड़छाड़ के मद्देनजर, पुलिस डीवीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल कर रही है। पुलिस वर्तमान में आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1
- जांजगीर-चांपा जिले में मुलमुला पुलिस थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर अवैध कबाड़ का कारोबार बेखौफ होकर धड़ल्ले से चल रहा है।1
- बिलासपुर के अग्रसेन चौक स्थित एक निजी परिसर में कथित धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद इलाके का माहौल गरमा गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता तारबहार थाने पहुंचे और परिसर का घेराव कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन के पदाधिकारी थाने में डटे रहे, जबकि बाहर जुटे कार्यकर्ताओं ने 'जय श्री राम' के नारे लगाकर अपना विरोध जताया। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- कोरबा जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के उद्देश्य से एक एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।1
- बिलासपुर शहर के नेहरू नगर स्थित पौष्टिकम के सामने शनिवार देर रात करीब 11 बजे शराब के नशे में एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और वह घूमते हुए सड़क के बीचों-बीच आ गई, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था। हादसे में कार का एयरबैग आंशिक रूप से खुला, लेकिन टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि चालक का सिर सीधे सामने के शीशे से टकरा गया, जिससे उसकी नाक पर गंभीर चोट आई। बताया गया कि चालक की अधिक लंबाई भी चोट की गंभीरता का एक कारण रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह चालक राजेंद्र नगर स्थित बाजपेई चैंबर के पीछे रहने वाला पाण्डेय उपनाम का निवासी है। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय सड़क पर ज्यादा आवाजाही नहीं थी, अन्यथा यदि कोई अन्य वाहन या राहगीर मौजूद होता तो यह दुर्घटना कई लोगों की जान ले सकती थी; चंद सेकंड का अंतर एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय नागरिक राजेंद्र अरोरा और अन्य लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल डायल-112 को सूचना दी। पुलिस ने आकर क्षतिग्रस्त कार को सड़क किनारे हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि शराब के नशे में वाहन चलाना न केवल चालक के लिए, बल्कि सड़क पर चल रहे प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के लिए खतरा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही से कोई बड़ी त्रासदी न हो।1